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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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मजदूरों को डीसी मुहैया कराएंगे भोजन और दवाइयां, दुष्यंत बोले- श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजें

हाल ही में, निर्यातकों के लिए भी केंद्रीय जहाज रानी मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

30 मार्च 2020

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जींद

मंगलवार, 31 मार्च 2020

विदेश से आकर नहीं दी सूचना, जानकारी मिलते ही पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर की टीम न दिन देखती है न रात। सूचना मिलते ही विदेश से आए लोगों की पहचान करने के लिए हर समय उपलब्ध रहती है। जो लोग विदेश से आते हैं तथा सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं देते, ऐसे लोगों की पहचान करने का जिम्मा पीपी सेंटर की टीम पर है। इस टीम ने अब तक 196 लोगों को अपने स्तर पर ढूंढकर उनकी जांच की है।
जिले में कोरोना वायरस नहीं फैले इसके लिए स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा की अगुवाई वाली टीम सूचना मिलते ही लोगों के घरों तक दस्तक देती है। सूचना चाहे रात को मिले या दिन में, कोई फर्क नहीं पड़ता। स्वास्थ्य विभाग के पास जिला प्रशासन की तरफ से लिस्ट आती है कि कौन-कौन लोग विदेश से जींद पहुंचे हैं। इसके अलावा बहुत से लोगों का पूरा पता नहीं मिल पाता। इस प्रकार के लोगों को ट्रेस करने का जिम्मा पीपी सेंटर की टीम पर है।
टीम में राममेहर वर्मा के अलावा ओमप्रकाश, दिनेश, अमरजीत, गुरनाम, जगदीप, प्रदीप समेत कई महिला कार्यकर्ता भी शामिल हैं। अब तक टीम ने अपने स्तर पर 196 लोगों को ढूंढ निकाला है, जो विदेश से आए थे और उनकी सूचना किसी के पास नहीं थी। वीरवार रात को टीम को सूचना मिली कि गीता कॉलोनी तथा राम कॉलोनी में भी कुछ लोग विदेश से आए हैं। उन्होंने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। सूचना मिलते ही रात 12 बजे राममेहर वर्मा अपनी टीम और पुलिस कर्मियों के साथ लेकर राम कॉलोनी पहुंचे। वहां से वे गीता कॉलोनी गए। दोनों कॉलोनियों से 10 लोग ऐसे मिले जो विदेश से आए थे। यह लोग पांच दिन पहले आए थे मगर किसी को इस बारे में जानकारी नहीं थी। रात साढ़े 11 बजे सीआईडी की तरफ से सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों कॉलोनियों में पहुंची। टीम में शामिल सभी लोग इसे अपना कर्तव्य, समाजसेवा व देशसेवा समझकर निभा रहे हैं। एक फोन कॉल आते ही पूरी टीम रात को भी पहुंच जाती है।
वर्मा कहते हैं कि इस समय न तो घर देखा जा रहा और न ही अपनापन। इस समय केवल जिले को बचाने की मुहिम है। इसमें वह तथा उनकी टीम कोई कमी नहीं छोड़ रही। वर्मा ने कहा कि विदेश से जींद पहुंचे लोगों को इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी चाहिए। अपनी खुद की जांच करवानी चाहिए।
पूरा स्वास्थ्य विभाग एकजुट
सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरा स्वास्थ्य विभाग एकजुट है। एक कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभा रहे हैं। जिले में फिलहाल कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि जिस प्रकार उनकी टीम काम कर रही है उससे जिला सुरक्षित रहेगा।
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छात्र अब ऑनलाइन कर सकेंगे पढ़ाई, सरकार शुरू करेगी ई लर्निंग सुविधा

कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान 14 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए सरकार द्वारा ई लर्निंग की सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें छात्र घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। सोशल मीडिया और अन्य साधनों का सहारा लिया जाएगा। इसके आदेश शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग तथा तकनीकी शिक्षा विभाग को दिए गए हैं। विद्यार्थियों को घर बैठे ही स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।
इसमें वीडियो और ऑडियो लेक्चर जारी कर उसे व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक के अलावा अन्य सोशल मीडिया पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी अपनी फैकल्टी के माध्यम से वीडियो व ऑडियो लेक्चर तैयार करें। उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग की साइट पर इसे अपलोड करें। ई लर्निंग की व्यवस्था से विद्यार्थियों के घर बैठने पर भी किसी प्रकार की शैक्षणिक हानि नहीं होगी। उच्चतर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार यह वैकल्पिक समाधान छात्रों के हित के लिए अपनाया जा रहा है।
जिले में हैं 15 कॉलेज
जिले में 15 सरकारी और गैर सरकारी कॉलेज हैं। इनमें लगभग नौ लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नह हो इसके लिए सभी कॉलेज के शिक्षकों को आदेश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करवाएं। कोरोना वायरस के संक्रमण से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के आदेश दिए हैं।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ई लर्निंग की सुविधा शुरू की गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा गूगल के साथ टाई अप किया है। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इसके लिए सभी लेक्चरर को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने लेक्चर की वीडियो और ऑडियो बनाकर सोशल साइट्स पर डालें, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़ी कोई दिक्कत न आए।
शीला दहिया, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज जींद।
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मैं मां के पेट में नौ माह रह सकता हूं तो क्या आप भारत मां के लिए 21 लिए नहीं दे सकते

नर्सरी में पढ़ने वाले साढ़े तीन साल के बुडायन गांव निवासी पर्व कंदौला गली में आने-जाने वालों को घरों में रहने का संदेश दे रहा है। पर्व ‘अगर मैं मां के गर्भ में नौ नौ महीने रह सकता हूं तो क्या आप भारत मां के लिए 21 दिनों तक घर में नहीं रह सकते हैं’ के पोस्टर लेकर लोगों को घर में रहने के लिए जागरूक कर रहा है। गली में आने-जाने वाले लोग बच्चे के हाथों में यह पोस्टर देखकर एक बार सोचने के लिए जरूर मजबूर हो जाते हैं कि हम गलत कर रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए दूसरे लोगों को घरों में रहने के लिए जागरूक करेंगे।
पर्व के दादा दलबीर व दादी संतरो देवी ने कहा कि सुबह जब वह उठकर खेत में काम से जा रहा था तो पोता हाथों में पोस्टर लेकर मकान के आगे खड़ा था। लोगों को घरों में रहने का संदेश दे रहा था। हम सभी को चाहिए कि अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए घर में रहें। जब इतना मासूम बच्चा लोगों से घरों में रहने के लिए अपील कर रहा है तो लोगों को चाहिए कि वे कम से कम घरों से बाहर निकले। हर किसी को चाहिए कि वे घरों में रहने के लिए अपने जानकारों व पड़ोसियों को प्रेरित करें।
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Coronavirus in Haryana: फरीदाबाद में एक और केस, अब कुल 22 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक और कोरोनाग्रस्त मरीज मिल गया है। इसके बाद प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 22 हो गई है। जबकि जिन लोगों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है। उनकी संख्या अब 13 हजार से ज्यादा हो गई है। लगातार बढ़ते जा रहे मामलों को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह चिंतित और गंभीर है इनमें से अभी 6 मरीज ही ठीक हो पाए हैं।

प्रदेश में 22 पॉजिटिव केसों में से 10 मरीज गुरुग्राम, 4-4 मरीज फरीदाबाद और पानीपत व एक-एक मरीज पंचकूला, अंबाला, पलवल व सोनीपत के हैं। इन पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में 348 लोग अभी तक आ चुके हैं। जिन पर स्वास्थ्य महकमे की लगातार निगरानी बनी हुई। 243  संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। 

13621 लोगों को स्वास्थ्य महकमे ने मेडिकल सर्विलांस में रखा है। 666 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं जिनमें से अभी 459 सैंपल नेगेटिव आ चुके हैं। जबकि 187 सैंपल रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रदेश में 7 कोरोनाग्रस्त मरीज ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। 

हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के अनुसार प्रदेश में इस वायरस का प्रभाव ज्यादा न बढ़े। इसे लेकर हरियाणा सरकार बेहद गंभीर है। उनके अनुसार इसी के मद्देनजर लगातार लोगों पर चिकित्सा निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जबकि लोगों से भी आग्रह है कि वे भी स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें और स्वास्थ्य कर्मचारियों को पूरा सहयोग करें।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

लॉक़डाउन के बाद भी घरों से बाहर निकल रहे लोग

कोरोनो वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन के प्रति न तो लोग गंभीर हैं और न ही प्रशासन इसे सख्ती से लागू करवा पा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे। अधिकतर लोग जरूरत का सामान लेने के लिए बाहर निकल रहे हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो बिना किसी काम से घरों से निकल रहे हैं। यह दोनों ही लोगों की जान पर भारी पड़ सकते हैं। लॉकडाउन के छठे दिन सोमवार को काफी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले। हालांकि दोपहर बाद प्रशासन सख्ती की तो इसका असर भी देखने को मिला।
लॉकडाउन के बावजूद प्रशासन द्वारा काफी ढील दी जा रही है। इससे लोगों को जरूरत का सामान लेने में आसानी हो रही है, पर इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इससे कोरोना वायरस को फैलने में मदद मिल सकती है। सोमवार सुबह से ही सड़कों पर काफी संख्या में लोग निकले। सुबह दस बजे के बाद जो लोग सड़कों पर निकले, उन्हें पूछताछ के बाद ही जाने दिया गया। इसके चलते रानी तालाब चौक पर रोडवेज के महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह व डीएसपी धर्मवीर सिंह ने मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारियों से यहां से निकलने वाले वाहन सवारों को रोककर समझाया।
सरकारी ड्यूटी वालों को भी निर्देश
इसी दौरान एक व्यक्ति को जब रोका गया तो उसने स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवा होने की बात कही। इस पर अधिकारियों ने कहा कि 11 बजे वे सड़क पर कैसे हैं। यदि सरकारी ड्यूटी है तो उसके अनुसार ही काम करें।
रेलवे रोड पर टूटा सुरक्षा चक्र
वहीं रेलवे रोड स्थित एसबीआई के बाहर काफी संख्या में लोग एक दूसरे से सटे हुए खड़े थे। यहां बैंक में अपने काम से आए लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे। कुछ लोगों ने इस बारे में शाखा प्रबंधक को टोका भी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो वे लाइन पर लाइन में लगे लोगों को दूर-दूर किया।
सब्जी मंडी के बाहर टूट रहा नियम
सब्जी मंडी के बाहर आए दिन सोशल डिस्टेंसिंग का नियम टूट रहा है। सब्जी मंडी के मुख्य गेट के बाहर स्थित दुकानों में ग्राहक एक दूसरे से चिपक कर खड़े हो रहे हैं। इससे बीमारी बढ़ सकती है।
विद्यापीठ मार्ग पर जब्त किया लैपटॉप
वहीं विद्यापीठ मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा मजदूरों के पंजीकरण के नाम पर भीड़ एकत्रित की गई। इस पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लैपटॉप जब्त कर लिया। हालांकि पुलिस टीम ने कहा कि वे अपना लैपटॉप वापस ले लें, लेकिन ऐसे भीड़ नहीं लगाएं।
 मेडिकल स्टोर के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना खड़े लोग।
मेडिकल स्टोर के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना खड़े लोग।- फोटो : Jind
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न कर सब्जी मंडी के बाहर दुकानों पर लगी भीड़।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न कर सब्जी मंडी के बाहर दुकानों पर लगी भीड़।- फोटो : Jind
सड़क पर निकले लोगों को समझाते डीएसपी धर्मवीर सिंह।
सड़क पर निकले लोगों को समझाते डीएसपी धर्मवीर सिंह।- फोटो : Jind
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नागरिक अस्पताल में नहीं दिखाई दे रही सोशल डिस्टेंसिंग

लॉकडाउन के बाद नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। लॉकडाउन से पहले नागरिक अस्पताल में 1200 से 1500 मरीज आते थे जो अब 700 के आसपास हैं। लॉकडाउन होने के कारण मरीजों की यह संख्या बहुत अधिक है। नागरिक अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इतना होने के बाद भी इसका अनुपालन नहीं हो पाता है।
नागरिक अस्पताल में इस समय गायनी, मेडिसन तथा बच्चों की ओपीडी की जा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 400 लोग ऐसे आते हैं जो बुखार, खांसी या जुकाम से पीड़ित हैं। यह लोग समझते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया है। चिकित्सक दवा देते समय इन लोगों की काउंसलिंग भी करते हैं। अस्पताल में पंजीकरण खिड़की पर भी लोग बहुत नजदीक खड़े होते हैं। सिक्योरिटी गार्ड के समझाने पर भी यह नहीं मानते हैं। सोमवार को नागरिक अस्पताल में 700 लोग पहुंचे। इसके अलावा 120 लोग इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
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शेल्टर होम में रहने वाले मजदूरों को तीन दिन में दो दिन ही मिला खाना

शेल्टर होम में रोके गए मजदूरों को खाना खिलाने के प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के दावे को सब्जी मंडी के नजदीक एक धर्मकांटे पर रुके 25 उत्तर प्रदेश के मजदूरों ने नकार दिया है। इससे प्रशासन की प्रवासियों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि समाजसेवी संस्थाओं और प्रशासन ने हर मजदूर तक शेल्टर्स होम में समय पर खाना पहुंचाने के लिए गई टीमें बनाई हैं। इन टीमों के माध्यम से मजदूरों तक समय पर और उचित मात्रा में खाना नहीं पहुंच रहा है।
धर्मकांटे के पास रोके गए उत्तर प्रदेश के मजदूर राजू, संतोष तिवारी, भगवान प्रसाद और मंशाराम ने बताया कि प्रशासन उनके पास शनिवार को एक समय का खाना पहुंचाया था। इसके बाद रविवार को भी एक समय का तैयार खाना और कुछ सूखा सामान दिया। इस सूखे सामान में कुछ आटा तो कुछ चने की दाल थी। इसके अलावा कुछ मात्रा में आचार भी दिया। जो राशन प्रशासन उनके पास भेज रहा है वह व्यक्तियों की संख्या के अनुसार बहुत कम होता है। उन्होंने बताया कि एक कमरे में आठ व्यक्तियों को रोका गया, लेकिन उनको मुश्किल से दो किलो आटा व आधा किलो दाल दी गई। यह मात्रा बहुत कम है। रविवार को सूखा राशन के तौर पर दाल व आटा ही दिया गया। इसको तैयार करने के लिए अन्य सामान की भी जरूरत होती है। वह सामान प्रशासन उनको मुहैया नहीं करवा रहा। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से उनके पास काम नहीं होने के कारण उनकी जेब में एक रुपया भी नहीं बचा, जिससे वह सामान खरीद सके। मजदूरों ने बताया कि न तो गैस सिलिंडर उनके पास है और न सूखी लकड़ी। प्रशासन को इसकी भी व्यवस्था करना चाहिए। वे प्रशासन द्वारा दी जा रही व्यवस्था से परेशान हो गए हैं।
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तीन साल तक गोलल में जमा की गई राशि तो दो बच्चियो ने कोरोना राहत फंड में दान किया

धर्मकांटे के रूप में ठहरे मजदूर खाना मिलने के बारे में जानकारी देते हुए।
भारत ही नहीं बल्कि आज पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। देश में चारों तरफ कोरोना को लेकर भय का माहौल है। ऐसे में पिल्लूखेड़ा कस्बे के गांव अमरावली खेड़ा की दो बच्चियों ने लोगों से कोरोन से भयभीत होने के बजाय घर में रहकर इससे लड़ने की अपील की है। दोनों बच्चियों ने अपने जेब खर्च से बचाकर गोलक में रखी राशि को भी कोरोना राहत कोष में जमा करवाया है। दूसरे लोगों से भी अपने सामर्थ्य के अनुसार इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया है।
गांव अमरावली खेड़ा निवासी ऋषिपाल की बेटी अंकिता (12) और निकिता (10) ने कहा कि इस परिस्थिति में सभी को देश के प्रति अपना फर्ज निभाना चाहिए। अंकिता और निकिता का कहना है कि इस समय लोगों को अपने सामर्थ्य के अनुसार देश का सहयोग करना चाहिए। अंकिता और निकिता ने तीन से साल से जेब खर्च के बचाए गए 995 रुपये कोरोना राहत कोष में जमा करवाया है। यह राशि छोटी भले हो मगर उनके हौसले को देखकर लग रहा है कि जल्द ही कोराना को जल्द ही समाप्त करने में सफलता मिल जाएगी।
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फिलीपींस से जिस हवाई जहाज में आया व्यक्ति उसमें सवार था कोरोना पॉजिटिव, व्यक्ति को आइसोलेट किया

नागरिक अस्पताल के चिकित्सक ही जिले की जनता को खतरे में डाल रहे हैं। एक चिकित्सक का भाई, जो कुछ दिन पहले फिलीपींस से आया था, की सूचना अस्पताल प्रशासन को नहीं दी गई। शनिवार शाम को जैसे ही पता चला कि जिस फ्लाइट में चिकित्सक का भाई आया था उसमें एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिला है तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। रात में ही चिकित्सक के भाई को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लाया गया। सुबह उसका सैंपल लेकर जांच के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने तक उसे अस्पताल में रखा जाएगा, जबकि चिकित्सक को 14 दिन के लिए अस्पताल से रिलीव कर दिया गया है।
नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन सेवाएं देने वाले चिकित्सक का भाई कुछ दिन पहले फिलीपींस से आया था। चिकित्सक होने के बावजूद उसने अपने भाई की कोई जांच नहीं करवाई। चिकित्सक के अनुसार उसने अपने भाई को घर पर क्वारंटीन में रखा था, लेकिन चिकित्सक हर रोज अस्पताल में सेवाएं देने आ रहा था। शनिवार शाम को पता चला कि चिकित्सक का भाई जिस फ्लाइट में आया था, उसमें एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिला है। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। रात में ही उक्त व्यक्ति को नागरिक अस्पताल लाया गया।
सूत्रों के अनुसार चिकित्सक ने बहुत प्रयास किया कि उसके भाई को अस्पताल न लाया जाय, मगर डीसी के सख्त आदेश के चलते न तो नागरिक अस्पताल प्रशासन की चली और न ही चिकित्सक की। डीसी के आदेश पर रविवार सुबह उक्त व्यक्ति का सैंपल लेकर खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा दिया गया। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक वह आइसोलेशन वार्ड में रहेगा। चिकित्सक जोकि प्रतिदिन नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सेवाएं देते था, उनको रिलीव कर दिया है।
शाम को पता चला तो स्वास्थ्य विभाग की टीम चिकित्सक के भाई को अस्पताल लाई। रविवार को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया। 24 घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी, तब तक चिकित्सक के भाई को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। चिकित्सक को फिलहाल कुछ दिनों के लिए रिलीव कर दिया गया है।
डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन, जींद।
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कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों में मास्क बांट रहा पूर्व सैनिक

विश्व स्तर पर फैल रहे कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए जिससे जो बन पा रहा है वह कुछ न कुछ कर रहा है। ऐसा ही जनून एक पूर्व सैनिक में देखने को मिल रहा है। हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी पूर्व सैनिक ईश्वर सिंह फिलहाल पंचायती विभाग में ग्राम सचिव के पद पर काम कर रहे हैं। इस दौरान कोरोना वासरस से निपटने के लिए उन्होंने अलग अंदाज में काम शुरू किया है।
ईश्वर सिंह ने बताया कि उनका देश सेवा के लिए जनून सेना में जाने से पहले भी था और आज भी है। अवसर मिलते ही वह देश सेवा में जुट जाता है। ईश्वर सिंह ने बताया कि जब से देश को लॉकडाउन किया गया है वह अपनी कार में सवार होकर शहर में प्रतिदिन चौक चौराहों और किराना की दुकान पर खाद्य सामग्री लेने के लिए आने वाले लोगों को मास्क वितरित करता है। इसके अलावा वह ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को पानी की बोतलें भी बांट रहे हैं। ईश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद पांच हजार मास्क खरीदे थे। अब तब उन्होंने शहर की सड़कों व दुकानों के सामने मिलने वाले तथा चौक चौराहों पर ड्यूटी देने वाले लोगों को 3500 मास्क वितरित किए हैं। इसके अलावा उनके पास 1500 मास्क और बचे हुए हैं। वह जरूरतमंद को और बिना मास्क के घर से खरीदारी करने के लिए निकलने वाले लोगों को मास्क उपलब्ध करवा रहा है।
राहत कोष में भेंट किए 66 हजार रुपये
ईश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने गरीब परिवारों, देश की तीनों सेनाओं, हरियाणा पुलिस, कोरोना से लड़ने के लिए सीएम राहत कोष, बेसहारा लोगों और गोमाता की सेवा के लिए अलग-अलग सभी के खाते में 11-11 हजार रुपये अपने वेतन से डाले हैं। ईश्वर ने बताया कि इन सभी के लिए 66 हजार रुपये सरकारी कोष में जमा करवाए हैं, ताकि देश की सेवा के लिए काम करने वाले लोगों की सहायता हो सके।
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संकरी गलियों में राशन पहुंचाएंगे जोमैटो के बाइक राइडर्स

लॉकडाउन के दौरान लोगों को घर बैठे खाद्य पदार्थ प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने जोमैटो कंपनी को अपनी कार्य योजना में शामिल कर लिया है। इस कंपनी के 17 राइडरों को प्रशासन द्वारा अनुमति प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए हैं, ताकि व्यक्ति की कॉल पर तुरंत खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को आवश्यक खाद्य वस्तुएं घर पर उपलब्ध कराने के लिए जोमैटो के 17 राइडरों को होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया गया है, जिसमें 15 जींद शहरी क्षेत्र के लिए तथा दो नरवाना शहरी क्षेत्र के लिए हैं। उन्होंने बताया कि जोमैटो के माध्यम से लोगों को उनके घर द्वार पर ही खाद्य वस्तुओं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए लोगों को केवल उनके मोबाइल फोन नंबर पर खाद्य वस्तुएं घर पर मंगवाने के लिए कॉल करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता को और विस्तार दिया है। घर पर आवश्यक खाद्य सामग्री या राशन उपलब्ध करवाने में किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो जोमैटो कंपनी के मोबाइल नंबर 9581572530 व साइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट जोमैटो डॉट कॉम पर संपर्क कर सकते हैं।
जींद में बाइक राइडरों के नाम और मोबाइल नंबर
नाम मोबाइल नंबर
1. प्रदीप 93155 56465
2. सुरेश कुमार 7015791132
3. मनीष कुमार 9991133160
4. अनिल बंसल 9416663839
5. मोहम्मद रफी 8685017425
6. सूरज यादव 8059095 338
7. लखविंदर सिंह 9034672470
8. संदीप कुमार 7015860159
9. सोनू कुमार जैन 9138120600
10. अंकुश सांगवान 94675061 63
11. रमेश कुमार 9588510899
12. मुकेश जैन 9653542426
13. कुलदीप कुमार 83969 48780
14. सुनील कुमार 8708582212
15. बबलू 8708735098
नरवाना के बाइक राइडरों के नाम
राहुल कुमार 88 983 38000
दीपक कुमार 99 920 52476
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कोरोना का संक्रमण समाप्त होने पर शेष परीक्षाओं के लिए बनाया जाएगा नया शेड्यूल

कोरोना वायरस के कारण विद्यार्थियों की परीक्षाएं बीच में ही बाधित हो गई हैं। संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को 14 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है। ऐसे में विद्यार्थियों को डरने की जरूरत नहीं है। एक तरफ विद्यार्थी घर पर रहकर कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं तो वहीं दूसरी ओर बची हुई परीक्षाओं के लिए अच्छी तरह तैयारी कर सकते हैं। विद्यार्थियों की दसवीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा 31 मार्च तक समाप्त होनी थी। 22 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है। वहीं पहली से नौवीं कक्षा की परीक्षा भी बीच में ही अटकी हुई हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने बची हुई परीक्षाओं के लिए शेड्यूल बनाकर परीक्षाएं लेने की योजना बनाई है। आदेशों में कहा गया है कि जब तक कोरोना वायरस का संक्रमण समाप्त नहीं हो जाता और और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, स्कूल नहीं खुल जाते तब तक विद्यार्थी घर बैठकर ही समय का सदुपयोग करते हुए परीक्षा की तैयारी करते रहें।
जिले में हैं 1100 से अधिक स्कूल
जींद जिले में 749 सरकारी और 382 प्राइवेट स्कूल हैं। सरकारी स्कूलों में 120 सीनियर सेकेंडरी, 89 हाई स्कूल, 105 मीडिल स्कूल व 432 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। आगामी आदेश के बाद विद्यार्थियों की बची हुई परीक्षा ली जाएगी। जिले के विभिन्न स्कूलों में 11 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में विद्यार्थी घर बैठक कर आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
विद्यार्थी घर पर बैठकर करें परीक्षा की तैयारी
शिक्षा विभाग की ओर से आदेश आए हैं कि कोरोना के कारण 14 अप्रैल तक सभी स्कूल बंद हैं। वहीं शिक्षा विभाग के आगामी आदेशों तक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। बची हुई परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग से जब शेड्यूल आएगा तो विद्यार्थियों की परीक्षाएं ली जाएंगी। ऐसे में विद्यार्थियों को चाहिए कि वे समय का सदुपयोग करते हुए परीक्षाओं की तैयारी करें।
मदन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।
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जरूरतमंद लोगों को खाना पहुंचा रही अपना रोथी रथ संस्था

लॉकडाउन के चलते जरूरतमंद लोगों तक मुफ्त भोजन पहुंचाने का काम कर रह हैं अपना रोटी रथ। संस्था के अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि संस्था हर रोज एक हजार लोगों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए संस्था ने 20 स्वयंसेवक लगा रखे हैं, जो अपना रोटी रथ की गाड़ी, मोटरसाइकिल या साइकिल से जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। संस्था ज्यादातर मजदूरों को भोजन खिलाने पर जोर दे रही है। संस्था सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक खाना बांटती है। संस्था ने जरूरतमंद लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है मुकेश ने कहा कि कोशिश रहती है जहां से भी संदेश आता है वहीं खाना पहुंचाया जाए। इस अवसर पर शिवचरण शर्मा, सुरेंद्र चौहान ,गोपाल शर्मा, राकेश पांचाल, तीर्थ शर्मा, रफीक और राममेहर भी मौजूद रहे। ... और पढ़ें
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