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किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर डीसी से मिले किसान महासंघ के सदस्य।

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 11 Feb 2020 11:21 PM IST
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गन्ना मिल में प्रदर्शन के दौरान किसानों पर मुकदमा दर्ज करने का मामला, डीसी से मिलने पहुंचे किसान संघ के प्रतिनिधि
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मुकदमे वापस लेने की मांग पर डीसी बोले पुलिस करेगी कार्रवाई,
किसान संघ के प्रतिनिधि बोले-डीसी बात सुनने को नहीं तैयार
डीसी पर घूरने का आरोप लगाकर किसान संघ के प्रतिनिधि डीसी कार्यालय से बाहर निकले और कहा-प्रशासन का रवैया किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना,
किसान जेल जाने को तैयार, जरूरत पड़ी तो लेंगे कोर्ट का सहारा
किसान संघ के प्रतिनिधियों पर दर्ज मामले के विरोध में किसान संघ ने दिया लघु सचिवालय में धरना
फोटो संख्या:-17, 18, 19
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शुगर मिल में धरने के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस करवाने की मांग जैसे ही किसानों ने डीसी के सामने रखी तो डीसी ने कहा कि उन पर दर्ज मामलों में तो पुलिस ही कार्रवाई करेगी। किसानों का जो मांगपत्र है वह सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। डीसी के तल्ख अंदाज को देखकर किसान भड़क गए और रोष जताते कार्यालय से बाहर निकल गए। किसानों ने डीसी के सामने ही प्रशासन पर गैर जिम्मेदाराना रवैये और तल्ख अंदाज दिखाते हुए बात नहीं सुनने के आरोप जड़े। किसान बोले-डीसी उन्हें घूर रहे हैं, ऐसे में उनकी शिकायत और समस्याओं पर गौर कौन करेगा? दूसरी ओर बाद में डीसी किसानों की बात का जवाब गर्दन हिलाकर देते रहे और मुस्कराते रहे। आरोप लगाते हुए सभी किसान डीसी कार्यालय से बाहर निकल गए और वापस लघु सचिवालय के पार्क में धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक किसान बाद में धरने पर बैठे रहे और बुधवार को कैथल विधायक लीला राम से मिलने की बात कहते हुए धरना खत्म कर दिया।
मंगलवार को भारतीय किसान संघ से जुड़े किसान गन्ने के रेट में बढ़ोतरी व धरने के दौरान किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने सहित अपना मांगपत्र डीसी को देने लघु सचिवालय में पहुंचे थे। इससे पूर्व किसानों ने लघु सचिवालय के पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भारतीय किसान संघ के प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य, प्रांत युवा प्रमुख गुल्तान नैन, जिलाध्यक्ष सतीश ग्योंग, उपाध्यक्ष पालाराम क्योड़क, दयाल सिंह, विक्रम सिंह, महेंद्र, कृष्ण कुमार, दीपक, प्रेम, रणबीर, रामदिया, प्रताप, ईशम सिंह व रमेश ने बताया कि संघ पिछले तीन माह से गन्ने के रेट में बढ़ोतरी को लेकर धरने प्रदर्शन कर रहा है। कृषि मंत्री से लेकर विधायकों तक को वे रेट बढ़ोतरी के संबंध में ज्ञान दे चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में गत माह किसानों ने शुगर मिल में कांटे पर धरना शुरू किया था। जब मिल प्रबंधन व जिला प्रशासन ने कांटे से धरना हटाने को कहा तो वे मिल के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बावजूद किसानों की आवाज को दबाने के लिए मिल के अधिकारियों ने प्रशासन से मिलकर उन पर केस दर्ज करवा दिए। किसानों ने कहा कि मिल में हुए 308 करोड़ रुपये के कथित चिप घोटाले की जांच को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। जहां कार्रवाई होनी चाहिए, वहां नहीं की जा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन को दिए ज्ञापन में मिल में हुए चिप घोटाले की जांच को आगे बढ़ाते हुए जरूरी कार्रवाई करने, गन्ने के रेट प्रति क्विंटल 400 रुपये देने व मिल में दिखाई गई 06.63 करोड़ की रिपेयर की जांच करवाने की मांग की।
किसान बोले- अब या तो करेंगे आंदोलन या लेंगे कोर्ट का सहारा- संघ के प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य, प्रांत युवा प्रमुख गुल्तान नैन व जिलाध्यक्ष सतीश ग्योंग ने कहा कि जिस प्रकार प्रशासन किसानों की मांगों की अनदेखी कर रहा है, उसके विरोध में आने वाले समय में देश व्यापी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। अगर किसानों को जरूरत पड़ी तो वे जेल भरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा वे मांगों को लेकर कोर्ट का भी सहारा लेने को तैयार रहेंगे।
डीसी सुजान सिंह ने किसानों को कहा कि जिन मांगों का ज्ञापन लेकर किसान उनके पास आए हैं, उसे सरकार को प्रेषित किया जाएगा। किसानों पर दर्ज मामलों में कार्रवाई पुलिस का काम है और उसे पुलिस ही करेगी।
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