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पीयू के विभागों के विलय को लेकर बढ़ी तनातनी, शिक्षकों ने जताई आपत्ति, बोले- नहीं चाहिए ऐसा

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Updated Sat, 22 Feb 2020 01:08 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब विश्वविद्यालय के विभागों के मर्ज होने का काम फिर शुरू हो गया है, लेकिन इसे लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। पीयू प्रशासन ने साफ कर दिया कि वह विभागों को मर्ज जरूर करेंगे। वहीं, कुछ शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। कहा है कि मर्ज का प्रस्ताव गलत तरीके से तैयार किया गया है। सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव में इसलिए अड़ंगा लग रहा है कि कुछ लोगों के विभाग अध्यक्ष बनने की बारी अभी आई है। ऐसे में वह नहीं चाहते कि इस प्रस्ताव पर मुहर लगेे।
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पीयू में विभागों की संख्या 70 से अधिक है। इन विभागों में कई को सेंटर का नाम दिया गया है। नैक की टीम ने जब दौरा किया तो इस पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना था कि साइंस के विभाग एक ही छत के नीचे होने चाहिए। वहीं, अन्य विभागों के मर्जिंग का काम भी उसी तरह हो। ऐसा करने से ग्रेडिंग पर प्रभाव पड़ेगा। जब ग्रेडिंग बेहतर आएगी तो पीयू को फंड आदि सुविधाएं मिलेंगी। पीयू इसे लेकर तीन साल से जुटा हुआ है, लेकिन मर्जर का काम पूरा नहीं कर पाया।

पूर्व वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने भी यह प्रस्ताव तैयार करवाया था। उस दौरान भी इस प्रस्ताव में पेच लगा दिए गए थे। कुछ माह पूर्व फिर पीयू प्रशासन ने इसे हरी झंडी देने का प्लान बनाया, लेकिन फिर से विवादों में यह घिर गया। कुछ शिक्षकों ने विरोध किया तो कुछ अन्य लोगों ने भी सुझाव दिए। ऐसे में पीयू प्रशासन यह प्रस्ताव टाल दिया था। वीरवार को फिर से इसे लेकर बैठक हुई, लेकिन सभी में सहमति नहीं बन पाई। हालांकि, पीयू प्रशासन ने संदेश दे दिया कि मर्जर का काम तो होगा। नियमों का ध्यान भी रखा जाएगा।

उर्दू इस बार फॉरेन लैंग्वेज नहीं जाएगी
पीयू प्रशासन ने पिछले दिनों उर्दू को फॉरेन लैंग्वेज में मर्ज कर दिया था। इसे लेकर घमासान मचा और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को दखल देना पड़ा। यह मामला पीयू ने वापस लिया था। इस बार पीयू प्रशासन इस कोर्स को लैंग्वेज में ही शामिल करेगा। सूत्रों का कहना है कि इसकी योजना पूरी बन गई है। अगले माह तक मर्जर का काम पूरा हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि कुछ विभाग अध्यक्ष नहीं चाहते कि उनके विभाग मर्ज हों। क्योंकि वह अभी हाल के दिनों में विभाग अध्यक्ष बने हैं।

विभागों को मर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। वीरवार को हुई बैठक में कुछ सदस्यों की सहमति नहीं बनी है, लेकिन नियमों के मुताबिक विभागों को मर्ज किया जाएगा।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई
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