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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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Rohtak

स्वाइन फ्लू

6 दिसंबर 2019

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8500 निजी स्कूल संचालकों को राहत, शिक्षा विभाग का यू-टर्न, चलती रहेंगी नर्सरी से यूकेजी कक्षाएं

हरियाणा के 8500 निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।

6 दिसंबर 2019

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रोहतक

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

सजा का खौफ होगा तभी रुक सकती है दरिंदगी

बेटियों के उत्पीड़न के एक के बाद एक कई ऐसे केस सामने आ चुके हैं, जिनके नाम से इंसानियत की भी रूह कांप जाए। हैदराबाद तो छोड़ो अब तो अपना रोहतक भी सेफ नहीं। हाल ही में एक हैवान पिता के बेटी की अस्मत लूटने का मामला सामने आया है तो कोई निर्भया, कोई दामिनी क्या करेगी। देश में आए दिन कोई न कोई निर्भया दुष्कर्मियों का शिकार बन कर दम तोड़ रही है। ऐसी घटना के लिए व्यवस्था ज्यादा जिम्मेदार है। उधर, लोग मोमबत्तियां हाथ में लेकर विरोध में एक दिन सड़क पर आते हैं फिर सब भूल जाते हैं। दुष्कर्म की घटनाओं का समाधान मोमबत्ती जलाकर रोष जताना नहीं है, बल्कि जिम्मेदारों को सख्त कदम उठाने होंगे। समाज में जागरूकता की कमी है यहां बेटियां खुद को कमजोर समझती हैं, क्योंकि हमारी परवरिश ही ऐसे हुई है। परिजनों को बेटियों पर यकीन करना होगा और उनका साथ देना होगा तभी समाज में बदलाव आएगा। ऐसे मामलों में दोषियों को बीच चौराहे पर सजा ए मौत दी जानी चाहिए। जब तक सजा का खौफ नहीं होगा, आए दिन बेटियों के यूं ही दुष्कर्म होते रहेंगे। दूसरे सबक नहीं लेंगे। दिल्ली का निर्भया केस सात साल पुराना हो चुका है। अब तक उसके दोषियों को सजा नहीं मिली है। बुधवार को राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में छात्राओं ने कुछ यूं अपना आक्रोश जाहिर किया।
दुष्कर्मी को किसी तरह की सुविधा न दी जाए। उन्हें पब्लिक के हवाले कर दिया जाए। दोषियों में डर बनाने के लिए सजा का खौफ जरूरी है। इसके लिए सही समय पर उचित कार्रवाई की जाने की जरूरत है। पुलिस, प्रशासन, सरकार व अदालत सभी अपने पक्ष की ईमानदारी बरतते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाए, ताकि दोषी को सजा दी जा सके।
- राखी, छात्रा बीए द्वितीय वर्ष।
दुष्कर्म सरीखी घटनाएं बदलते समय की देन है। इन पर अंकुश के लिए सोच में परिवर्तन जरूरी है। बच्चों को संस्कारी बनाने के साथ अभिभावकों को बेटे-बेटी के फर्क को मिटाकर बेटियों पर भी यकीन करना होगा। महिला सशक्तीकरण के साथ समाज में निर्भया सरीखी घटनाओं पर चिंतन की जरूरत है। हम क्या कर सकते हैं, यह सोचना होगा। निर्भया न हो इसके लिए मिलकर आगे बढ़ना होगा।
- किरण, बीएससी नॉन मेडिकल द्वितीय वर्ष।
दिल्ली निर्भया कांड के बाद भी लगातार दुष्कर्म की नृशंस घटनाएं जारी हैं। ये लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका अंत क्या, कब और कैसे हो, यह हमें ही सोचना होगा। इसके लिए जनता ऐसे लोगों को सरेआम सजा दे। पुलिस इन्हें बचाती है। दोषी कानून की आड़ लेते हैं। इसलिए तरंत एक्शन जरूरी है। नाबालिग भी पूरा दोषी होता है। उसे भी न बख्शा जाए।
- लक्की, बीकॉम सेकंड ईयर।
समाज में जागरूकता का प्रयास लगातार हो। सभी इस अभियान में जुड़ें। कुछ कमियां अपनी भी होती हैं। उन्हें सुधारने की जरूरत है। रिश्तेदार ही कई मामलों में गलत काम करते हैं। इन पर भी अंकुश जरूरी है। दुर्गा शक्ति एप का प्रयोग अपनी सुरक्षा के लिए जरूर करना चाहिए। मुश्किल समय में घबराने या डरने के बजाय सामने वाले से लडऩा चाहिए।
- नीलम कुमारी गुप्ता, हॉस्टल सुपरिडेंट।
निर्भया कांड या उस जैसे दूसरे मामलों में जनता को सख्त कदम उठाने चाहिए। दोषियों को वही प्रताड़ना देनी चाहिए, जो उन्होंने किसी की बेटी को दी। उसी तरह उसे तड़पाया जाए। नियम व कानून हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू हों। किसी की बेटी को मारने वाले को भी सरेआम मार दिया जाए, तभी अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
- नितिन, बीएससी नॉन मेडिकल सेकंड ईयर।
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दुष्कर्म पीड़िता 9 साल की बच्ची का हुआ पोस्टमार्टम, भेजा विसरा

सिटी थाना क्षेत्र निवासी नौ साल की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची के शव का बुधवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, बच्ची के मौत के असल कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टरों ने विसरा रिपोर्ट के लिए सैंपल सुनारिया लैब भेजे हैं। रिपोर्ट में ही स्पष्ट होगा कि बच्ची को जो चूर्ण जैसा खिलाया गया था, आखिर वह क्या था। वह चूर्ण जहरीला था या विषैला, इस रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो जाएगा। इसके अलावा विसरा रिपोर्ट में ही दुष्कर्म के बारे में स्पष्ट होगा। डॉक्टरों को आशंका है कि बच्ची को संदिग्ध पदार्थ खिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और उल्टियां लगी। इसके अलावा बच्ची के गुप्तांग पर भी जोर जबरदस्ती के निशान मिले हैं। उधर, पुलिस की दो टीमों ने आरोपी पिता की तलाश कई जगह दबिश दी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक मृतक की मां ने बयान में बताया कि वह मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। कई सालों से रोहतक में परिवार सहित रह रही है। महिला ने बताया कि वह अपने पति से सात माह से अलग रह रही है, क्योंकि उसका पति उससे व बच्चों के साथ मारपीट करता था। अलग होने के बाद चार बच्चों में से दो बच्चे मां के पास रहते थे। हालांकि रात के समय में पति बड़ी बेटी व छोटे बेटे को खेल के बहाने अपने साथ कमरे पर ले जाता था। सुबह दोनों बच्चों को वापस छोड़ जाता था। महिला ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह उसने बेटी के कपड़ों पर खून के धब्बे देखे।साथ ही देखा कि वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही थी। इसके बाद उसने बेटी से पूछा तो उसने पिता द्वारा गलत काम करने के बारे में बताया। कुछ देर बाद बेटी को उल्टियां होने लगी तो मां ने इसके बारे में बेटी से पूछा। जिस पर बेटी ने बताया कि उसके पिता ने उसे चूर्ण जैसी कोई चीज खिलाई थी, तभी से उसे उल्टियां हो रही हैं। बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना के बारे में पता चला तो उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्ची को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां बेटी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने महिला के बयान पर उसके पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 376, 328 व 4 और 6 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
मृतका का पोस्टमार्टम स्वास्थ्य विभाग की डॉ. ओजस्वनी व फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. विक्रम ने किया है। डॉक्टरों ने स्वैब व विसरा जांच के लिए सुनारिया लैब भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
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5764 करोड़ रुपये से बने देश के सबसे हाईटेक एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे, 278 जगह झेलने पड़ रहे झटके

अंकित चौहान
सोनीपत। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को भले ही देश में सबसे हाईटेक होने का दावा एनएचएआई करता हो और उसके निर्माण में 5764 करोड़ रुपये खर्च किए गए हों, लेकिन देश के सबसे हाईटेक एक्सप्रेस-वे में गड्ढे हो गए हैं। इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों को 278 जगहों पर झटके झेलने पड़ रहे हैं।
झटके भी ऐसे होते है कि अगर गाड़ी की स्पीड ज्यादा हो तो गाड़ी उछलने से कंट्रोल नहीं होने पर हादसा हो सकता है, क्योंकि एक्सप्रेस-वे पर अभी तक काफी जगह गड्ढे भरे नहीं गए हैं तो जिन जगहों पर दरार आ गई थी, वहां उनको तारकोल और रोडी डलवाकर पैचवर्क करा दिया गया, लेकिन उनका लेवल सीमेंट वाली सड़क से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि केजीपी पर रोजाना लगभग 80 हजार वाहनों से एक करोड़ रुपये का टोल टैक्स वसूला जा रहा है।
कुंडली से गाजियाबाद होते हुए पलवल तक 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की हालत डेढ़ साल में बिगड़नी शुरू हो गई है। कुंडली से शुरू होने वाले एक्सप्रेस-वे पर कई जगह गड्ढे बने हुए हैं तो काफी जगह दरार आ गई है। एक्सप्रेस-वे के अंडरपास की जगह वाली सड़क पर दरार काफी बढ़ गई है और वहां से सड़क भी काफी ज्यादा टूटने लगी है। इस तरह किसी एक जगह ही एक्सप्रेस-वे की हालत खराब नहीं है, बल्कि एक्सप्रेस-वे पर कुंडली से पलवल तक 278 जगहों पर वाहन दौड़ाने पर झटके झेलने पड़ते है। केजीपी पर वाहनों की रफ्तार 80-120 किमी तय की हुई, लेकिन इस पर वाहन का तय रफ्तार पर भी दौड़ाना खतरे से खाली नहीं है। पीएम ने डेढ़ साल पहले किया था उद्घाटन
एनएचएआई के अफसर इस एक्सप्रेस-वे को देश में सबसे हाईटेक होने का दावा करते हैं, जिसके निर्माण में 5764 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह पहला एक्सिस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे है, जिस पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था, सौर ऊर्जा सिस्टम, कला एवं संस्कृति को दर्शाते कलाकृतियों आदि के बारे में बताया गया है। इसके साथ ही देश की पहली डिजिटल आर्ट गैलरी भी बनाई गई है। इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 27 मई 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी से कराया गया था। इसके उद्घाटन के डेढ़ साल बाद ही हालत बिगड़नी शुरू हो गई है और सीमेंट के साथ ही काफी जगह पैचवर्क होने से सामान्य सड़कों की तरह तारकोल वाला हाईवे बनता जा रहा है।
हर दिन लगभग 80 हजार वाहन गुजर रहे, एक करोड़ वसूल रहे टोल टैक्स
दिल्ली के अंदर से जाम और प्रदूषण कम करने के लिए यह एक्सप्रेस-वे बनाया गया था, जिससे वाहन इस पर दौड़ने से लोगों का समय भी बच सके। उसका असर भी काफी दिखाई दिया और इस समय लगभग 80 हजार वाहन रोजाना एक्सप्रेस से गुजरते हैं, जिनमें हरियाणा, उत्तरप्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात समेत अन्य प्रदेशों के वाहन शामिल हैं। इन वाहनों से रोजाना लगभग एक करोड़ रुपये टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से एक्सप्रेस-वे पर सफर करने में वाहन चालकों को झटके लग रहे हैं, उसको देखते हुए पूरा टोल वसूले जाने के बाद भी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है।
सभी समस्याओं को दूर किया जा रहा है
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कुछ जगह ज्वाइंट खुलने के साथ ही दरार वाली समस्या आई है। उनको ठीक कराया जा रहा है और एक्सप्रेस-वे पर जितनी भी समस्याएं हैं, उनको जल्द ही पूरी तरह से ठीक करा दिया जाएगा, जिससे वाहन चालकों को कोई परेशानी नहीं हो सके।
-प्रशांत संधु, टेक्निकल मैनेजर एनएचएआई
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ओपन मार्केट से इम्प्लांट मंगाने पर रोक, अमृत फर्मेसी से होगी खरीद

रोहतक। पीजीआईएमएस में जब्त निजी सप्लायरों के लाखों रुपये के अवैध इम्प्लांट को लेकर एक ओर हाईकोर्ट में केस विचाराधीन है, दूसरी ओर अब प्रशासन ने अपने सीनियर से लेकर जूनियर डॉक्टरों तक पर प्रतिबंध लगा दिया है कि वह किसी मरीज से ओपन मार्केट से इम्प्लांट नहीं मंगा सकेंगे। ऑपरेशन से संबंधित जो भी सामान चाहिए डॉक्टर वार्ड नं. 12 के सामने बने अमृत फार्मेसी स्टोर से ही मंगाएंगे। इसे एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड (भारत सरकार से मान्यता प्राप्त) की ओर से संचालित किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि ऑर्थो विभाग ऑपरेशन में प्रयोग होने वाले इम्प्लांट में प्लेट, नेल इत्यादि अमृत फार्मेसी से ही मंगाएगा। इसके अलावा नेत्र सर्जन को भी लैंस यहीं से मंगाने होंगे। संस्थान की फैकल्टी व सीनियर रेजिडेंट किसी मरीज को बाहर से सामान लाने को नहीं कहेंगे। अमृत फार्मेसी स्टोर पर सरकार की ओर से शत प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध है। इसकी जानकारी सभी वार्डों, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, आपातकालीन विभाग, ट्रॉमा सेंटर आदि के सामने अनिवार्य रूप से चस्पा होनी चाहिए। प्रशासन के निर्देशों को लागू करवाने की जिम्मेदारी सभी विभागाध्यक्षों व यूनिट अध्यक्षों की होगी।
गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में ऑर्थो, सर्जरी, नेत्र विभाग के ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग होने वाले इम्प्लांट के नाम पर जम कर कमीशन का खेल खेला जाता है। यही वजह है कि संस्थान में लाखों का इम्प्लांट जब्त हैं और इन्हें छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट में केस विचाराधीन है। हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार की ओर से दिए गए एफिडेविट में भी संस्थान के डॉक्टरों व निजी सप्लायरों की सांठगांठ पर सवाल उठाया गया है। हालांकि रजिस्ट्रार के विरोध में ऑर्र्थो विभाग के 29 डॉक्टर भी इस मामले में पार्टी बन गए हैं। इस केस पर सुनवाई 10 दिसंबर को हाईकोर्ट में होनी है। वहीं माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए संस्थान ने इस तरह के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि वह निजी इम्प्लांट सप्लायरों पर पूरी तरह रोक लगा सके।
मरीजों को मिलेगा लाभ, डॉक्टरों का टूटेगा कमीशन का गठजोड़
अमृत फार्मेसी स्टोर से इम्प्लांट मंगाने की अनिवार्यता का लाभ मरीजों को मिलेगा। इसके बाद डॉक्टरों व निजी इम्प्लांट सप्लायरों के बीच चल रहा कमीशन का गठजोड़ टूटेगा। एक्सपर्ट मानते हैं कि कई इम्प्लांट में 40 से 60 प्रतिशत का कमीशन तय होता है। यदि अधिकारी अपने डॉक्टरों पर लगाम लगा सके तो मरीजों को काफी हद तक आर्थिक लाभ मिलेगा।
बोले अधिकारी
पीजीआईएमएस में भारत सरकार से मान्यता प्राप्त अमृत फार्मेसी स्टोर खोले गए हैं। संस्थान के डॉक्टरों के लिए अनिवार्य है कि वह ओपन मार्केट से कोई सामान न मंगाए। मरीज अपनी इच्छा से ही अमृत फार्मेसी स्टोर से सामान ले कर आएगा। यदि कहीं कोई अनियमितता मिलती है तो संबंधित डॉक्टर या जुडे़ स्टाफ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
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रसोई से आउट प्याज ने लगाया 'शतक'

आम आदमी की थाली पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। पिछले कई दिनों से सब्जियों में खासकर प्याज कीमतें बढ़ती जा रही है। रसोई से बाहर होने के साथ ही प्याज के भाव 100 रुपये से पार पहुंच गए हैं। प्याज के आढ़तियों का कहना है कि महाराष्ट्र में अत्यधिक बारिश से फसल बर्बाद होने से आवक कम हो गई है। सब्जी आढ़ती संघ के बिजेंद्र छाबड़ा का कहना है कि राजस्थान और लोकल प्याज की आवक बढ़ने के बाद ही यह सस्ता होगा। फिलहाल अगले दस दिनों तक प्याज की आवक बढ़ने और भाव कम होने की कोई उम्मीद नहीं है।
शहर की मंडी में हर रोज बीस हजार क्विंटल प्याज की खपत है। वीरवार को प्याज का थोक भाव 80 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि रिटेल में यही प्याज 100 रुपये से लेकर 120 रुपये तक में बिका। प्याज की बढ़ती कीमतों के कारण शहर में रोजाना 20 हजार क्विंटल खपत से केवल दस हजार क्विंटल खपत रह गई है। उधर, प्याज की कालाबाजारी को रोकने के लिए फूड सप्लाई कंट्रोल और मार्केट कमेटी के सचिव की संयुक्त टीम छापेमारी कर रही है। हालांकि अभी तक कहीं भी नियम विरुद्घ ढंग से एकत्र किया प्याज नहीं मिला है। वहीं, फूड सप्लाई कंट्रोल की ओर से बीपीएल परिवार को सस्ता प्याज देने का दावा किया था, लेकिन अभी तक सरकारी प्याज की खेप राशन डिपो पर नहीं पहुंची है। जिला फूड सप्लाई कंट्रोल अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सप्लाई मिलते ही उपभोक्ताओं को कम कीमत में प्याज दिया जाएगा।
ये है प्याज का स्टॉक रखने का नियम
थोक में 500 क्विंटल तक व खुदरा में 100 क्विंटल तक ही व्यापारी प्याज का स्टॉक अपने पास रख सकते हैं। प्याज की कीमतों में बेतहाशा वृद्घि होने से प्याज के अधिक स्टॉक से इसकी कीमतों में और इजाफा होने की आशंका है। यही वजह है कि फूड सप्लाई कंट्रोल की ओर से कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी की जा रही है।
रेट बढ़ने से प्याज की डिमांड 90 प्रतिशत घटी
रेट बढ़ने से शहर में प्याज की डिमांड 100 से घटकर केवल 10 प्रतिशत पर आ गई है, क्योंकि बाजार में प्याज की बिक्री 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम हो रही है। ऐसे में अधिकतर लोगों ने प्याज खरीदना ही बंद कर दिया है।
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बढ़ते साइबर क्राइम का सांसद ने उठाया मुद्दा

संसद में साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून बनाने व सजा के प्रावधान की मांग को लेकर वीरवार को रोहतक के भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने मुद्दा उठाया। सांसद ने कहा कि आज विभिन्न प्रकार के एप के माध्यम से साइबर क्राइम बढ़ रहा है। हर रोज निजी व सार्वजनिक क्षेत्र में डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौरान आमजन धोखाधड़ी का शिकार हो रहा है। इससे उनकी मेहनत की कमाई कुछ ही पल में उड़ा ली जाती है। सरकार को इसके लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है। वहीं, उन्होंने डिजिटल इंडिया की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री व संचार मंत्री को बधाई दी और कहा कि आज देश डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहा है और वर्तमान युवा पीढ़ी इसका जीवंत उदाहरण है। डिजिटल इंडिया से अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आज विभिन्न प्रकार के एप जैसे पेटीएम, फोन पे, गूगल-पे आदि के अपडेशन के दौरान स्कैनिंग ऑफ कोड से डिजिटल ऑनलाइन व नेट बैकिंग से निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में आम जनता धोखाधड़ी का शिकार हो रही है। सांसद द्वारा लोकसभा में उठाए गए इस मामले को लेकर स्पीकर ने सांसद की बात पर कहा कि मुद्दा गंभीर है और गृहमंत्री इस ओर ध्यान दें। रोहतक पहुंचे सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज डिजिटल इंडिया को लेकर देश आगे बढ़ रहा है और इसके परिणाम भी अच्छे आए हैं। ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए उन्होंने संसद में अपनी बात रखी है और इसके लिए सख्त कानून की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले पांच साल सरकार ने पूरी ईमानदारी से काम किया और आगे भी ईमानदारी के साथ ही काम कर रही है। सरकार अपराध रोकने को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
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कानून का डर पैदा करें, दुष्कर्मियों को दें फांसी

हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद जलाकर मार डालने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शर्मिंदा करने वाली वारदात पर महिलाओं ने बेबाकी से अपनी बात रखी। वीरवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने इस घटना की न केवल निंदा की, बल्कि अपने सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून से नाबालिग शब्द हटा देना चाहिए। महिलाओं ने कहा कि सख्त कानून बनना चाहिए और तारीख पर तारीख की व्यवस्था के बजाय लगातार सुनवाई कर ऐसे मामलों में आरोप सिद्घ होते ही दुष्कर्मियों को फांसी दे देनी चाहिए।
बदला कभी खत्म नहीं होता। सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिससे दोषी अपराध करने से पहले 100 बार सोचे, उसके मन में खौफ हो कि ऐसा किया तो सजा क्या मिलेगी। इंसान की प्रवृति है कि वह कभी गलत काम नहीं छोड़ता। पहले के समय में भी गलत चीजें होती थीं, लेकिन अब मीडिया ने इन चीजों को उजागर करना शुरू कर दिया है। मोबाइल में हमारे पास सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से दुनियाभर की जानकारियां मौजूद होती हैं। इंटरनेट सर्फिंग का ठीक इस्तेमाल और सख्त कानून ही इसका एकमात्र समाधान है।
- लोविना सिंह, एडवोकेट
कानून में सख्ती होती चाहिए। आक्रोश से काम नहीं चलता, आज हर इंसान में आक्रोश है। संसद तक यह आक्रोश पहुंच चुका है, लेकिन मॉब लिचिंग किसी समस्या का समाधान नहीं। समाधान सरकार और प्रशासन कानून को सख्त बनाकर और ऐसे दुष्कर्म जैसे मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द निपटारा करके ही कर सकती है। - सोनिया
एक आम आदमी को आगे बढ़कर मदद करनी चाहिए आज मुसीबत में फंसी बहन या बेटी की कोई सहायता नहीं करना चाहता। सबको लगता है हम क्यों फंसे हमारी कौन सी अपनी बहन है। लोगों को मानसिकता बदलनी होगी। इसके अलावा स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग व अभिभावकों को अच्छे संस्कार देने होंगे। - रेखा
ऐसे लोगों को फांसी देकर दूसरों के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए। वहीं आम आदमी को आगे बढ़कर महिलाओं के प्रति सहयोग की भावना रखनी चाहिए। बच्चों से सेक्स एजुकेशन को लेकर खुलकर बात करनी चाहिए। बच्चों को गुड टच बैड टच के बारे में सिखाना चाहिए। - अल्का
आरोप सिद्घ होते ही आरोपी को सख्त सजा देनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि दुष्कर्म करने वाला आरोपी नाबालिग है तो उसे कम सजा मिले। सभी को एक समान सख्त सजा मिलनी चाहिए। जीते जी वह इंसान हर रोज मरे ऐसी सजा सरकार को निर्धारित करनी चाहिए। कानून का लचीला होना भी अच्छा नहीं है। अब तो लगता है रोहतक भी सेफ नहीं है। - किरण गुप्ता
नेटवर्क पर पोर्न साइट्स पर बैन होना चाहिए। इसके अलावा देश में 12 साल तक के बच्चों को मोबाइल फोन रखना अलाउड ही नहीं होना चाहिए। इसमें टीचर्स औैर अभिभावकों की भी सबसे ज्यादा जवाबदेही होती है। स्कूलों में टीचर्स को व अभिभावकाें को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार व सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देनी चाहिए। - मेघना गुप्ता
कानून को आरोपियों के लिए सख्त व पीड़िता के साथ लचीला होना होगा। क्योंकि कानून के डर से आम लोग छोड़ो पड़ोसी भी बाहर किसी लड़की की मदद करने से कतराते हैं। कानून के डर के चलते कोई पचड़े में नहीं पड़ना चाहता। फांसी की सजा ना होकर ऐसा हो की वह सारी उम्र तड़फ-तड़फ कर निकालें। - ज्योति चुघ
सेटेलाइट सिस्टम अच्छा होना चाहिए। इससे आरोपियों के मन में डर होगा कि वह कहीं भी जुर्म करें तो पकड़े जाएंगे और सख्त सजा मिलेगी। कई बार खेत में कोई महिला काम कर रही हैं तो आरोपियों को लगता है कि आप यहां कोई भी जुर्म करो किसी को पता नहीं चलेगा। लड़कियों में भी अभिभावकों को आत्मविश्वासी बनाना होगा। कई बार घर में ही गलत हो रहा होता है और लड़कियां है कि झिझक और शर्म के चलते आवाज ही नहीं उठा पातीं। - सुमन कादियान
घर में अभिभावकों को छोटी उम्र से ही बच्चों की मानसिकता का पता चल जाता है। ऐसे में अभिभावक ही अपने बच्चे को सही राह पर लेकर आ सकते हैं। क्योंकि क्राइम की शुरुआत घर में ही अभ्रदता के साथ शुरू हो जाती है। अगर समय पर इसको समझकर रोक लिया जाए तो आने वाली खेप को ऐसी गुनाहों से बचा सकते हैं। - कीर्ति
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7 घंटे तक शव रखकर लगाया जाम

हैदराबाद में महिला चिकित्सक की रेप के बाद हत्या को लेकर वीरवार को अमर उजाला के सिटी आफिस में संव
कलानौर खंड के गांव सुंडाना के ग्रामीणों और मृतक जगबीर उर्फ जुब्बी के परिजनों ने शव को रोहतक-भिवानी राजमार्ग नंबर 10 पर रखकर वीरवार सुबह साढ़े 11 बजे से शाम 6 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब पांच घंटे 3 किलोमीटर तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
जाम व प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को बेरी, महम व आसपास के गांवों के रास्तों से निकाला। शाम पांच बजे उपायुक्त आरएस वर्मा व एसपी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीण व परिजन फरार चारों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी और सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस बनाने की मांग पर अड़े रहे। आखिर में परिजनों के मांग पत्र पर डीसी-एसपी ने हस्ताक्षर किए और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। याद रहे कि 26 नवंबर की दोपहर को जगबीर को 7 गोलियां मारी गई थी। जिसकी 8 दिन के उपचार के बाद बुधवार को पीजीआई में मौत हो गई। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया। इसके बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर जाम लगा दिया। वहीं परिजनों ने कहा कि संबंधित मामले में पुलिस की आगामी जो भी कार्रवाई की जाएगी, उसकी हर जानकारी उन्हें दी जाए।
यह था मामला
पुलिस के मुताबिक जगबीर के पिता कर्ण ने बताया था कि गत 26 नवंबर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जगबीर अपने दोस्त रोहित निवासी काहनौर के साथ स्कूटी पर सवार होकर खेत से पराली लाने के लिए जा रहा था। वह भी स्कूटी के पीछे ट्रैक्टर पर चल रहा था। इसी दौरान जब वे सुंडाना के श्मशान घाट के अगले चौक पर पहुंचे तो एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। कार से जितेंद्र उर्फ जीतू, दलबीर व राजबीर उर्फ राज, संजय व अन्य युवक नीचे उतरे। आरोप है कि सभी के हाथों में पिस्तौल थी। उक्त आरोपियों ने स्कूटी सवार जगबीर के दोस्त रोहित की कमर पर पिस्तौल अड़ा दी। इसके बाद उन्होंने जगबीर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में जगबीर को सात गोलियां लगीं। इसके बाद जब वह बचाव के लिए दौड़ा तो आरोपी कार में सवार होकर गढ़ी बलंब की ओर फरार हो गए। घायल के पिता के मुताबिक उक्त आरोपियों से जगबीर ने 1.80 लाख रुपये लेने थे। जिन्हें देने में आरोपी आनाकानी कर रहे थे। इस मामले में छह महीने पहले पंचायत भी हुई थी। वारदात के कुछ दिनों बाद पुलिस ने एक आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया था।
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सावधान, फेसबुक यूजर की आईडी बनाकर लोगों को फ्रेड रिक्वेस्ट भेज रहे ठग

जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हें। साइबर एक्सपर्ट ठग सोशल मीडिया पर लोगों को रोजाना तरह-तरह के तरीके अपनाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये ठग किसी तरह से सोशल मीडिया पर एक प्रोफाइल सर्च करते हैं। उस प्रोफाइल की काफी फोटो अपने पास सेव करते हैं। इसके बाद ठग उसी नाम की दूसरी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को फ्रेेंड रिक्वेस्ट भेजकर मित्र बनाते हैं। करीब 30 दिनों बाद ये ठग फेसबुक पर खुद का एक्सीडेंट होने के बारे में एक पोस्ट शेयर करते हैं और लोगों से पेटीएम अकाउंट और बैंक खाते में रुपये डलवा कर मदद की गुहार लगाते हैं। इस तरह से इन ठगों ने पिछले एक माह में रोहतक के करीब 20 लोगों से लाखों की चपत लगाई है। इस बारे में रोहतक पुलिस को भी शिकायत मिली है। वहीं, साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर ठगी से बचने के लिए जागरूकता का संदेश वायरल किया है।
फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को करें टर्न ऑन, फेसबुक लोकेशन को रखें बंद
सोशल मीडिया पर सोशल प्रतिष्ठा बढ़ाने के चक्कर में आप कहीं अपनी जमा पूंजी न गवां बैठें, इसके लिए सेटिंग में जाकर लोकेशन को बंद करि। वरना ठगों का काम आसान हो जाएगा। साइबर एक्सपर्ट के पास ठगी के शिकार कई लोग आते हैं, इस ठगी से बचने के वें तरीके बताते हैं। उनके अनुसार फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को टर्न ऑन करें, फेसबुक लोकेशन को बंद करें, फोन बैंकिंग करने वाले नंबर को फेसबुक पर न लिखें। फेसबुक पर अपना ईमेल न लिखें।
इस तरह की ठगी से कुछ सावधानियां बरत कर बचा सकता है। इन ठगों को पकड़ने के लिए साइबर सेल की एक टीम निरंतर काम कर रही है। जल्द ठगों को पकड़ लिया जाएगा। आमजन से अपील है कि वें सोशल साइट व सोशल मीडिया से संबंधित निजी जानकारियां किसी से शेयर न करें।
- राहुल शर्मा, एसपी।
पीड़ित लोगों की जुबानी, ठगी की कहानी
केस-1
रोहतक निवासी गजराज ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी फेसबुक आईडी को किसी ने हैक कर लिया था। आईडी हैक करने के बाद साइबर क्रिमिनल ने उनके दोस्तों व रिश्तेदारों को टारगेट करना शुरू कर दिया। साइबर क्रिमिनल ने उनके एक रिश्तेदार व एक दोस्त को आईसीयू में भर्ती की झूठी कहानी के जरिये 11 हजार की ठगी कर ली। साइबर ठग ने उनके एक दोस्त से पांच हजार व रिश्तेदार से छह हजार की ठगी की। दोस्त व रिश्तेदार से बात होने के बाद गजराज को पता चला कि उनकी फेसबुक से कोई ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा है। गजराज ने पता चलते ही साइबर ब्रांच में मामला दर्ज करवा दिया।
केस-2
रोहतक निवासी जयसिंह ने बताया कि उन्होंने काफी दिन से अपनी फेसबुक आईडी का प्रयोग नहीं किया था। उसने बताया कि किसी साइबर ठग ने उनकी फेसबुक आईडी से फोटो डाउनलोड करके फर्जी फेसबुक अंकाउट बना लिया। उसके बाद लोगों को ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया। सबसे पहले साइबर क्रिमिनल ने उनके दो दोस्तों को ठगी का शिकार बनाना चाहा लेकिन दोस्तों ने जयसिंह से फोन पर बात कर ली। जिस वजह से क्रिमिनल अपनी योजना में सफल नहीं हो सका। उसके बाद साइबर क्रिमिनल उनके रिश्तेदार से दिल्ली के अस्पताल में एडमिट होने की झूठी कहानी सुनाकर 15 हजार रुपये की मांग की। रिश्तेदार ने मांगी गई राशि का भुगतान कर दिया। उसके बाद क्रिमिनल ने दोबारा दस हजार की मांग की तो रिश्तेदार ने तुरंत जयसिंह को फोन किया। उसके फोन करने के बाद आनलाइन ठगी होने का खुलासा हुआ।
केस-3
रोहतक निवासी राजू ने बताया कि उनकी फेसबुक आईडी से किसी साइबर क्रिमिनल ने उनके दोस्त से 28 हजार रुपये की आनलाइन ठगी कर ली है। ठगी के शिकार हुए दोस्त ने राजू से फोन पर बात करके बताया कि उसके पास राजू की फेसबुक आईडी से मैसेज आया कि मेरा बेटा अस्पताल में है। मुझे पैसों की जरूरत है। प्लीज मेरी मदद करो। मुसीबत में समझ कर राजू के दोस्त ने पैसे भेज दिए और आनलाइन ठगी का शिकार हो गए। मामले का पता लगता ही राजू ने साइबर क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करवा दिया है।
ये बरतें सावधानियां
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैक खाता व एटीएम कार्ड संबंधित कोई भी सूचना न दे।
- अपनी कोई भी आईडी सोशल मीडिया पर सांझा न करे।
- फर्जी कॉल मैसेज या ई- मेल प्राप्त होने पर सूचना अपने परिवार व अन्य साथियों के साथ भी सांझा करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग साइबर क्त्रसइम से बच सकें।
- फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- फेसबुक प्रोफाइल का पासवर्ड समय समय पर बदलते रहे।
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स्वाइन फ्लू

राज्यपाल की ओर से स्वाइन फ्लू को लेेकर कड़ा संज्ञान लेते हुए 29 नवंबर को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें संदेह जताया गया है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू का वायरस इन्फल्यूंजा ए, एचवन व एनवन फैल सकता है। इसके एहतियात के तौर पर हरियाणा अपेडेमिक डिजिज इन्फ्ल्यूंजा ए, एचवन एनवन रैगुलेशन 2019 प्रस्ताव 2022 तक के लिए पारित कर दिया गया है। इस नोटिफिकेशन में स्पष्ट निर्देश हैं कि मरीजों का उपचार निजी व सरकारी अस्पताल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र नई दिल्ली की गाइड लाइन के अनुसार ही करेंगे। यदि कोई नियम तोड़ता है तो उस पर आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत कार्रवाई होना तय है।
राज्यपाल की ओर से जारी नोटिफिकेशन को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि स्वाइन फ्लू का उपचार करने वाले सरकारी व निजी अस्पताल पर भारत सरकार के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की गाइड लाइन को मानना होगा। कहां मरीज का उपचार होगा, कहां मरीज के लिए आइसोलेशन की सुविधा होगी, इसे हर जिले में सिविल सर्जन की ओर से तय किया जाएगा। मरीज पॉजिटिव हो या संदेह में हो, उसे अस्पताल में रखा जाएगा और सैंपल जांच के लिए भरा जाएगा। सभी अस्पताल सिविल सर्जन के माध्यम से इन मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगे। हर मरीज का उपचार बगैर किसी देरी के करना अनिवार्य होगा। यदि मरीज निजी अस्पताल में है तो संचालक को हर हाल में इसकी जानकारी सिविल सर्जन को देनी अनिवार्य होगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर व जिला स्तर पर नोडल अधिकारी तय कर दिए गए हैं। इनके मरीजों को अलग से रखना अनिवार्य होगा। सभी अस्पतालों में स्क्रीनिंग सेंटर अनिवार्य होगा ताकि रोगियों की समय पर पहचान हो सके। मरीजों की पुष्टि अनुशंसित परीक्षण आरटी पीसीआर से ही होगी। इसमें अहम यह होगा कि कोई व्यक्ति या संस्थान इससे संबंधित या उपचार संबंधी जानकारी सीधा नहीं दे सकेगा। कोई भी जानकारी बगैर विभाग की अनुमति के सार्वजनिक नहीं होगी। नियम तोड़ने वाले के खिलाफ सिविल सर्जन की ओर से गठित कमेटी जांच करेगी। इसमें मेडिसन, बाल रोग, एनेस्थीसिया व जिला महामारी विशेषज्ञ की टीम जांच करेगी। जांच के बाद नियम तोड़ने वाले को नोटिस जारी होगा। यदि आरोपी समय पर जवाब नहीं देता तो उसे दोषी माना जाएगा और उस पर कार्रवाई होगी।
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा का मामला

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में वीरवार को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। क्योंकि वकीलों ने हैदराबाद की घटना के विरोध में कोर्ट के अंदर वर्क सस्पेंड किया हुआ था। अब शुक्रवार को अदालत में मामले को लेकर बहस होगी।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश के अंदर रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, हिसार, कैथल व भिवानी जिलों में जगह-जगह हिंसा हुई थी। 23 फरवरी को भिवानी निवासी कैप्टन पवन ने सिविल लाइन थाने केस दर्ज कराया था कि पूर्व सीएम हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र सिंह की एक आडियो वायरल हुई है। जिसमें प्रोफेसर विरेंद्र फोन पर दलाल खाप के तत्कालीन प्रवक्ता मानसिंह दलाल से बातचीत कर रहे है। इससे आंदोलन भड़क और हिंसा हुई। पुलिस ने देश द्रोह जैसी गंभीर धाराओं के तहत प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में कांग्रेस नेता रहे जयदीप धनखड़ व मान सिंह दलाल भी आरोपी बनाए गए। तीन साल बाद तीनों के खिलाफ पुलिस ने 2019 में चार्जशीट दाखिल की। उस चार्जशीट को पिछली सुनवाई पर प्रोफेसर व धनखड़ ने चुनौती दी थी। साथ ही अदालत से आरोपों को खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने 4 दिसंबर तक पुलिस से जवाब मांगा था। साथ ही पांच दिसंबर की तिथि बहस के लिए तय की थी, लेकिन पांच दिसंबर को अदालत में वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते बहस नहीं हो सकी। अब छह दिसंबर को अदालत में प्रोफेसर व धनखड़ की अर्जी पर बहस होगी।
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कुंडली थाने की छत से आत्महत्या करने के लिए कूदी दो हत्याओं की आरोपी महिला

कुंडली (सोनीपत)। गांव नाहरा में हुई दो हत्याओं के मामले में आरोपी महिला रेखा ने पुलिस कस्टडी में दूसरी बार आत्महत्या का प्रयास किया है। पति की हत्या के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लाकर सात दिन के रिमांड पर ली गई रेखा शौचालय जाने का बहाना करके थाने की छत पर पहुंच गई और वहां से नीचे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया।
अचानक हुए घटनाक्रम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला इससे पहले भी पुलिस रिमांड के दौरान फिनायल पीकर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है।
विदित रहे कि गांव नाहरा में 13 जून को जय सिंह का शव फंदे पर लटका मिला था। बाद में 27 जून को मृतक जय सिंह की मां प्रेमलता ने एसपी को शिकायत देकर अपनी बहू रेखा पर ही बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया था। प्रेमलता का आरोप था कि रेखा का गांव के ही युवक नवीन से संबंध है, जिसमें 13 जून को उसके बेटे की हत्या की गई। पुलिस ने रेखा पर जय सिंह की हत्या का मामला दर्ज किया था। साथ ही सामने आया था कि रेखा के प्रेमी नवीन की पत्नी गायत्री की भी 22 मई को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। नवीन की पत्नी की भी हत्या किए जाने का शक गहराया था। नवीन के ससुर ने उसके खिलाफ रेखा के साथ षड्यंत्र रचकर उसकी बेटी गायत्री की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने गायत्री हत्याकांड में नवीन और बाद में रेखा को काबू किया था, जिसके बाद से दोनों जेल में थे।
अब पुलिस ने कॉल डिटेल व अन्य सबूतों के आधार पर जयसिंह की हत्या के मामले में रेखा और नवीन को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर सात दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। वीरवार को रेखा कुंडली थाने में पुलिस की कस्टडी में थी। इसी दौरान उसने महिला पुलिसकर्मी से शौचालय जाने की बात कही। बताया गया है कि जब कर्मी उसे शौचालय की तरफ लेकर जा रही थी तो उसने अचानक उसे धक्का दे दिया और भागकर छत पर पहुंच गई। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसका पीछा किया तो रेखा ने छत पर चढ़कर नीचे छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गई। पुलिस ने उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसे खानपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पहले फिनायल पीकर किया था आत्महत्या का प्रयास
रेखा ने पहले भी पुलिस कस्टडी में आत्महत्या का प्रयास किया था। उसने जुलाई में बहाने से बाथरूम में जाकर फिनायल की बोतल उठाकर पी थी। उसने फिनायल पीने की बोतल को मुंह से लगाया तो सिपाही ने तुरंत बोतल छीन ली थी। रेखा ने बाथरूम से बाहर आकर उल्टी करनी शुरू कर दी थी, जिस पर उसे अस्पताल में उपचार दिलवाया गया था। पुलिस ने सिपाही सुनीता के बयान पर उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का एक अन्य मामला दर्ज किया था।
महिला पुलिसकर्मी को धक्का देकर चढ़ी थी छत पर
पति की हत्या की आरोपी रेखा ने पुलिस को शौचालय जाने के लिए कहा था। महिला पुलिसकर्मी उसको जैसे ही लेकर जा रही थी तो वह महिला पुलिसकर्मी को धक्का देकर छत पर चढ़ गई और वहां से कूदकर जान देने की कोशिश की। उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का एक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हरेंद्र कुमार, डीएसपी
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ट्रक की टक्कर से कार सवार दो लोगों की मौत, कार में फंसे शव क्रेन की मदद से बाहर निकाले

खरखौदा (सोनीपत)। खरखौदा-सोनीपत मार्ग पर वीरवार शाम को ट्रक की टक्कर से कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों के शव कार के अंदर ही फंस गए, जिन्हें क्रेन की मदद से ट्रक को हटाकर बाहर निकाला गया। इस दौरान घटना स्थल पर भीड़ एकत्रित हो गई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। ट्रक तेजगति में होने के कारण टक्कर मारकर कार को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया।
गांव झरोठ निवासी जगपाल (50) किसान था और वीरवार शाम को वह झरोठी निवासी 35 वर्षीय संदीप के साथ अपनी स्विफ्ट डिजायर गाड़ी लेकर खरखौदा आ रहा था। जब वे दोनों झरोठ गांव से खरखौदा की तरफ ड्रेन नंबर आठ के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे के समय ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह कार को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में कार सवार जगपाल और संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों व्यक्ति कार के अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद एकत्रित हुए राहगीरों ने दोनों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन बाहर नहीं निकाल सके। जिसके बाद क्रेन की मदद से कार पर चढ़े ट्रक को हटवाया गया और दोनों के शवों को कार से बाहर निकाला। सूचना पाकर दोनों मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। जगपाल खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहा था, वहीं संदीप ने झरोठ गांव के बस स्टेंड पर चाय की दुकान कर रखी थी। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पांच माह पहले ही हुई थी संदीप की शादी
हादसे में काल का ग्रास बने संदीप की शादी महज पांच माह पहले ही हुई थी। हादसे के बाद से संदीप और जगपाल के परिजनों का रोकर बुरा हाल था।
ट्रक चालक के खिलाफ जांच की जा रही है
कार व ट्रक की टक्कर से कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। शवों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अरुण सिंह, थाना प्रभारी, खरखौदा।
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