जिला अस्पताल में तीन साल बाद लगेगी स्किन रोग की ओपीडी, छह डॉक्टरों ने किया ज्वाइन

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sat, 04 Apr 2020 05:17 PM IST
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अस्पताल में उपचार करने आये लोग-अमर उजाला
अस्पताल में उपचार करने आये लोग-अमर उजाला - फोटो : AMAR UJALA

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जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार तक छह डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। जबकि, पूरे जिले में 13 डॉक्टरों ने ज्वाइंन किया है। महेंद्रगढ़ जिले में 26 डॉक्टरों को ज्वाइन करना है। जीएच को अब स्किन रोग विशेषज्ञ मिल गया है। करीब तीन साल बाद जीएच में स्किन रोग की ओपीडी लगेगी। जीएच के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार तक छह डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ संदीप यादव, स्किन रोग विशेषज्ञ आनंद शर्मा के अलावा डॉ. कुलदीप, डॉ. अनुज, डॉ. नीती व डॉ. किरण शामिल है। डॉ. राजेश ने बताया कि अब जीएच दो बाल रोग विशेषज्ञ हो गए हैं। ऐसे में अस्पताल में बच्चों की ओडीपी के साथ नीकू वार्ड को बेहतर तरीके से संचालन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में करीब तीन साल से स्किन का कोई डॉक्टर नहीं था। डॉ. आनंद के आने के बाद अब जीएच में स्किन के मरीजों की भी ओडीपी चल सकेगी। उन्होंने बताया कि अभी और भी डॉक्टर ज्वाइन कर करेंगे। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा है। मिली जानकारी के अनुसार छह डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में ज्वाइन किया है। जबकि, सात ने पीएचसी व सीएचसी सेंटरों पर ज्वाइन किया है। इससे जिला स्तर के अलावा पीएचसी व सीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद है। बता दें कि अमर उजाला ने अस्पताल में स्किन व ईएनटी के डॉक्टर न होने का मामला जनवरी में उठाया था। इसके बाद ईएनटी डॉक्टर की जीएच में नियुक्ति हुई थी। अब स्किन के डॉक्टर होने से लोगों को राहत मिलेगी। जिला नागरिक अस्पताल में करीब तीन साल से स्किन का डॉक्टर नहीं हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टर न होने से ऐसे मरीजों का उपचार जनरल ओपीडी में होता है। स्किन का डॉक्टर जून 2016 से नहीं था। कोरोना वायरस को लेकर हुए सरकार ने हाल में चयनित करीब चार सौ डॉक्टरों नियुक्त करने का फैसला लिया है। पहले डॉक्टरों को जिला अलॉट किया जा रहा था। इससे कम डॉक्टर ज्वाइन कर रहे थे। इसके बाद सरकार ने उन्हें अपनी सुविधा अनुसार ज्वाइन करने को कहा है। इसके बाद डॉक्टरों ने ज्वाइन करना शुरू कर दिया है। ---- डॉक्टरों की कमी पूरा होने की उम्मीद- जिले में डॉक्टरों की कमी से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल समेत पीएचसी व सीएचसी पर भी डॉक्टरों की भारी कमी है। जिले में डॉक्टरों के 135 पद स्वीकृत हैं। इसमें 78 भरे हुए जबकि 57 खाली हैं। जीएच नारनौल में डॉक्टरों के 42 पद स्वीकृत हैं। इसमें 18 कार्यरत है जबकि 25 पद खाली हैं। एसडीएच महेंद्रगढ़ में 11 में नौ भरे हुए हैं। सीएचसी सतनाली में सात में चार खाली है। सीएचसी अटेली में आठ में दो, सीएचसी नांगल चौधरी में सात में पांच, सीएचसी नांगल सिरोही में सात में चार, सीएचसी सेहलंग में आठ में से एक, सीएचसी कनीना में सात में पांच डॉक्टर कार्यरत हैं। पीएचसी भोजावास में दो डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, लेकिन कोई नहीं है।पीएचसी सिहमा, सिरोही बहाली, अंतरी, बामनवास, मंडाना, बिगोपुर, बहलाकलां व पीएचसी छिलरो में दो-दो डॉक्टरों के पद हैं और भरे हैं।
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