विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

हैदराबाद एनकाउंटरः हरियाणा की संस्था का एलान, पुलिसवालों को एक-एक लाख रुपये देगी इनाम

सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन ने हैदराबाद दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को एक-एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

7 दिसंबर 2019

विज्ञापन
विज्ञापन

हिसार

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

#विसराः हिसार से 437 शवों के विसरा आए हैं मधुबन लैब, रोजाना होते दो से तीन पोस्टमार्टम

जिला नागरिक अस्पताल से जनवरी से लेकर अब तक 437 शवों के विसरा जांच के लिए करनाल के मधुबन में स्थित लैब में भेजे जा चुके हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन दो से तीन पोस्टमार्टम किए जाते हैं। हालांकि किसी दिन आंकड़ा 6 से 8 तक होता है तो किसी दिन एक भी पोस्टमार्टम नहीं होता है।

हालांकि सभी शवों का विसरा नहीं भेजा, केवल उन केसों में ही विसरा जांच के लिए भेजा जाता है, जिनकी मौत के विषय में कुछ शंका होती है या फिर हत्या जैसे संगीन मामलों में विसरा एक अहम सुबूत हो सकता हो। इसके अलावा उन शवों का विसरा भी भेजा जाता है, जिनकी मौत के कारण अनभिज्ञ होते हैं। कुछ केस ऐसे होते हैं, जिनमें विवादों के चलते परिजनों द्वारा या फिर पुलिस द्वारा विसरा जांच की मांग की जाती है, ताकि मौत के कारण स्पष्ट हो सकें।

कैसे लेते हैं विसरा
विसरा प्रिजर्व करने के दौरान शव से लीवर, स्प्लीन और किडनी का पार्ट रखा जाता है। इसके अलावा शरीर में मौजूद फ्लड आदि को प्रिजर्व किया जाता है। इसको जांच के लिए लैब में भेजा जाता है। सामान्यत: रिपोर्ट तैयार करने में तीन सप्ताह का ही समय लगता है, लेकिन प्रदेश में केवल करनाल के मधुबन में ही बड़ी लैब है और वहां पूरे प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी जांच के लिए सैंपल आते हैं।

इस कारण समय सैंपल की रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता है। जो विसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाता है, उसके दो रिकॉर्ड तैयार होते हैं। इनमें एक तो डॉक्टर के पास रहता है, जबकि दूसरा रिकॉर्ड पुलिस जांचकर्ता के पास होता है। इसी प्रकार जांच रिपोर्ट भी दो आती हैं। एक डॉक्टर के पास और दूसरी रिपोर्ट जांचकर्ता पुलिसकर्मी के पास आती है।

शराब ज्यादा पीने से मौत हो तो अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजते हैं
अगर किसी की मौत शराब के अधिक सेवन से होती है या अचानक हार्ट अटैक के कारण होती है तो उस शव का विसरा अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भेजा जाता है।

गंभीर मामलों में विसरा भेजते हैं मधुबन
ज्यादा गंभीर हादसे जैसे कि जहर खाने, दुर्घटना, मौत के कारण अनजान हों, जहर आदि मिलाकर पिलाने का शक हो, पुलिस या मृतक के परिजनों की डिमांड आदि मामलों में मृतकों के विसरा करनाल की मधुबन लैब में भेजे जाते हैं।
- डॉ. सुरेश कौशिक, नागरिक अस्पताल, हिसार

हमारे यहां से विसरा मधुबन व अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं। यह पोस्टमार्टम पर आधारित होता है कि उस विसरा को जांच के लिए कहां भेजना है।
- डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार
... और पढ़ें

शिक्षिकाएं बोलीं - दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को मिले तुरंत और सख्त सजा

हैदराबाद में वेटरनेरी चिकित्सक के साथ हुई जघन्य वारदात को लेकर हर देशवासी में रोष है। लोग पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे रहे हैं। हर देशवासी यही मांग कर रहा है कि इस वारदात के आरोपियों को तुरंत और सख्त सजा मिले, ताकि इस तरह की वारदात फिर न हो।
इसी को लेकर अमर उजाला ने अपने संवाद कार्यक्रम के तहत ब्लूमिंग डेल्स स्कूल की शिक्षिकाओं से बातचीत की। उनका कहना है कि जब तक ऐसे मामलों में सख्त व तुरंत सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक ऐसी वारदात होती रहेंगी। सख्त कानून बनाने के साथ हमें अपने समाज खासकर युवा वर्ग को शिक्षित करना होगा। हमें देश में ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करें।
तुरंत कार्रवाई से अपराधों में कमी आएगी
ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। अगर तुरंत कार्रवाई होगी तो आरोपियों में भय पैदा होगा, जिससे इस तरह के अपराधों में कमी आएगी। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक अच्छा वातावरण उपलब्ध कराना होगा।
शीनू सिंधु
आरोपियों में डर होना जरूरी
इस तरह की वारदात तभी होती हैं, जब आरोपियों को डर नहीं होता है। अगर आरोपियों में डर पैदा होगा तो वह इस तरह की वारदात करने से पहले कई बार सोचेंगे। डर पैदा करने के लिए सख्त कानून बनाना जरूरी है।
- भावना
सार्वजनिक रूप से दी जाए सजा
इस तरह की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को बीच चौराहे पर सार्वजनिक रूप से सजा दी जानी चाहिए, ताकि अन्य लोग इससे सबक ले और वह इस तरह की वारदात करने के बारे में सोच भी न सकें।
- निर्मल
लड़कों को दी जाए शिक्षा
हम अक्सर लड़कियों को सही या गलत के बारे में बताते हैं। मगर लड़कियों से ज्यादा लड़कों को इस शिक्षा की जरूरत है। हमें उन्हें बताना चाहिए कि अपने बहू-बेटियों के अलावा दूसरों की बहू-बेटियों का भी सम्मान करें।
- सरित पारिख
सिर्फ नारे देने से काम नहीं चलेगा
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है। मगर इसके बावजूद देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हमारे ऐसे नारे देने के बजाय उनकी सुरक्षा के बारे में सोचना होगा।
- शीतल श्योराण
बच्चों को दी जाएगी सेक्स एजुकेशन
बच्चों को स्कूलों से ही सेक्स एजुकेशन दी जानी चाहिए। उन्हें सही या गलत के बारे में बताना चाहिए। जब उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी होगी, तो वह गलत कदम नहीं उठाएंगे।
- महक कुकरेजा
आरोपियों के काटे जाए अंग
ऐसी वारदात करने वालों को फांसी देने के बजाय उनके अंग ही काट देने चाहिए। ऐसा करने पर वह पूरी उम्र तड़पेंगे और उन्हें अपनी गलती का अहसास होगा। यही उनके लिए सही सजा होगी।
- अनामिका वर्मा
नाबालिग आरोपी को भी मिले सख्त सजा
जब कोई नाबालिग आरोपी इस तरह की वारदात को अंजाम देता है तो इसका मतलब यह है कि वह नाबालिग नहीं बालिग है। ऐसे में सजा देते समय उस पर कोई रहम नहीं करना चाहिए। एक बालिग वाली सजा ही उसे दी जानी चाहिए।
- पूजा बंसल
निर्भया कांड से नहीं लिया सबक
इससे पहले देश में निर्भया कांड हुआ था। अगर उस समय सरकार द्वारा कही गईं बड़ी बातों को सही से लागू किया जाता तो आज यह वारदात नहीं होती। सरकार को इसी दिशा में गंभीरता से सोचना होगा।
- प्रीति
सख्त कानून बनना जरूरी
ऐसी वारदात रोकने के लिए सख्त कानून बनाना जरूरी है। जैसे विदेशों में कानून बने हैं, ऐसे ही कानून हमें अपने देश में लागू करने पड़ेंगे। देश की आधी आबादी महिलाओं की हैं। उनके बारे में सरकार को सोचना होगा।
- मोनिका अरोड़ा
महिलाओं को भी है जीने का अधिकार
पुरुषों की तरह महिलाओं को भी जीने का अधिकार है। इसके लिए जरूरी है कि महिलाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वह खुद को सेफ महसूस कर सके।
- अंकिता शर्मा
घर से हो शुरुआत
आज बेटियां बाहर ही नहीं, बल्कि घर पर ही सेफ नहीं हैं। ऐसे में पहले हमें अपने घर से ही शुरुआत करनी होगी और उन्हें सबसे पहले घर पर ही सुरक्षित माहौल देना होगा।
वंदना भूटानी
... और पढ़ें

खराब मौसम के कारण अभ्यास भी नहीं कर पाई थी कश्मीर की टीम, फिर भी जीता पहला मैच

एक माह से श्रीनगर में मौसम बेहद खराब था, इसलिए यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर की महिला क्रिकेट टीम अभ्यास नहीं कर पा रही थी। नॉर्थ जोन की इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए टीम भी तब तैयार की जा सकी, जब दो दिन मौसम ने मेहरबानी दिखाई। ऐसे में टीम की महिला खिलाड़ियों ने जैसे-तैसे घरों और कॉलेजों में ही प्रैक्टिस की। कोई अपनी बहन के साथ बल्लेबाजी की टाइमिंग पर ध्यान दे रही थी तो कोई भाई के साथ गेंदबाजी की लय को बरकरार रखने की कोशिश में थी, ताकि चैंपियनशिप में अन्य टीमों को पस्त कर सके। इस तरह घर से निकलने से लेकर, अभ्यास और चैंपियनशिप में पहुंचने तक हर मोर्चे पर कड़ा संघर्ष करने वाली कश्मीर यूनिवर्सिटी की टीम हिसार पहुंची।
सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ हुए मैच में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए स्वयं को साबित कर दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर ने 60 रनों से जीत हासिल की। टीम की कोच शफीन अख्तर ने बताया कि उनकी खिलाड़ियों के लिए हालात भी अनुकूल नहीं थे। चाहे मौसम की बात हो, टीम की खिलाड़ियों को एकत्रित करने की बात हो या वहां के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों की। हर जगह परेशानी झेलनी पड़ी।
जुनून से किया इन समस्याओं का समाधान
1. टीम के चयन की चिंता
कोच ने बताया कि सबसे पहले टीम बनाने को लेकर चिंता थी। खराब मौसम के चलते टीम कैसे बने। मगर कुदरत मेहरबान हुई कि दो दिन मौसम साफ रहा और खिलाड़ियों का ट्रायल हो गया। कॉलेज के बाद ट्रायल में भी जिन छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया, उनका चयन किया।
2. घर वालों को दिया भरोसा
जब टीम का चयन हो गया 3-4 छात्राओं के अभिभावकों को चिंता हुई कि विपरीत हालात में उनकी बेटी सैकड़ों किलोमीटर दूर जा रही है। उनके मन से डर निकाला गया और कहा गया कि साथ में महिला कोच व एक मैनेजर जा रहे हैं। तब जाकर वो माने।
3. अभ्यास नहीं कर पाई टीम
खराब मौसम के कारण टीम अभ्यास नहीं कर पाई। पूरी टीम अलग-अलग कॉलेजों की टीमों की खिलाड़ियों को लेकर बनाई गई थी। ऐसे में घरों और कॉलेज में ही जैसा संभव हो, अभ्यास करने को कहा गया।
4. न टीम का रजिस्ट्रेशन हुआ न ट्रेन का
चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए टीम को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना था, लेकिन नेट नहीं चलने के कारण टीम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाई। यही नहीं टीम के लिए ट्रेन के टिकट भी आरक्षित नहीं हो सके।
एचएयू ने किया शानदार प्रबंध
खिलाड़ियों ने बताया कि हम हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ फोन पर संपर्क में थे। हम बस से हिसार पहुंचे तो बस स्टैंड पर एचएयू की बस हमारा इंतजार कर रही थी। इसके बाद एचएयू में रात को ही हमारे खाने और रहने का बहुत अच्छा प्रबंध किया गया था। इसके बाद हमें दो दिन अभ्यास का मौका मिला। कड़े अभ्यास के बाद मैदान पर उतरे और पहले ही मैच में हमने जीत हासिल की।
... और पढ़ें

हैदराबाद एनकाउंटरः हरियाणा की संस्था का एलान, पुलिसवालों को एक-एक लाख रुपये देगी इनाम

सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन ने हैदराबाद दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को एक-एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। एक कार्यक्रम के दौरान राह ग्रुप के राष्ट्रीय चेयरमैन व केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड के निदेशक नरेश सेलपाड़ ने कहा है कि हैदराबाद पुलिस का यह कदम देश में बेटियों की इज्जत से खेलने की सोच रखने वालों के लिए एक सबक के रुप में मिसाल बन जाएगा। 

इससे पहले उन्होंने कहा कि आमतौर पर सिस्टम की कमी का लाभ उठाकर कई दुष्कर्मी समाज का मुंह चिढ़ाते रहे हैं। इसके चलते बेटियों व समाज में डर व भय का माहौल बन गया था। मगर इस एनकाउंटर से बदमाशों में खौफ पैदा होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सभी प्रकार की मदद भी प्रदान करेंगे। सेलपाड़ ने इस मामले में शिक्षा पद्धति में बदलाव लाकर समाज में सुधार लाने की भी वकालत की है।
... और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

--नोट-- मेरठ, दिल्ली, कानपुर के ध्यानार्थ

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में चल रही उत्तर क्षेत्रीय अंतर विश्वविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में शुक्रवार को दो मैच खेले गए। पहले मैच में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर ने मेजबान एचएयू को 20 रनों से हराया। वहीं दूसरे मैच में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) मेरठ को 9 विकेट से मात दी।
70 रन पर सिमटी मेरठ
मेरठ व दिल्ली के बीच खेले गए मैच में मेरठ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इस दौरान दिल्ली के गेंदबाजों ने बढ़िया गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और मेरठ की पूरी टीम को 19.4 ओवर में 70 रन पर ऑल आउट कर दिया। मेरठ की तरफ से बल्लेबाज रिया ने सर्वाधिक 38 रन बनाए। वहीं दिल्ली की गेंदबाज पूजा सिंह ने सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए। इसके अलावा शीतल, कीर्ति व रीतू ने एक-एक विकेट लिया। जवाब में उतरी दिल्ली की टीम ने सधी हुई शुरुआत की। टीम की सलामी जोड़ी ने 27 रनों की साझेदारी की। छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर गेंदबाज आक्षी ने अमीषा को आउट कर इसे साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद नीतिका व तान्या ने डटकर मेरठ के गेंदबाजों का सामना किया और टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचाया। नीतिका 29 रन और तान्या 14 रन बनाकर नॉट आउट रही।
मेजबान एचएयू के बल्लेबाजों ने किया निराश
एचएयू हिसार व सीएसजेएमयू कानपुर के बीच खेेले गए मैच में एचएयू ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। एचएयू का यह फैसला सही साबित भी हुआ। एचएयू के गेंदबाजों ने कानपुर के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि कानपुर की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 69 रन ही बना सकी। एचएयू की तरफ से रीतू व शिवांगी ने दो-दो विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके और पूरी टीम 49 रन बनाकर आउट हो गई। स्थिति यह रही कि टीम की सात खिलाड़ी बिना खाता खोले ही पैवेलियन लौट गई। कानपुर की तरफ से आराधना ने सबसे ज्यादा छह विकेट लिए। इसके अलावा आकांक्षा ने दो व छाया ने एक विकेट लिया।
... और पढ़ें

14 पार्षदों ने जमा करवाए 261 एजेंडे, हर पार्षद बोला, पिछली बैठक में रखे एजेंडों का भी जवाब दें अधिकारी

नगर निगम के 14 पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याओं से संबंधित 261 एजेंडे हाउस की बैठक में रखने के लिए मेयर कार्यालय में जमा करवाए हैं। नए एजेंडों के साथ हर पार्षद ने पिछली बैठक में रखे एजेंडों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। पार्षदों का आरोप है कि ज्यादा नए एजेंडे इसलिए भी नहीं बनाए गए हैं क्योंकि पिछली बार के एजेंडों पर भी काम नहीं हुआ है। अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं जबकि अधिकतर समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
गौरतलब है कि बार-बार पार्षदों द्वारा हाउस की बैठक बुलाने की मांग की जा रही थी। खुद सत्ता पक्ष के पार्षद भी बैठक बुलाने के लिए कई बार मेयर से कह चुके थे। जब दो दिसंबर को भी पांच पार्षदों ने बैठक कर फिर से आवाज उठाई तो मेयर गौतम सरदाना ने 6 दिसंबर तक एजेंडे जमा करवाने का सर्कुलर जारी करवाया था। हालांकि अभी हाउस की बैठक का दिन फाइनल नहीं हुआ है। मेयर द्वारा सोमवार को इसकी जानकारी दी जाएगी।
इन पार्षदों ने अभी तक जमा नहीं करवाए एजेंडे
वार्ड नंबर 5 की पार्षद ज्योति महाजन, वार्ड नंबर 7 के पार्षद मनोहर लाल वर्मा, वार्ड नंबर 8 के पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला, वार्ड नंबर 13 की पार्षद अमिता सिंह, वार्ड नंबर 14 के पार्षद अमित ग्रोवर, वार्ड नंबर 18 के पार्षद जयवीर गुज्जर और वार्ड नंबर 20 की पार्षद अंबिका शर्मा की ओर से एजेंडे जमा नहीं करवाए गए हैं। इनमें से कुछ पार्षद शहर से बाहर थे जबकि कुछ अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण एजेंडे नहीं दे सके। अब इनके द्वारा शनिवार को एजेंडे दिए जाएंगे।
सीवरेज, पानी, जल निकासी की समस्याएं जो, पहली बैठक में भी थीं
दिलचस्प बात यह है कि अधिकतर पार्षदों के एजेंडे में वही समस्याएं हैं, जो नगर निगम की पहली हाउस की बैठक में रखी गई थी। सीवरेज, पानी निकासी, पेयजल की समस्या के समाधान और सड़कों के निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी गई थी, लेकिन उनका आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पार्षद लगातार आरोप लगा रहे हैं कि समस्याओं के समाधान के प्रति अधिकारी गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं।
पार्षदों द्वारा जमा करवाए गए एजेंडों की संख्या
वार्ड नंबर 1 के पार्षद अनिल जैन - 9
वार्ड नंबर 2 की पार्षद कविता केडिया - 30
वार्ड नंबर 3 की पार्षद शालु दीवान - 14
वार्ड नंबर 4 के पार्षद अनिल सैनी - 15
वार्ड नंबर 6 के पार्षद उमेद खन्ना - 20
वार्ड नंबर 9 के पार्षद जयप्रकाश - 25
वार्ड नंबर 10 की पार्षद बिमला देवी - 20
वार्ड नंबर 11 की पार्षद सरोज रानी - 3
वार्ड नंबर 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल - 35
वार्ड नंबर 15 के पार्षद प्रीतम सैनी - 51
वार्ड नंबर 16 के पार्षद विनोद ढांडा - 8
वार्ड नंबर 17 के पार्षद महेंद्र जुनेजा - 25
मैंने 20 एजेंडे पिछली बार दिए थे, 20 ही इस बार दिए हैं। पिछले 20 एजेंडों पर भी कोई संतोषजनक काम नहीं हुआ। हाउस की बैठक में अधिकारियों से पूछेंगे कि पुराने एजेंडों का क्या स्टेटस रहा।
- उमेद खन्ना, पार्षद, वार्ड 6
हमने तो हमारे एजेंडे में सिर्फ दो नई मांगें जोड़ी हैं, बाकी यही पूछा है कि जो पिछली बैठक में एजेंडे रखे थे, उन पर क्या काम हुआ है।
-कृष्ण उर्फ पप्पू सैनी, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 11
हम सिर्फ अर्बन एस्टेट टू में बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले के निर्माण की मांग कर रहे हैं, उसका अभी तक समाधान नहीं हुआ है। यह एक एजेंडा पास हो जाए, वही बहुत है।
- उदयवीर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 13
नवदीप कॉलोनी की सीवरेज लाइन बदलने और राजगढ़ रोड की ग्रीन बेल्ट को नए सिरे से तैयार करने सहित आठ एजेंडे जमा करवा दिए हैं। उम्मीद है, इन एजेंडों पर काम होगा।
विनोद ढांडा, पार्षद, वार्ड 16
14 पार्षदों की ओर से मेरे कार्यालय में एजेंडे आ गए हैं। बाकियों से भी एक-दो दिन में ले लिए जाएंगे। सोमवार तक हाउस की बैठक का दिन निर्धारित कर लिया जाएगा।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
... और पढ़ें

हादसे में नसीबी व परविंद्र के परिवारों का बुझ गया चिराग

दिल्ली-हाईवे पर वीरवार अल सुबह हुए सड़क हादसे में चार युवकों की जान ही नहीं गई, बल्कि दो घरों के चिराग भी बुझ गए। मृतकों में नसीब व परविंद्र सांगवान अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। हादसे का शिकार हुए चारों युवकों की अभी शादी भी नहीं हुई थी और दोनों घायल भी अविवाहित हैं। अंकित दहिया के परिजन उसके लिए रिश्ता तलाश रहे थे। घायल आशीष का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में उपचार चल रहा है, जबकि घायल साहिल हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
जानकारी के अनुसार नसीब और आशीष बुधवार शाम को अपने दोस्त अंकित दहिया की दादरी स्थित नाई की दुुकान पर गए थे। वहां से ही उन्होंने हिसार अपने दोस्तों से मिलने का प्लान बनाया था। शाम करीब 6 बजे अंकित ने दुकान से जाते समय पास के दुुकानदार विजेंद्र को कहा कि वह अपने दोस्त की शादी में जा रहे हैं। इसके बाद साहूवास गांव से वह रेलगाड़ी में सवार होकर हिसार पीजी में रहने वाले दोस्तों के पास पहुंच गए। यहां आने के कुछ देर बाद रात करीब 10 बजे वह सभी दोस्त अंकित की कार में सवार होकर कैंट की ओर पार्टी के लिए निकल गए। वहां से रात करीब 3 बजे आते समय रास्ते में बहुतकनीकी संस्थान के पास एक पराली से भरी ट्रॉली पलटी हुई थी, जिससे हादसा हो गया। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। चिकित्सकों द्वारा सूचना मिलने पर एचटीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों मृतकों के शव को अपने कब्जे में लिया और वीरवार शाम को पुलिस ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
फौजी बनकर देशसेवा करना चाहता था नसीब
मृतक के पिता सुरेंद्र ने बताया कि नसीब उनका इकलौता बेटा था और उसकी एक बेटी है, जो शादीशुदा है। नसीब एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर से कोचिंग लेने के साथ कबड्डी भी खेलता था। उन्होंने बताया कि नसीब फौजी बनना चाहता था, लेकिन उन्होंने उसे पहले पढ़ने के लिए कहा था।
कबड्डी के स्टेट चैंपियन परविंद्र को भी लील गया हादसा
परविंद्र के दोस्तों ने बताया कि परविंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन है। परविंद्र ने आदमपुर की ओर से स्टेट कबड्डी का मैच खेला था, जिसमें वह स्टेट चैंपियन रहा था।
अंकित करता था नाई की दुकान, बाकी सभी ले रहे थे कोचिंग
चरखीदादरी निवासी विजेंद्र ने बताया कि उसकी दादरी में दुकान है और अंकित दहिया भी दादरी में नाई की दुकान चलाता था। अंकित दहिया अपने पांच भाई-बहनों में से सबसे छोटा था। उसके सभी भाई-बहन शादीशुदा हैं और अंकित ही केवल अविवाहित था। उसकी शादी के लिए उसके परिजन रिश्ता तलाश रहे थे। इधर अन्य दो दोस्त भोजराज गांव निवासी साहिल व साहूवास गांव निवासी आशीष किसी प्राइवेट कोचिंग सेंटर से कोचिंग ले रहे थे।
ट्रैक्टर चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
मैं सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का जायजा लिया। मृतक नसीब के चाचा साहूवास गांव निवासी धमेंद्र के बयान पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ धारा 279, 283, 304ए, 427 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अभी तक ट्रैक्टर चालक गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तालाश जारी है।
-एसआई कुलबीर सिंह, एचटीएम थाना पुलिस, हिसार।
... और पढ़ें

हिसार में सड़क पर पलटी पराली से भरी ट्रॉली में घुसी कार, चार दोस्तों की मौत, दो गंभीर

दिल्ली-हिसार हाईवे पर बहुतकनीकी संस्थान के गेट के सामने सड़क पर पलटी पराली से भरी ट्रॉली से मारुति कार जा टकराई। हादसा गुरुवार अल सुबह करीब 3 बजे हुआ, जिसमें कार में सवार 6 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। एंबुलेंस के जरिए घायलों को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य युवकों ने भी कुछ देर बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दो युवकों को गंभीर हालत के चलते अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।

हादसे में दादरी के गांव साहुवास निवासी नसीब व परविंद्र सांगवान, अटेलाकलां गांव का अंकित सांगवान और घसोला गांव के अंकित दहिया की मौत हो चुकी है। दादरी के गांव साहूवास निवासी आशीष और हिसार के भोजराज गांव निवासी साहिल गंभीर रूप से घायल हैं। ये सभी दोस्त 20 से 25 वर्ष आयु के थे और सभी अविवाहित थे। आशीष और साहिल को नागरिक अस्पताल से गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। 
... और पढ़ें

सड़क पर पलटी पराली से भरी ट्रॉली में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत, दो घायल

दिल्ली-हिसार हाईवे पर बहुतकनीकी संस्थान के गेट के सामने सड़क पर पलटी पराली से भरी ट्रॉली से मारुति कार जा टकराई। हादसा वीरवार अल सुबह करीब 3 बजे हुआ, जिसमें कार में सवार 6 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने अस्पताल से घटनास्थल पर पहुंची एंबुलेंस के जरिए घायलों को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य युवकों ने भी कुछ देर बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दो युवकों को गंभीर हालत के चलते अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
हादसे में दादरी के गांव साहुवास निवासी नसीब व परविंद्र सांगवान, अटेलाकलां गांव का अंकित सांगवान और घसोला गांव के अंकित दहिया की मौत हो चुकी है। दादरी के गांव साहूवास निवासी आशीष और हिसार के भोजराज गांव निवासी साहिल गंभीर रूप से घायल हैं। ये सभी दोस्त 20 से 25 वर्ष आयु के थे और सभी अविवाहित थे। आशीष और साहिल को नागरिक अस्पताल से गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है।
शादी की बात कहकर निकले थे हिसार
मामले के अनुसार नसीब, आशीष और अंकित दहिया अपने गांव से बुधवार शाम को हिसार के लिए चले। अंकित दहिया की नाई की दुकान थी। उसने अपने पड़ोसी दुकानदार को कहा कि वह शादी में जा रहा है। वे तीनों रेलगाड़ी से हिसार कोचिंग ले रहे अपने तीन दोस्तों के पास पहुंच गए। इसके बाद सभी छह दोस्त अंकित सांगवान की मारुति गाड़ी में सवार होकर देर शाम कैंट में पार्टी करने चले गए। खाना आदि खाकर वे करीब 3 बजे कैंट से वापस पीजी के लिए चले।
बहुतकनीकी संस्थान के पास हुआ हादसा
हिसार-दिल्ली नेशनल हाईवे नंबर-10 पर बहुतकनीकी संस्थान के गेट के बिल्कुल सामने पराली से भरी ट्रॉली पलटी हुई थी। वह आधी सड़क पर और आधी सड़क से नीचे की ओर थी। इस सड़क पर अंधेरा था जिससे कार से लौट रहे छह दोस्तों की गाड़ी सीधे ट्रॉली में जा घुसी। इससे गाड़ी के परखचे उड़ गए और गाड़ी में सवार सभी दोस्त बुरी तरह घायल हो गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद एंबुलेंस के जरिए घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
... और पढ़ें

सदर थाने से अब तक भेजे 44 विसरा में से केवल दो की आई रिपोर्ट

सदर थाने के अंतर्गत जनवरी माह से अब तक 44 मृतकों के विसरा जांच के लिए मधुबन लैब भेजे गए हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल दो की ही रिपोर्ट आई है। भेजे गए विसरा में सबसे अधिक जहर से संबंधित केसों के हैं, जबकि दूसरे नंबर पर डूबने के कारण हुई मौतों के विसरा मधुबन लैब में भेजे गए हैं।
हालांकि विसरा की जांच रिपोर्ट लगभग तीन सप्ताह में आनी होती है, लेकिन विसरा जांच के लिए प्रदेश में मधुबन में ही प्रमुख लैब है, जिस कारण वहां जांच के लिए पहुंचे विसरा की संख्या अधिक है। यही कारण है कि विसरा रिपोर्ट आने में एक साल से भी ज्यादा का समय लग जाता है। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार के अनुसार किसी केस में यदि विसरा रिपोर्ट की जल्दी जरूरत होती है तो उसके बारे में लिखकर भेजा जाता है।
बॉक्स
लटके रहते हैं केस
विसरा रिपोर्ट में देरी के कारण अनेक केस अधर में लटके रहते हैं। संबंधित थाने द्वारा बार-बार रिमाइंडर के बावजूद विसरा रिपोर्ट में देरी होती है और विसरा रिपोर्ट आने तक केस की तहकीकात भी आगे नहीं बढ़ पाती। जांच किसी दिशा में चल रही हो और विसरा रिपोर्ट में मौत के कारण कुछ और आ जाए तो पूरी जांच की दिशा पलट जाती है, जिससे पुलिस को उस केस में फिर से शुरू से कवायद करनी पड़ती है।
बॉक्स
जांचकर्ता थाने के रिकॉर्ड रूम में जमा करवाता है विसरा
नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सक मृतक का विसरा केवल जांचकर्ता को ही सौंपता है। उसके बाद वह जांचकर्ता उस विसरा को थाने के रिकॉर्ड रूम में दर्ज करवा कर लैब में भेज देता है। जब उस विसरा की जांच रिपोर्ट आती है तो उसे भी रिकॉर्ड रूम में दर्ज करवाया जाता है।
वर्जन
हमारे थाने से इस साल में कुल 44 विसरा जांच के लिए मधुबन लैब में भेजे गए हैं। अभी तक उनमें से केवल दो विसरा की रिपोर्ट ही आई है। विसरा रिपोर्ट आने में अकसर समय लगता है।
-कर्मबीर सिंह, विसरा रिकॉर्ड रूम इंचार्ज, सदर थाना पुलिस, हिसार।
... और पढ़ें

स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए नोएडा की फर्म ने 31 जगहों की सूची सौंपी, अधिकारी बोले जगह पर्याप्त नहीं

शहर में अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली रेहड़ियों के लिए स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। इसकी बड़ी वजह यह है कि नोएडा की फर्म द्वारा चिह्नित की गई 31 जगह रेहड़ियों की संख्या के मुुताबिक कम पड़ गई है। निगम अधिकारियों ने भी चिह्नित स्थानों पर फर्म द्वारा सुझाई गई रेहड़ियों के अनुसार जगह को कम ही माना है। अधिकारियों का कहना है कि फर्म ने जिन 31 जगहों को चिह्नित किया है, वहां पर 1961 रेहड़ियां लगाई जा सकती हैं। मगर शहर में अब तक 4 हजार से अधिक रेहड़ी चालकों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। ऐसे में इतनी संख्या में रेहड़ी चालकों के लिए स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने को खाली जगह नहीं मिल पाएगी।
एनओसी देने के लिए बिल्डिंग इंस्पेक्टर करेगा निरीक्षण
फर्म ने सर्वे के बाद शहर के अलग-अलग वार्डों में बनी इन 31 जगहों की सूची नगर निगम की सीपीओ ब्रांच को सौंपी है। सीपीओ ब्रांच की ओर से सूची बिल्डिंग इंस्पेक्टर के पास भिजवाई गई है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर को इन जगहों पर रेहड़ियां लगाने के लिए अनुमति देते हुए एनओसी देनी होगी। एनओसी देने से पहले बिल्डिंग इंस्पेक्टर जांचेगा कि इन स्थानों पर रेहड़ियां लगाना संभव भी है या नहीं। हालांकि निगम कार्यालय में सिर्फ एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर है, ऐसे में यह कार्य पूरा होने में भी और वक्त लगेगा।
इसलिए बनाई गई थी योजना
दरअसल, शहर में जगह-जगह रेहड़ियां लगने से अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। कई जगहों पर तो सड़कों पर ही रेहड़ियां लगाई जा रही हैं। इस कारण जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ शहरवासियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम से निजात दिलाने के लिए निगम प्रशासन ने स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने का प्रोजेक्ट बनाया था। इसके बाद स्टेट अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सुडा) पंचकूला मुख्यालय द्वारा प्रदेश के 80 शहरों में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए सर्वे करने का टेंडर नोएडा की फर्म को दिया गया था।
इन स्थानों को किया गया है चिन्हित
चयनित जगह रेहड़ियों की निर्धारित संख्या
- आईटीआई चौक - 9
- जिंदल चौक - 94
- आईटीआई बाउंड्री के पास - 15
- सिटी पुलिस थाना, वार्ड 1 - 112
- टाउन पार्क - 151
- टाउन पार्क पार्किंग - 11
- सिविल अस्पताल के पास - 141
- सेक्टर 14 गेट नंबर 2 - 44
- क्लॉथ मार्केट के सामने - 20
- पड़ाव चौक के पास - 12
- पड़ाव चौक - 4
- जहाजपुल पर उत्तम धर्मशाला के सामने - 10
- जलेबी चौक - 17
- सब्जी मंडी के बाहर रोड के साथ - 98
- सब्जी मंडी के पास रोड - 15
- ओपी जिंदल पार्क के पास-प्रथम- 24
- ओपी जिंदल पार्क के पास-द्वितीय - 8
- जिंदल पार्क के पिछली तरफ-प्रथम - 4
- जिंदल पार्क के पिछली तरफ-द्वितीय - 15
- डीसी पार्क, वार्ड 19 - 146
- साकेत कम्यूनिटी सेंटर, वार्ड 19 - 81
- बिजली घर के पास-अराउंड टेबल, वार्ड 17 - 128
- बिजली घर के पास, वार्ड 17 - 70
- श्मशान पार्क रोड के साथ - 12
- फायर ब्रिगेड के साथ की जगह - 9
- कम्यूनिटी सेंटर वार्ड 17 के पास-प्रथम - 36
- कम्यूनिटी सेंटर वार्ड 17 के पास-द्वितीय - 349
- डीसीएम मिल के पास, वार्ड 9 - 82
- सरकारी कॉलोनी, वार्ड 9 - 9
- शिव कॉलोनी फाटक के पास, वार्ड 10 - 100
- मधुबन पार्क - 134
------
: फर्म द्वारा चिह्नित की गई जगहों पर सभी रेहड़ियों को लगा पाना मुश्किल है। पार्षदों से भी जगहों के बारे में पूछा गया था, वह भी नहीं बता पाए। प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाने में दिक्कत आएगी।
- संदीप कुमार, सीपीओ, नगर निगम
-----
: फर्म ने 31 जगहों की सूची सौंपी है। इन स्थानों की एनओसी देने के लिए बिल्डिंग इंस्पेक्टर को फाइल सौंपी गई है। एनओसी के बाद ही अगली प्रक्रिया होगी।
-डॉ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम
... और पढ़ें

सीएम सुनेंगे गुरुग्राम में जनता की समस्याएं, रोहतक और सिरसा गृह मंत्री अनिल विज के जिम्मे

हरियाणा में जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समितियां नई सरकार में फिर से अस्तित्व में आ गई हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद समितियों का पुनर्गठन करते हुए मुख्य सचिव कार्यालय ने चेयरमैन की नियुक्ति की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जिला गुरुग्राम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। 

सभी चेयरमैन संबंधित कमेटियों की मासिक बैठक लेकर जनता की समस्याओं का निवारण सुनिश्चित करेंगे। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जिला फरीदाबाद और पानीपत का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। गृह मंत्री अनिल विज को जिला रोहतक और सिरसा की जिम्मेदारी मिली है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल को जिला करनाल और अंबाला, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा को जिला सोनीपत और कैथल का चेयरमैन लगाया गया है। 

बिजली मंत्री रणजीत सिंह जिला हिसार और फतेहाबाद, कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल जिला चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ का जिम्मा संभालेंगे। सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को जिला नूंह और पलवल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव जिला रेवाड़ी और झज्जर, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा जिला कुरुक्षेत्र, पुरातत्व एवं संग्राहालय राज्य मंत्री अनूप धानक जिला भिवानी और जींद, खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री संदीप सिंह जिला पंचकूला और यमुनानगर के चेयरमैन होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज के गृह जिला करनाल व अंबाला के लोगों की समस्याएं निपटाने का जिम्मा कंवरपाल को मिला है। 
... और पढ़ें

इस भाई को सलाम, जिसने खोखा लगाकर चाय बेची और बड़ी बहन को क्रिकेट के मैदान तक पहुंचाया

भाई ने अपने सपनों को अहमियत न देकर अपने बहन की ख्वाहिशों को अहमियत दी। भाई के इस त्याग की वजह से आज बहन अपने सपने को पूरा कर रही है। अपने परिवार का नाम भी रोशन कर रही है, यह कहानी है छाया चौहान की। छाया छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम की सदस्य है और टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छाया एचएयू में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय अंतर विश्वविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल रही है। मंगलवार को खेले गए मैच में भी छाया ने तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई।

पिता भी नहीं रहते साथ में
छाया के मुताबिक उसके पिता भी उनके साथ नहीं रहते। उसकी मां रीना व छोटा भाई धीरज ही घर चलाते हैं। मां हॉस्टल में खाना बनाती हैं तो भाई ने खोखे में छोटी सी दुकान कर रखी है। हालांकि वह भी मेहंदी लगाकर व सिलाई कर घर खर्च में उनकी मदद करती है। मां व भाई ने ही उसके क्रिकेट खेलने के सपने को पूरा किया है। उनका खुद का मकान भी नहीं है। कानपुर में स्टेडियम के साथ लगती खाली जगह पर ही उन्होंने एक झोपड़ी बना रखी है, जिसे प्रशासन द्वारा बार-बार तोड़ भी दिया जाता है।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election