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पूर्व कांग्रेस मंत्री ने वापस ली बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका, बोले- मेरा हो चुका है समझौता

 जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के बाद रोहतक पहुंचे बाबा रामदेव के खिलाफ दर्ज केस वापस हो गया है।

27 जनवरी 2020

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पानीपत

सोमवार, 27 जनवरी 2020

आरटीए ने सवारियों से भरी निजी बस को किया इंपाउंड, 12 घंटे बाद जुर्माना भरने पर छोड़ा, 50 सवारियों को नहीं उपलब्ध कराई दूसरी बस

आरटीए ने सोमवार रात करीब दस बजे एक स्लीपर बस को 50 सवारियों समेत ही इंपाउंड कर पानीपत डिपो की वर्कशॉप में खड़ा कर दिया। बस मालिक पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और मंगलवार की सुबह 10 बजे जुर्माना वसूलने के बाद बस को छोड़ा गया। इस दौरान 12 घंटे तक सवारी बस में मौजूद महिला, बुजुर्ग और बच्चा सवारी सात डिग्री सेल्सियस की ठंड में ठिठुरतेे रहे। इसके बावजूद अधिकारियों इतनी जहमत नहीं उठाई कि उत्तर प्रदेश जा रही इन सवारियों के लिए वैकल्पिक साधन का इंतजाम किया जाए। यात्रियों ने आरटीए अधिकारियों के सामने मिन्नतें की कि बस चालक की गलती का खामियाजा वह क्यों भुगते, लेकिन अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सुबह सवारियों ने दूसरी बस पकड़ी और फिर से टिकट लेकर और अपने गंतव्यों तक पहुंच सके।
इस तरह अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे
इस प्रकरण में अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे। आरटीए अधिकारियों का दो टूक जवाब था कि उनके पास चालन करने का अधिकार है। सवारियों की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया। आरटीए सचिव एडीसी से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल उठाना ही उचित नहीं समझा। परिवहन विभाग के एसीएस का कहना था कि कानून के आगे संवेदनाएं काम नहीं करती हैं।
ओवरलोडिंग और रोड टैक्स जमा नहीं होने पर बस को पकड़ा
आरटीए अधिकारियों ने सोमवार रात को गश्त के दौरान यूपी नंबर की एक बस जो पंजाब से वाया दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश जा रही थी उसको पकड़ लिया। बस का ओवरलोडिंग और रोड टैक्स जमा न करने पर बस इंपाउंड कर दिया। बस को उसमें सवार 50 सवारियों समेत पानीपत डिपो के वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया। यात्रियों ने अधिकारियों से कई बार मिन्नत करी। उनका कहना था कि इतनी रात को वो कहां जाएंगे, क्योंकि उन्हें कोई साधन नहीं नहीं मिलेगा। ऐसे में आरटीए अधिकारी सवारियों के लिए दूसरी बस उपलब्ध करा सकते थे, जो उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं, इस बारे में आरटीए सचिव एवं एडीसी प्रीति से फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्हाेंने फोन नहीं उठाया।
यह बोले अधिकारी
बस के कागजात अधूरे होने पर उसे बंद किया गया था। प्राइवेट बस चालक को ही चालान भरने या सवारियों के लिए दूसरी बस का इंतजाम करने के लिए कहा गया था। -शम्मी शर्मा, आरटीए सह सचिव
रात को ठंड में बस में बैठी सवारियां कानून के लिए कोई मायने नहीं रखती। इस बारे में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से बात करिए। -एसएन रॉय, एसीएच परिवहन विभाग
अगर बस का चालन करना था तो दूसरी बस का इंतजाम भी करना था : परिवहन मंत्री
जिन अधिकारियों ने बस में सवार सवारियों के साथ ऐसा किया है, उन्हें खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अगर अधिकारियों को बस का चालान करना ही था तो सवारियों के लिए दूसरी बस का इंतजाम भी करना बनता है। अन्यथा बस के कागजात अपने पास रखवाकर चालान कर, सवारियों को उनके गंतव्य तक छोड़ना उनका फर्ज था। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री, हरियाणा सरकार।
पहले भी आरटीए कर चुका है यह कारनामा
इससे पहले 13 जनवरी को आरटीए ने उत्तर प्रदेश नंबर की एक सवारियों से भरी बस को पकड़ा था। जिसे दोपहर बजे पकड़ने के बाद रात आठ बजे छोड़ा था। इस बस के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। ड्राइवर और कंडक्टर पर बगैर वर्दी होने पर 100-100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि दिन का वक्त होने की वजह से सवारियों को दूसरी बस मिल गई थी। सोमवार की रात भी एक बस को शाम साढ़े चार बजे पकड़कर रात साढ़े 10 बजे छोड़ा गया, इस बस पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि इस बस में सवारियों नहीं थीं।
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हैंडलूम कारोबारी से सात लाख अवैध वसूली मांगने व पिस्तौल से हमला करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने दबोचा

हैंडलूम कारोबारी शीला निवासी शामड़ी हाल किरायेदार मॉडल टाउन पर शनिवार की देर सायं जान से मारने की नीयत से गोली चलाने की वारदात को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को सीआइए-थ्री ने सनौली रोड से काबू किया है। इस मामले को लेकर लघु सचिवालय में पत्रकार वार्ता की गई। वहीं, पुलिस ने आरोपियों द्वारा वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल, दो कारतूस सहित एक गाड़ी को बरामद किया है।
उप-पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार वत्स ने बताया कि शनिवार शाम आरोपी रविंद्र उर्फ नन्हा निवासी डाहर ने अपने साथी रमन, मंजीत, दिनेश और मोहित के साथ मिलकर हैंडलूम कारोबारी शीला पर पैसों के विवाद के चलते गोली चलाकर जानलेवा हमले का प्रयास किया था। वारदात के बाद से सीआईए-थ्री की टीम लगातार दबिश दे रही थी। सोमवार देर सायं आरोपी रविंद्र उर्फ नन्हा, रमन, मंजीत, दिनेश निवासी डाहर और मोहित निवासी भावड़ जिला सोनीपत को सनोली रोड स्थित शिव चौक के पास से आरोपियों को काबू किया है। वहीं, आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयोग की गई रविंद्र उर्फ नन्हा की लाईसेंसी 32 बोर पिस्तौल, दो कारतूस और क्रेटा गाड़ी भी बरामद की गई है।
पिस्तौल का लाइसेंस बरामद करने के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया नन्हा
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आरोपी रमन, मंजीत, दिनेश और मोहित को न्यायिक हिरासत भेजा गया और आरोपी रविंद्र उर्फ नन्हा से पिस्तौल का लाइसेंस बरामद करने के लिए उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
थाना मॉडल टाउन में शीला ने शिकायत दे बताया था कि उसका हैंडलूम का कारोबार है। उसका नन्हा निवासी डाहर के साथ पैसों का लेन-देन था। पीड़ित ने नन्हें के 2.3 लाख रुपये देने थे, जिसके बदले आरोपी नन्हा उससे चार लाख नकद ऐंठ चुका है और उससे सात लाख रुपये इनके अलावा मांग रहा है। उसने मना किया तो शनिवार रात को आरोपी नन्हें ने अपने साथियों संग मिलकर उस पर तीन से चार फायर दागे, जिसमें वह बच निकले थे। इसी के साथ ही आरोपी ने अपने साथियों से गाड़ी पर बिंडो से हमला करवाया। पीड़ित के साथ उसका साथी भी था। दोनों ने मॉडल टाउन चौकी के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई।
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सात साल की बच्ची से छेड़छाड़ कर रहे मौलवी को लोगों ने धुना

गंगाराम कॉलोनी में सोमवार की शाम 7 वर्षीय मासूम के साथ मदरसे में छेड़छाड़ करते पाए जाने पर लोगों ने मौलवी को जमकर धुना और पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मौलवी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया है, हालांकि पुलिस ने दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि नही की है। मौलवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
शाम 4:30 बजे मदरसे की दूसरी शिफ्ट की छुट्टी होती है, लेकिन छुट्टी होने के दो घंटे बाद भी बच्ची अपने घर नहीं पहुंची। जिस कारण परिजन परेशान हो गए और उनकी बेटी के साथ ही मदरसे में पढ़ने वाली एक बच्ची के घर पहुंचे। बच्ची ने बताया कि मौलवी साहब ने उनकी बेटी को छुट्टी होने के बाद कोई काम बताकर रोक लिया था, जिसके बाद वह घर लौट आयी थी। परिजन बेटी को खोजते हुए मदरसे पहुंचते हैं, जहां पर वह मौलवी को उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ पाया। परिजन मौलवी को घसीटते हुए मदरसे से बाहर लेकर आए और जमकर पिटाई की। लोगों ने मौलवी को पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ मौलवी ने दुष्कर्म किया है, हालांकि अभी बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। जिसके चलते पुलिस ने मासूम के साथ दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि नही की है। पुलिस ने मौलवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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गैंगरेप के दो आरोपी रिमांड पर

मॉडल टाउन के डीएवी पार्क में शुक्रवार को 14 वर्षीय किशोरी से कार के अंदर दो युवकों ने चार घंटे तक बारी-बारी से रेप किया। रेप करने के बाद कार से उतारने के दौरान किशोरी गिर गई तो आसपास के लोगों ने कार सवार दो लड़कों को दबोचा। शराब के नशे में धुत होने की वजह से लड़के भाग नहीं सके और दोनों को लोगों ने पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं दो डॉक्टरों के बोर्ड ने मिलकर किशोरी का मेडिकल किया और सैंपल लेकर मधुबन भेज दिया। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों युवकों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक मॉडल टाउन में शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे चार युवक कार में बैठकर शराब पी रहे थे। इनमें से एक युवक ने किशोरी को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान चार में से दो युवक कार से उतरकर चले गए। बाकी दोनों युवक मॉडल टाउन के डीएवी पार्क के सामने चले गए। तभी वहां अपनी स्कूटी से किशोरी पहुंची, जिसे युवकों ने कार में बैठा लिया। युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किशोरी को फ्रूटी में वोदका मिलाकर तीन बार पिलाई थी। नशे की हालत में दोनों ने रेप किया। रात आठ बजे तक किशोरी को कार में ही घुमाते रहे। रात आठ बजे वह किशोरी को फिर डीएवी पार्क के पास लेकर आए तो कार से उतारने के दौरान वह गिर गई। लोगों ने किशोरी को उठाया और उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि किशोरी के फोन से उसके चाचा को कॉल कर वारदात की जानकारी दी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। किशोरी को रात करीब 12 बजे होश आया और उसके बयान दर्ज किए जा सके।
किशोरी ने होश आने पर यह दिए बयान-
किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह शुक्रवार की शाम चार बजे घर से ट्यूशन के लिए निकली थी। उसी समय उसके पास आशीष पुत्र शेखू चौहान निवासी मॉडल टाउन का फोन आया और 15 मिनट के लिए गाड़ी में आकर मिलने की बात कही थी। जब वह गाड़ी में पहुंची तो उसके साथ उसका दोस्त वीशू पुत्र संदीप निवासी सत करतार कॉलोनी भी ड्राइवर की सीट पर बैठा हुआ था। उन्होंने गाड़ी में बैठते ही उसे एक फ्रूटी पिलाई, जिसके बाद उसे कोई होश नहीं रहा। दोनों ने मिलकर उसके साथ दुराचार किया। किशोरी ने बताया कि उसकी आशीष के साथ इंस्टाग्राम पर 15 दिन पहले दोस्ती हुई थी।
वर्जन
किशोरी के बयान पर दोनों आरोपियों के खिलाफ 376-डी, छह पोक्सो एक्ट, 365, 328, 354, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुदकमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
- सुनिल कुमार, प्रभारी, मॉडल टाउन।
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टैक्सी ड्राइवर को चाकुओं से गोदा

दो माह पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए एक युवक ने अपने तीन दोस्तों संग मिलकर एक टैक्सी ड्राइवर को चाकू से गोदकर घायल कर दिया। पीड़ित ड्राइवर ने बताया कि उसका नवंबर माह में एक शादी में झगड़ा हुआ था। जिस रंजिश में 24 जनवरी को एक युवक ने संजय चौक पर गाड़ी रुकवाई और उसके साथ साथ गाड़ी में पीछे से तीन युवक भी बैठ गए। जिन्होंने झगड़े की रंजिश में उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दे दी है।
पुलिस को दी शिकायत में मनजीत पुत्र मांगेराम निवासी सोनीपत ने बताया कि वह एक गाड़ी ड्राइवर है। उन्होंने बताया कि उसका राहुल उर्फ डोगा का एक शादी में झगड़ा हो गया था। जिस रंजिश में 24 जनवरी को वह गाड़ी लेकर गन्नौर जा रहा था। उसे रास्ते में अरुण पुत्र रमेश मिला, जिसने गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पीड़ित ने गाड़ी रोक ली, जिसके बाद गाड़ी में राहुल उर्फ डोगा, अमित पुत्र सतीस और उनके साथ अन्य युवक भी गाड़ी में बैठ गए। आरोपियों ने पर्ल ढाबे के पास गाड़ी को रुकवाया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने चाकू से पीड़ित पर वार किए, जिसके कारण वह गंभीर रुप से घायल हो गया। पीड़ित ने बचाव के लिए आवाज लगाई तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
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1.90 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ तस्कर किया गिरफ्तार

सीआईए वन ने स्काई लार्क रिसोर्ट के सामने फ्लाईओवर के नीचे वीरवार रात को नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्कर के पास से 1.80 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद हुई है। आरोपी की तलाशी ड्यूटी मलिस्ट्रेट नायब तहसीलदार के सामने ली गई। सीआईए ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस नशा तस्करी के आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस ये जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी हेरोइन कहां से लेकर आया है और उसे कहां इसको बेचना था। पिछले साल में पानीपत से लगभग 6 करोड़ की हेरोइन के साथ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इससे पहले पिछले साल दो महिलाओं को टोल प्लाजा के पास से चार करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। इनमें एक नाइजीरिया की महिला भी शामिल थी। दिसंबर माह भी 53 लाख रुपये की हेरोइन के साथ एक युवक गिरफ्तार हो चुका है।
सीआईए वन ने हेरोइन तस्करी के आरोप में सोमपाल पुत्र पहल सिंह निवासी गांव हिंगो खेड़ी, कैराना जिला शामली को गिरफ्तार किया है। सीआई ए की टीम वीरवार देर रात को तहसील कैंप में गश्त कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि एक युवक स्काई लार्क रिसोई के नीचे नीले रंग की प्लास्टिक की थैली लिए खड़ा है। शक है कि उसमें मादक पदार्थ हो सकता है। इसी सूचना पर सीआईए वन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते हुए युवक वहां से निकलने का प्रयास करने गला। पुलिस ने उसे पीछा कर पकड़ लिया। पुलिस ने उसकी तलाशी लेना चाही तो युवक ने कहा कि वो अपनी तलाशी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने देगा। पुलिस कर्मचारियों ने इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। पुलिस कर्मचारियों की मौजूदगी में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने युवक की तलाशी ली तो उसके पास भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। हेरोइन का तोल किया गया तो उसकी मात्रा 360 ग्राम मिली। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इतनी मात्रा की हेरोइन की कीमत 1 करोड़ 80 लाख रुपये है। सीआईए ने तुरंत आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में शिकायत दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर 7 दिन रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं कि उसको किसी ये खेप देनी थी। ये पूरा गिरोह कहां से कहां चल रहा है। पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुणे से लेकर आया था हेरोइन-
तस्कर सोमपाल ने बताया कि उसको किसी ने फोन कर पुणे बुलाया था। पूर्ण में एक व्यक्ति ने उसे ये पॉलीथीन दी थी। उसको कहा गया था कि ये पॉलीथीन उसको पानीपत में स्काई लार्क रिसोर्ट तक पहुंचानी है। उसको डिलीवरी पहुंचाने के 80 हजार रुपये मिलने थे। इससे पहले ही पुलिस ने उसको पकड़ लिया।
ऐसे चलता है नशे का कारोबार-
हेरोइन तस्करी के मुख्य आरोपी नाइजीरिया व नई दिल्ली में बैठे है। पुलिस ने पहले जो तस्कर पकड़े थे। उन्होंने बताया था कि वो नाइजीरिया से नेपाल के रास्ते भारत में हेरोइन भेजते हैं। इसके बाद दिल्ली में बैठे नाइजीरिया के मादक पदार्थ तस्कर खेप को अपने पास रखते हैं। यहां से किसी महिला या युवक को हेरोइन की डिलीवरी के लिए तैयार किया जाता है। यहां पर पानीपत के रास्ते हेरोइन पंजाब के विभिन्न स्थानों में पहुंची है। खासतौर पर इसको यूनिवर्सिटियों में पहुंचाया जाता है। महिलाओं पर कोई शक नहीं करता। इसलिए इनको इस काम में शामिल किया जाता है।
फरवरी में नाइजीरिया की महिला हुई गिरफ्तार-
टोल प्लाजा के पास फरीदपुर मोड़ पर पुलिस ने नाइजीरिया की महिला को 2 करोड़ रुपये की कीमत की 425 ग्राम हेरोइन (चीटा) सहित गिरफ्तार किया। आरोपी महिला से हेरोइन के छह लड्डू बरामद हुए थे। वे ये हेरोइन पंजाब के लुधियाना से दिल्ली के विकासपुरी ले जा रही थी। पुलिस ने छह फरवरी 2019 को भी टोल प्लाजा के पास दिल्ली की नेहा नामक युवती को डेढ़ करोड़ की 300 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था।
करेंगे पूछताछ: एसपी
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि उन्होंने हेरोइन तस्करी करने वाले कई तस्करों को पकड़ा है। इनका पूरा जाल है। पुलिस गिरोह की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। आरोपी को 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से विभिन्न पहलुुओं पर पूछताछ की जाएगी। इससे पहले भी हमने दो महिलाओं को मादक पदार्थ की तस्करी करते हुए पकड़ा है।
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कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत

जीटी रोड पर गांव मच्छरौली के पास कार की टक्कर लगने से बाइक सवार की मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। शिकायत में श्यामलाल निवासी चुलकाना ने बताया कि उसका चचेरा भाई राजपाल व पड़ौसी रमेश सिवाह एक फैक्ट्री में काम करते हैं। दोनों बाईक पर शाम को करीब साढ़े आठ बजे ड्यूटी कर वापस आ रहे थे तथा वह दूसरी बाईक पर था। मच्छरौली के पास पहुंचने पर पीछे से आ रही कार ने बाईक को टक्कर मार दी। जिससे वो दोनों बाईक से गिर गए। हादसे में राजपाल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे पानीपत के सरकारी अस्पताल भर्ती करवाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने पीजीआई रेफर कर दिया। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने श्यामलाल की शिकायत पर वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

दोस्तों ने युवती को छला, पहले कार में शराब पिलाई फिर दो युवकों ने पार्क में किया सामूहिक दुष्कर्म

शहर के पॉश इलाके के एक पार्क में युवती के साथ दो युवकों ने शुक्रवार की रात सामूहिक दुष्कर्म किया। पहले युवती को शराब पिलाई और करीब चार घंटे तक कार में घुमाया। जिसके बाद डीएवी पार्क में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात अंजाम दी। इसी दौरान आसपास के लोगों ने पुलिस को कॉल कर दी और मौके से ही पुलिस ने आरोपी युवकों को पकड़कर हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे की पॉश इलाके मॉडल टाउन के पास डीएवी पार्क से लड़की की चीखों की आवाज सुनाई दी। आसपास के लोगों को शक हुआ, जिस पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंची तो दो युवक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। 

युवक और युवती शराब  के नशे में धुत थे, जिस पर पुलिस ने युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और दोनों लड़कों को हिरासत में ले लिया। लड़की के माता-पिता का पता लगाकर उन्हें सूचना दी गई। देर रात डीएसपी बिजेंद्र सिंह एवं थाना पुलिस एसएचओ सुनील कुमार ने अस्पताल में रात 12 बजे युवती के बयान लिए। हालांकि पूरे मामले में पुलिस ने कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है।

कार में शाम को साढ़े चार बजे ही शराब पी रहे थे चार लड़के
सूत्रों के अनुसार चार दोस्तों ने एक बोतल शराब ली और डीएवी पार्क मोड़ के पास कार खड़ी कर शराब पीने लगे। इतने में एक लड़के की गर्लफ्रेंड का फोन आ गया, जिस पर उसने गर्लफ्रेंड को भी डीएवी पार्क मोड़ पर बुला लिया। गर्लफ्रेंड अपनी एक्टिवा से मौके पर पहुंची और उसे किनारे खड़ा कर कार में बैठ गई।

चारों दोस्तों ने उसे भी शराब पिलाई। इस दौरान ब्वॉयफ्रेंड समेत चारों लड़कें कार में युवती को लेकर करीब चार घंटे तक शहर में घूमते रहे। कार को नहर के पास ले गए और दो लड़के कार से उतर गए। बाकी दोनों फिर से डीएवी मोड़ पर आए और वहां पर युवती को पार्क में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया।
लड़की आईसीयू में है, जो शिकायत मिलेगी उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिजेंद्र सिहं, डीएसपी, पानीपत
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परिवार मकान के अंदर था, लोन का पैसा ना चुकाने पर बैंक ने पूर्व पार्षद का मकान किया सील

वार्ड नंबर 23 के पूर्व पार्षद शीला देवी का बैंक अधिकारियों ने लोन न चुकाने पर मकान सील कर दिया। बैंक का आरोप है कि शीला के पति ने लोन समय पर नहीं चुुकाया इसलिए ये कार्रवाई की गई। जिस वक्त अधिकारियों ने मकान को सील लगाई उस समय दो युवती अंदर ही रही गईं और अधिकारी सील लगाकर चले गए।
कुलदीप नगर में पूर्व पार्षद शीला देवी का मकान दा पानीपत अर्बन कोऑप्रेटिव बैंक ने सील कर दिया, जबकि पूर्व पार्षद की दो बेटियां सोनिया और मोनिया मकान के ऊपर वाले कमरे में थीं। शीला देवी ने आरोप लगाया कि उसने कोर्ट में केस किया हुआ है। जिसकी तारीख वीरवार को थी। वह रिश्तेदारी में पैसों का जुगाड़ करने गई हुई थी। बैंक कर्मियों और अधिकारियों ने उसका सामान भी बाहर नहीं निकाला और न ही उसकी लड़कियों को बाहर निकाला। उसने बताया कि उसके पति राजबीर ने लोन किया था। जिसमें वह कुछ रकम जमा करा चुकी है। उसने बैंक से ब्याज माफी के लिए कहा था, परंतु बैंक ने एक तरफ कार्रवाई कर दी। इस बारे में बैंक मैनेजर ओपी कौशिक ने बताया कि नायब तहसीलदार सुरेश और पुलिस बल के सामने मकान सील किया गया उस समय मकान में कोई नहीं था। उनके पास इसकी वीडियो भी है।
शीला देवी ने बताया कि बैंक अधिकारी दोपहर 3:30 बजे मकान को सील करके चले गए। जब उसने इसकी शिकायत डीसी से कही तो उनके आदेश के बाद बाद बैंक अधिकारी दोबारा मौके पर पहुंचे और रात 9 बजे सील को दोबारा से खोला गया और दोनों युवतियों को बाहर निकाला गया।
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ट्यूशन जा रहे 10 वीं के छात्रों को टैंकर ने कुचला, एक ने मौके पर तोड़ा दम, दूसरा गंभीर

रिफाइनरी रोड पर नीलकंठ ढाबे के पास कैंटर ने बाइक सवार 10वीं के दो छात्रों को कुचल दिया। हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वीरवार शाम 4 बजे 18 वर्षीय गौरव पुत्र रोशन लाल और आशीष पुत्र विनोद कुमार निवासी गांव राजापुर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर ट्यूशन पढ़ने के लिए ददलाना जा रहे थे। जैसे ही दोनों छात्र रिफाइनरी रोड पर नीलकंठ धर्म कांटे के पास पहुंचे तो तेज रफ्तार टैंकर ड्राइवर ने अपने टैंकर को मोड़ दिया। जिससे बाइक टैंकर से टकरा गई। गौरव टैंकर के टायर के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर को क्रेन की सहायता से उठाकर गौरव के शव को बाहर निकाला गया, जबकि आशीष भी गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गया। आशीष को उपचार के लिए रिफाइनरी टाउनशिप अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद पानीपत के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। राहगीरों ने घटना की सूचना बोहली पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल पानीपत भेज दिया। जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई धर्मवीर की शिकायत पर टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है।
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पानीपत में सी-फार्म का वेरिफिकेशन नहीं, कारोबारियों का 80 करोड़ रुपये फंसा

पिछले साल जिले में फर्जी सी-फार्म जारी होने पर स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (एसजीएसटी) विभाग को 650 करोड़ रुपये झटका लगा। इस घोटाले की वजह थी सी-फार्म का वेरिफिकेशन नहीं किया जाना, जो विभाग का अधिकारी ही करता है। कारोबारियों कहना है कि विभाग ने अपनी गलती सुधारने के लिए सिस्टम मजबूत करने के बजाये उन्हीं के ऊपर वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी डाल दी है। यानि अब दूसरे राज्य में माल बेचने पर उस राज्य में खरीदने वाले व्यापारी से मिलने वाला सी-फार्म तो हरियाणा में देना ही होगा, इसके साथ ही सी-फार्म जारी करने वाले दूसरे राज्य के जीएसटी अधिकारी से वेरिफिकेशन भी कारोबारी को ही कराना होगा। नतीजा नियम में बदलाव की वजह से सी-फार्म बगैर वेरिफिकेशन विभाग में रखे हैं, जिसकी वजह से व्यापारियों को बिक्री कर में मिलने वाली छूट का 80 करोड़ रुपये अटका हुआ है। इसके विरोध में कारोबारी उतर आए हैं, उनका कहना है कि विभाग की गलती का खामियाजा कारोबारी क्यों भुगतने। कारोबारी का काम है खरीद-फरोख्त पर दूसरे व्यापारी से मिलने वाले सी-फार्म को हरियाणा के जीएसटी अधिकारी के पास जमा कराना है, उसकी जांच विभाग को खुद करनी चाहिए।
प्रदेश में अटके हैं 550 करोड़, जाएंगे कोर्ट
हरियाणा व्यापार मंडल के लिए चेयरमैन रोशनलाल गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पांच हजार से अधिक कारोबारियों के करीब 550 करोड़ रुपयेे जीएसटी छूट के अटके पड़ेे हैं। दूसरे राज्य में माल बेचने या खरीदने पर सी-फार्म देने पर जीएसटी की दर कम लगती है। उन्होंने बताया कि विभाग के असेसमेंट के खिलाफ कुछ कारोबारी हाईकोर्ट जा चुके हैं। जहां पर केस पेंडिंग है। असेसमेंट का आधार मांगा जा रहा है। जब केस पेंडिंग है तो यह नया नियम निकाला गया है। इसे खिलाफ भी कोर्ट जाएंगे।
फर्जी सी-फार्म पर छूट देने से बचाने को लिया विभाग ने फैसला
अभी तक कारोबारी दूसरे राज्य के कारोबारी को माल बेचने के बाद उससे सी-फार्म हासिल करता था। इस फार्म को लाकर अपने राज्य के जीएसटी अधिकारी को दे दिया जाता था, जिस पर टैक्स में छूट मिल जाती थी। अब समस्या यह हुई कि कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कुछ व्यापारियों ने माल दूसरे राज्य में बेचे बगैर ही सी-फार्म हरियाणा जीएसटी विभाग में देकर छूट प्राप्त कर ली, जिसे रोकने के लिए कारोबारियों पर ही सत्यापन का बोझ डाल लिया गया।
31 जनवरी है स्क्रूटनी की अंतिम तिथि
सी-फार्म की वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी कारोबारियों को ही देने का विरोध हो रहा है, क्योंकि 31 जनवरी तक स्क्रूटनी की आखिरी तारीख है और इसके बाद 2019 के सी-फार्म नहीं लिए जाएंगे।
बोले कारोबारी
रिकवरी नोटिस दे रहा है विभाग, खुद करनी चाहिए उन्हें वेरिफिकेशन : मित्तल
विभाग ने उद्यमियों और व्यापारियों को ही सी-फार्म की वेरिफिकेशन करने को कहा है। ऐसे में बहुत पुराने केस लटके हुए हैं। सी फार्म की वेरिफिकेशन नहीं हो रही है। विभाग को खुद साइट पर जाकर सी फार्म की वेरिफिकेशन करनी चाहिए।
-अनिल मित्तल, अध्यक्ष कारपेट एसोसिएशन पानीपत।
ये कोर्ट की अवमानना है : गुप्ता
सेल टैक्स विभाग ने कुछ केस में कर का निर्धारण कर दिया है। इसके विरोध में कुछ कारोबारी कोर्ट जा चुके हैं। मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है। ऐसे में पता नहीं किस आधार पर फिर से असेसमेंट किया जा रहा है। ये तो हाईकोर्ट के नियमों की अवमानना है। सब जानते हैं कि सेल टैक्स विभाग में बोगस सी फार्म जारी कर बड़ा घोटाला किया गया था। अफसरों की गलती की सजा कारोबारियों को मिल रही है। जिन कारोबारियों ने गलत किया है उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए। इसमें अच्छे व्यापारी भी पिस रहे हैं। अफसर वेरिफिकेशन कराने में छह छह माह का वक्त लगा रहे हैं। प्रदेश के व्यापारियों का 500 करोड़ से अधिक पैसा फंसा हुआ है।
-रोशनलाल गुप्ता, चेयरमैन हरियाणा व्यापार मंडल
समझें क्या सी-फार्म और क्यों एवं कैसे अटका है 80 करोड़
सी-फार्म की जरूरत तब पड़ती है, जब कारोबार इंटरस्टेट होता है। यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में। उदाहरण के तौर पर हरियाणा का एक व्यापारी अपना माल दूसरे राज्य दिल्ली में बेचता है। बेचे गए माल पर पांच फीसदी जीएसटी का भुगतान हरियाणा के कारोबारी को विभाग को करना होता है। अब यहां पर सी-फार्म के जरिए हरियाणा के कारोबारी को बेचे गए माल पर महज दो फीसदी ही जीएसटी का भुगतान करना होगा। ऐसे में सी-फार्म के जरिए हरियाणा के कारोबारी को तीन फीसदी की छूट मिलेगी और दो फीसदी ही जीएसटी देना होगा। सी-फार्म देगा दिल्ली का कारोबारी, जिसको माल बेचा गया है। अभी तक कारोबारी यह सी-फार्म लाकर हरियाणा में अपने जिले के जीएसटी कार्यालय में दे देते थे और उन्हें छूट मिल जाती थी, लेकिन अब उन्हें सी-फार्म लेने के बाद दिल्ली के जीएसटी अधिकारी, जिसने दिल्ली के कारोबारी को सी-फार्म जारी किया था, उसी से सत्यापन कराकर भी लाना होगा, जिसका विरोध किया जा रहा है।
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बिजली निगम के खुले दरबार में आईं 20 शिकायतें, 4 का ही हो पाया समाधान, अन्य को फिर से लंबित रखा

बिजली निगम का खुला दरबार अब सिर्फ नाम का ही रह गया है। यहां उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण की बजाए उनके सिर्फ चक्कर ही कटवाए जा रहे हैं। सीजेआरएफ द्वारा बुधवार को एक बार फिर गोहाना रोड स्थित बिजली निगम के रेस्ट हाउस में उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण के लिए खुले दरबार का आयोजन किया गया। यहां करीब 20 शिकायतें आईं जिनमें से महज चार का ही मौके पर समाधान किया जा सका, अन्य को हमेशा की तरह फिर से लंबित रख दिया गया है। इनमें ज्यादातर हमेशा की तरफ गलत बिल और गलत रीडिंग वाली समस्याओं का अंबार दिखाई दिया। वहीं, पिछले खुले दरबार में भी 41 शिकायतें आईं थी, जिनमें से एक का भी समाधान नहीं किया गया था, इस बार अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पिछली लंबित शिकायतों में से ज्यादातर शिकायतों का निपटारा कर दिया है।
खुले दरबार में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी परेशान हो चुके लोगों ने आक्रोशित होकर निगम अधिकारियों के कार्यालय के अंदर ही जाकर हंगामा बरपा दिया। उन्होंने अधिकारियों से खुले में दरबार लगाने की अपील की। जिस पर अधिकारियों ने लोगों का ठंड ज्यादा होने का हवाला देते हुए अंदर ही बैठने का आग्रह किया। इस बार भी खुले दरबार में गलत बिल समेत कई अन्य अजीबोगरीब समस्याएं आईं। जिन्हें अधिकारी न तो समझ पाए और न ही उनका समाधान कर पाए। खुले दरबार सीजेआरएफ चेयरमैन दीपक जैन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, इस दौरान सभी डिवीजनों के एसडीओ और जेई भी मौजूद रहे।
40 साल से ट्यूबवेल मिलीभगत से 6 एकड़ दूर किसी और के नाम किया : जिले सिंह
गांव बबैल के एक किसान जिले सिंह ने बताया कि उनके खेत में करीब 40 साल से ट्यूबवेल लगा हुआ है। उसे निगम अधिकारियों ने मिलीभगत कर किसी अन्य के नाम करवाकर 6 एकड़ दूर दूसरे किसान के खेत में लगा दिया। निगम के जमा करवाए गए फर्जी दस्तावेजों और शपथ पत्रों में भी कनेक्शन देने वाले को उनका सगा भाई दिखाया गया है, जिसके शपथ पत्र तक जमा करवाए गए हैं। किसान जिले सिंह का कहना है कि जिसे कनेक्शन दिया गया है वो उनका भाई होता तो उनकी खेत की जमाबंदी में उनका नाम भी होता, जो नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर से निगम के जेई और एसडीओ पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इसके लिए किसान ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगने की कोशिश की तो अधिकारियों से जवाब मिला कि उनकी फाइल ही गुम हो चुकी है। अब किसान मजबूरन बिजली निगम के चक्कर काट रहा है।
मौके पर जेई तक गया, फिर भी गलत रीडिंग का बनाया बिल : सरोज
राम लाल चौक निवासी गृहणी सरोज ने बताया कि बिजली निगम कर्मचारियों ने बिना रीडिंग लिए ही करीब 65 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उन्होंने इसकी शिकायत की तो मौके पर जेई ने भी मुआयना किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। वे तीन बार निगम अधिकारियों और खुले दरबार के चक्कर लगा चुुुकी हैं, लेकिन अधिकारी उनकी समस्या का हल नहीं निकाल पा रहे हैं।
मीटर बदलवाने के बाद भी ठीक नहीं हुई समस्या : राजेंद्र
किशनपुरा निवासी राजेंद्र ने बताया कि उनकी दुकान का बिजली बिल पहले 16 हजार रुपये भेजा जो गलत था, इसे ठीक करवाने के लिए निगम अधिकारियों की हिदायत पर मीटर तक बदलवा दिया गया। इसके बाद फिर 26 हजार का बिल भेज दिया। अब निगम के बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी बिल को सही नहीं किया जा रहा है।
कॉलोनी के ऊपर से हाईटेंशन तार नहीं हटाईं : कर्मवीर
बतरा कॉलोनी वार्ड नंबर 22 निवासी कर्मवीर ने बताया कि उनकी कॉलोनी के ऊपर से 11 केवी की तार गुजरती हैं। इसके लिए प्रपोजल और एस्टीमेट तक तैयार है, लेकिन निगम अधिकारियों की लापरवाही से कोई भी काम नहीं हो पा रहा है। वहीं, इस तार की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। कई बार निगम अधिकारियों और खुले दरबार में आने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
बंद मकान था भेजी 1800 रीडिंग : कृष्ण चंद
कृष्ण नगर तहसील कैंप निवासी कृष्ण चंद ने बताया कि उनके कृष्ण नगर वाला मकान पिछले कई महीने से बंद है। इसके बाद भी बिजली निगम लगातार उन्हें बड़े बिल बनाकर भेज रहा है। उन्होंने लाइट का इस्तेमाल तक नहीं किया, इसके बाद भी वे एस्टिमेटिड रीडिंग के अनुसार बिल भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन निगम अधिकारी उनकी फरियाद तक नहीं सुन रहे।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 आठ दिन शेष : बेकाबू हालात और उम्मीद बेहतर रैंकिंग की

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 को पूरा होने में महज आठ दिन ही बकी हैं, 31 जनवरी को यह समाप्त हो जाएगा और फिर रैंकिंग जारी की जाएगी। हालात यह हैं कि बेहतर रैंकिंग का दम भरने वाले नगर निगम के पार्षदों के स्मार्टफोन में कूड़े की गाड़ियों को जीपीएस के जरिए ट्रैक करने का एप तक नहीं है। इतना ही नहीं उन्हें इस एप के संचालन की ट्रेनिंग देना भी बुुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर हुई मीटिंग में तय किया गया। अब इसी से जारी होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में पानीपत की रैंकिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है, जबकि हर माह पांच करोड़ महज शहर की सफाई पर खर्च हो रहा है।
बुधवार को नगर निगम आयुक्त ने टीम समेत शहर में कई जगह दौरा भी किया। वहीं, निगम के सफाई अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मेयर ने भी अपने कार्यालय में शहर की सफाई को लेकर निगम अधिकारियों संग बैठक की। इसमें कई पार्षद भी मौजूद रहे। बैठक में पार्षदों व निगम अधिकारियों से उनके सुझाव भी मांगे गए, जिन पर चर्चा भी की गई, लेकिन महज कूड़ा उठान वाली गाड़ियों की संख्या को बढ़ाने के अतिरिक्त कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया जा सका। वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण चार जनवरी से शुरू भी हो चुका है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में इसमें भी शहर की स्वच्छता के हालत को देखते हुए बेहतर रैंकिंग की उम्मीद करना बेमानी होगा।
जब आठ दिन ही हैं बाकी तब यह निर्णय लेने आए याद
1. कूड़ा उठान की गाड़ियों को ट्रैक करने के लिए पार्षदों के स्मार्टफोन में ट्रैकिंग एप को इंस्टाल कराया जाएगा। एप के संचालन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। पार्षदों को यह भी नहीं पता था कि आखिर कूड़े की गाड़ियों को ट्रैक कैसे किया जाएगा।
2. पार्षदों को कूड़ा उठान के सभी साधनों की लिस्ट मुहैया कराई जाएगी। इसके सभी पार्षद कूड़ा उठान के सभी साधनों का निरीक्षण करेंगे। यानी पार्षदों के पास कूड़ा उठान के साधनों की जानकारी तक नहीं थी।
3. पार्षदों के सुझाव पर कूड़ा उठान की ठेका कंपनी जेबीएम 10 ट्रैक्टर ट्राली बढ़ाने का आदेश दिया गया।
जिले में पीएमयू की नियुक्ति भी नहीं, पार्षद ने उठाई आवाज
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की सफाई और कूड़ा कलेक्शन पर नजर रखने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) की नियुक्ति भी अभी तक नहीं की गई है। यह शहर में सफाई की निगरानी के हालत हैं। एक पार्षद के आग्रह पर इस दिशा में अब काम शुरू किया गया है। पार्षद रविंद्र भाटिया के सुझाव पर सोनीपत नगर निगम को पत्र लिखा गया है, जिसमें पीएमयू अधिकारी की नियुक्ति करवाने के लिए आग्रह किया गया है। पीएमयू के तहत एक अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी की देखरेख में शहर की सफाई स्तर को सुधारा जा सकता है। पीएमयू लागू होने के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी सफाई व्यवस्था पर पूरी नजर रखेगा और कमियों को दूर करने की दिशा में बेहतर काम होगा।
दुकान-मकान के आगे कूड़ा मिलने पर कार्रवाई करने पर नहीं बनी सहमति
बैठक में किसी भी दुकान, मकान या प्रॉपर्टी के बाहर कूड़ा मिलने पर जुर्माना लगाने के कई सुझाव आए, लेकिन किसी पर भी सहमति नहीं बनी, जिसके बाद सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकने वालों या अन्य कहीं खुले में कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई के लिए सेशन जज के माध्यम से जुर्माना लगाने और रिकवरी के बारे में विचार किया गया।
अभी 8 दिन बाकी हैं
31 जनवरी तक शहर की राज्यमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे लाइनों के साथ कूड़े कचरे की सफाई का निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे समेत उपायुक्त से भी बात की गई है। आज भी कई जगह का दौरा किया गया है। शहर से गंदगी हटाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। -ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
सफाई निरीक्षक समेत अधिकारियों को दिए निर्देश
शहर की सफाई को लेकर निगम कार्यालय की बैठक में निगम सफाई निरीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कूड़ा उठान की गाड़ियों को बढ़ाया जाएगा, गाड़ियों में जीपीएस से पार्षद भी उन्हें ट्रैक कर पाएंगे। पीएमयू के अधिकारी की नियुक्ति के लिए भी लिखा गया है। - अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
यह लोग मीटिंग में रहे मौजूद
पालिका बाजार स्थित नगर निगम स्थित मेयर कार्यालय में हाउस मैनेजमेंट के पार्षदों समेत निगम अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। जिसमें वार्ड नंबर 10 के पार्षद रविंद्र भाटिया, वार्ड नंबर 9 से मीनाक्षी नारंग, वार्ड नंबर 21 से संजीव दहिया, वार्ड नंबर 5 से अनिल बजाज, वार्ड नंबर 14 से शकुंतला गर्ग, वार्ड नंबर 4 से रविंद्र नागपाल मौजूद रहे। इसके अलावा निगम टीम में एक्सईएन राहुल पूनिया, सफाई अधिकारी सीएसआई सुधीर और उनकी टीम के अलावा जेबीएम सफाई कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में देश में मिला था 188वां
नगर निगम पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में टॉप-50 में आने का दावा करता रहा, लेकिन दावे हवाई साबित हुए। रैंकिंग मिली 188वीं। टेक्सटाइल नगरी के नाम से विश्व में पहचान रखने वाले पानीपत का 425 शहरों में 188वीं रैंक आई जबकि प्रदेश के 18 शहरों में 8वां आठवां स्थान आया है। समालखा नगरपालिका नार्थ जोन के 1013 शहरों में से 167वीं रैंक मिली थी।
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