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मंडी में फसलों ने दी दस्तक, व्यापारी अभी तक सुविधाओं को तरसे

fatehabad Updated Mon, 26 Sep 2016 12:22 AM IST
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फतेहाबाद की अनाजमंडी में धान को साफ करते मजदूर ।
फतेहाबाद की अनाजमंडी में धान को साफ करते मजदूर । - फोटो : amar ujala
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अनाज मंडी में फसलों ने दस्तक दे दी है। मंडी में धान के साथ बाजरे की ढेरियां भी आ रही हैं। मंडी में फसल की आवक शुरु होने के साथ ही व्यापारियों को समस्याओं से भी दोचार होना पड़ रहा है। इस बार बाजरे की फसल तय समय से पहले ही मंडियों में पहुंच गई है। बाजरा उत्पादक किसान सरकारी खरीद के ना होने से निजी खरीददारों से लुटने को मजबूर हैं। भट्टू और फतेहाबाद की मंडियों में बाजरा 12 सौ से साढ़े 12 सौ प्रति क्विंटल बिक रहा है जबकि सरकार ने इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य 1330 रूपए प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। हालांकि इस बार बाजरे की क्वालिटी भी काफी बेहतर बताई जा रही है। सरकारी खरीद ना होने से व्यापारी इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं।
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व्यापारियों की व्यथा, एमएसपी से कम दाम पर बिक रहा बाजरा
फतेहाबाद की मंडी में बाजरा लेकर आए गांव ढिंगसरा के किसान रामेश्वर बैनीवाल व रामस्वरूप ने बताया कि बाजरे पर इस बार अधिक खर्च आया है लेकिन दाम कम मिल रहे हैं। मंडी के व्यापारी रवि कुमार, लक्ष्मण दास व कृष्ण कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा बाजरे की सरकारी खरीद एक अक्तूबर को की जानी है। बाजरे की खरीद के लिए हैफेड को नियुक्त किया गया है। अभी तक खरीद शरु ना होने से जमींदार निजी खरीद एजेंसियों से लूट रहे हैं।
फतेहाबाद में धान की भी काफी ढेरियां मंडी में पहुंच चुकी हैं। मंडी के व्यापारी सुशील कुमार, सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मंडी में धान की आवक हो रही है। फिलहाल 1509 किस्म का धान 1900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही है। परमल धान का भाव 1510 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया हुआ है लेकिन धान की खरीद भी एक अक्तूबर से ही शुरू करने की बात की जा रही है। धान की खरीद शुरू नहीं होने से व्यापारियों में खासा रोष है। आढ़तियों की मांग है कि मंडी में धान आते ही उसकी खरीददारी हो जानी चाहिए। मार्केट कमेटी सचिव दिलावर सिंह ने बताया कि धान व बाजरे की खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो जाएगी। बाजरे की खरीद हैफेड करेगी, धान की खरीद पांच विभिन्न एजेंसियां करेंगी।

अतिरिक्त अनाजमंडी में भी फसल डलवाने का दावा
सिरसा रोड पर स्थित अतिरिक्त अनाजमंडी में इस धान डालने का दावा मार्केट कमेटी अफसर कर रहे हैं। हालांकि मंडी में निर्माण कार्य चलते तीन साल हो चुके हैं। अभी तक चारदीवारी व शेड की कमी है। मार्केट कमेटी सचिव दिलावर सिंह ने दावा किया है कि मंगलवार तक नई अनाज मंडी में सफाई करवाकर बिजली पानी की व्यवस्था कर दी जाएगी। एक अक्तूबर से यहां धान डाल दिया जाएगा।

व्यापारी सुविधाओं को तरसे, 20 सालों से मंडी में बिजली रिपेयरिंग नहीं
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि अनाज मंडी में रात के समय बिजली की वोल्टेज काफी कम रहती है जिसके कारण धान उतारना काफी मुश्किल हो जाता है। व्यापार मंडल प्रधान प्रेम मित्तल ने बताया कि इस बाबत कई बार बिजली बोर्ड में शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन अधिकारी खानापूर्ति करके ही चले जाते हैं। व्यापारियों ने बताया कि अनाज मंडी में बिजली की व्यवस्था 1996 में शुरु की गई थी। इसके बाद ना तो लाइट की रिपेयरिंग की गई और ना ही इन्हें बदला गया। इनकी संख्या भी जरूरत के मुताबिक काफी कम हैं।
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