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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

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8500 निजी स्कूल संचालकों को राहत, शिक्षा विभाग का यू-टर्न, चलती रहेंगी नर्सरी से यूकेजी कक्षाएं

हरियाणा के 8500 निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।

6 दिसंबर 2019

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अंबाला

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

घनी आबादी से हटेगा इंडियन ऑयल डिपो, ईओ ने दी स्टेट्स रिपोर्ट

घनी आबादी से सटे इंडियन ऑयल डिपो को शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। जल्द ही दूसरी औपचारिकताएं पूरी कर डिपो को आबादी से बाहर कर दिया गया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को नगर परिषद के ईओ विनोद नेहरा ने मामले पर स्टेट्स रिपोर्ट दी। रविवार को अपने आवास पर लोगों की समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि जायज शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो।
सफाई व सड़कों पर पैचवर्क के भी आदेश
गृहमंत्री ने ईओ विनोद नेहरा से कैंट में सड़कों के पैचवर्क, स्ट्रीट लाइटों तथा सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने भी आदेश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की बैकअप टीम गठित किए जाने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भाजपा के कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई कि वे कैंट में सड़कों के पैचवर्क कार्य का जायजा लेकर उन्हें भी पूरी जानकारी मुहैया करवाई जाए। सभी खुली ड्रेनों को ढकने को लेकर बनाई जा रही व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के भी आदेश दिए गए। साथ ही स्ट्रॉम वाटर को पाइपों के माध्यम से उसके पर भी तुरंत कदम उठाने की बात कही। सभी स्थायी व अस्थायी कर्मचारियों की बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने ईओ को यह भी कहा कि वे इन कार्यो का कभी भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं।
इन लोगों ने भी लगाई इंसाफ की गुहार
करनाल जिले के गांव स्टोंडी के अनिल कुमार ने अपने भाई की मौत के मामले में पुलिस द्वारा मुख्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने की शिकायत दी। नूहं के सिराजूद्दीन ने गांव मेगंली के कई लोगों द्वारा उसके घर में जबरन घुसकर मारपीट करने, तोड़फोड़ करने व पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। यमुनानगर के गांव हैबतपुर खेड़ा गांव के बुजुर्ग व्यक्ति वीर सिंह ने धोखाधड़ी के माध्यम से उसकी जमीन हड़पने की शिकायत दी। कुरुक्षेत्र के लौटनी वासी जयराम व प्रेम चन्द ने आयुष्मान कार्ड बनवाने बारे, पानीपत के आर्य नगर वासी टेक राम दहिया ने पिछले कई वर्षों से एक सरगना व उसके अन्य साथियों द्वारा जाली शैक्षणिक व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में तीन बार एफआईआर दर्ज होने पर भी पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सुल्तानपुर के हरबंस ने फैक्ट्ररी मालिक द्वारा उसके साथ हुई दुर्घटना के बाद आर्थिक सहायता के रूप में राशि न देने बारे, करनाल के विक्रम बजाज ने एक मामले में पुलिस द्वारा उसी पर मुकदमा दर्ज कर जबरन समझौता करने व पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। खानपुर दुबली के हरमेश सिंह द्वारा बिजली विभाग के एसडीओ द्वारा अभद्र व्यवहार करने बारे व गोबिन्द नगर के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के ईलाज के लिए भी गृहमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। मंत्री ने अधिकारियों को सभी समस्याओं के समाधान के आदेश दिए हैं। इस मौके पर डीएसपी रामकुमार, ललित चौधरी, ललता प्रसाद, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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तीन दशक बाद भी पुरूषोत्तम मोस्टवांटेड की सूची में

पूर्व सीएम भजनलाल की हत्या की साजिश रचने में मोस्ट वांटेड मटेहड़ी शेखां के पुरूषोत्तम सिंह उर्फ पम्मा की पुलिस को करीब तीन दशक से तलाश है। एक लाख के इनामी अपराधी पम्मा के पाकिस्तान की शरण में होने के सबूत हैं। पर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां उसे अभी तक लाने में कामयाब नहीं हो पा रही हैं। वारदात में साजिश के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉली में आरडीएक्स ले जाते समय हुई मुठभेड़ में बालचौर के सिपाही विजयभान की गोली लगने से मौत हो गई थी जबकि एएसआई घायल हो गया था। हरियाणा-पंजाब पुलिस को पाकिस्तान एंबेसी की स्वीकृति न मिलने से पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा है। इस मामले में नग्गल थाने में आइपीसी की धारा 148, 149, 395, 396, 302, आर्म्स व एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत दर्ज केस में सजायाफ्ता करार दिए गए चार अपराधी जमानत पर हैं। गिरफ्तार न होने के कारण 1995 में पुरुषोत्तम को पहले भगोड़ा घोषित करने के बाद उस पर ईनाम रखा गया था।
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उग्रवाद के दिनों में यूं हुई घटना
- उग्रवाद के समय में कपड़े की फेरी लगाने वाला पुरुषोत्तम पंजाब के दहशतगर्दों के संपर्क आकर सूचनाएं सांझा करने लगा। दहशत फैलाने के लिए पूर्व सीएम स्वर्गीय भजन लाल को आरडीएक्स से उड़ाने की योजना बनाई गई थी। तब तत्कालीन सीएम स्वर्गीय भजनलाल मटेहड़ी से होकर गुजरने वाले थे । सड़क पर आरडीएक्स बिछाना था लेकिन सुरक्षा अधिक होने के कारण मौका नहीं मिला। एक नजदीकी जोहड़ में विस्फोटक छिपाया। भीड़भाड़ के इलाके विस्फोट कर दहशत फैलाने के लिए घटना की रात 11 बजे पूरी टीम ट्रैक्टर-ट्राली लेकर निकल पड़ी। नाकाबंदी पर पुलिस का इशारा देखते ही पकड़े जाने के भय से एकदम एके-47 चला दी। गोली लगते ही सिपाही विजय ने वहीं दम तोड़ दिया। एएसआई घायल हुआ। सभी खेतों के अंधेरे में भाग गए थे।
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वीटी से अलर्ट के बाद यूं कसा शिकंजा
- पुलिस द्वारा पकड़े गए एक आरोपी ने बताया दिया कि सभी आरोपी नग्गल इलाके के हैं। सभी को पकड़ न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट ने सजा सुना दी। दस साल के सजायाफ्ता हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
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ऐसे सुराग लगा पाकिस्तान होने का
- पासपोर्ट से पता चला कि वह पाकिस्तान निकल गया है। परिवार से पूछताछ व काल डिटेल से पुष्टि हुई कि वह पाकिस्तान के एक धार्मिक स्थल में सेवादारी कर रहा है। पंजाब पुलिस के डीएसपी को फोन पर रिश्तेदारों को तंग न करने को कहा था। पाकिस्तान एंबेसी ने परमिशन न मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां व पुलिस के हाथ अभी खाली हैं।
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स्टेट क्राइम ब्रांच कर रही तफ्तीश
- नग्गल थाना प्रभारी एसआइ धर्मबीर सैनी के अनुसार एक लाख का ईनामी पुरुषोत्तम अभी तक पकड़ा नहीं आया है। उसके विदेश निकलने की चर्चा है। केस की फाइल स्टेट क्राइम ब्रांच के पास है। लुकआउट नोटिस जारी करने के अलावा तमाम कानूूनी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। प्रयास जारी हैं।
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हरियाणा निर्माण से पहले की तीन सीरीज के वीवीआईपी व वीआईपी नंबर वापस लेगी सरकार

वीवीआईपी व वीआईपी कैटेगरी के करीब दस हजार नंबर राज्य सरकार वापस लेने जा रही है। सरकारी व प्राइवेट गाड़ियों पर लगे ये नंबर अब किसी दूसरी गाड़ी पर ट्रांसफर नहीं होंगे। ये ज्यादातर नंबर वीआईपी लोगों के पास हैं। इनमें कई नंबर तो डीसी व मंडल कमिश्नर की गाड़ियों से लेकर पूर्व मंत्रियों व विधायकों की गाड़ियों पर लगे हैं। सरकार ने गाड़ी मालिकों को ये नंबर सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल इनकी जगह मालिकों को साधारण नंबर जारी किए जाएंगे। अंबाला में भी ऐसे गाड़ी मालिकों की बड़ी संख्या है जिनके पास दोनों कैटेगरी के नंबर हैं। सरकार के इस फरमान के बाद वाहन मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है।
ये तीन सीरिज के नंबर हुए बंद
राज्य सरकार ने जिन तीन सीरिज के वीवीआईपी व वीआईपी नंबर बंद करने जा रही है उनमें एचआरएस, एचएनन, एचआरई व एचआरयू शामिल है। ये तीनों सीरीज 55 साल पहले शुरू हुई थी जब हरियाणा व पंजाब एक ही राज्य हुआ करता था। पंजाब से अलग होने के बाद हरियाणा में तीनों सीरिज की दोनों कैटेगरी के नंबर की गाड़ियां अभी तक सड़कों पर दौड़ रही हैं। जून-2019 से पहले ये सभी नंबर दूसरी गाड़ियों पर ट्रांसफर भी हो रहे थे। मगर अब सरकार ने तत्काल प्रभाव से सभी नंबरों को ट्रांसफर करने पर रोक लगा दी। स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से भी इस सिलसिले में राज्य के सभी एसडीएम को एक लेटर जारी कर सभी वीवीआईपी व वीआईपी नंबरों की डिटेल मांगी गई है। लेटर में यह साफ कहा गया कि किसी भी हालत में ये नंबर किसी दूसरी गाड़ी पर ट्रांसफर न किए जाएं।
सरकार ने हमारे साथ धोखा किया है- सैनी
पूरे मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने वाले अंबाला सिटी के कारोबारी नरेंद्र सैनी ने बताया कि मामला कोर्ट में जाने के बाद सरकार ने छह महीने पहले पुरानी सीरिज के नंबर सरेंडर के बाद उसी तरह के नई सीरिज के नंबर निशुल्क देने की बात कही थी। मगर अब सरकार अपनी बात से मुकर गई है। मेरे व परिवार के पास पुरानी सीरिज के एचएनक्स-4, एचआरई-10 व एचएनएक्स-11 तीन नंबर हैं।
मेरे परिवार के पास दो नंबर हैं- सरताज
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील सरताज सिंह ने बताया कि यह राज्य सरकार का गलत निर्णय है। हरियाणा बनने से पहले सरकार की ओर से उनके परिवार को दो नंबर जारी किए गए थे। यही नंबर पिछले 55-60 सालों से उनकी गाड़ियों पर लगते आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम नंबर सरेंडर करने की बजाय सरकार के फैसले को फिर हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
नई सीरिज में 0001 की सबसे ज्यादा डिमांड
वीआईपी लोगों में गाड़ी पर वीआईपी नंबर लेने का जुनून अभी तक चरम पर है। 0001 नंबर की अभी तक सबसे ज्यादा डिमांड है। इसके लिए सरकार की ओर से पांच लाख रूपये की राशि तय की हुई है। हालांकि एक ही नंबर के ज्यादा आवेदन आने के बाद उसकी बोली लगाई जाती है। कई बार तो यह नंबर डबल कीमत में बिक जाता है। दूसरे वीआईपी नंबरों के लिए भी अभी कम से कम 50 हजार रुपये की राशि तय है। बोली होने की स्थिति में यह राशि बढ़ जाती है।
अभी वीआईपी नंबरों की रेट लिस्ट
1. 0001 - पांच लाख रुपये
2. 0007 और 0009 - डेढ़ लाख रुपये
3. 0002, 0006, 0008, 0010, 0011, 0022, 0033, 0044, 0055, 0066, 0077, 0088, 0099, 100, 786 - 75 हजार रूपये
इन नंबरों का रेट पचास हजार रुपये
5. 0111, 0222, 0333, 0444, 0555, 0666, 0777, 0888, 0999, 1000,2000,3000,4000,5000,6000,7000,8000,9000, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888, 9999, 0012, 0021, 0023, 0032, 0034, 0043, 0045, 0054, 0056, 0065, 0067, 0076, 0078, 0087, 0089, और 0098। एक से ज्यादा आवेदन आने पर फिर इन नंबरों की बोली लगाई जाती है।
कोर्ट्स
संयुक्त पंजाब एवं हरियाणा के समय की सीरिज के जारी वीवीआईपी व वीआईपी नंबर वापिस लेने के आदेश आ चुके हैं। अब ये नंबर ट्रांसफर नहीं होंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को कुछ समय की मोहलत दी गई है। सभी नंबर्स की डिटेल सरकार को भेजी जा रही है।
भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, बराड़ा
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धुंध को देखते हुए रेलवे ने चार ट्रेनें की रद

परिषद में न मैरिज का रिकॉर्ड न स्ट्रीट लाईट रजिस्ट्रर मेंटेन, प्रशासक ने टैक्स ब्रांच शिफ्ट करने के दिए आदेश

नगर परिषद अंबाला छावनी के प्रशासक एसडीएम सुुभाष सिहाग ने बुधवार ने कार्यालय का दौरा किया। दौरे के दौरान प्रशासक को मैरिज रजिस्ट्रेशन और स्ट्रीट लाइट की शिकायतों के रजिस्ट्रर और रिकॉर्ड मेंटेन नहीं मिले हैं। प्रशासन ने स्ट्रीट लाइट के ठेकेदार को जहां लताड़ लगाई है तो वहीं दोनों ही ब्रांच से आज तक के हिसाब-किताब के साथ रजिस्टर मेंटेन मांगा है। इसके अलावा प्रशासक ने ईओ विनोद नेहरा को आदेश दिए हैं कि स्थापना शाखा की पहली मंजिल पर स्थित टैक्स शाखा को नीचे की बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएं।
ब्रांच में जाने के लिए बुजुर्गों का आना-जाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा उम्रदराज के साथ-साथ बीमार व्यक्ति भी इस ब्रांच में नहीं जा सकते। इसीलिए प्रशासन ने ब्रांच का दौरा भी किया और काम काज के बारे में पूछा कि यहां कौन-कौन से कार्यों के लिए जनता आती है। हालांकि, प्रशासक इस ब्रांच को पहले भी नीचे शिफ्ट करने के आदेश दे चुके थे लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसीलिए उन्होंने अब दोबारा निगम अफसरों को ब्रांच शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिक सुविधा केंद्र की विभिन्न कैबिन में जाकर रिकॉर्ड चेक किया और कर्मचारियों से पूछताछ भी की। कुछ कैबिन पर ताला लटका था जिसे खुलवा कर चेक किया। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रीसिटी ब्रांच का भी उन्होंने दौरा किया है। प्रशासन को जांच के दौरान खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायतें काफी मिली हैं। इसके अलावा कितने शिकायतें दर्ज हुई और कितनी शिकायतों का निवारण हुआ है इसका कोई भी हिसाब किताब निरीक्षण के दौरान प्रशासक को नहीं मिला है। ऐसे में खासकर बिजली ठेकेदार और ब्रांच से जुड़े कर्मचारियों को आदेश दिए हैं कि वह अपना काम समय पर गंभीरता के साथ पूरा करें। यदि वह अपने स्तर पर किसी भी काम को लटकाएंगे तो उसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे और कार्रवाई करने में भी किसी तरह की लिहाजदारी नहीं बरती जाएगी। उधर, नप कार्यालय में मिली खामियां के दौरान जब प्रशासक फटकार लगा रहे थे ईओ हंसमुद्रा भी दिखाई दिए। ऐसे में अधिकारियों की गंभीरता और कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
ऑफिस समय में अलमारियां मिली लॉक
टैक्स ब्रांच के निरीक्षण के दौरान प्रशासक को कई अलमारियां ड्यूटी समय में भी लॉक मिलीं। जिन्हें खटखटका कर भी प्रशासक ने देखा और अलमारी खोल कर उसे चेक भी किया गया। इसके अलावा सर्दी के मौसम में रखे गए कुलर को भी उन्होंने किसी स्टोर या साइड में रखने के आदेश भी दिए हैं।
- निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां पाई गई थी उन्हें दूर करने के आदेश दिए गए हैं। ब्रांच को नीचे शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं ताकि जनता को दिक्कत न हो। स्ट्रीट लाइटों और मैरिज की फाइलों का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं था जिसको पूरा करने के आदेश दिए गए हैं और स्ट्रीट लाइट ठेकेदार को चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर स्ट्रीट लाट की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुुभाष सिहाग, प्रशासक एवं एसडीएम अंबाला छावनी।
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5 हजार की रिश्वत लेते कृषि विभाग का एसडीओ व चपरासी विजिलेंस न पकड़ा

5 हजार रुपये की रिश्वत लेते कृषि विभाग के एसडीओ प्रवीण कुमार व चपरासी शुभम को राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथो पकड़ा है। ये दोनों शहर वासी व मटेहड़ी में पेस्टीसाइड ( दवा ) विक्रेता मोहित की दुकान की जांच के दौरान दिए गए कारण बताओ नोटिस को रफा-दफा करने के लिए सुविधा शुल्क वसूल रहे थे। बिचौलिए की भूमिका अदा कर रहे शुभम ने जैसे ही पैसे पकड़े, विजिलेंस की टीम ने रेड कर दी। एसडीओ को भी वहीं काबू कर लिया। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज केस में आरोपियों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया। शुक्रवार कोर्ट में पेश किया जाएगा। रेड के दौरान शहर कृषि विभाग कार्यालय में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी सीट छोड़कर इधर-उधर हो गए। पिछले माह भी पंजोखरा थाने में 35 हजार की रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल को रंगेहाथ पकड़ा गया था। केस के अनुसार दोपहर बाद विजिलेंस की टीम ने अचानक रेड कर दी। उस दौरान शुभम के हाथ में रंग लगे पैसे थे। पूछताछ में उसने कहा कि पैसे उसने एसडीओ के कहने पर पकड़े हैं।
एक माह पहले पेस्टीसाइड की हुई थी जांच
केस के अनुसार करीब एक माह पूर्व कृषि विभाग की टीम ने प्रवीण के नेतृत्व में पेस्टीसाइड वालों के सामान की जांच की थी। इस दौरान मोहित को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कार्यालय में आने पर उसे कहा कि यदि वह कुछ पैसे दे तो नोटिस को रफा-दफा किया जा सकता है। शुभम के माध्यम से डील चलती रही। 5 हजार में सौदा होने पर पैसे देने के लिए वीरवार का दिन तय था। इसी दौरान प्रवीण ने विजिलेंस एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। आलाधिकारियों से स्वीकृति मिलने के बाद उसे पैसे के लिए भेजा था।
राज्य सतर्कता ब्यूरो के एसपी के मुताबिक एग्रीकल्चर विभाग के एसडीओ प्रवीण व चपरासी शुभम को पांच हजार की रिश्वत लेने पकड़ा गया है। नोटिस की रिपोर्ट सही करने के लिए पैसे मांगे गए थे। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
सुरेश कौशिक, एसपी विजिलेंस।
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जाड़े में जम रही जिंदगी, डेढ़ करोड़ की लागत से बने रैन बसरों पर ताला

रात के 11 बजे हैं। ठंड इतनी कि हाड़ कांप रहे हैं। पारा करीब 10 डिग्री पहुंच चुका है। लेकिन मजबूरी में दर्जनों जिंदगी खुले आसमान के नीचे जूझ रहे हैं। अमर उजाला की टीम इन मजबूर लोगों की थाह लेने के लिए रात में सड़कों पर उतरी तो स्थिति दर्दनाक थी। छावनी में रेलवे पुल के नीचे दर्जनों लोग कंबल की गर्माहट के साथ रात काट रहे थे। जबकि इसी छावनी बस अड्डे के पास करीब 1 करोड़ 58 लाख की लागत से बने दोनों रैन बसेरों पर ताला लटका था। करीब एक साल पहले बनकर तैयार हुए इन रैन बसेरों में तमाम सुविधाएं दी गई हैं लेकिन आज तक शुरू नहीं हो सके। प्रशासन की इसी लापरवाही का खामियाजा इन बेसहारा जिंदगियों को ठंड में रात काटकर उठाना पड़ रहा है। इससे आगे चलकर बस स्टैंड और डी मेट्रो होटल के सामने भी स्थिति कुछ ऐसी ही थी।
रेलवे स्टेशन छावनी शौचालय के सामने भी कांपते दिखे लोग
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के बाहर बने शौचालय के पास कुछ लोग सड़क पर ही पड़े हैं। इनमें से एक ऐसा व्यक्ति भी था जिसके पास शरीर ढकने के लिए न कंबल था न कोई कपड़ा। यहां पड़े हुए रमेश चौरसिया कहते हैं कि साहब, मैं उत्तरप्रदेश से हूं। वहां प्रशासन अलाव की व्यवस्था ठंड में करता है लेकिन यहां तो न अलाव है न कोई कंबल देने आया। सिर ढकने के लिए छत नहीं है, सुबह मजदूरी करके पेट भर लेते हैं रात को यूं ही सोना पड़ता है।
बस अड्डे पर वेटिंग रूम बंद
इससे आगे अंतर्राज्यीय बस अड्डा जहां पर रैन बसेरे बने हैं। वहीं पर यात्रियों के लिए बनाए गए वेटिंग रूम पर ताला लटका था। यात्री बाहर बने बैंचों पर सो रहे थे और रोडवेज कर्मचारी बस अड्डा इंचार्ज पूछताछ कार्यालय में कंबल लेकर चैन से सो रहा था।
शहर भी अछूता नहीं
शहर के कालका चौक, कपड़ा मार्केट में दुकानों के सामने, रेलवे स्टेशन अंबाला सिटी हनुमान मंदिर के पास दो लोग लेटे थे। इनमें भी एक के पास कंबल था जबकि दूसरा ठंड से कांप रहा था।
पॉलिथीन से जलाई आग बनी सहारा
आधी रात को जब ठंड असहनीय हो गई तो छावनी पुल के नीचे ही दो-तीन बेसहारा लोग कुछ पॉलिथीन और कूड़ा इकट्ठा करके लाते हैं और आग जलाकर हाथ सेंक अपनी ठंड उतारने के प्रयास में जुट जाते हैं। जिस पॉलिथीन पर सरकार बैन लगाने का प्रयास कर रही है वहीं इनके लिए संजीवनी बने हैं।
21 नवंबर 2018 को विज ने किया था शिलान्यास
बस अड्डा छावनी के बाहर बनाए गए दो रैन बसेरों का शिलान्यास स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 21 नवंबर 2018 को किया था। 9 माह से ज्यादा समय से यह बनकर भी तैयार हो गए हैं। लेकिन आज तक पूरी तरह से इनमें बिजली पानी की सुविधा नहीं उपलब्ध हो सकी। इन रैन बसेरों को बनाने के लिए बस अड्डा परिसर के बाहर जो टाइलें लगी थी उन्हें उखाड़ा गया है। रैन बसेरे बनने के बाद कुछ सैकड़ों टाइलें अभी भी बची हैं। एक टाइल की कीमत करीब 65 रुपये है। इस पर नगर परिषद का कोई ध्यान नहीं है। अलबत्ता आधे से ज्यादा टाइलें चोरी हो चुकी हैं। जो टाइलें लगी हैं उनमें सीमेंट भरवाना प्रशासन भूल गया लिहाजा वह भी उखड़ने लगी हैं।
रैन बसेरे अभी रेड क्रॉस के पास नहीं आए हैं। फिलहाल इनका जिम्मा नगर परिषद के पास है। वही इस बारे में जानकारी दे सकते हैं।
विजय लक्ष्मी, सचिव रेडक्रॉस
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विजिलेंस की रेड से हड़कंप, पांच हजार की रिश्वत लेते कृषि विभाग का एसडीओ और चपरासी गिरफ्तार

5 हजार रुपये की रिश्वत लेते कृषि विभाग के एसडीओ प्रवीण कुमार व चपरासी शुभम को राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथो पकड़ा है। ये दोनों शहर निवासी व मटेहड़ी में पेस्टीसाइड (दवा) विक्रेता मोहित की दुकान की जांच के दौरान दिए गए कारण बताओ नोटिस को रफा-दफा करने के लिए 'सुविधा शुल्क' वसूल रहे थे। 

बिचौलिए की भूमिका अदा कर रहे शुभम ने जैसे ही पैसे पकड़े, विजिलेंस की टीम ने रेड कर दी। एसडीओ को भी वहीं काबू कर लिया। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज केस में आरोपियों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया। शुक्रवार कोर्ट में पेश किया जाएगा। रेड के दौरान शहर कृषि विभाग कार्यालय में हड़कंप मच गया। 
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दुधमुंही भांजी से यौन शोषण की कोशिश में नाबालिग मामा ने माफी मांग छुड़ाई जान, रिश्तेदार की बेटी से दोहराई हरकत तो फंसा

14 साल के जिस नाबालिग मामा को 9 माह की सगी दुधमुंही भांजी के साथ गलत हरकत करते पकड़ लिया, उस समय उसे माफी मांगने पर छोड़ दिया गया था। डांट के बाद भी उसकी आदतों में सुधार नहीं आया। उसने अपनी बहन की बुआ सास की अबोध बच्ची के साथ दोबारा हरकत दोहरा दी। पानी सिर से बढ़ता देख परिवार का हौसला जवाब दे गया। भविष्य में किसी अनहोनी को टालने के लिए जीजा ने पुलिस को शिकायत दी। महिला थाने में पोस्को एक्ट का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है । शहर के सरकारी अस्पताल में बच्ची का मेडिकल कराने के अलावा घटनास्थल की निशानदेही कराई गई। इस मामले में वीरवार को पिता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे।
केस के मुताबिक शिकायतकर्ता का बड़ा बेटा ढाई साल का छोटी बेटी 9 माह की है। 7 जुलाई को उसकी पत्नी दो बच्चों को लेकर लुधियाना मायके गई थी। दो दिन बाद वह परिवार को वापस ले आया। उसी दिन घुमाते समय उसे बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर नीले रंग का निशान दिखा। उन दिनों नजरअंदाज करते हुए किसी डाक्टर को नहीं दिखाया। 11 नवंबर को ससुर 14 साल के बेटे के साथ अंबाला आया, अगले दिन उसे यहीं छोड़कर वापस चला गया। 15 नवंबर को आरोपी बेटी को घर में घुमा रहा था। शिकायतकर्ता ने देखा कि बच्ची और साले ने कपड़े पहन रखे थे लेकिन आरोपी अपने प्राइवेट पार्ट से बच्ची के प्राइवेट पार्ट को बार-बार टच कर रहा था। नीयत पर शक होते ही बच्ची को उससे ले लिया, यह बात पत्नी को बात बताई। डांट लगने पर आरोपी ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली। सामाजिक निंदा के भय से मामला दब गया, पुलिस को शिकायत नहीं की गई।
कुछ दिन पहले पता चला कि आरोपी ने अपनी बहन की बुआ सास की बेटी के साथ भी ऐसे ही किया। पारिवारिक विचार-विमर्श के बाद कानून की शरण ली गई। जांच अधिकारी एसआई देवेंद्र कौर के मुताबिक नाबालिग मामा पर अपनी दुधमुंही बच्ची से यौन शोषण के प्रयास के आरोप लगे हैं। पोस्को एक्ट के मामले की तफ्तीश जारी है। बच्ची का मेडिकल करा दिया गया है, माता के जल्द कोर्ट में 164 के बयान कराए जाएंगे।
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अंबाला में जमानत पर आए युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन घायल, दो पीजीआई रेफर

सुरक्षा के लिहाज से कैंट के हालात बेकाबू हो रहे हैं। बुधवार रात को तोपखाना बाजार में गैंगवार को लेकर दो गुटों में आठ राउंड फायरिंग हो गई। इसमें एक ही गुट के तीन युवक जख्मी हो गए। दो की हालत नाजुक है। नागरिक अस्पताल से दोनों युवकों को पीजीआई रेफर कर दिया गया है। एक युवक अभी अस्पताल में उपचाराधीन है। इससे पहले भी दोनों गुटों में कई बार मारपीट हो चुकी है। दोनों गुटों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ अपहरण व मारपीट के कई केस दर्ज बताए जा रहे हैं। 

घटनाक्रम के अनुसार ग्वालमंडी का रहने वाला जीतू बुधवार को जमानत पर रिहा होकर घर लौटा था। इसी खुशी में जीतू के सहयोगियों ने उसे डिनर देने का निर्णय लिया था। रात करीब नौ बजे जब जीतू कलरहेड़ी के मनीष कुमार, हिम्मतपुरा के सोनू उर्फ डांग तथा अंडा के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर डिनर के लिए तोपखाना बाजार की गली नंबर-3 के पास से गुजर रहा था। 

तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए कई युवकों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान कार के शीशे भी टूटकर बिखर गए। गोली लगने के कारण जीतू, मनीष तथा सोनू उर्फ डांग बुरी तरह घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। इसके बाद घायलों को ऑल्टो कार के जरिए ही नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। 
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गैंगवार में हुई आठ राउंड फायरिंग, गोली लगने के कारण तीन जख्मी, दो की हालत गंभीर, पीजीआई रेफर

सुरक्षा के लिहाज से कैंट के हालात बेकाबू हो रहे हैं। बुधवार रात को तोपखाना बाजार में गैंगवार को लेकर दो गुटों में आठ राउंड फायरिंग हो गई। इसमें एक ही गुट के तीन युवक जख्मी हो गए। दो की हालत नाजुक है। नागरिक अस्पताल से दोनों युवकों को पीजीआई रेफर कर दिया गया है। एक युवक अभी अस्पताल में उपचाराधीन है। इससे पहले भी दोनों गुटों में कई बार मारपीट हो चुकी है। दोनों गुटों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ अपहरण व मारपीट के कई केस दर्ज बताए जा रहे हैं।
घटनाक्रम के अनुसार ग्वालमंडी का रहने वाला जीतू बुधवार को जमानत पर रिहा होकर घर लौटा था। इसी खुशी में जीतू के सहयोगियों ने उसे डिनर देने का निर्णय लिया था। रात करीब नौ बजे जब जीतू कलरहेड़ी के मनीष कुमार, हिम्मतपुरा के सोनू उर्फ डांग तथा अंडा के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर डिनर के लिए तोपखाना बाजार की गली नंबर-3 के पास से गुजर रहा था। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए कई युवकों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान कार के शीशे भी टूटकर बिखर गए। गोली लगने के कारण जीतू, मनीष तथा सोनू उर्फ डांग बुरी तरह घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। इसके बाद घायलों को ऑल्टो कार के जरिए ही नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जीतू व मनीष की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। दोनों के शरीर पर कई जगह गोली व छर्रों के गहरे जख्म बताए जा रहे हैं। हमले के बाद भारी संख्या में युवक जमा हो गए थे। स्थिति न बिगड़े इसलिए पुलिस ने भी अस्पताल में मोर्चा संभाल लिया था।
पुरानी रंजिश के चलते हुआ हमला
गोली लगने के कारण बुरी तरह जख्मी हुए ग्वालमंडी के जीतू की चिड़ीमार मोहल्ले के रणधीर सिंह, सौरभ उर्फ मऊ, रामकिशन कॉलोनी के गप्पू तथा कच्चा बाजार के अज्जू से रंजिश चल रही है। दोनों गुट पहले भी कई बार आमने सामने हो चुके हैं। जीतू व उसके साथियों के खिलाफ कैंट पुलिस ने दो महीने पहले भी अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज किया था। इसी वजह से जीतू जेल में बंद था। बुधवार को ही उसे जमानत पर रिहाई मिली थी। हमले के पीछे पुलिस भी रणधीर, सौरव उर्फ मऊ ,गप्पू व अज्जू का ही हाथ होने का शक जता रही है। पता चला है कि जीतू की हत्या करने के मकसद से ही यह हमला किया गया है। हमले की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। डीएसपी रामकुमार के साथ सीआईए स्टाफ, डिटेक्टिव स्टाफ व एसएचओ कैंट भी मौके पर पहुंच गए थे। इसके तुरंत बाद हमलावरों की तलाश में नाकाबंदी शुरू कर दी गई।
विजय शर्मा की दुकान के बाहर हुई वारदात, सीसीटीवी में कैद
यह वारदात शर्मा फोटो स्टूडियो के संचालक विजय शर्मा जोकि इस समय जेल में हैं की दुकान के बाहर हुई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी थी।
रंजिश को लेकर यह हमला हुआ है। पहले भी दोनों गुटों के बीच कई बार टकराव हो चुका है। इस सिलसिले में पुलिस केस भी दर्ज कर चुकी है। जीतू की हत्या करने की नीयत से ही यह हमला हुआ है। शक के आधार पर जीतू से रंजिश रखने वालों पर केस दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
रामकुमार, डीएसपी, अंबाला कैंट
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हरियाणा में 8500 निजी स्कूलों पर कड़ा एक्शन, नर्सरी से यूकेजी तक अवैध कक्षाओं पर लगी रोक  

हरियाणा के 8500 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर सरकार का डंडा चल गया है। इनमें अब नर्सरी से यूकेजी तक कक्षाएं नहीं चलेंगी। ये स्कूल लंबे समय से अवैध रूप से नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं चला रहे थे। अभिभावकों से मनमाने तरीके से मोटी फीस वसूलकर स्कूल संचालकों ने खूब कमाई की है। 

अब मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों पर शिकंजा कसते हुए अवैध कक्षाएं चलाने पर रोक लगा दी है। यह फैसला शिकायत के आधार पर लिया गया है। निदेशक मौलिक शिक्षा प्रदीप कुमार-प्रथम की ओर से इस संबंध में सभी डीईईओ और निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

इनसे नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जल्दी कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। निदेशक मौलिक शिक्षा को स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन, भिवानी के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने 10 जून 2019 को शिकायत की थी। उसके आधार पर बीते 22 नवंबर को निदेशक मौलिक शिक्षा ने पत्र लिखा है। बृजपाल परमार का कहना है कि निजी स्कूल अभिभावकों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। बिना प्रावधान नर्सरी से यूकेजी तक कक्षाएं चलाना गैरकानूनी था। इसलिए उन्होंने पहले शिकायत और फिर आरटीआई लगाई थी।

नियमानुसार पहली से 12वीं तक ही कक्षाएं चलाने का प्रावधान
हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली के अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में केवल पहली से बारहवीं तक ही कक्षाओं का संचालन किया जा सकता है। नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी की कक्षाएं लगाने का प्रावधान नहीं है। बृजपाल परमार ने अवैध रूप से चलाई जा रही कक्षाओं को बंद कराने का आग्रह किया था। जल्दी कार्रवाई न होने पर परमार ने मौलिक शिक्षा निदेशालय में बीते 22 अक्टूबर को आरटीआई लगाकर जानकारी मांगी थी। इसके बाद मौलिक शिक्षा निदेशालय हरकत में आया।
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गृह मंत्री अनिल विज का फरमान, एक घंटे रोजाना जनता दरबार लगाएगी पुलिस, खुद भी सुनेंगे समस्या

हरियाणा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनता के साथ संवाद करना होगा। कार्यालय में बैठ कर पुलिस अधीक्षकों की जिला चलाने वाली प्रथा समाप्त करनी होगी। अधिकारियों को फील्ड में जाकर जिले के हालात काबू करने होंगे। इस लिहाज से जनता के साथ संवाद बहुत जरूरी है। जिसके तहत पुलिस अधीक्षकों को 11 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में जनता दरबार लगा कर समस्याएं सुननी होंगी।

इन समस्याओं पर कार्रवाई करने के बाद गृह मंत्री को सूचित भी करना होगा। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारी जनता दरबार में आई हुई शिकायतों का रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। उनकी रसीद शिकायतकर्ताओं को देंगे ताकि शिकायतकर्ता भविष्य में अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी ले सकें।

उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षक, डीसीपी एवं सीपी दो दिन में एक बार संबधित क्षेत्रों में स्थित कम से कम एक पुलिस थाने का अवश्य निरीक्षण करेंगे और उसका रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। विज ने कहा कि वे हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रत्येक मंगलवार व बुधवार को 1 से 3 बजे तक लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं की सुनवाई कर निवारण सुनिश्चित करेंगें। जो लोग उनके निवास स्थान अंबाला छावनी में मिलना चाहेंगे। वे प्रत्येक शनिवार व रविवार को सुबह 10 से 12 बजे तक मिल सकेंगे। 

अंबाला छावनी के लोग किसी भी दिन किसी भी समय आकर मिल सकते हैं। अंबाला छावनी के लोगों के लिए उनके द्वार सदैव खुले रहेंगे। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति ई मेल के माध्यम से शिकायतें भेज रहे हैं। वे केवल  [email protected] पर ही भेजें। अन्य किसी भी मेल पर भेजी गई शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस विभाग से संबधित शिकायतें पुलिस विभाग के पोर्टल पर हर समय पर ही भेजें। 
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