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Coronavirus in Haryana: फरीदाबाद में एक और केस, अब कुल 22 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे

हरियाणा में सोमवार को नया केस सामने आया। फरीदाबाद में एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव होने की खबर है।

31 मार्च 2020

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कैथल

मंगलवार, 31 मार्च 2020

विदेश से लौटीं लड़कियों के घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

उपमंडल के एक गांव में करोना करोना वायरस के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए विदेश से लौटी दो लड़कियों के घर पर पहुंचकर परिवार के लोगों से जानकारी हासिल की।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम डा. कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ रविवार रात्रि करीब 9 बजे बजे दोनों लड़कियों के घर पर पहुंची। सोमवार सुबह फिर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर एक एक कर परिवार के लोगों से पूछताछ के साथ-साथ उन लड़कियों से यह जानकारी भी हासिल की कि वह किन-किन लोगों के घर गई हैं तथा किन लोगों से मिले हैं। सरपंच ने बताया कि विदेश से लौटी दोनों लड़कियों में से एक लड़की अपनी ससुराल 12 मार्च को यूके से कुरुक्षेत्र जिले में पहुंची थी तथा 18 मार्च को अपने मायके इस गांव में पहुंची थी तथा 19 मार्च को ही अपने ससुराल लौट गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके संपर्क में आए लोगों की जांच कर रही है। वहीं सिंगापुर से 20 मार्च को अपने घर पहुंची एक लड़की अभी भी इसी गांव में ही रह रही हैै। अचानक स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम के पहुंचने पर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
घर के बाहर किया नोटिस चप्पा: सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी सुबह करीब 11 बजे दोनों लड़कियों के घर पहुंचे और उन्होंने परिवार के लोगों से किसी अन्य लोगों से न मिलने की अपील की। डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि विभाग की टीम द्वारा 18 मार्च को गांव पहुंचने वाली लड़की के परिवार को घर में साफ सफाई रखने व मास्क लगाने तथा परिवार के लोगों को 1 अप्रैल तक व दूसरी लड़की के परिवार को 2 अप्रैल तक घर में आईसोलेट रहने की हिदायत दी है वहीं टीम ने परिवार के लोगों पर बाहर आने जाने पर भी रोक लगाने के साथ-साथ लापरवाही करने पर कानूनी कार्रवाई करने चेतावनी दी।
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लगभग ब्रेक डाउन रहा बसों का पहिया, ट्रेनें पहले से ही बंद

रविवार के जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को हरियाणा रोडवेज की बसें न के बराबर चलीं और करीब-करीब बसों पर ब्रेक डाउन रहा। प्रदेश के उन 7 जिलों में बस सेवा पूरी तरह से बंद है, जिन सात जिलों को रविवार से ही लॉक डाउन किया गया है। शेष जिलों के लिए इक्का-दुक्का बसें ही चलीं। सोमवार सांय कैथल को भी लॉक डाउन किए जाने की सूचनाएं हैं। जिस कारण बसों का संचालन भी पूरी तरह से ठप हो सकता है। इसीलिए आप कहीं बाहर की यात्रा की प्लानिंग न करें।
बस अड्डे पर पहुंचे यात्री करते रहे बसों का इंतजार:-सोमवार को एक दिन के जनता कर्फ्यू के बाद लोग बस अड्डे पर पहुंचें। लेकिन उनकी इतनी संख्या नहीं थी कि बस भर जाए। दो-तीन लोगों के लिए बसें रवाना नहीं हुई। जनता कर्फ्यू के बाद लोगों ने भी घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। यात्रियों ने अधिकारियों से बसें चलाने की गुहार लगाई। लेकिन अधिकारी भी सवारियां न होने का हवाला देते रहे। यात्री रमेश ने बताया कि उन्होंने करनाल जाने के लिए करीब एक घंटे से बस स्टैंड पर बैठा है। लेकिन बस नहीं मिल रही। वहीं यात्री विकास बंसल ने कहा कि वह अपने बच्चों के साथ उकलाना जाने के लिए बस स्टैंड पर आया लेकिन उन्हें भी बस नहीं मिली। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि यात्रियों की भीड़ को देखकर अधिकारियों कुछेक बसें जरूर चलाई। जिससे यात्रियों को राहत भरी सांस ली।
कैथल से दिल्ली, चंडीगढ़, सिरसा, जींद की बसें नहीं चलीं। अधिकारियों का कहना है कि जनता की सुरक्षा के लिए बाहरी क्षेत्रों में रोडवेज की बसों का संचालन बंद किया जाए, ताकि देश में फैली महामारी से निजात मिल सके।
ड्यूटी इंस्पेक्टर नफे सिंह ने बताया कि सवारियां नहीं है। जिस कारण से बसों का संचालन नहीं हो रहा है। दोपहर बाद सवारियां आनी शुरू हुई। जरूरत के हिसाब से बसें चलाई गई।
प्राइवेट बसें भी नहीं चली: डिपो में हालात ऐसे बने हुए हैं कि प्राइवेट बसें भी नहीं चली। जिससे यात्रियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा
लिखित में नहीं आया आदेश: टीम कमलजीत ने बताया कि लॉक डाउन को लेकर विभाग के पास अभी लिखित में कोई आदेश नहीं आया। इमरजेंसी में 10-15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई। ताकि यात्रियों की जरूरत अनुसार बसों का भेजा जा सके।
पंजाब रोडवेज की एक भी बस सोमवार को कैथल नहीं पहुंची। इस तरह से लोगों को अगले कुछ दिनों तक बस के माध्यम से अपनी यात्रा को टाल देना चाहिए।
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कोरोना का असर-कैथल लॉकडाउन के आदेश

जिले को लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई है। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर शहर में आगामी 31 मार्च तक सभी प्राइवेट संस्थान बंद रहेंगे। सरकारी सेवाओं में आवश्यक सेवाएं देने वाले विभाग खुले रहेंगे। डीसी सुजान सिंह व एसपी शशांक सावन ने शहर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं पुलिस ने शहर में अनाउंसमेंट करके लोगों से अपने प्रतिष्ठान बंद करने का आह्वान किया। जिले के साथ लगती पंजाब के पटियाला व संगरुर जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। सात जगह नाके लगाकर लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं जिले में आइसोलेशन वार्ड में एक ओर व्यक्ति पहुंचा है। जो विदेश से आया है। अब तक 14 लोगों को यहां रखा गया है। जिसमें से 10 की छुट्टी हो चुकी है।
डीसी सुजान सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए कदम उठाते हुए जिला में महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत 24 मार्च से 31 मार्च तक लॉकडाउन के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने देश हित में आमजन से अपील की है कि वे अपने घर पर ही सुरक्षित रहें और तभी घर से बाहर निकलें जब कोई आवश्यक वस्तुएं लेनी हो।
डीसी सुजान सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के तहत 31 मार्च तक कोई भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सविर्सिज, टैक्सी व ऑटो रिक्शा के चलने की अनुमति नहीं है। जिला के सभी निजी, कॉरपोरेट प्रतिष्ठानों और कारखानों को 31 मार्च तक पूर्णतया बंद रहेंगे। साथ ही जिला के स्थानीय बाजार, सभी साप्ताहिक बाजार, शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे। उक्त आदेशों में आवश्यक वस्तुओं को प्रदान करने वाली सेवाओं को संचालित करने की ही अनुमति दी जाएगी लेकिन सामाजिक दूरी के लिए सावधानी बरतनी आवश्यक रहेगी।
इन सेवाओं को खुला रखा जाएगा: डीसी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जिला में पेयजल, सीवरेज सेवा, बिजली सेवा, बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना, टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए यातायात सेवाएं, पोस्टल सर्विसिज, भोजन, सब्जी करियाने का सामान उपलब्ध कराना, अस्पताल, मेडिकल सेंटर, मेडिकल स्टोर, बिजली, पेट्रोलियम तेल, ऊर्जा, मीडिया जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
पार्कों में आने-जाने पर प्रतिबंध: डीसी ने बताया कि जिला के सभी पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और ऐसे अन्य सभी प्रतिष्ठानों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पाबंदी रहेगी। लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी संबंधित एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में इन आदेशों की अनुपालना करना सुनिश्चित करें।
एसपी व डीसी ने किया दौरा: डीसी सुजान सिंह एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने कोरोना वायरस से बचाव के दृष्टिगत शहर का दौरा किया और आम जन से आह्वान किया कि इस महामारी को फैलने से रोकने के लए सावधानी बरतें। सभी अपने घरों में रहे, अनावश्यक ईधर-उधर नही घूमें। डीसी सुजान सिंह एवं एसपीशशांक कुमार सावन ने शहर के पिहोवा चौक, मेटी चौक, वाल्मीकि चौक, माता गेट, सीवन गेट, डोगरा गेट, प्रताप गेट, चंदाना गेट, भगत सिंह चौक, छात्रावास रोड, पुराना बस स्टैंड, अंबाला रोड, छोटू राम चौक, विश्वकर्मा चौक आदि स्थानों पर जाकर आम जन से अपने घरों में जाने का आह्वान किया।
हरियाणा-पंजाब बॉर्डर सील,ात नाकों पर पुलिस कर रही है निगरानी
जिले के पंजाब से लगती सीमा पर गुहला-चीका व खनौरी मार्ग पर पूरी तरह से नाका
पंजाब आने-जाने वाली गाड़ियों को रोका जा रहा है
बहुत ही जरुरी वाहन ही जा रहे हैं पंजाब, वाहनों की कतारें भी लगीं
कैथल। हरियाणा में लॉक डाउन के कारण प्रशासन ने पंजाब के पटियाला व संगरुर के साथ लगती सीमाओं को सील कर दिया गया है। जहां आने-जाने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है। गुहला-चीका में पटियाला रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की ही अनुमति दी जा रही है। इसी प्रकार से खनौरी रोड पर भी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस विशेष निगरानी बरत रही है।
एसपी शशांक सावन ने बताया कि पंजाब बॉर्डर पर जिले में सात नाकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां पुलिस नाके लगाकर आने-जाने वालों की जांच कर रही है। केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को ही अनुमति दी जा रही है। लोग घरों में रहें। निर्देशों ेका पालन करें। ताकि इन इस महामारी से लड़ा जा सके। लोग अपने आप को सुरक्षित रखें।
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पंजाब से राजस्थान, यूपी के लिए पैदल निकले मजदूरों को शेल्टर होम भेजा

देश भर में प्रवासी मजदूरों के पलायन के बीच जिले में हर शहर में शेल्टर होम बनाए गए हैं। जहां प्रवासी मजदूरों को रखकर उनके स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए उन्हें खाने व रहने की सुविधा दी जा रही है। पंजाब के विभिन्न शहरों से उत्तराखंड, यूपी व बिहार और राजस्थान के कई शहरों की ओर जा रहे मजदूरों सहित यूपी के आगरा के लिए निकले मजदूरों को रैन बसेरा सहित लिटिल फ्लॉवर स्कूल में रखा गया है।
महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक केंद्र के निकट बनाए गए रैन बसेरा में राजस्थान के कई शहरों में जा रहे मजदूरों को रखा गया। इन 43 मजदूरों में महिलाएं व बच्चे भी हैं। जिन्हें महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक केंद्र के निकट बनाए गए रैन बसेरा में भेजा गया। यहां सभी को खाने व बिस्तर सहित सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ में स्वास्थ्य कर्मियों ने उनके स्वास्थ्य की भी जांच की। सांय के समय आईपीएस आईजी हरदीप दून, डीसी सुजान सिंह, एसपी शशांक सावन ने भी इस शेल्टर होम का दौरा किया और मजदूरों से बातचीत की।
इसी प्रकार से पंजाब के मानसा से यूपी के आगरा जिला के लिए पैदल ही निकले 5 मजदूरों को लिटिल फ्लॉवर स्कूल में रोका गया है। यहां उनके लिए कमरे में दोपहर तक केवल भोजन पहुंचा था। सांय तक वहां उनके बिस्तर व अन्य सामान भी पहुंचा दिया गया। शहर में जाट कॉलेज, आरकेएसडी कॉलेज सहित करीब 8 जगहों पर ऐसे लोगों के लिए शेल्टर होम बनाए गए हैं। ईओ अशोक कुमार ने कहा कि यहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति को खाना व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। लोगों से अपील है कि वे घरों में ही रहें। यहां बकायदा पटवारियों सहित पुलिस कमयों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
आईजी हरदीप दून ने ली बैठक
कैथल। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आईजी हरदीप दून ने सोमवार को डीसी कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारी अपने से संबंधित सभी कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से करें। उन्होंने जिले में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अनावश्यक ना घूमें। पंजाब सीमा से लगे सभी नाकों पर विशेष पुलिस बल तैनात हों। इस मौके पर एसडीएम कमलप्रीत कौर, शशि वंसुधरा, विवेक चौधरी, एमडी शुगर मिल जगदीप सिंह, नगराधीश सुरेश राविश सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कलायत नगर में बनाए गए पांच शेल्टर हाउस
कलायत। कलायत में प्रशासन द्वारा बनाए गए पांच शेल्टर होम को पूरी तरह से सेनेटाइज कर उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। एसडीएम विवेक चौधरी ने बताया कि पलायन करने वालों को रोकने के लिए कलायत में पांच शेल्टर हाउस बनाए गए हैं। उन सभी में सोमवार को सेनेटाइज करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के आह्वान पर सामाजिक संगठनों ने आगे आकर शेल्टर हाउसों को एडोप्ट किया है। भट्ट चौपाल में बनाए गए शेल्टर हाउस को अग्रवाल सेवा समिति ने, विश्वकर्मा चौपाल में में बनाए गए शेल्टर हाउस को सेवा समिति ने, महाब्राह्मण चौपाल में बनाए गए शेल्टर हाउस को विर्क पैलेस ने, अंबेडकर भवन में बनाए गए शेल्टर हाउस को मंडी एसोसिएशन, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए शेल्टर हाउस को राधा स्वामी ट्रस्ट व रैन बसेरा में में बनाए गए शेल्टर हाउस में बनाए गए शेल्टर हाउस को प्रशासन ने एडोप्ट किया है। फिलहाल केवल भट्ट चौपाल में ही राजस्थान में जा रहे परिवार को रोका गया है।
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तूड़ी वाली ट्रैक्टर ट्रॉली से सड़क पर गिरा गया हजारों चूजे

रविवार-सोमवार की आधी रात को कोई अज्ञात व्यक्ति बलबेहड़ा से बिच्छियां जाने वाली रोड पर हजारों चूजे छोड़कर चला गया। इनमें से पांच छह हजार चूजे मर गए जबकि तकरीबन इतने ही कू कू करते पास के जंगल में घुस गए।
बलबेहड़ा-बिच्छियां रोड के साथ साथ सरस्वती रेंज की जंगलात लगती है। इसी रोड से थोड़ी दूर अपने खेतों में डेरा बनाकर रह रहे चमकौर सिंह ने सुबह सबसे पहले सडक़ पर चूजों का बड़ा सा ढेर लगा देखा तो भारी तादाद में चूजे इधर उधर भागते देखे तो उन्होंने तुरंत बिच्छियां गांव के सरपंच राम मेहर को सूचना दी। सरपंच ने गुहला प्रशासन को सूचना दी और दोपहर पूर्व 11 बजते बजते बीडीपीओ रोजी ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से जमीन में एक गड्ढा खुदवाया और मरे हुए चूजों को उक्त गड्ढे में दफन करवा दिया।
किसी पोल्ट्री फार्म वाले का काम
ग्रामीणों का अनुमान है कि चूजों को इस तरह गिराकर जाना किसी पोल्ट्री फार्म वाले का ही काम हो सकता है जिसने हो सकता है लॉक डाउन होने से एक दो दिन पहले ही फार्म में चिकस(चूजे) डाले हों लेकिन फिर बंदी के कारण चूजों को फीड आदि उपलब्ध ना करवा पाया हो। सड़क पर गिरे चूजों को सुबह सबसे पहले देखने वाले किसान चमकौर सिंह ने बताया कि रात को बारह और एक के बीच किसी वक्त उन्होंने सड़क पर एक ट्रैक्टर ट्राली आने और कुछ देर रुककर चले जाने की आवाज सुनी थी लेकिन डर के कारण ट्रैक्टर ट्राली के पास जाने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। चमकौर सिंह ने बताया कि चूजों के मरने की इतनी भारी संख्या देखकर लगता है कि हो सकता है कि तूड़ी भरने वाली ट्राली में ही चूजे भरकर लाए गए हों।
पोल्ट्री फीड के कारोबारी रहे सुमित सिंगला ने बताया कि फार्म के चूजों को रोज खाने को चाहिए। ज्यों ज्यों चूजों की उम्र बढ़ती है त्यों त्यों उनकी खुराक भी बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री फार्म वाले आखिर कितने दिन तक मुर्गों को फीड आदि खिला सकते हैं। उन्हें आए दिन बढ़ते जा रहे फीड के खर्चों से निजात के लिए मुर्गों से ही निजात हासिल करनी पड़ेगी। सड़क पर चूजों को इस तरह गिराकर जाना फिर भी जायज नहीं कहा जा सकता।
पटियाला रोड पर पोल्ट्री फार्म चला रहे कारोबारी अमरीक सिंह ने बताया कि हर पोल्ट्री फार्म को कम से कम 5 से 7 लाख रुपये का घाटा है। उन्होंने कहा कि उनके फार्म में इस समय 7 हजार के आसपास पीस हैं। तीन चार दिन का फीड उनके पास पड़ा है। यह फीड खतम होते ही वे एक गड्ढा बनाकर मुर्गों को उसमें दफना देंगे। बिरदथेह रोड के पोल्ट्री फार्म मालिक पिरथी सीड़ा ने बताया कि मंदी तो लाक डाउन से काफी पहले आ गई थी इसलिए 70 रुपये किलो वाला माल 10 रुपये किलो में निकालने से घाटा बहुत हो गया।
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हाबड़ी के बुजुर्ग ने अपनी पुत्रवधू के खिलाफ करवाया चोरी का मामला दर्ज

गांव हाबड़ी के एक बुजुर्ग ने अपनी पुत्रवधू और दो व्यक्तियों के खिलाफ घर का समान चोरी करने का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने उसकी पुत्रवधू सहित 2 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सरदार सूबा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके लड़के हरमीत सिंह की शादी 14-15 वर्ष पहले बलजिंद्र कौर निवासी निसिंग के साथ हुई थी। कुछ महीनों से अनबन के चलते अब पिछले 6 माह से बलजिंद्र कौर अपने मायके में रह रही थी। अभी लगभग 20 दिन पहले वह मेरे घर आकर जबरदस्ती रहने लगी, जबकि उसके मेरे लड़के ने तलाक के लिए कोर्ट में केस डाला हुआ है, जोकि विचाराधीन है। वो अपनी पत्नी, बेटे व पोते के साथ अपने भाई के मकान में रह रहा है और उसकी पुत्रवधू उसके मकान के ऊपरी हिस्से में बने मकान में रह रही है। निचले मकान का उसके बेटे ने ताला लगाया हुआ था। 27 मार्च को उसकी पुत्रवधू ने निचले हिस्से के ताले तोड़कर उसमें से गुरमित का 2 तोले सोना, जमीन के कागजात, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक की कापी, एप्पल व सैमसंग कंपनी के 2 मोबाइल चोरी करके अपने परिवार के सदस्यों यादविंद्र सिंह व दविंद्र सिंह मल्ली को दे दिए हैं।
थाना प्रभारी पूंडरी बीरभान ने बताया कि सरदार सुबा सिंह हाबड़ी ने शिकायत सौंपी थी, जिसके आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
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Coronavirus in Haryana: फरीदाबाद में एक और केस, अब कुल 22 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक और कोरोनाग्रस्त मरीज मिल गया है। इसके बाद प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 22 हो गई है। जबकि जिन लोगों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है। उनकी संख्या अब 13 हजार से ज्यादा हो गई है। लगातार बढ़ते जा रहे मामलों को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह चिंतित और गंभीर है इनमें से अभी 6 मरीज ही ठीक हो पाए हैं।

प्रदेश में 22 पॉजिटिव केसों में से 10 मरीज गुरुग्राम, 4-4 मरीज फरीदाबाद और पानीपत व एक-एक मरीज पंचकूला, अंबाला, पलवल व सोनीपत के हैं। इन पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में 348 लोग अभी तक आ चुके हैं। जिन पर स्वास्थ्य महकमे की लगातार निगरानी बनी हुई। 243  संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। 

13621 लोगों को स्वास्थ्य महकमे ने मेडिकल सर्विलांस में रखा है। 666 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं जिनमें से अभी 459 सैंपल नेगेटिव आ चुके हैं। जबकि 187 सैंपल रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रदेश में 7 कोरोनाग्रस्त मरीज ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। 

हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के अनुसार प्रदेश में इस वायरस का प्रभाव ज्यादा न बढ़े। इसे लेकर हरियाणा सरकार बेहद गंभीर है। उनके अनुसार इसी के मद्देनजर लगातार लोगों पर चिकित्सा निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जबकि लोगों से भी आग्रह है कि वे भी स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें और स्वास्थ्य कर्मचारियों को पूरा सहयोग करें।
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खेत में उतारने से पहले कंबाईन को भी करना होगा सैनिटाइज

सांकेतिक तस्वीर
नसीब सैनी
कैथल। सप्ताह भर में किसानों की फसल पककर तैयार हो जाएगी। दूसरी ओर पूरा देश लॉक डाउन है। इस बीच फसल की बिक्री कैसे होगी, किसानों को इस बात की टेंशन है। लेकिन किसान टेंशन ना लें। सरकार ने किसानों की चिंताओं को देखते हुए पूरी व्यवस्था कर दी है। इस बार थोड़ा लेट सही पर किसानों की गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार गेहूं की फसल की खरीद 20 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। जिस कारण सीजन थोड़ा देरी तक चलेगा। वहीं जून माह में गेहूं लाने वाले किसानों को ज्यादा बोनस दिया जाएगा। इसलिए सरकार किसानों को जून तक ही गेहूं मंडियों में लाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कृषि उपनिदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में इस बार करीब 1.75 लाख हेक्टेयर में गेहूं का उत्पादन है।
मंडियों में अभी तक नहीं हैं खरीद की तैयारी, लेकिन सरकार का 20 से खरीद का ऐलान
मंडियों में गेहूं की फसल करीब 10 अप्रैल के बाद ही पहुंचने की संभावनाएं हैं। लेकिन इस बार लॉक डाउन के कारण अनाज मंडियों में तैयारियां ना के बराबर दिख रही हैं। कैथल अनाज मंडी में आढ़ती कृष्ण कुमार ने बताया कि यहां फीड़ टूटे पड़े हैं। पानी के नलके खराब हैं। सीवरेज व्यवस्था बदहाल है। सीजन में इससे परेशानी हो सकती है। हर साल एक अप्रैल से पहले सारी व्यवस्था दुरुस्त हो जाती थी।
सरकार ने ये जारी किए हैं आदेश
हरियाणा सरकार में कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में सभी जिलों के डीसी को निम्र आदेश जारी किए गए हैं।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतम क्षेत्र में गेहूं की कटाई मशीन के माध्यम से हो। हाथ से कटाई केवल अंतिम विकल्प हो।
कृषि मशीनरी के संचालक स्वयं को और कृषि मशीनरी को खेत में प्रवेश करने से पहले सैनिटाज करेंगे। ताकि वायरस का संक्रमण की संभावनाओं को रोका जा सके। हाथ से कटाई के दौरान सैनिटाइजर, साबुन से दिन में कम से कम तीन से पांच बार हाथ साफ करवाने होंगे। एक व्यक्ति द्वारा प्रयोग किए गए उपकरण दूसरे व्यक्ति द्वारा प्रयोग नहीं किए जाएंगे।
कटाई के दौरन व्यक्तियों के बीच परस्पर दूरी का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। भोजन करते समय भी कम से कम तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने बर्तनों को अलग रखना चाहिए। उपयोग के बाद अच्छे से उन्हें साफ कर लें।
प्रत्येक कंबाईन हारवेस्टर का प्रयोग दो से पांच व्यक्तियों से अधिक द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। कटाई के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़ों को बिना धोए, सुखाए दोबारा नहीं पहना जाना चाहिए।
प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग से पीने के पानी और खाने की वस्तुओं की व्यवस्था होनी चाहिए। कटाई के दौरान मास्क और दस्तानों का प्रयोग होना चाहिए व सिर को भी अच्छे से ढकना चाहिए।
हार्वेस्टर को जरूरी पास दिए जाने चाहिए।
हार्वेस्टर पर आपातकालीन स्थितियों के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस हेल्पलाइन नंबर दिए जाने चाहिए। बुखार, सिरदर्द, खांसी वाले व्यक्ति को कार्यस्थल से तुरंत दूर रखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित किया जाना चाहिए।
थ्रेसिंग ऑपरेशन के दौरान उपरोक्त निर्देेशों का पालन हो। अवशेष को आग ना लगाई जाए। आवश्यक उपकरणों की मरम्मत और वितरण के लिए आवश्यक मशीनों के लिए लॉक डाउन के दौरान छूट दी जानी चाहिए।
डीएफएससी विरेंद्र सिंह ने कहा कि गेहूं की खरीद के लिए विभागीय निर्देशानुसार काम किया जाएगा। अभी 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद किए जाने की जानकारी मिली है। किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। लॉक डाउन में जो भी सरकार के निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
जिला कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद का कहना है कि 10 से 15 अप्रैल तक कटाई शुरू होनी है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि 20 अप्रैल से खरीद शुरू की जाएगी और समय अवधि अनुसार कुछ बोनस हो। इसकी मंजूरी शीघ्र मिलने की संभावनाएं हैं।
मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार का कहना है कि सीजन को जून तक ले जाया गया है। सरकार के निर्देशानुसार गेहूं की खरीद होगी। किसान समय-समय पर बोर्ड व सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना करें। मंडियों में भी आढ़तियों को जैसे ही विभागीय आदेश प्राप्त होंगे, अवगत करवा दिया जाएगा।
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जरुरतमंद लोगों को बांटा गया राशन

राजौंद। नगरपालिका राजौंद प्रवासी मजदूर व बेघर लोगों को सात दिन का राशन वितरित किया गया। इस बारे नगरपालिका चेयरमैन गुड्डी राणा व नगरपालिका सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि प्रवासी मजदूर व जो बेघर लोग हैं उनकी सूची एम सी द्वारा दी गई है और उन्हें यह सात दिन का राशन वितरित किया गया।
पंचायत ने सैनिटाइजर छिड़कवाया
राजौंद। गांव खेड़ी रायवाली में सरपंच सरदार लखविंद्र सिंह व पंचायत के सहयोग से कोरोना वायरस के बचाव लिए गांव की ग्राम पंचायत व युवाओं ने मिलकर पूरे गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव किया। इस दौरान मंगत नहारिया, वीरेंद्र अरोड़ा मौजूद रहे।
किठाना में सैनिटाइजर का छिड़काव किया
राजौंद। सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव किठाना में ग्राम पंचायत किठाना व युवाओं के सहयोग से गांव में सैनिटाइजर स्प्रे का छिड़काव किया गया।
कोरोना वायरस से बचाव बारे लोगों को किया जागरूक
गुहला-चीका। रेडक्रॉस सोसायटी के जूनियर काउंसल इंद्रजीत शर्मा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वे अपने घरों से बाहर ना निकलें। उन्होंने गांव थसैव में सरपंच की मदद से पूरे गांव को कीटाणु मुक्त करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर घोल का छिड़काव करवाया। इसमें गांव के सरपंच गज्जन सिंह, जरनैल सिंह, जोगिंदर सिंह नंबरदार, अंकित शर्मा व तपन कुमार ने भी सहयोग किया।
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प्रतिदिन 200 परिवारों को दिया जाएगा जरूरत का सामान

कैथल। डीसी सुजान सिंह ने कहा कि राशन, सब्जी मूलभूत चीजों की सप्लाई निरंतर जारी है। शहर में 20 स्थानों पर लगभग 3100 परिवारों का चयनित किया गया है, जो कि अपने जीवन का गुजर-बसर कर रोज कमा कर करते थे। ऐसे लोगों को राशन, खाना मुहैया करवाया जाएगा। डीसी सुजान सिंह लघु सचिवालय सभागार में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि हर संभव सहयोग किया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को राशन इत्यादि मुहैया करवाने में प्रशासन के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। डीसी सुजान सिंह ने कहा कि जो भी संस्था इस तरह का कार्य करेगी, उनकी सुविधा के लिए जो भी आवश्यक कदम है, वो उठाए जाएंगे। रोजाना 200 परिवार को सप्ताह भर का राशन, जिसमें आटा, दाल, चीनी, चावल, नमक, मिर्च, साबुन जरूरी वस्तुएं होंगी। सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। सामाजिक संस्थाएं प्रशसन को ऐसे लोगों के बारे में जरूर अवगत करवाएं, जिन्हें इस तरह की जरूरत है। इस मौके पर उपमंडलाधीश कमलप्रीत कौर, नगराधीश सुरेश राविश, ईओ अशोक कुमार, एमई राजकुमार, कैलाश भगत, शिवशंकर पाहवा, धर्मबीर भोला, सुभाष चुघ सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जोमैटो से भी ली जा सकती है जरूरी सेवाओं की होम डिलीवरी
सीटीएम सुरेश राविश ने बताया कि लोगों को अधिक से अधिक सुविधा देने हेतु जोमैटो कंपनी के माध्यम से जरूरी सामान की होम डिलिवरी की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस कंपनी के 18 राइडर्स हर समय आम जन के राशन का जरूरी सामान की आर्डर आते ही उनके घर पर जरूरी सामान पहुंचाएंगे।
लोग आस-पास से खरीददारी करें
डीसी सुजान सिंह ने सभी आह्वान किया कि शहर के लोग अपने आसपास खुली सब्जी, करियाणा, केमिस्ट की दुकानों से सामान लें। अनावश्यक रूप से अपने आसपास के क्षेत्र से दूर जाकर खरीददारी नही करें। ऐसा करने से हम इस महामारी को खत्म करने में सहयोग नही कर रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा अपने घरों में रहें और नजदीक की दुकान से ही सामान लें।
जिला प्रशासन द्वारा बांटे गए खाने के पैकेट
कोरोना वायरस के बचाव को लेकर जिला में कुछ ऐसे परिवार हैं, जिनके सामने खाने का सवाल खड़ा हो गया है। ऐसे लोगों को प्रशासन द्वारा चयनित कर लिया गया है और रोजाना उनके खाने-पीने का इंतजाम प्रशासन व समाज सेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। नए बस स्टैंड के सामने अस्थाई रूप से झुग्गी-झोपडिय़ों में रह रहे लगभग 15 परिवारों को संस्था प्रयास नि:शुल्क श्री श्याम रसोई के सहयोग से खाने के पैकेट वितरित किए गए। डीसी ने कहा कि लोग घरों में रहें। खान पान का ध्यान रखें। एहतिहायत के तौर पर प्रशासन द्वारा लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों, कौल स्थित कृषि विश्वविद्यालय में, एनआईआईएलएम युनिवर्सिटी में क्वारंटाइन बनाए गए हैं, जिसमें सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए गए हैं। दूसरी ओर एसएमओ डा. ओमप्रकाश ने बताया कि जिले में एक भी व्यक्ति आइसोलेशन वार्ड में नहीं है। सभी की छुट्टी कर दी गई है। अब तक यहां 22 लोग आ चुके हैं। ना ही एक भी व्यक्ति अभी तक कोरोना पॉजीटिव पाया गया है।
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276 में से 30 विदेश से आए व्यक्ति जिले से वापिस विदेश...

कैथल। जिला अभी कोरोना नेगेटिव है, इसलिए आप पॉजिटिव रहें। लोग सावधानी बरतते हुए घरों में ही रहें। इसी जागरूकता से हम कोरोना को हरा सकते हैं। अभी तक लोगों की जागरूकता काम आई है। जिले में विदेश से आए करीब 276 लोगो को घरों में क्वारंटीन किया गया है। इनमें से 30 विदेश लौट चुके हैं। 27 की क्वारंटीन अवधि समाप्त हो चुकी है। 218 अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। वहीं जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में अब तक 23 लोग पहुंचे हैं। जिसमें से 22 की छुट्टी हो चुकी है। उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभागीय कर्मचारी सुबह शाम उनके बारे में जानकारी हासिल कर विभाग को अपडेट कर रहे हैं। एक व्यक्ति को शनिवार को ऐहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है। इस व्यक्ति की विदेश यात्रा की कोई हिस्ट्री नहीं है। इसलिए आप सभी को घबराने की जरूरत नहीं है। बस जरूरत इस बात कि है कि आप अपने घर पर लॉक डाउन के नियमों का पालन करें और अपने आप को व देश को बचाएं।
सामान्य बीमारियां हों तो पहले से जो स्लिप है, उसे दिखाकर ले सकते हैं दवाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि आपको कोई सामान्य बुखार, खांसी, जुकाम या पेटदर्द व अन्य समस्याएं हैं तो आप अपने डॉक्टर को फोन करके दवा पूछकर केमिस्ट से ले सकते हैं। कई निजी अस्पताल भी शहर में यह सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड खुला है। जहां गंभीर समस्या होने पर डॉक्टरों को दिखाया जा सकता है। अस्पताल इंचार्ज डा. ओमप्रकाश ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं। सामान्य बीमारियों के लिए जो पहले स्पिल होगी, उनके माध्यम से दवा ली जा सकती है। सीएमओ का कहना है कि जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी में सेवाएं जारी हैं। गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाया जा सकता है। निजी अस्पताल भी सेवाएं दे रहे हैं। निजी अस्पतालों को सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन के निर्देश जरूर दिए गए हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बस सरकारी निर्देशों का पालन करते रहें।
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इस समय एक व्यक्ति दाखिल
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इस समय एक व्यक्ति को दाखिल किया गया है। जिसे संदेह के आधार पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इसकी स्थिति सामान्य है। इसे संभवत: शीघ्र ही छुट्टी दे दी जाएगी।
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सब्जी लेने के लिए उमड़ी भीड़, पुलिस ने बंद करवाई सब्जी मंडी

कैथल। लॉक डाउन के बीच सुबह निर्धारित समय में जब सब्जी मंडी खुली तो भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसकी सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल वहां पहुंचा और लोगों को वहां से खदेड़ दिया। वहीं सब्जी मंडी में लाठियां भांजते हुए दुकानें बंद करवा दी। पुलिस का कहना है कि जब सरकार ने सामाजिक दूरी बनाकर रखने के लिए कहा गया है तो ऐसे में इतनी भीड़ एकत्रित क्यों हुई। प्रशासन द्वारा रेहड़ियों के माध्यम से सब्जियां व दूसरी वस्तुएं लोगों के घरों तक पहुंचाने के आदेश जारी किए हैं। इसीलिए मंडी में भीड़ ना जुटाएं। बीच में ही सब्जी मंडी बंद करवा दी गई। प्रशासन द्वारा मंडी में भारी भीड़ को देखते हुए लाठी चार्ज कर सभी सब्जी विक्रेताओं और खरीददारों को मंडी से खदेड़ गेट बंद करवा दिया।
आम लोगों को मंडी से नहीं मिलेगी सब्जी
मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने बताया कि आम लोगों को मंडी से सब्जी नहीं मिलेगी। मंडी में भीड़ न हो इसके लिए रेहड़ी फड़ी वालों को मार्केट कमेटी द्वारा परमिशन लेटर दिया गया है। जो शहर में विभिन्न जगहों पर सब्जी बेचने के लिए 59 रेहड़ी फड़ी वालों परमिशन दी गई है। जो शहर में मंडी से सब्जी खरीद कर पूरे शहर में सप्लाई करेंगे। सरकार द्वारा 21 दिन तक घरों में रहने के निर्देशों के बाद स्थिति को देखते हुए यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
दुकानें बंद करवाई
शहर में प्रशासन द्वारा खुली हुई दुकानों को बंद करवाया गया। जिसमें सब्जी मंडी, छोटी मंडी स्थित कपड़े की दुकान व अन्य गुप्त तरीके से जो दुकानें खोल रखी थी सभी को बंद करवा दुकानदार को पकड़कर थाने में उचित कार्रवाई के लिए ले गई। और भविष्य में यदि दुकान खुली मिली तो प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीटी एसएचओ प्रदीप कुमार ने बताया कि मंडी में भारी भीड़ जमा ने हो इसके लिए मार्केट कमेटी द्वारा शहर में 44 प्वाईंट बनाए गए हैं। जहां पर पहले सब्जी जाएगी। वहां से जिन रेहड़ी फड़ी वालों को परमिशन दी गई हैं वहां सब्जियां भरकर पूरे शहर में सप्लाई होगी। जो भी बिना परमिशन के दुकान खोलेगा उसके लिए सख्त कार्रवाई होगी।
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21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद दुकानों पर हुई जमकर खरीदारी

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद मंगलवार रात को शहर में दवाओं, राशन व सब्जियों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानदार लोगों को कहते रहे कि दुकानें बुधवार को भी खुली रहेंगी, लेकिन लोग देर रात तक दुकानों के बाहर डटे रहे। पुलिस को लोगों को आपसी दूरी बनाकर खड़ा रहने की अपील करनी पड़ी। उधर, बुधवार सुबह भी शहर में मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों व बाजारों को छोड़कर आउटर बस्तियों में लॉक डाउन के बावजूद लोग झुंडों में बैठे नजर आए। कुछ जगहों पर लोग ताश खेलते दिखे तो कुछेक जगहों पर युवा क्रिकेट खेलते नजर आए।
लॉक डाउन के पहले दिन ढीली नजर आई सड़कों पर व्यवस्था: जिस तरह से पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को लॉक डाउन करने की अपील की है। उस तरह से बुधवार को शहर बंद नजर नहीं आया। शहर में करनाल रोड, अंबाला रोड, कमेटी चौक, जींद रोड जो मुख्य मार्ग हैं व मार्केट हैं, वहां सन्नाटा जरुर दिखा। लेकिन आउटर बस्तियों व कालोनियों में लोग पहले की तरह से ताश खेलते दिखे। साथ ही कुछ जगहों पर युवक क्रिकेट खेलते भी नजर आए। जबकि पूरी तरह से लॉक डाउन के आदेश हैं।
खुफिया विभाग द्वारा जुटाई जा रही है रिपोर्ट: खुफिया विभाग द्वारा शहर से दिन में कई बार रिपोर्ट जुटाई गई। शहर में खुले आम घूम रहे लोगों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। जिसमें कहा जा रहा है कि जब तक सख्ती नहीं होगी, तब तक कुछ लोग मानने वाले नहीं हैं।
पुलिस ने किए 300 से अधिक चालान: पुलिस ने पिहोवा चौक, कमेटी चौक, अंबाला रोड, करनाल रोड सहित शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर दिन भर चालान किए। लेकिन मुख्य चौकों को छोड़कर लोग साइड की गलियों से निकलते दिखे और दिन भर लॉक डाउन के बावजूद यातायात के साधन सड़कों पर नजर आए। यातायात प्रभारी मुख्त्यार सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा बेवजह सड़कों पर घूम रहे लोगों के चालान किए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे अपने घरों में रहें।
डीसी सुजान सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार राशन हो या अन्य जरूरी वस्तु, उसकी कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लोग घबराएं नां। केवल घर पर रहें। अनिवार्य हर काम के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
अमर उजाला की अपील, घरों में रहे: कोरोना की लड़ाई में अमर उजाला की अपील है कि आप घर में रहे। जरुरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें। घर से एक सदस्य ही सामान लेकर आए। जो भी सावधानी बताई जा रही हैं, उनका पालन करते हुए इस बीमारी से खुद को बचाने का काम करें।
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