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मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटीः 32वें दीक्षांत समारोह में 140 पीएचडी 113 एमफिल विद्यार्थियों को मिली डिग्री

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने सत्र 2018-19 के एमफिल के 13, पीएचडी के 181 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और कुलपति ने स्नातकोत्तर पास करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की।

23 जनवरी 2020

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पंचकूला

गुरूवार, 23 जनवरी 2020

ट्राइसिटी की पुलिस अब मिलकर करेगी गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई

चंडीगढ़। पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बैठक की। यह निर्णय लिया गया कि हर तीन महीने में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी बैठक करेंगे। मोहाली, पंचकूला और चंडीगढ़ के एसपी भी हर महीने मिलेंगे और क्राइम को कम करने की योजना तैयार करेंगे। इनके अलावा फील्ड अफसर औसतन हर हफ्ते मिलेंगे और आपसी सहयोग से काम करेंगे।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में ट्राइसिटी की उच्चस्तरीय कमेटी की यह दूसरी बैठक थी। बैठक में चंडीगढ़ के एडवाइजर मनोज परिदा, हरियाणा की चीफ सेक्रेटरी केशनी आनंद और पंजाब के चीफ सेक्रेटरी करण अवतार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर उठाना और उन्हें हल करने का प्रयास करना है। तीनों राज्यों की को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने ट्राइसिटी में लॉ एंड आर्डर के मसले पर विस्तार से बातचीत की। गैंगस्टरों से तीनों राज्यों की पुलिस परेशान है। इस पर काबू पाने के लिए संयुक्त तौर पर ट्राइसिटी की पुलिस को काम करने को कहा गया। ट्राइसिटी में गैंगस्टरों के अलावा स्नैचिंग और चोरी की भी वारदात लगातार बढ़ रही हैं, जिन पर अंकुश लगाने के लिए कहा गया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए होगा सिक्योरिटी ऑडिट
हरियाणा की चीफ सेक्रेटरी केशनी आनंद ने कजौली से अतिरिक्त पानी दिए जाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को धन्यवाद दिया। चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल ने ट्राइसिटी में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (कंट्रोल रूम 112), ई-बीट बुक एक्सटेंशन पर जोर दिया। बैठक के दौरान भिखारियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। इस मसले पर भी चंडीगढ़ के डीजीपी ने मिलजुल कर काम करने की बात कही। यह भी प्रपोजल बना कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों का सिक्योरटी ऑडिट किया जाना चाहिए, जिसमें विभिन्न सेफ्टी पैरामीटरों जैसे लाइटिंग, ओपननैस, विजिबिलिटी, सिक्योरिटी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि की जांच की जानी चाहिए।
सुखना लेक के ईको सेंसेटिव जोन को लेकर अलग से होगी बैठक
सुखना लेक के ईको सेंसटिव जोन, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट का नाम बदलने पर भी बातचीत हुई और इन्हें लेकर अगली मीटिंग में और जानकारी के साथ आने को कहा गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रशासक के एडवाइजर मनोज परिदा की अगुवाई में एक कमेटी बनेगी, जो हेल्थ एवं ट्रांसपोर्ट के मसलों को न केवल देखेगी बल्कि इनका समाधान भी करेगी। प्रशासक ने कहा कि इस कमेटी की जल्द बैठक किए जाने की जरूरत है।
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नगर निगम ने तैयार किया 1349 करोड़ का अनुमानित बजट

चंडीगढ़। नगर निगम इस वर्ष भी केंद्र सरकार के भरोसे है। निगम ने वर्ष 2020-21 के लिए 1349 करोड़ का बजट तो तैयार कर लिया है, लेकिन इसमें से महज 302 करोड़ की ग्रांट ही प्रशासन की ओर से मिलनी है। ऐसे में 1073 करोड़ के फंड के लिए निगम को केंद्र से उम्मीद है। यदि यह बजट नहीं मिला तो बीते वर्ष की तरह इस साल फिर नगर निगम को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ेगी। निगम ने वर्ष 2020-21 के बजट में 436 कैपिटल हेड और 912 करोड़ रेवेन्यू हेड रखा है। बजट में इस बार 303 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 150 करोड़ रुपये पानी के बिलों से निकालने का लक्ष्य है।
नगर निगम में बुधवार को कमिश्नर केके यादव की अध्यक्षता में वर्ष 2020-21 के वित्तीय बजट को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में साल भर में होने वाले खर्चों और रेवेन्यू के बारे में चर्चा हुई। पिछले साल निगम ने चौथे फाइनेंस की रिपोर्ट के भरोसे 1024 करोड़ का बजट तैयार किया था जबकि निगम को प्रशासन से मात्र 276 करोड़ की ग्रांट मिली थी। उसके बाद किसी तरह 375 करोड़ का पूरा फंड मिल सका था। इसके बाद स्थिति यह हो गई कि निगम के पास सड़क बनाने तक के पैसे नहीं थे। इस पर पार्षदों ने प्रशासक के पास जाकर मदद मांगी तब जाकर किसी तरह थोड़ा फंड मिला। केंद्र की नजर नहीं पड़ी तो निगम की वही हालत फिर से होगी। निगम को उम्मीद है कि चौथे फाइनेंस की रिपोर्ट के हिसाब से 1073 करोड़ रुपये मिलेंगे।
गांवों के विकास पर निगम खर्च करेगा 27 करोड़
हाल ही में निगम में 9 गांव शामिल हुए हैं। नगर निगम ने गांव के विकास कार्यों के लिए भी खाका तैयार किया है। निगम में शामिल होने के बाद गांव में फिलहाल कोई भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। वहीं सरपंचों के हटने के बाद ग्रामीणों को अपने काम के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि निगम ने गांव की समस्याओं के लिए कमेटी गठित की है। इनका चेयरमैन मनोनीत पार्षदों को बनाया गया है। निगम ने गांवों में विकास कार्य के लिए 27 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। कमेटी के सुझावों के बाद इन गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें 18 करोड़ से पब्लिक हेल्थ के काम जबकि 9 करोड़ रुपये से बीएंडआर के काम कराए जाएंगे। वहीं 23.50 करोड़ रुपये से कालोनियों में विकास कार्य की योजना है।
ई-ऑफिस के लिए 10 करोड़ का बजट
निगम अपने खर्चों में कटौती करना चाह रहा है। सदन की बैठक में भी कमिश्नर ने कहा था कि फिलहाल री-स्ट्रक्चरिंग की जरूरत है ताकि पता चले कि कौन सा कर्मचारी कहां काम कर रहा है। निगम ने ई-ऑफिस के लिए 10 करोड़ का बजट तैयार किया है। इससे कई काम मैनुअल ल होकर ऑनलाइन हो जाएंगे। इससे कर्मचारियों के कामकाज की जानकारी हो सकेगी। वहीं आउटसोर्स के कर्मचारियों को भी निगम कम कर सकेगा।
अब फील्ड ऑफिसर को मिलेंगी गाड़ियां
निगम ने हाल ही में वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया है। वहीं स्वच्छता अभियान में अव्वल आने के लिए भी पूरा प्रयास कर रहा है, लेकिन गाड़ी न होने के कारण इंफोर्समेंट विंग के सब इंस्पेक्टर और एमओएच के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अभी क्षेत्र में ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं इसलिए इंफोर्समेंट विंग के 12 सब इंस्पेक्टर और एमओएच के आठ सीएसआई को गाड़ी देने की तैयारी है। गाड़ी में लाउड स्पीकर, माइक सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी ताकि आसानी से लोगों तक सूचना पहुंचाई जा सके। इन गाड़ियों की लगभग 38 करोड़ का एस्टीमेट बनेगा।
100 करोड़ से सड़कों की हालत सुधारने का लक्ष्य
शहर की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। जर्जर सड़कों से गुजरना जैसे लोगों के लिए दुश्वार हो गया है। निगम जल्द ही इनकी मरम्मत की बात कह रहा है। निगम ने इस साल सड़क के निर्माण कार्य व मरम्मत के लिए 100 करोड़ का बजट तैयार किया है। इसमें 55 करोड़ से खस्ताहाल सड़कों के निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार किया है। निगम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर से अनुबंध किया है। सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर निगम शहर की सड़कों को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।
स्वच्छता अभियान बेहतर रैंकिंग के लिए बदलेंगे शौचालयों की दशा
चंडीगढ़ लगातार स्वच्छता अभियान में पिछड़ रहा है। इस बार निगम ने ओडीएफ प्लस प्लस के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन बड़ी बात यह है कि शहर में सार्वजनिक शौचालयों की हालत ठीक नहीं है जबकि ओडीएफ प्लस प्लस में इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है। वहीं दिव्यांगों के लिए भी अलग शौचालय है। फंड न होने के कारण निगम शौचालयों की सूरत भी नहीं बदल पा रहा था। निगम ने इस बार शौचालयों की दशा सुधारने के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
रेवेन्यू में इजाफे के लिए बढ़ाएंगे टीटी वाटर की क्षमता
अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए निगम इस बार सबसे ज्यादा पानी सप्लाई पर निर्भर है। हालांकि अगस्त माह में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि निगम को हर साल 82 करोड़ का घाटा पानी सप्लाई में हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017-18 में नगर निगम ने पानी पर 160.63 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि पानी से नगर निगम को मात्र 78.74 करोड़ रुपये का ही रेवेन्यू मिला। अब निगम ने टर्सरी ट्रीटेड वाटर की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। निगम ने 10.50 करोड़ की लागत से पाइप लाइनों की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
प्रॉपर्टी टैक्स से 48 करोड़ का रेवेन्यू लाने का लक्ष्य
नगर निगम ने इस बार प्रॉपर्टी टैक्स से 48 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 13 करोड़ रेजिडेंशियल और 35 करोड़ रुपये कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की तैयारी है। कुछ दिन पहले ही निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा किया है। ऐसे में निगम को इस विभाग से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
कचरा उठाने के लिए खरीदेंगे 350 गाड़ियां
शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए निगम का 350 गाड़ियां खरीदने का भी प्रस्ताव है। हालांकि इसे स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी खरीदने पर विचार है। चूंकि गारबेज कलेक्टरों से समझौते के अनुसार निगम को ही गाड़ियां खरीदना है। स्वच्छता अभियान में बेहतर रैंकिंग के लिए यह कदम भी महत्वपूर्ण है। वहीं सेक्टर 39 स्थित वाटर वर्क्स पर भी निगम 36 करोड़ रुपये खर्च करेगा ताकि पेयजल व्यवस्था को और मजबूती मिल सके।
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ट्रिब्यून फ्लाईओवर पर पंजाब-हरियाणा ने झाड़ा पल्ला, बोले- चंडीगढ़ की समस्या, वही समझें

चंडीगढ़। यूटी गेस्ट हाउस में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में हुई पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिकारियों की बैठक में ट्रिब्यून फ्लाईओवर का मुद्दा भी गरमाया। बैठक के दौरान एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों से सहमति लेने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ही प्रदेश के अधिकारियों ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह चंडीगढ़ की समस्या है, इससे उनका कोई लेनादेना नहीं है। इसके लिए चंडीगढ़ ही हल निकाले।
बैठक में ट्रिब्यून फ्लाईओवर के मुद्दे पर पंजाब के मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर बनाने का मामला चंडीगढ़ प्रशासन का है और इस पर अंतिम फैसला भी यहां के ही अधिकारियों को करना है। इसमें पंजाब कोई दखल नहीं दे सकता है। पंजाब की तरफ से कहा गया कि चंडीगढ़ प्रशासन को तय करना है कि वह किस प्रकार शहर में ट्रैफिक की समस्या का समाधान करते हैं और इसके लिए क्या प्रबंध करने हैं। बैठक में हरियाणा की मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ प्रशासन को सुझाव दिया कि वह ट्रिब्यून चौक को हटाकर, वहां पर लाल बत्ती लगाकर एक प्रयोग करके देख सकते हैं। उन्होंने सेक्टर 17/18/8/9 की लाल बत्ती का उदाहरण दिया। पंजाब की तरफ से कहा गया कि ट्रिब्यून चौक चंडीगढ़ के क्षेत्र में आता है, इसलिए पंजाब इस मामले में दखल नहीं दे सकता है। अब फिर से चंडीगढ़ के पाले में गेंद आ गई है। फ्लाईओवर को लेकर फिर असमंजस की स्थिति बन गई है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दिए थे निर्देश
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर के मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि ट्रैफिक की समस्या सिर्फ चंडीगढ़ की समस्या नहीं है। पंजाब और हरियाणा भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों की जिम्मेदारी बनती है कि वह चंडीगढ़ में बढ़ रहे ट्रैफिक को दूूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएं। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को यह सुझाव दिया था कि पंजाब और हरियाणा के साथ मिलकर कोई व्यापक प्लान तैयार करें, जिससे कि ट्राइसिटी की समस्या दूर हो सके।
कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए एयरपोर्ट पर लगेगा काउंटर
बैठक में पंजाब व हरियाणा के सीनियर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि वर्तमान में चीन के कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयपोर्ट पर विशेष काउंटर लगाया जाए। चंडीगढ़ में भी चीन की यात्रा से वापस आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने को कहा गया। इससे कोरोना वायरस की जांच एवं पीड़ित मरीजों को आइसोलेशन वार्डों में रखा जा सके। बैठक में तीनों प्रदेशों के अधिकारियों को इस वायरस से अलर्ट रहने को कहा गया ताकि समय रहते इससे बचाव हो सके।
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काग्रेंस में पांच जिला अध्यक्ष और 38 ब्लॉक अध्यक्ष बनाने की मंजूरी

चंडीगढ़। कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चंडीगढ़ कांग्रेस में अब पांच जिला अध्यक्ष और 38 ब्लॉक अध्यक्ष बनाने की मंजूरी दे दी है। पहले इनकी संख्या तीन और 26 थी। कांग्रेस की प्रभारी आशा कुमारी ने बुधवार को यह सूचना दी। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने दोनों का धन्यवाद किया और कहा कि जल्द ही चंडीगढ़ कांग्रेस की कार्यकारिणी का पुनर्गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी को भंग करने के बाद से नए परिस्वरूप के तहत कार्यकारिणी बनाने की मंजूरी मिली है। इससे निचले स्तर से लेकर ऊपर तक संगठन को मजबूती मिलेगी। इससे बूथ लेवल तक काम करने की ताकत मिलेगी, जिसका नगर निगम के चुनाव में बहुत फायदा होगा। ... और पढ़ें

एडवाइजरी काउंसिल की सब-कमेटी के ‘एक्शन’ से प्रशासन खफा

चंडीगढ़। यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ओर से बनाई गई एडवाइजरी काउंसिल की सब-कमेटी के ‘एक्शन’ से प्रशासन के अधिकारी इन दिनों खफा नजर आ रहे हैं। बीते दिनों स्पोर्ट्स की एडवाइजरी काउंसिल की सब-कमेटी ने सेक्टर-16 का दौरा किया था और फिर एक प्रेस बयान जारी किया था। सूत्रों के अनुसार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने संबंधित विभाग से इस दौरे के संबंध में जानकारी मांगी है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एडवाइजरी काउंसिल की सब-कमेटी के सदस्य बैठक में सिर्फ सुझाव देने के लिए आमंत्रित किए जाते हैं। वह ऐसी किसी जगह जाकर आदेश नहीं दे सकते हैं। काम करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
इस वाकये के बाद प्रशासन ने सभी विभाग के डायरेक्टर से भी बात की है और उन्हें कहा गया है कि अगर सब-कमेटी के अध्यक्ष की ओर से किए जाने वाले दौरे में शामिल होना, उनके लिए कोई बाध्यता नहीं है। गौरतलब है कि कुछ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष की तरफ से उनके क्षेत्र में आने वाले पार्क, कम्युनिटी सेंटर आदि का बटवारा कर लिया गया था कि वह ही उनकी देखरेख करेंगे। इसे लेकर भी प्रशासन के अधिकारी काफी खफा हैं। इनमें से कुछ एडवाइजरी काउंसिल की सब-कमेटी के सदस्य भी हैं।
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रणजी ट्रॉफी : चंडीगढ़ और गोवा के बीच मुकाबला ड्रा

चंडीगढ़। गोवा के शहर पौरवरम में रणजी ट्रॉफी मुकाबला चंडीगढ़ और गोवा के बीच ड्रा रहा। मंगलवार तक चंडीगढ़ के बेहतरीन प्रदर्शन ने जीत की उम्मीद दिखाई थी, लेकिन बुधवार को रणजी ट्राफी के आखिरी दिन गोवा की ओर से सुमिरन अमोनकर और अमुल्य पंडेरकर के बीच 112 रनों की पार्टनरशिप ने चंडीगढ़ के हाथों से जीत छीन ली। चंडीगढ़ को एक पारी में बढ़त के आधार पर 4 अंक और गोवा को 3 अंक से संतोष करना पड़ा। मैच ड्रा होने के बावजूद चंडीगढ़ प्लेट ग्रुप में शीर्ष पर कायम है।
इससे पहले गोवा ने मंगलवार के अपने स्कोर 87 पर 2 विकेट से आगे खेलना शुरू किया। नाबाद खिलाड़ी सुमिरन अमोनकर और अमुल्य पंडेरकर ने बुधवार को स्कोर आगे बढ़ाना शुरू किया। दोनों ने चंडीगढ़ के गेंदबाजों की गेंदों पर ग्राउंड के चाराें ओर शॉट्स लगाने में लगे रहे। पहली पारी में शून्य पर आउट होने वाले सुमिरन ने इस पारी में धैर्यपूर्ण खेल का परिचय देते हुए 192 गेंदाें पर अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं, दूसरे छोर डट कर खेल रहे अमुल्य पंडेरकर ने 172 गेंदाें पर अपना अर्धशतक बनाया। लंच तक चंडीगढ़ के गेंदबाज बिना विकेट केरहे। कोई भी गेंदबाज 60 ओवर तक विकेट नहीं ले पाया। सुमिरन अमोनकर और अमुल्य पंडेरकर के बीच 112 रनों की पार्टनरशिप हुई। खतरनाक होती जा रही इस पार्टनरशिप का अंत गेंदबाज श्रेष्ठ निर्मोही ने तब किया, जब इस गेंदबाज ने अमुल्य पंडेरकर को 60 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया। इसके बाद टीम ने अभी 14 रन ही जोड़े थे कि गेंदबाज गुरिंदर सिंह ने गोवा के कप्तान अमित वर्मा को आउट कर टीम का स्कोर 5 विकेट पर 206 रन किया।
इसके बाद चंडीगढ़ के कप्तान मनन वोहरा ने फॉर्म मे चल रहे गेंदबाज जसकरनदीप सिंह के हाथाें गेंद थमाई। इस गेंदबाज ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया और बेहतरीन खेल रहे सुमिरन अमोनकर को 64 रन के निजी स्कोर पर चलता किया। जसकरनदीप ने अगला शिकार सूर्यांश को 7 रन के निजी स्कोर पर बनाया। अंतिम दिन का खेल खत्म होने तक गोवा 6 विकेट पर 253 का स्कोर बना चुका था। स्नेहल 73 गेंदों पर 30 रन बनाकर नाबाद और दर्शन मिसल नाबाद रहे। गेंदबाजी में चंडीगढ़ से गुरिंदर सिंह ने 35 रन देकर 2 विकेट, जसकरनदीप सिंह ने 44 रन देकर 2 विकेट, श्रेष्ठ निर्मोही ने 49 रन देकर 1 विकेट और जगजीत सिंह ने 52 रन देकर एक विकेट चटकाया। चंडीगढ़ को अब अपना मुकाबला अपने ही शहर के सेक्टर 16 क्रिकेट स्टेडियम में 27 जनवरी को पुडूचेरी के खिलाफ खेलना है।
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पंजाब पुलिस का मुखबर बन बनाया वाहन चोरी गैंग, 34 दो पहिया वाहन बरामद

चंडीगढ़। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने एक ऐसे दोपहिया वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जो पंजाब पुलिस का मुखबिर बनकर पहले तो एक गैंग बनाया फिर शहर के अलग-अलग जगहों से दोपहिया वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने लगा। पुलिस ने गैंग के मोहाली (एसएएस नगर) निवासी मुख्य आरोपी कवि सिंह (21), बलिहार सिंह (19), सरनजीत सिंह (19), सोहानी निवासी सैंटी कुमार (19), बलजिंदर सिंह उर्फ हैप्पी (21), छतबीड़ निवासी अजविंदर सिंह और पटियाला के गांव लंग निवासी हरदीप उर्फ दीप (22) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 13 बुलेट, 15 बाइक और 6 एक्टिवा बरामद हुआ है। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह चोरी के वाहनों को पंजाब के गांवों में भोल-भाले लोगाें को सस्ते दामों में बेचा करते थे।
एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने बताया कि थाना प्रभारी अमनजोत सिंह की अगुवाई में सेक्टर-39 स्थित पेट्रोल पंप के पास से कवि सिंह, बलिहार सिंह, सरनजीत सिंह, सैंटी, बलजिंदर और हरदीप को डकैती की साजिश रचने के मामले में दबोचा गया। पुलिस ने इनके कब्जे छह दोपहिया वाहन बरामद किया। आरोपियों के निशानदेही पर अजविंदर सिंह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर सभी का दो-दो दिन का रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले दो साल से वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने कुल इनके पास से 34 वाहनों को बरामद किया।
ऐसे शुरू हुआ गैंग
एसएसपी ने बताया कि आरोपी कवि सिंह मोहाली में रहकर ऑटो चलाता था। कुछ समय पहले कवि एक लड़की के केस में आरोपी था। बाद में मामला रफा-दफा होने के चलते वह पंजाब पुलिस का मुखबिर बन गया। पुलिस से जान-पहचान के बाद आरोपी कवि ने गैंग तैयार कर दोपहिया वाहनों को मास्टर चाबी से चोरी करना शुरू कर दिया। यह गैंग बुलेट चोरी करने का शौकीन है। इसके बाद वह फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, खरड़ समेत पंजाब के अन्य गांवों के भोले भाले लोगों को वाहनों की एनओसी बाद में देने की बात कहकर कम दामों में बेच दिया करते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अब तक करीब 70 से ज्यादा चोरी के वाहनों को बेच चुके हैं।
नशे के आदी हैं आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कवि, हरदीप दसवीं तक पढ़ा है, जबकि सरनजीत बीसीए की प्रथम ईयर का छात्र है। पकड़े गए कुछ आरोपी नशे के आदी हैं। नशे की लत को पूरा करने के लिए वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस अब उन आरोपियों को दबोचने में जुटी है, जो इन आरोपियों को नशा सप्लाई करते थे।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने की शहर के कार्यों की समीक्षा

चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सक्त्रिस्य प्रशासन और विभिन्न प्रॉजेक्ट्स की समीक्षा के लिए 32वीं ‘प्रगति’ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शहर के अधिकारियों से विभिन्न कार्यों को लेकर शहर के अधिकारियों से सीधी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने शहर में रेलवे प्रोजैक्टों जो लंबित पड़े हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी ली। चंडीगढ़ रेलवे स्टेेशन को स्मार्ट बनाने के प्रस्ताव पर भी पीएम ने अधिकारियों से पूछा, कि इसका काम किस स्तर तक पहुंचा है।
प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ में बैंकिंग एवं इंश्योरेंस सैक्टर की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। यही नहीं पीएम ने चंडीगढ़ के पुलिस रिकार्ड का कंप्यूटराइजेशन करने के प्रस्ताव पर भी जानकारी ली। पीएम ने कहा कि शहर में पुलिस का रिकार्ड का पूरा कंप्यूटरीकरण होना चाहिए ताकि किसी अपराधी का पता लगाना हो तो किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े और शहर को क्त्रसइम फ्री करने पर फोकस किया जाए। इस बैठक में चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी के साथ गृह सचिव, ट्रांसपोर्ट सचिव, वित्त सचिव, उपायुक्त आदि मौजूद थे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2015 में %प्रगति% की शुरुआत की थी। इस प्लेटफॉर्म पर केंद्र और राज्य सरकारों की अलग-अलग परियोजनाओं पर बात की जाती है। इसमें यह भी पता चलता है कि किस परियोजना की क्या स्थिति है और उसका विकास किस स्तर तक पहुंचा है। परियोजना के विकास के बारे में एक साथ पूरी जानकारी यहां उपलब्ध होती है। प्रगति सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित एक बहुउद्देश्यीय मंच है।
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कांट्रैक्ट कर्मी ने हटाने पर सीएम विंडो में दी शिकायत

रायपुररानी। पंचकूला में स्थित कृषि एवं कल्याण विभाग कार्यालय में कांट्रैक्ट बेस पर तैनात रायपुररानी क्षेत्र के एक युवक को लगभग दो वर्ष के बाद बिना कोई नोटिस दिए नियमों को ताक पर रख रिलीव कर दिया जिस पर युवक ने कई बार जिला अधिकारी के समक्ष चक्कर लगाने पर बेवजह गुमराह करने व अधिकारी की कार्यप्रणाली बारे उच्चस्तरीय जांच सीएम विंडो पर की।
गांव छोटा त्रिलोकपुर निवासी शिकायतकर्ता विकास शर्मा पुत्र अजीत राम ने सीएम विंडो पर की शिकायत में बताया कि कांट्रैक्ट बेस पर रखे कर्मचारियों जिला कृषि कार्यालय में उसकी 4 मई 2018 को ऑफिस एसोसिएट के रूप में नियुक्ति हुई थी जोकि 31 मार्च 2020 तक स्वीकृत थी लेकिन जिला अधिकारी वजीर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर कर्मचारी की सिनयोरिटी को दरकिनार करते हुए जबरदस्ती दिसंबर 2019 में हटा दिया। विकास ने बताया जिला अधिकारी द्वारा कार्यालय में तैनात स्टाफ मे दो जूनियर लड़कियों को 15 दिन पहले अवगत करवा दिया था कि उनकी सेवाएं दिसंबर 2019 में समाप्त कर दी जाएगी लेकिन उसमें से एक लड़की को बिना कानून की पालना किए व नियमों के विरुद्घ आत्मा स्कीम के अंतर्गत एडजस्ट कर दिया गया।
जब वह जिला अधिकारी वजीर सिंह के समक्ष खाली पड़े पद की नियुक्ति व अपने रिलीव का कारण जानने पहुंचा तो उसे आश्वासन दिया गया कि उस पद पर किसी ओर की नियुक्ति करनी है व एक सप्ताह में आपको को भी एडजस्ट कर दूंगा जिसके बाद विकास को गुमराह करते बरवाला स्थित ब्लाक स्तरीय कृषि कार्यालय में 13 जनवरी को ज्वाइन करने को कहा लेकिन वहां से संदेश मिला कि अगले दिन पंचकूला ऑफिस मिलने को बुलाया। शिकायत अनुसार अगले दिन पंचकूला पहुंचने पर पिंजौर में ज्वाइन करने का झांसा दिया गया, लेकिन कोई नियुक्ति न होने पर उच्चस्तरीय जांच के लिए सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई।
मेरे ऊपर लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं व कार्यालय में दो स्थायी कर्मचारी आने के बाद जिन कांट्रैक्ट कर्मचारियों का कार्य संतोषजनक नहीं था उन्हें रिलीव किया गया व कांट्रैक्ट कर्मचारियों में कोई कोई सिनयोरिटी नहीं होती। वहीं अधिकारी ने यह भी कहा कि विकास ने कार्यालय का बहुत रिकॉर्ड भी गायब किया हुआ है जिस बारे सूचित कर दिया है।
वजीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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केंद्रीय मंत्री ने विजय बंसल के ज्ञापन पर लिया संज्ञान

पिंजौर। शिवालिक विकास मंच अध्यक्ष द्वारा 5 जनवरी को केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री को दिए ज्ञापन पर कार्रवाई करते हुए मंत्री के निजी सचिव ने उचित कार्रवाई करने की जानकारी दी है। विजय बंसल ने ज्ञापन में मांग करते बताया था कि नवंबर 2019 से फास्टैग की अनिवार्यता के बाद टोल कंपनी द्वारा केवल 1 महीने के लिए ही लोकल पास को रिचार्ज किया जा रहा है जिससे हर समय भीड़ रहती है व जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल, इस लोकल पास से क्षेत्र के हजारों हजार लोग लाभ उठा रहे हैं। यदि हर माह दोबारा रिचार्ज करवाने के लिए लोग जाते हैं तो समय की बर्बादी तो होगी ही इसके साथ साथ मानसिक रूप से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोकल पास को रिचार्ज करने के लिए ऑनलाइन भी कोई रिलायबल सोर्स नहीं है जिससे जनता परेशान हो रही है।
इस समस्या को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने गंभीरतापूर्वक लिया और विजय बंसल को मंत्री के निजी सचिव ने पत्र लिखकर सूचित किया कि 14 जनवरी को ही एनएचएआई के चेयरमैन को मामले की जांच व उचित कार्रवाई के आदेश के साथ समस्या के समाधान के लिए पत्र भेज दिया है। विजय बंसल ने बताया कि स्थानीय लोगो को बहुत जल्द पहले की तरह 3 व 6 महीने के लिए मासिक पास बनाने की सुविधा मिलने लगेगी।
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कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बस हुई रद्द, हरियाणा रोडवेज पर जुर्माना

चंडीगढ़। साल 2018 में हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की तरफ से बुलाई गई हड़ताल की वजह से बस को रद्द करना हरियाणा रोडवेज को महंगा पड़ गया। स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने हरियाणा रोडवेज को एक मामले में दोषी ठहराते जुर्माना लगाया है।
पंजाब के कुराली निवासी मनजिंदर सिंह सैनी ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ से दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ बस स्टैंड से रात डेढ़ बजे जाने वाली हरियाणा रोडवेज की वोल्वो की दो टिकट बुक कराई। इसके लिए उन्होंने 1,360 रुपये के अलावा 50 रुपये रिजर्वेशन चार्जेस के रूप में भी अदा किए। उन्हें और उनकी पत्नी को दिल्ली एयरपोर्ट से गोवा जाना था। दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए उन्होंने हरियाणा रोडवेज की वोल्वो बुक कराई थी, लेकिन जब वह बस स्टैंड पहुंचे तो उन्हें पता लगा कि हरियाणा रोडवेज की तरफ से वोल्वो बस को रद्द कर दिया गया है। रात डेढ़ बजे उन्हें कोई और रास्ता नजर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने तत्काल 10 हजार रुपये खर्च कर एक टैक्सी बुक की और फिर दिल्ली गए। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि रोडवेज की तरफ से बस को रद्द करने की जानकारी भी नहीं दी गई। इस वजह से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता की शिकायत को खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने फोरम के आदेशों को स्टेट कमीशन में चुनौती दी थी। हरियाणा रोडवेज ने अपने जवाब में कहा कि 16 अक्तूबर 2018 से लेकर 2 नवंबर 2018 के बीच हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल थी। यह हड़ताल कर्मचारियों की तरफ से अचानक बुलाई गई थी। इस वजह से वह जानकारी नहीं दे पाए। स्टेट कमीशन ने हरियाणा रोडवेज की दलीलों को नहीं माना और दोषी ठहराया है।
स्टेट कमीशन ने जारी किए यह आदेश
स्टेट कमीशन ने टैक्सी किराए के रूप में खर्च किए 10 हजार रुपये हरियाणा रोडवेज की तरफ से शिकायतकर्ता को चुकाने के आदेश दिए। इसके साथ ही शारीरिक उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना झेलने के लिए 25 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर अदा करने के आदेश दिए। इसके साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में भी 5 हजार रुपये देने के आदेश दिए। इन आदेशों की पालना 45 दिन के अंदर करनी होगी।
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सिक्कम के खिलाफ चंडीगढ़ लड़खड़ाया

चंडीगढ़। कर्नल सीके नायडू ट्राफी के दूसरे दिन बुधवार को सिक्किम के गेंदबाजाें के आगे चंडीगढ़ विवश दिखाई दिया। गेंदबाज संदीप के 5 और दिनेश के 3 विकेट की बदौलत गोवा ने चंडीगढ़ की पूरी पारी को 173 रन के स्कोर पर समेट दिया। जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक सिक्किम 61 रन पर एक विकेट खो चुका है।
इससे पहले चंडीगढ़ ने मंगलवार कोअपने स्कोर 45 रन पर एक विकेट से आगे बुधवार को खेलना शुरू किया। टीम के जल्द ही एक के बाद एक तीन विकेट गिर गए। उस समय 99 के कुल स्कोर पर चंडीगढ़ की आधी टीम पैवेलियन लौट चुकी थी। गेंदबाज संदीप ने सटीक गेंदबाजी करते हुए सनयू सैनी को 3 रन, तरनप्रीत सिंह को 22 रन, आयुष सिक्का को 24 रन, भागमेंदर लादेर को 8 रन, हर्षित सिंह को 13 के स्कोर पर चलता किया। इसके बाद कप्तान अमृत लुभाना ने कुछ देर पिच पर टिक कर खेलने की कोशिश की, लेकिन वह 21 के निजी स्कोर पर गेंदबाज मनोज की गेंद का शिकार बने। इसकेबाद संचित साहू शून्य, तुषार जोशी 18, मनदीप सिंह 13, शिवांग सैनी 2 रन पर आउट हुए। पूरी टीम 68 ओवर खेल कर 173 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई। चंडीगढ़ से बल्लेबाज निपुण पंडिता सबसे अधिक नाबाद 36 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। जवाब में दिन का ख्ेाल खत्म होने तक सिक्किम 61 रन पर अपना एक विकेट खो चुकी है। गेंदबाज शिवन सैनी ने सौरव कुमार को 14 के निजी स्कोर पर चलता किया। अविनाश 31 रन और शंकर 10 रन बनाकर नाबाद रहे।
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पीयू 2014-15 बैच के विद्यार्थियों को मिला गोल्डन चांस

चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने प्रोफेशनल कोर्सेस के विद्यार्थियों को गोल्डन चांस दिया है। यह चांस सिर्फ सेमेस्टर सिस्टम वाले कोर्सेज के विद्यार्थियों के लिए ही है। इसके अतंर्गत ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन के कोर्स शामिल हैं। कोर्सेज की अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी पीयू की वेबसाइट ugexam.puchd.ac.in और pgexam.puchd.ac.in पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए पीयू ने नोटिस भी जारी कर दिया है।
पीयू वेबसाइट के आधिकारिक नोटिस के अनुसार परीक्षा अप्रैल में होगी। विद्यार्थियों को इसके लिए 24 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन करनी है और 26 फरवरी तक फीस जमा करवानी है। स्टूडेंट काउंसिल के ज्वॉइंट सेक्रेटरी मनप्रीत माहल ने बताया कि उन्होंने इसके लिए कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को कई बार ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद यह मुद्दा सीनेट और सिंडिकेट की बैठकों में उठाया गया। इसके बाद पीयू प्रशासन ने सोमवार को विद्यार्थियों के गोल्डन चांस के लिए नोटिस जारी कर दिया।
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