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हरियाणा

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

लॉकडाउन: गांव में पहरा दे रहा था सेना का जवान, युवकों ने बोला हमला, हाथ की दो अंगुलियां कटी

गांव ब्याना में ठीकरी पहरा दे रहे आर्मी के जवान दिलबाग पर अचानक युवकों ने हमला कर दिया। हमला करने के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया लेकिन हमलावरों की ये करतूत सीसीटीवी में कैद हो गई। बाइक पर भगाते समय एक युवक गिर गया, उसे लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। 

पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है। हमले में दिलबाग के हाथ की दो अंगुलियां कट गई, जबकि उसके चचेरे भाई के सिर में गहरी चोट आई है। घायलों को करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कोरोना वायरस के कारण ब्याना में ठीकरी पहरा लगाया हुआ था। नाके पर दिलबाग, सागर, रणबीर, संजू और राकेश उर्फ केसू मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब सात बजे 10-12 युवक डंडे और गंडासी आदि हथियार लेकर आए और ठीकरी पहरा दे रहे युवकों पर हमला कर दिया। इसमें कई लोग जख्मी हो गए। 
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हरियाणा डिप्टी सीएम का आदेश- दो लाख से कम आय वाली पंचायतों को मिलेंगे 20-20 हजार रुपये

हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के प्रकोप की रोकथाम के लिए गांवों में स्वच्छता गतिविधियों के लिए पंचायतों को 20-20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। दो लाख रुपये से कम आय वाली पंचायतों को यह राशि दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि गांवों में स्वच्छता गतिविधियों के लिए विभिन्न जिलों ने अतिरिक्त धनराशि की मांग की थी।

राज्य सरकार ने स्व संसाधनों वाली ग्राम पंचायतों को स्वयं स्वच्छता गतिविधियों को संचालित करने के लिए कहा है। अपने स्वयं के संसाधनों (एफडी पर प्राप्त ब्याज आय सहित) से दो लाख रुपये से कम की वार्षिक आय वाली ग्राम पंचायतों को 20-20 हजार रुपये जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्तों को कहा है कि वे अपने संबंधित जिलों की ऐसी ग्राम पंचायतों का विवरण दें जिनकी वार्षिक आय अपने स्वयं के संसाधनों (एफडी से ब्याज आय सहित) से दो लाख रुपये से कम है ताकि आवश्यक धन राशि जारी की जा सके। जो ग्राम पंचायतें इन मानदंडों के अंतर्गत नहीं आती हैं, वे स्वयं के संसाधनों से 20,000 रुपये तक स्वच्छता गतिविधियों पर खर्च करेंगी।
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कोरोना और लॉकडाउनः हरियाणा सरकार का फैसला- गांवों में गरीबों को बांटेंगे राशन के ड्राई पैकेट

हरियाणा सरकार अब गांवों के उन जरूरतमंद और गरीब लोगों की मदद करेगी, जो किसी भी राशन वितरण स्कीम के अंतर्गत नहीं आते। ऐसे लोगों को इस लॉकडाउन में उनके लिए खाने की भारी दिक्कत हो रही है।

गांव के ऐसे जरूरतमंद गरीब लोगों को सरकार राशन के ड्राई पैकेट बांटेगी। यह राशन ग्रामीणों को गांव में ही दिए जाएंगे। हरियाणा आपदा प्रबंधन विभाग की निगरानी में यह अभियान चलेगा। जबकि इसकी मॉनिटरिंग नागरिक आपूर्ति, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा करेगा।

ऐसे लोगों को 1 महीने के लिए राशन दिया जाएगा। बताते चलें कि हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान सरकार गुलाबी और पीले राशन धारकों के साथ-साथ अन्य राशनकार्ड धारक को भी राशन डिपो के माध्यम से राशन वितरित कर रही है। इस स्कीम के तहत इस बार इन सभी राशन कार्डधारकों को निशुल्क राशन दिया जाएगा।

सरकार के संज्ञान में आया है कि प्रदेश में खासकर गांव में बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो उक्त राशन वितरण स्कीम के किसी योजना में नहीं आते। इस तरह के जरूरतमंद और गरीब लोगों को भी लॉकडाउन में विशेष मदद की जरूरत है। इसी को देखते हुए सरकार ने गांवों में इन लोगों को राशन के ड्राई पैकेट बांटने का फैसला किया है।

पैकेट में यह राशन होगा
ग्रामीण गरीबों और जरूरतमंद लोगों को राशन के जो ड्राई पैकेट सरकार देगी। उसमें करीब 1 महीने का राशन होगा। ऐसे परिवारों के हर एक व्यक्ति के पैकेट में 3 किलो आटा, डेढ़ किलो दाल, 2 लीटर तेल, 1 किलो नमक, 4 किलो प्याज, 4 किलो आलू और 2 लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। गांवों में ये राशन हरियाणा सरकार द्वारा गठित की गई विलेज लेवल माइक्रो डिस्ट्रीब्यूशन कमेटी की देखरेख में बांटा जाएगा।

शहरों में भी ऐसे गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यह व्यवस्था हो इस पर भी विचार किया जा रहा है। उधर, गांवों में इस राशन वितरण की, सामान को थोक विक्रेताओं और किराना व्यापारियों से खरीदने व प्रशासन से समन्वय बनाकर रखने का सारा जिम्मा जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों का होगा। सभी डीएफएससी इसके लिए आगे डीएफएसओ ड्यूटियां लगाएंगे।
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Coronavirus in Haryana: प्रदेश में महामारी से पांचवी मौत, संक्रमित मरीजों की संख्या हुई 141

हरियाणा में कोरोना महामारी से पांचवी मौत हो गई है। वहीं ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 141 है। गुरुग्राम में फाजिलपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना संक्रमित था। बुधवार को अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार देर रात ही गंभीर हालत में बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

बता दें कि प्रदेश में निजामुद्दीन मरकज से लौटे संक्रमितों व्यक्तियों की संख्या 90 पहुंच गई है। नूंह और पलवल में सबसे ज्यादा जमाती पॉजिटिव पाए गए हैं। उधर, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहां पर सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है।

हेल्थ बुलेटिन के तहत, 21676 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जबकि 16770 लोग घरों में क्वारंटीन हैं। अब तक 20845 विदेश से लौटे लोगों की पहचान की गई है। 2520 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 1821 निगेटिव मिले। 141 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 558 की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके अलावा 687 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। 4906 लोगों का क्वारंटीन पीरियड खत्म हो चुका है। साथ ही पॉजिटिव पाए गए 141 लोगो के संपर्क में आने वाले 831 लोगों के नामों का खुलासा हुआ है।

इस वक्त प्रदेश में कुल 141 कोरोना संक्रमित मरीजों में अंबाला के 3, भिवानी के 2, चरखी दादरी के 1, फरीदाबाद के 28, गुरूग्राम के 20, हिसार का 1, करनाल के 5, कैथल का 1, पलवल के 28, नूंह के 38, पानीपत के 4, पंचकूला के 2, फतेहाबाद का 1, जींद का 1, रोहतक का 1, सिरसा के 3 व सोनीपत के 2 मामले शामिल हैं।
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कोरोना वायरस कोरोना वायरस

Coronavirus in Haryana: कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बने नूंह-पलवल और फरीदाबाद, तीनों दिल्ली से सटे

हरियाणा में कोरोना का केंद्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे तीन जिले बने हुए हैं। तीनों जिलों नूंह, पलवल व फरीदाबाद में तेजी से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ा है। गुरुग्राम में भी अब तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। मरकज से लौटे तब्लीगी जमातियों के कारण प्रदेश के तीन जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी है।

मंगलवार को अकेले नूंह में 23 नए मामले सामने आए। फरीदाबाद में 6 व गुरुग्राम में 2 नए संक्रमित मिले हैं। सरकारी रिकॉर्ड अनुसार पलवल में मंगलवार को कोई नया केस सामने नहीं आया। जमातियों में ज्यादा केस सामने आने पर सरकार की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, चूंकि इससे समुदाय में कोरोना के फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, सरकार ने भीलवाड़ा मॉडल अपनाते हुए सभी ताजा संक्रमित मरीजों वाले गांवों को सील कर दिया है। न तो कोई अंदर जा सकता है, न बाहर आ सकता है।

संदिग्ध लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। जिनकी जांच की जरूरत है, उनकी जांच कराई जा रही है। गांवों को क्वारंटीन किया गया है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। हथीन ब्लॉक के पांच गांव हुचपुरी कलां, मठेपुर, दुरैंची, छांपसा व महलूका गांव पहले से सील चल रहे हैं। इन गांवों के सरपंचों को डीसी 2 अप्रैल को जमातियों के आने की सूचना छिपाने पर सस्पेंड कर चुके हैं।

बंद व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें ग्रामीण
स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक सूरजभान कंबोज ने कहा कि लोग बंद के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। नूंह, फरीदाबाद व पलवल में सामने आए नए मामलों में ज्यादातर मकरज से लौटे तब्लीगी हैं। इनसे आगे संक्रमण न फैले इसलिए जिन गांवों या क्षेत्र में ये संक्रमित मिले हैं, उन्हें सील कर दिया गया है। संदिग्धों की स्वास्थ्य जांच जारी है। लोगों की आवाजाही इन क्षेत्रों में पूरी तरह बंद है।

इतने संक्रमित हो चुके डिस्चार्ज
फरीदाबाद में कोरोना के 2, गुरुग्राम में 9 व पलवल में एक मरीज ठीक होकर घर पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया है। ये अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। कोई भी दिक्कत होने पर सीधे अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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लॉकडाउन: हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर वालों को भी मिलेगा सस्ता राशन, डिपो को स्टॉक जारी

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के परिवारों को भी अब सस्ता राशन मिलेगा। सरकार बाजार दरों की तुलना में कम दरों पर सरकारी डिपो से राशन उपलब्ध कराएगी। इन कार्डधारकों को गेहूं 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम, चीनी 39 रुपये प्रति किलोग्राम व सरसों का तेल 105 रुपये में एक बोतल मिलेगी।

इसके लिए डिपो में अतिरिक्त राशन पहुंचा दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का तीन महीने का राशन पहले ही डिपो में पहुंच चुका है। सभी गुलाबी, पीला और खाकी कार्डधारकों को दोगुना राशन निशुल्क दिया जाएगा। इस राशन में चीनी और सरसों का तेल भी शामिल है। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद उन्होंने, राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्री, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भी कोरोना से निपटने व अर्थव्यवस्था में अपेक्षित मंदी के मद्देनजर वित्तीय सहायता दी है। सबने अपने ऐच्छिक कोटे से समेकित निधि में 51 करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया है।

विधायकों का इस माह का वेतन भी कोरोना रिलीफ फंड में जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार जैसा निर्णय लेगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
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लॉकडाउनः हरियाणा के पानीपत में भुखमरी का शिकार 4000 बाहरी मजदूर, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

हरियाणा के पानीपत में मौजूद बाहरी मजदूरों को राशन व आर्थिक मदद के लिए मजदूर संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफर ट्रेड यूनियन (इफ्टू) ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया है कि पानीपत में हजारों मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। सरकार उन्हें राशन व आर्थिक मदद नहीं दे रही है।

प्रांतीय संयोजक पीपी कपूर ने आरोप लगाया है कि सरकार मजदूरों को अहमियत नहीं दे रही है। जेल के कैदी को भी भरपेट भोजन मिलता है, लेकिन इन बाहरी मजदूरों को भोजन के नाम रोजाना अपमानित किया जा रहा है। कपूर ने बताया कि भुखमरी के शिकार 4000 से ज्यादा मजदूरों की सूची डीसी पानीपत व अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) धनपत सिंह को दे चुके हैं।

बावजूद इसके इन मजदूरों को न तो राशन, भोजन दिया जा रहा है और ना ही कोई आर्थिक सहायता दी जा रही है। पश्चिमी बंगाल, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के दो लाख से ज्यादा मजदूर प्राइवेट लेबर क्वार्टरों, बस्तियों में किराये पर रहकर फैक्ट्रियों में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इनके पास ना तो स्थानीय राशन कार्ड है, न वोटर कार्ड व आधार कार्ड हैं।

इसलिए स्थानीय राजनीतिक दल, प्रशासन व सरकार श्रमिकों की ओर आंखें मूंदे हुए हैं। अधिकांश मजदूर बस्तियों तक जिला प्रशासन का भोजन नहीं पहुंच रहा। मजदूर संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पानीपत के सभी मजदूरों को तुरंत राशन व आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश हरियाणा सरकार को दिए जाएं।
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कोरोना संक्रमित का शव परिवार को सौंपा, दिल्ली सरकार की चूक से भड़का हरियाणा, जताया विरोध

सुप्रीम कोर्ट
कोरोना संकट में दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने तौर तरीकों को लेकर लगातार भाजपा के निशाने पर है। इस बार मामला हरियाणा से जुड़ा है। कोरोना पॉजिटिव सब इंस्पेक्टर के शव को बिना बताए उसके परिजनों को सौंप दिया गया। कोरोना महामारी से जूझ रही हरियाणा सरकार दिल्ली सरकार की इस हरकत  से आगबबूला है। मुख्य सचिव ने इस बाबत दिल्ली के मुख्य सचिव से बात करके उन्हें विरोध जताया है। वहीं मामले में दिल्ली के एक अस्पताल और मृतक के परिवार वालों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

गृह मंत्री अनिल विज ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सोनीपत निवासी सब इंस्पेक्टर पिछले दिनों दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ था। मरीज को ब्रेन स्ट्रोक होने की आशंका थी, जिसके चलते उसे अस्पताल में लाया गया था। जिस वार्ड में यह मरीज था, उसी के पास एक कोरोना पॉजिटिव केस भी दाखिल किया गया। जिसके चलते उक्त सब इंस्पेक्टर को भी कोरोना संक्रमण हो गया और उसकी मौत हो गई।

दिल्ली प्रशासन ने बिना हरियाणा सरकार को इस बात की जानकारी दिए शव उसके परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार में पुलिसकर्मियों को सलामी देने के लिए भी बुलाया गया। गांव के अन्य लोग भी अंत्येष्टि में शामिल हुए। जबकि संकट के इस दौर में सरकार अधिक लोगों को किसी की भी अंत्येष्टि में शामिल होने की इजाजत नहीं दे रही है। ऐसे में अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि मौके पर मौजूद लोगों को भी संक्रमण होने की संभावना है।

फिलहाल अंत्येष्टि में शामिल हुए लोगों की जांच की जा रही है। वहीं हरियाणा सरकार को जब इस बात की जानकारी मिली तो राज्य की मुख्य सचिव केशनी आनंद ने दिल्ली के मुख्य सचिव से इस बात का विरोध जताया और भविष्य में ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के लिए कहा। चूंकि दोनों राज्य एक दूसरे की सीमा से जुड़े हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कतई लापरवाही नहीं बरती जा सकती।

पिछले दिनों राजस्थान का एक संक्रमित व्यक्ति अंबाला छावनी आया था। जैसे ही राजस्थान सरकार को पता चला, उन्होंने हमें सूचना दी और हमने उस व्यक्ति को क्वारंटीन किया। दिल्ली सरकार को भी ऐसा करना चाहिए था, लेकिन हुआ नहीं। दिल्ली सरकार की इस चूक पर हमने विरोध जताया है।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा
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लॉकडाउनः हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला, अलर्ट हुई पुलिस, दर्ज किए 12 केस

हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला करने के मामले सामने आए हैं। इसे लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। इस संदर्भ में 12 मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं जिसके अंतर्गत 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज जादव ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अफवाहें फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के किसी भी प्रयास के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएं। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं।

सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को लिखित निर्देश जारी करते हुए डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करते हुए कानून व्यवस्था के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करें। पूजा स्थलों या किसी विशेष समुदाय के सदस्यों पर हमलों की कुछ कथित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

इस तरह की घटनाओं से न केवल अफवाह फैलने बल्कि गलत सूचना से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने व सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावित क्षमता होती है। साथ ही, इस तरह के प्रयास कोविड-19 के खिलाफ जारी राष्ट्रीय जंग से प्रशासन का ध्यान भी दूर करते हैं।

डीजीपी ने बताया कि कोविड-19 के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने अब तक 56 मामले दर्ज करके सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाने के आरोप में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इसके अतिरिक्त, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं के संबंध में 12 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें अब तक 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घर पर रहकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी सोशल मीडिया पर फर्जी समाचार न अपमानजनक बयान फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हरियाणाः संकट की घड़ी में सीएम ने किसानों से की दान की अपील, क्वारंटीन लोगों पर कड़ी नजर है

देश के भंडार अन्न से भरने वाले हरियाणा के अन्नदाता संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ आ खड़े हुए हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए किसानों ने अन्नदान कर देश सेवा का निर्णय लिया है। किसानों से अन्न दान कराने का बीड़ा भारतीय किसान यूनियन हरियाणा ने उठाया है। जिसका समर्थन करते हुए सीएम मनोहर लाल ने भी किसानों से प्रति क्विंटल 1 से 5 किलोग्राम तक अन्न दान की अपील की है।

किसान जैसे ही अपनी फसलों को बेचने के लिए मंडी या खरीद केंद्रों में लाएंगे, उनसे आढ़ती व अधिकारी पूछेंगे कि वे सरकार को अन्न दान करना चाहते हैं या नहीं। अगर वे हां कहेंगे तो उनकी मर्जी अनुसार प्रति क्विंटल अनाज दान के हिस्से में डाल दिया जाएगा। किसान को फसल की उतनी ही मात्रा का भुगतान होगा, जितनी दान के बाद बचेगी।

सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान के शुरू के हिस्से को भी दोहराया। यूनियन की हरियाणा इकाई के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से बीते सप्ताह अपील की थी कि वे विपदा की घड़ी में सरकार के सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। देश, प्रदेश को हमारे सहयोग की जरूरत है।

राष्ट्र के सभी अन्नदाता किसानों से प्रार्थना है कि हर किसान कम से कम 1 किलो प्रति क्विंटल गेहूं, सरसों, चने अथवा जो भी फसल वे पैदा करते हैं, उसमें से देश की सेवा के लिए अपने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जाकर दान करें ताकि सरकार दान के अन्न को भूखे, गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा सके।

हमेशा से ही देश के निर्माण में किसान का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जिससे उसको अन्नदाता की उपाधि दी गई है। मंगलवार को सरकार के साथ बैठक में आढ़तियों ने 0.10 प्रतिशत देने की हामी भर दी है।
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हरियाणा: कोरोना के नूंह में 25 और फरीदाबाद में छह नए मामले, कुल 146 पीड़ितों में 90 जमाती

हरियाणा में निजामुद्दीन मरकज से लौटे संक्रमितों व्यक्तियों की संख्या 90 पहुंच गई है। प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 है। राज्य में महामारी सेअब तक तीन मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार को नूंह में 25 और फरीदाबाद में छह मामले सामने आए हैं। यह सभी जमाती हैं। अब तक 17 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि बाकी का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नूंह और पलवल में सबसे ज्यादा जमाती पॉजिटिव पाए गए हैं। उधर, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहां पर सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है।

कहां कब हुई कोरोना से मौत
- 5 अप्रैल को करनाल के गांव रसीन निवासी 58 वर्षीय बुजुर्ग की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई थी।
- 3 अप्रैल को अंबाला के 67 साल के बुजुर्ग की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई थी।
- रोहतक की महिला की राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में कोरोना से मौत हुई थी।
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‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पर 19 अप्रैल तक कराएं पंजीकरण, रोज 1.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की होगी खरीद

हरियाणा सरकार 15 अप्रैल से शुरू हो रही सरसों व 20 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने मंडियों में खरीद के व्यापक प्रबंध किए हैं। गेहूं के लिए किसान ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 19 अप्रैल तक पंजीकरण करवा सकते हैं।

यह पोर्टल मंगलवार सायं 5 बजे से पुन: खोल दिया गया। उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल व आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। सरसों की खरीद के लिए 140 मंडियां, जबकि गेहूं की खरीद के लिए लगभग दो हजार मंडी, उप-मंडी व खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

किसानों को बारदानेे की कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस बार प्रतिदिन 1.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का प्रस्ताव है। किसानों को सरसों व गेहूं की खरीद के लिए पोर्टल के आधार पर दी गई जानकारी के अनुसार कूपन दिए जाएंगे ताकि मंडियों में किसान एक साथ उपज लेकर किसान न आएं।

निर्धारित तिथि के अनुसार ही विशेष गांवों के किसान क्रमवार अपनी उपज मंडियों में लेकर आएंगे। जिन किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है, उनकी उपज की खरीद प्राथमिकता आधार पर की जाएगी। अब तक लगभग 60 प्रतिशत किसानों ने गेहूं की फसल का पंजीकरण करवाया है जबकि 40 प्रतिशत किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं करवाया है वे करवा लें।

आढ़ती एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि वे अपनी 2.5 प्रतिशत आढ़त में से 0.10 प्रतिशत राशि ‘हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड’ में दान करेंगे। इस बात का फैसला भी लिया गया कि लॉकडाउन में देरी से गेहूं की खरीद होने के कारण केंद्र सरकार जो दिशा-निर्देश देगी, उसी के अनुरूप किसानों को बोनस या प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस बार गेहूं की खरीद जून तक चलने की संभावना है।
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भिवानीः संदिग्ध परिस्थितियों में लगी धार्मिक स्थल में आग, कार और बाइक जली

ढाणा रोड स्थित एक समुदाय के धार्मिक स्थल में मंगलवार रात करीब दस बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इससे एक कार और एक बाइक जल गई। धार्मिक स्थल के अंदर अन्य सामान भी आग की चपेट में आ गया। 

इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने भी तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई है। 

ढाणा रोड स्थित एक धार्मिक स्थल के अंदर देर रात आग की लपटें और धुआं देखकर वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल कर्मियों ने करीब पौन घंटे में आग पर काबू पाया। 

इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। संगठन के पदाधिकारी जोरावर अली ने बताया कि लॉकडाउन के बाद धार्मिक स्थल का मुख्य गेट बंद है, फिलहाल यहां नमाज नहीं होती। 

उन्होंने बताया कि किसी शरारती तत्व ने देर रात अंदर घुसकर कार और बाइक में आग लगा दी। धार्मिक स्थल के अंदर अन्य सामान भी जल गया है। सूचना मिलते ही समुदाय के मौजिज लोग भी मौके पर पहुंच गए।

मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
- विरेंद्र सिंह, डीएसपी
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