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गया के महाबोधि मंदिर में बम ब्लास्ट मामले का वांछित गिरफ्तार, शराब ठेके पर कर रहा था काम

पिछले चार माह से गांव दादू में एक शराब ठेके पर बतौर कारिंदा काम कर रहा है।

22 फरवरी 2020

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जींद

शनिवार, 22 फरवरी 2020

युवक की हत्या कर शव नहर में फेंकने के दोषी को उम्रकैद

युवक की हत्या कर शव को नहर में फेंकने के दोषी नरवाना के गांव सुंदरपुरा निवासी मुन्नी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने उम्रकैद और एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 22 अगस्त 2016 को सदर थाना नरवाना में गांव सुंदरपुरा निवासी सुरेंद्र ने दी शिकायत में बताया कि उसका चचेरा भाई मनदीप 21 अगस्त 2016 को अचानक घर से लापता हो गया। पुलिस ने उस समय अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। दो दिन के बाद मनदीप का शव मखंड हेड पर बरवाला ब्रांच में उतराता मिला था। परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव का ही मुन्नी उसके साथ रंजिश रखता था। इसी रंजिश के चलते मुन्नी ने उसकी हत्या करके शव को नहर में फेंका है। पुलिस ने मुन्नी के खिलाफ हत्या, शव को खुर्द-बुर्द करने व अपहरण का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने मुन्नी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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पंजाब के तीन तस्करों को दो-दो साल की कैद

नशीले पदार्थों की तस्करी करने के तीन दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सिरोही की अदालत ने दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार तीन अप्रैल 2016 को गढ़ी थाना पुलिस गांव उझाना के नजदीक एक होटल के सामने नाका लगाया हुआ था। इस दौरान खनौरी पंजाब की तरफ से एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकवा कर कट्टे में लिए गए सामान की जांच की तो उसमें से पांच किलो 300 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपितों की पहचान गांव दवाल जिला संगरूर, पंजाब निवासी मक्खन सिंह व गुरमीत के रूप में हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह चूरा पोस्त गांव फरैण खुर्द निवासी अमित को देना था। पुलिस ने उस समय तीनों के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने तीनों को दो-दो वर्ष साल की सजा और दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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रेलवे अंडरपास में भरे पानी की समस्या को लेकर किसानों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन

लुदाना-मोरखी रेलवे अंडरपास में भरे पानी की समस्या को लेकर किसानों द्वारा दिया जा रहा धरना बुधवार को भी जारी रहा। किसानों ने बुधवार को अर्धनग्न होकर रेलवे व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि वे वीरवार से भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन करेंगे। जब तक सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं कर देती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
गौरतलब है कि एक सप्ताह से लुदाना-मोरखी रेलवे अंडरपास में जलभराव की समस्या को लेकर किसानों का धरना चल रहा है। धरने पर बैठे जगबीर लुदाना, सुनील व कृष्ण ने कहा कि वीरवार आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा, इसमें धरने में शामिल लोग भूख हड़ताल में भाग लेंगे। बुधवार को धरने को युवाओं ने समर्थन दिया। इसमें गांव की बाबा शील भारती युवा क्लब की टीम भी शामिल हुई, जिसमें युवा क्लब के सदस्य राहुल, विरेंद्र, अमित, दीपक, हिमांशु, मोहित, मनोज, सचिन व सुमित ने कहा कि वे भी धरने को समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि धरने में लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है। किसानों ने कहा कि 25 फरवरी के बाद रेल रोको आंदोलन शुरू होगा।
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फाटक बनवाने के आश्वासन पर दो माह के लिए किसानों ने स्थगित किया धरना

लुदाना-मोरखी रेलवे अंडरपास पर फाटक बनवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना दो महीने के लिए स्थगित कर दिया। शुक्रवार को रेलवे विभाग के सहायक मंडल अभियंता प्रतीक कुमार, एसडीएम मनदीप कुमार, हलका विधायक सुभाष देशवाल गांगोली, भाजपा के वरिष्ठ नेता नेता राजू मोर व नायब तहसीलदार इंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे रेलवे विभाग को इस बारे में अपनी ओर से लिखित में फाटक बनवाने का मांगपत्र भेजेंगे। इस दौरान किसानों ने विभाग के अधिकारियों को दो महीने का समय दिया है। धरनास्थल पर बैठे जगबीर लुदाना, अशोक, बुनी सिंह, सुनील, कृष्ण, प्रेम मोरखी व थांबू मोरखी ने कहा कि रेलवे विभाग व एसडीएम मनदीप कुमार, हलका विधायक सुभाष देशवाल गांगोली और भाजपा नेता राजू मोर की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों ने दो माह के अंदर-अंदर अंडरपास की जगह फाटक लगाने का आश्वासन दिया है। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि वे हलका विधायक सुभाष देशवाल गांगोली और वरिष्ठ भाजपा नेता राजू मोर के आश्वासन पर धरने को दो माह के लिए स्थगित कर रहे हैं। सुभाष देशवाल गांगोली ने कहा कि यदि 25 अप्रैल तक फाटक नहीं लगा तो वे दोबारा से रेलवे ट्रैक पर अपना धरना शुरू कर देंगे।
गौरतलब है कि नौ फरवरी से लुदाना-मोखी रेलवे अंडरपास पर फाटक बनवाने की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी था। दो दिन से किसानों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी, लेकिन शुक्रवार को अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना 25 अप्रैल तक स्थगित कर दिया।
अंडरपास में भरे पानी की समस्या को लेकर धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए पहुंचे अधिकारी
अंडरपास में भरे पानी की समस्या को लेकर धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए पहुंचे अधिकारी- फोटो : Jind
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धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से बातचीत करने पहुंचे अधिकारी। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से बातचीत करने पहुंचे अधिकारी।

हथियार लेने गए जींद के दो बदमाश मध्य प्रदेश में गिरफ्तार, सीआईए ले आई प्रोडक्शन वारंट पर

जींद के दो बदमाशों को सीआईए टीम ने मध्य प्रदेश के जिला बड़वानी से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। दोनों के खिलाफ जींद में छह-छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों को अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया है। दोनों पंजाब के अपने अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश से हथियार लेने के लिए गए थे मगर वहां की पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों से वारदातों के बारे में पूछताछ करेगी।
सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र खर्ब ने बताया कि सीआईए को सूचना मिली कि जींद के दो कुख्यात अपराधी शिवपुरी कॉलोनी निवासी प्रदीप उर्फ रावण तथा एकता कॉलोनी निवासी पुनीत उर्फ पोपन मध्यप्रदेश के जिला बड़वानी के थाना सेंधवा में बंद हैं। दोनों पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सीआईए के एएसआई प्रवीन कुमार, हेड कांस्टेबल तेजवीर सिंह व कांस्टेबल अनूप व रविंद्र की टीम सेंधवा पहुंची और दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया। खर्ब ने बताया कि दोनों को शुक्रवार को जींद की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
एमपी हथियार लेने गए थे आरोपी, चढ़े पुलिस के हत्थे
वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि दोनों अपराधी रावण और पोपन पर 6-6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी पंजाब के रहने वाले अन्य साथियों के साथ मध्यप्रदेश के जिला बड़वानी में हथियार लेने गए थे। वहां पर वह थाना सेंधवा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए थे।
दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड
खर्ब ने बताया कि आठ अगस्त 2019 को रावण व पोपन ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पटियाला चौक स्थित पंवार इलेक्ट्रिक स्टोर मालिक से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती नहीं देने पर दोनों ने गोली चलाई थी। इसमें दोनों के खिलाफ मामला दर्ज है। इसके बाद यह दोनों अदालत द्वारा भगोड़े घोषित किए जा चुके हें। नौ अगस्त 2019 को जींद निवासी मास्टर सुरेंद्र सिंह को जान से मारने की नीयत से उस पर गोली चलाई थी। यह मामला सिविल लाइन थाना में दर्ज है। इसमें भी दोनों भगोड़ा थे। 12 सितंबर 2019 को उचाना के एचडीएफसी बैंक के गनमैन से उसका रिवाल्वर छीन ले गए, जिसका मामला उचाना थाना में दर्ज हैं। इसमें भी यह दोनों भगोड़े हैं। 20 जनवरी 2020 को शिव कॉलोनी निवासी बलकार की हत्या के मामले में भी यह दोनों वांछित हैं। 12 अगस्त 2018 को पोपन के खिलाफ सिविल थाना में जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का मामला दर्ज है। 25 अगस्त 2018 को सदर थाना जींद में रावण के खिलाफ गिरोहबंदी का मामला दर्ज है। पोपन के खिलाफ शहर थाना में आर्म्स एक्ट तो रावण के खिलाफ 11 अक्तूबर 2016 को झज्जर में लड़ाई-झगड़े का मामला दर्ज है।
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नोटबंदी के समय पैसे बदलने के नाम पर 19.26 लाख रुपये हड़पने के दो आरोपी गिरफ्तार

वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान 19 लाख 26 हजार रुपये हड़पने के मामले में सदर पुलिस ने घसो कलां गांव के कश्मीर और ढाबी टेकसिंह निवासी कृष्ण उर्फ काला को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
गुरुग्राम के बादशाहपुर निवासी शान मोहम्मद ने 28 नवंबर 2018 को सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि नोटबंदी के समय रुपये बदलवाने के लिए उसने कश्मीर को पैसे दिए थे। यह पैसे उसने अपने दो दोस्तों मोनू डाबर से 14 लाख 76 हजार रुपये और उसके एक अन्य दोस्त से चार लाख 50 हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि कश्मीर ने रुपये वापस नहीं दिए। उन्होंने आईजी हिसार मंडल को शिकायत दी थी। इसमें यह केस थाना नारनौंद से बदलकर जिला जींद में देने को कहा था। उसके बाद जींद सदर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में कश्मीर को नामजद करते हुए अन्य दो युवकों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच अधिकारी एसआई राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में घसो कलां गांव के कश्मीर को गिरफ्तार पूछताछ के लिए किया था। इसमें मुख्य आरोपी अमरीश का नाम सामने आया है। अमरीश ने ही शान मोहम्मद को पैसे बदलवाने के लिए कश्मीर से मिलवाया था। कश्मीर को अमरीश ने 80 हजार रुपये कमीशन का लालच देकर पैसे बदलने वाला बनने की बात कही थी। इस पर अमरीश ने ही उनसे पैसे लिए और बाद में देने से मना कर दिया। अमरीश फिलहाल पुलिस की पहुंच में नहीं आया है। इसके अलावा पुलिस ने पूछताछ के लिए कश्मीर के साथी ढाबी टेक सिंह निवासी कृष्ण उर्फ काला को भी जांच में शामिल किया था।
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धोखाधड़ी कर अध्यापिका के खाते से निकाले 10500 रुपये

एक अध्यापिका के बैंक खाते के साथ छेड़छाड़ कर साढ़े दस हजार रुपये निकालने के आरोप में शहर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शहर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। चरखी दादरी के काकड़ोली हाल आबाद अर्बन इस्टेट निवासी अध्यापिका अंजू ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 16 फरवरी को सफीदों रोड पर किसी काम से गई हुई थी। इस दौरान उसको कुछ रुपयों की आवश्यकता थी। वह कुंदन सिनेमा के नजदीक एसबीआई बैंक के एटीएम में गई। वहां पर पहले से ही दो युवक मौजूद थे। जब उसने अपना एटीएम कार्ड मशीन में डाला तो मशीन ने राशि नहीं निकाली। उसके बाद दोबारा फिर मशीन में एटीएम कार्ड डाल कर पैसे निकालने का प्रयास किया तो भी पैसे नहीं निकले। तीसरी बार में उसके खाते से पांच हजार रुपये की राशि निकल गई। इसके बाद फिर दोबार प्रयास किया तो भी राशि नहीं निकली। वहां पर खड़े लड़के ने कहा कि अब दोबारा राशि कल ही निकाल सकते हैं। अगले दिन सुबह उसके मोबाइल पर संदेश आया कि उसके खाते से 10500 रुपये निकाले गए हैं। इस दौरान उसका एटीएम कार्ड भी उसके पास था। उसने आरोप लगाया कि एटीएम में खड़े दोनों युवकों में से ही किसी ने उनके खाते से राशि निकाली है। जांच अधिकारी एचसी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

जींद में तीन और उचाना में पांच एमएम हुई बारिश से ही बढ़ी परेशानी

withdrew Rs 10500 from teachers account
वीरवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुक कर जारी रही। इससे जहां मौमस में ठंड बढ़ी है, वहीं अब दोबारा से धुंध होने का भी अंदेशा है। शुक्रवार को राजस्व विभाग की ओर से जींद में तीन, उचाना में पांच व पिल्लूखेड़ा में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। इस समय हुई बारिश से फसलों को काफी लाभ होगा।
वीरवार शाम को ही गर्जन के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। रात करीब साढ़े दस बजे जींद और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। शुक्रवार सुबह भी बूंदाबांदी जारी रही। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश दोपहर तक होती रही। उचाना में बारिश होने से जहां गेहूं की फसल को फायदा हुआ तो बाजरों में पानी निकासी नहीं होने से दुकानदार व राहगीर परेशान रहे। बारिश के चलते मंडी में भी कपास व धान की बोली नहीं हो पाई। इस समय बारिश से गेहूं की फसल को बहुत फायदा हुआ है। कुछ दिनों से तापमान बढ़ने से फसल को सिंचाई की जरूरत थी। फसल की पैदावार भी इस समय हुई बारिश से बढ़ेगी। खंड कृषि अधिकारी कुलदीप ने कहा कि बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा।
पुरानी अनाज मंडी में हर बारिश की तरह इस बार भी मार्केट कमेटी के आसपास पानी भरा रहा। रेलवे रोड पर महिला कॉलेज से पहले, डाकघर रोड सहित बाजारों में जलभराव के चलते राहगीर व दुकानदार परेशान रहे। मंडी में तो पानी का भराव ज्यादा होने के चलते वाहन चालक दूसरे रास्तों से होकर निकलते नजर आए। लोगों को कहना है कि पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था शहर में नहीं है। हर बार बारिश के समय ऐसा ही हाल होता है। जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सतीश नैन ने कहा कि बारिश के साथ बिजली गुल होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है।
ब्लॉक बारिश (एमएम)
जींद तीन
नरवाना बूंदाबांदी
जुलाना बूंदाबांदी
पिल्लूखेड़ा चार
उचाना पांच
सफीदों एक
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थप्पड़ मारने के आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी पर अड़े वकील

बुधवार सुबह वकील को पुलिसकर्मी द्वारा थपड़ मारने के आरोप के मामले में वीरवार को भी विवाद शांत नहीं हुआ। इस मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस को शिकायत दी हुई है। इसमें न तो अभी तक पुलिस कर्मचारी और न ही वकील की शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई है। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक जांच ही कर रही है। वहीं वकील पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर और उसकी गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं। वकीलों का कहना कि इससे कम उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं है। वकीलों की हड़ताल के चलते जिला न्यायालय में 610 केसों की सुनवाई नहीं हो पाई। इनमें 242 दीवानी और 386 फौजदारी के मुकदमों की सुनवाई नहीं हुई।
वीरवार को वकीलों ने सुबह बार एसोसिएशन हॉल में बैठक की। इसमें सभी ने निर्णय लिया कि जब तक पुलिस कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होता वह अपने कामकाज ठप रखेंगे। अब शुक्रवार से रविवार तक अदालत की छुट्टी होने के कारण सोमवार को अदालत खुलेंगी। अदालत खुलने पर सोमवार को फिर वकीलों की बैठक होगी जिसमें निर्णय लिया जाएगा की वकील हड़ताल पर रहेंगे या काम पर लौटेंगे। अभी तक इस मामले में पुलिसकर्मी सामने नहीं आ रहे हैं। बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश गोयत ने बताया कि उन्होंने मामला दर्ज करवाने के लिए सेशन जज को भी ज्ञापन दिया है। इसमें उनकी तरफ से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।
दो दिन बाद भी पुलिस की चलती रही जांच
पुलिस कर्मचारी और वकील के मध्य हुए विवाद में दोनों पक्षों ने बुधवार को ही पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बावजूद भी किसी की शिकायत पर मामला दर्ज नहीं हुआ। इसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा होता है। मामला गंभीर होने के बावजूद दो दिन तक जांच पूरी नहीं की जा सकी है। दूसरी तरफ वकील भी अपनी जिद्द पर अड़े हैं। यह मामला लगातार गर्माता जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद होगा मामला दर्ज : डीएसपी
पुलिस कर्मचारी तथा वकील के बीच हुए विवाद की शिकायत उनको बुधवार को मिल गई है। इसमें दोनों पक्षों की तरफ से आई शिकायत पर जांच चल रही है। जांच पूर्ण होने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कप्तान सिंह डीएसपी जींद
 पुलिस कर्मचारी पर मामला दर्ज करवाने को लेकर हुई बैठक में शामिल वकील।
पुलिस कर्मचारी पर मामला दर्ज करवाने को लेकर हुई बैठक में शामिल वकील।- फोटो : Jind
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जींद के वकीलों की हड़ताल को खत्म करवाने में जब पूर्व पीएम राजीव गांधी को करना पड़ा हस्तक्षेप

पुलिस कर्मचारी द्वारा वकील को थप्पड़ मारने के आरोप के मामले में वीरवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रही। यह विवाद लंबा खिंचता दिखाई दे रहा है। जिला बार में 36 साल पहले भी इसी प्रकार का विवाद हुआ था। 36 साल पहले 1984 में दो महीने तक जींद में वकीलों ने हड़ताल की थी। इसके चलते पूरे प्रदेश में हड़ताल हुई और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन तक ने हड़ताल की। बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हस्तक्षेप के बाद जींद के तत्कालीन एसपी का तबादला करने पर विवाद शांत हुआ था।
36 साल पहले की हड़ताल बार के वरिष्ठ वकील दया सिंह के साथ एक महिला के विवाद के चलते हुई थी। दया सिंह को आज भी यह पूरा प्रकरण याद है। उन्होंने बताया कि रोहतक रोड स्थित सुभाष नगर में गली का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से पानी रुका हुआ था। उन्होंने सेवादार को रास्ता बनाकर पानी निकालने के लिए कहा तो वह पानी निकालने लगा। इस दौरान पड़ोस की एक महिला ने उसके साथ मारपीट की। इससे विवाद गहरा गया। यह मामला 15 दिसंबर 1984 का है। उसी दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री भजनलाल जींद आए हुए थे। महिला उनके समक्ष पेश हुई तो पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए गए। दया सिंह के अनुसार उन पर केस हुआ और 16 दिसंबर को अदालत से अग्रिम जमानत मांगी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते अग्रिम जमान रद्द करवा दी गई। 17 दिसंबर को उन्हें अदालत में पेश किया गया। महिला ने कानों की बालियां व गले की चेन तोड़ने का आरोप लगाया। ऐसे में पुलिस ने यह सामान बरामद करने के नाम पर एक दिन का रिमांड भी लिया, लेकिन घर से कुछ भी नहीं मिला। 18 दिसंबर को जमानत मिल गई।
पुलिस अधिकारी के बयान से भड़का विवाद
वकील दया सिंह बताते हैं कि विवाद होने पर कुछ वरिष्ठ वकील एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मिले और कहा कि दया सिंह चोरी नहीं कर सकते। इस पर अधिकारी ने कहा कि तभी तो चोरी का केस बनाया है, नहीं तो डकैती का बनाते। इससे पुलिस की भावना साफ हो गई थी। इस बयान के बाद वकील भड़क गए थे।
अदालत कक्ष में हुआ विवाद
18 दिसंबर की घटना बताते हुए वकील दया सिंह ने कहा कि पहली बार उस दिन कोर्ट रूम के अंदर लाठियां चलीं। जिस समय उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा था, काफी वकील एकत्रित हो गए थे। तलाशी में कुछ नहीं मिला था और साफ था कि पुलिस दुर्भावना से काम कर रही है। काफी संख्या में पुलिस भी तैनात की गई थी। यहां सादे कपड़ों में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने वकीलों को घूंसे मारे। इसके बाद विवाद हो गया। पुलिस ने कोर्ट रूम में भी वकीलों को लाठियों से पीटा। इस दौरान बलबीर ढुल, दया सिंह, जगफूल, जीडी गोस्वामी सहित आठ-दस वकीलों को चोटें आई। यह लोग मेडिकल करवा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। एक रात लॉकअप में बिताई और अगले दिन पेश किया गया। यहां से बलबीर ढुल, विरेंद्र, जीडी गोस्वामी ने जमानत ले ली, लेकिन दया सिंह और जगफूल ने जमानत नहीं ली। इस पर एक सप्ताह तक जेल में रहना पड़ा।
पूरे हरियाणा में फैला आंदोलन
यह आंदोलन इस घटना के बाद पूरे हरियाणा में फैल गया। 10 जनवरी को जींद में प्रदेश स्तरीय मीटिंग हुई, जिसमें रोहतक के वरिष्ठ वकील रण सिंह कादयान को प्रधान बनाया। 12 जनवरी से सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरना शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में एक दिन की हड़ताल रखी। 25 फरवरी को कांग्रेस कानूनी सैल के एक नेता के माध्यम से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ मीटिंग हुई और उन्होंने एसएसपी का तबादला करवाया। इसके बाद 28 फरवरी को यह विवाद शांत हुआ।
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विवाद के चलते दस दिन पहले हुई थी वीरेंद्र की हत्या

दस दिन पहले पिल्लूखेड़ा निवासी वीरेंद्र की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों झज्जर जिले के रैया गांव निवासी रोहित उर्फ हन्नी और रोहतक निवासी साहिल उर्फ काला को रोहतक से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर भी लिया है, ताकि हत्या में संलिप्त अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस के अनुसार भुराणा गांव निवासी दशरथ और वीरेंद्र पिल्लूखेड़ा में रहते हैं। तीन-चार महीने पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके चलते कहासुनी रहने लगी। इसी रंजिश को लेकर वीरेंद्र की हत्या करने के लिए दशरथ ने अपने तीन साथियों से बातचीत की। जब 10 फरवरी को वीरेंद्र गांव करसोला के पास आ रहा था, तो आरोपियों ने उस पर गोली चलाई, लेकिन वह नहीं लगी। वीरेंद्र भागने लगा तो वह गिर गया। गिरते ही आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। इलाज के दौरान पीजीआई रोहतक में उसकी मौत हो गई। बुधवार को दो आरोपियों को रोहतक से काबू कर अदालत से एक दिन के रिमांड पर लिया है। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रेलवे अंडरपास में भरे पानी की समस्या को लेकर किसानों ने की भूख हड़ताल

लुदाना-मोरखी रेलवे अंडरपास पर मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने वीरवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। धरने के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे किसान जगबीर लुदाना, अशोक, बनी सिंह, प्रेम मोरखी व थांबू मोरखी ने कहा कि जब तक सरकार व रेलवे विभाग अंडरपास की जगह फाटक नहीं लगा देता वे ऐसे ही भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
धरने पर बैठे पाला राम भिड़ताना, जय सिंह, सूबे सिंह, प्रताप, रघबीर और निहाल सिंह ने कहा कि यदि 25 फरवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो किसान रेल रोकने पर मजबूर होंगे। रेलवे विभाग के अधिकारियों के समय मांगने के बाद ही उन्होंने 25 फरवरी का समय रेलवे विभाग व सरकार को दिया है। रेलवे कर्मचारियों ने किसानों से समस्या का समाधान करने का आश्वासन देते हुए उच्च अधिकारियों को मामला संज्ञान में लाने की बात कही थी। इस पर किसानों ने रेलवे कर्मचारियों को पांच दिन का अतिरिक्त समय दिया था। उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग अंडरपास के पानी को रोकने के लिए सिलिंग लगाने की बात कह रहा है जो किसानों को मंजूर नहीं है। सीलिंग से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने वाला है। जब से यह रेलवे अंडरपास बना है तभी से भूमि का जल स्तर ऊपर होने से अंडरपास में पानी भरा रहता है। ऐसे में अंडरपास में पानी जमा होने की समस्या का समस्या अंडरपास को बंद करके फाटक लगाने के बाद ही होगा। भाजपा नेता राजू मोर ने कहा कि रेलवे विभाग जल्द से जल्द किसानों की समस्या का हल करें। उन्होंने कहा कि अंडरपास में हर समय पानी भरा रहता है, जिससे किसानों व अन्य लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के हित के लिए चाहिए कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
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सर्विस रोड बनाने की मांग को लेकर अन्ना टीम का प्रदर्शन

गोहाना रोड से नए बाईपास पर चढ़ने के लिए रोहतक की ओर सीधे सर्विस रोड बनाने की मांग को लेकर अन्ना टीम ने वीरवार को बाईपास पुल के पास विरोध प्रदर्शन किया। टीम ने इस दौरान प्रशासन को वे विकल्प भी सुझाए, जिनसे गोहाना रोड को सीधे बाईपास से जोड़ा जा सकता है। इसके बाद लघु सचिवालय में एसडीएम सत्यवान मान को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
अन्ना टीम के सदस्यों ने कहा कि नए बाईपास से रोहतक की ओर से जींद शहर की प्रमुख सड़क गोहाना रोड पर आने-जाने के लिए सीधा रास्ता नहीं बनाया गया है। जिसकी वजह से सभी वाहन चालक गलत दिशा से चलने के लिए मजबूर हैं। इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। नए बस स्टैंड के पास इससे स्थायी ब्लैक स्पॉट बन चुका है। अन्ना टीम सदस्य सुनील वशिष्ट ने बताया की यह एक टोल रोड है। इसके लिए लोग टोल देंगे, लेकिन इतनी बड़ी असुविधा जींद जिले के लोगों पर थोपी गई है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्नल डीके भारद्वाज, सुशील कुमार, महाबीर हिंदू, खिलाड़ी राम, नकुल शर्मा, अमित, अमर अरोड़ा, भारत भूषण, अमित भारतीय, आशीष, हर्ष मल्होत्रा, रमेश कौशिक, अंकित कुंडू, शक्ति दलाल, अमित आसरी, नरेश सांगवान, विनोद सैनी, पवन चंदन, राजेश भारद्वाज, अजीत भारद्वाज, अजय वैद्य, सचेत, कालू, सोमनाथ, महेश मौजूद रहे।
अन्ना टीम का सुझाव
अन्ना टीम ने सुझाव दिए कि इसके लिए राजमहल होटल के पास से या तो पुल बनाकर सीधे जोड़ा जाए या रेलवे अंडरपास बनाकर यहां से वाहनों का आवागमन शुरू किया जाए। क्योंकि इस रेलवे लाइन को बाईपास बनाकर यहां से हटाने के प्रपोजल पर भी काम चल रहा है। ऐसे में रेलवे विभाग से मिलकर अस्थायी फाटक भी लगवाया जा सकता है। नए बस स्टैंड के सामने एक ओवरब्रिज बनाकर बाहर से आने वाले वाहनों को उसके माध्यम से निकाला जाय।
20जेएनडी 07: ब्लैक स्पॉट हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते अन्ना टीम के सदस्य।
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