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कोरोना वायरसः आइसोलेशन वार्ड में तब्दील हुई 24 कोच की ट्रेन, रेलमंत्री ने ट्वीट की तस्वीरें देखिए

कोरोना महामारी से लड़ने को भारतीय रेलवे ने एक सराहनीय कार्य किया है। विभाग की ओर से 24 कोच की ट्रेन को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है, देखिए तस्वीरें।

28 मार्च 2020

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रोहतक

रविवार, 29 मार्च 2020

झंग कॉलोनी में दिनदहाड़े व्यापारी की मां का पर्स छीना

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कुछ असामाजिक तत्व लोगों की मदद करने की बजाय जख्म दे रहे हैं। लॉकडाउन के बावजूद दिनदहाड़े वीरवार सुबह करीब 10 बजे एक स्कूटी सवार नकाबपोश झंग कॉलोनी में एक व्यापारी की मां का पर्स झपटकर ले गया। पर्स में 2200 रुपये की नकदी थी। वार्ड की महिला पार्षद कंचन खुराना के पति मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल करने आई सिविल लाइन थाना पुलिस से असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
झंग कॉलोनी निवासी नितिन अरोड़ा ने बताया कि उसकी दुर्गा भवन के सामने दुकान है। एक साल पहले झंग कॉलोनी में मकान लिया है। वीरवार सुबह उसकी मां 65 वर्षीय चांदकौर नजदीक विजय पार्क के पास किरयाणा की दुकान पर आलू लेने गई थी। वापस आने लगी तो पीछे से एक युवक स्कूटी पर साथ-साथ आ रहा था। उसने काले रंग की शर्ट पहन रखी थी और मुंह बांधे हुए था। जैसे ही घर का गेट खोलने लगी, तभी उसने स्कूटी थोड़ी दूरी पर खड़ी की और झपटा मारकर पर्स छीनकर ले गया। चांदकौर ने शोर मचाया। तभी ऊपर कमरे में मौजूद उसके पति चिमनलाल और बेटा नितिन अरोड़ा नीचे आए, लेकिन तब तक स्कूटी सवार डॉक्टर ईश्वर वाली गली से होते हुए सोनीपत रोड की तरफ फरार हो गया।
कानून ही नहीं, नैतिक फर्ज भी तार-तार
वारदात की सूचना पड़ोसियों ने वार्ड की महिला पार्षद कंचन खुराना के पति एवं पूर्व पार्षद अशोक खुराना को दी। वे मौके पर पहुंचे और सिविल लाइन थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस मौके पर पहुंची और पूरी वारदात से अवगत कराया। पूर्व पार्षद ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक तरफ जहां जान बचाने के लिए देशवासी संघर्ष कर रहे हैं, दूसरी तरफ इस तरह के असामाजिक तत्व झपटमारी कर रहे हैं। ऐसा करके युवक ने न केवल कानून, बल्कि नैतिक फर्ज को भी तार-तार किया है। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बाजारों में बढ़ाई जाए सुरक्षा ऐसे हालात में भी जो लोग लूटपाट की मंशा रखते हैं, उनके खिलाफ तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जहां तक पुलिस की गश्त व्यवस्था का सवाल है। व्यापारी दुकानों को पुलिस के भरोसे छोड़कर घर बैठे हैं। पुलिस गश्त बढ़ाए और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
गुलशन निझावन, महासचिव रोहतक व्यापार मंडल।
पुलिस चाहे गश्त कर रही है, लेकिन व्यापारी खुद भी बाजार में सुरक्षा के लिए आगे आएं। गोहाना अड्डा, निरंकारी मार्केट व दिल्ली गेट पर सुरक्षा के लिए वे खुद व्यापारियों के साथ देर रात तक मौजूद रहते हैं।
कपिल नागपाल, प्रधान गोहाना अड्डा।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पुलिस अच्छा काम कर रही है, लेकिन सड़कों के साथ-साथ गलियों में भी गश्त बढ़ाई जाए। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात करेंगे।
राजू भुटानी, प्रधान मार्बल एवं टाइल एसोसिएशन।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई पूरा शहर मिलकर लड़ रहा है। लोग घर से न निकलें। बाजारों व गलियों में गश्त बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों से बात करेंगे।
मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री सहकारिता मंत्री
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में रोहतक पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी है। दो हजार पुलिसकर्मी सड़क पर हैं तो चार कंपनी बाहर से बुलाई गई हैं। 32 पीसीआर व 22 राइडर सक्रिय हैं। डीएसपी, एसएचओ व सीआईए की तीनों टीमों की टीम भी गश्त कर रही हैं। शहरवासी चिंता न करें। झपटमारी करने वाले युवक को भी जल्द दबोच लेंगे।
भूपेंद्र सिंह, इंचार्ज सिक्योरिटी ब्रांच एसपी ऑफिस।
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लॉकडाउनः पिता की अर्थी उठाने को बेटे को नहीं मिले चार कंधे, ऑटो में ले गया श्मशान घाट तक

एक ओर जहां कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए पीएम मोदी के आह्वान व पुलिस की सख्ती का बुधवार को शहर में व्यापक असर देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर, कबीर कालोनी में एक बुजुर्ग की मौत होने पर भी परिजनों ने वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाई।

बेटे ने भी भीड़ का इंतजार नहीं किया और न ही किसी को बुलाया बल्कि ऑटो से अपने पिता का शव गोहाना रोड स्थित शमशान गृह ले गए । उसकी अंतिम यात्रा में रिश्तेदार व पड़ोसी तक शामिल नहीं हो पाए। अंतिम संस्कार में सिर्फ युवक के दस दोस्त पहुंचे।

कबीर कालोनी की एक युवती ने बताया कि उसके पिता 65 वर्षीय जयपाल की एक दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। बुधवार को उनका देहांत हो गया। सूचना पाकर वह जींद से बाइक पर किसी तरह से रोहतक पहुंची।

इस दौरान रास्ते में लॉकडाउन के कारण पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें कई जगह रोका, लेकिन पिता की मौत के बारे में बताया तो जाने दिया। देश में फैले कोरोना नाम की बीमार के चलते परिवार के ज्यादा सदस्य नहीं पहुंच सके। अब उसका भाई अपने सात-आठ दोस्तों के साथ शव को ऑटो से श्मशान घर लेकर गया है।

10 आदमी से ज्यादा नहीं आने देंगे अंदर
श्मशान घर की देखरेख कर रहे युवक ने बताया कि उनको हिदायत है कि ज्यादा लोग अंतिम संस्कार के समय एकत्रित नहीं चाहिए। इस कारण वे गेट पर ताला लगाकर रखते हैं। अगर कोई व्यक्ति अंतिम संस्कार की सूचना देने आता है तो उसके पहले कह दिया जाता है कि ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होने चाहिए।

बेवजह सड़क पर आने वाले परिवार से सबक लें
कबीर कॉलोनी के परिवार ने पूरे शहर के सामने एक उदाहरण पेश किया है कि वे कोरोना को देखते हुए अपनी जिम्मेदारी के प्रति कितने सजग हैं। ज्यादा लोगों को एकत्रित नहीं किया। परिवार से ऐसे लोगों को सबक लेना चाहिए, जो लॉकडाउन के बावजूद बेवजह सड़क पर आ जाते हैं। क्या उनका सड़क पर आना, कबीर कॉलोनी के परिवार के दर्द से बड़ा है। कोरोना को इस तरह के त्याग व संघर्ष के साथ ही हराएगा।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
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हरियाणा में किराना, दवाओं की दुकानें खुलने का समय नहीं होगा निर्धारित, सरकार ने बताई वजह

हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में किराना, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने का समय निर्धारित न किया जाए। समय निर्धारित होगा, तो इन दुकानों पर एकदम भीड़ उमड़ेगी, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। लिहाजा जिला प्रशासन इन दुकानों को अधिक देर तक खुला रहने दें। हो सके तो रात तक भी जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खुला रखा जाए।

उधर, सरकार ने पुलिस प्रशासन को भी आदेश दिया है कि जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए जा रहे किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक तंग न किया जाए, जिससे पुलिस और पब्लिक के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो। इस संदर्भ में मुख्य सचिव ने यह निर्देश सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ कांफ्रेंसिंग से बैठक करके दिए। 

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आंनद अरोड़ा ने सभी मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें। परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चेकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए।
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लॉकडाउन में ऑटो मिला न रिक्शा, साइकिल से ही डेढ़ साल के बच्चे के साथ पत्नी को लेकर पहुंचा पीजीआई

रोहतक। कोरोना वायरस के चलते किए गए लॉकडाउन के साइड इफैक्ट सामने आने लगे हैं। लॉकडाउन के चलते मजदूर पैदल ही यूपी, बिहार की ओर रवाना होने लगे। वहीं मरीजों को भी अब अस्पताल आने में परेशानी होने लगी है। ऑटो, रिक्शा या अन्य दूसरे प्रकार वाहन नहीं मिलने के बाद मरीज को या तो पैदल ला रहे हैं या फिर साइकिल पर। कुछ ऐसा ही नजर आया शनिवार को शहर के हिसार बाईपास के पुल पर। जब एक शख्स अपनी पत्नी को पेट दर्द होने पर साइकिल पर अस्पताल लेकर जा रहा था।
यूपी के हरदोई निवासी सतीश शहर में रहकर मजदूरी का कार्य करता है और श्याम कॉलोनी में रहता है। उसकी पत्नी मनीषा पांच माह की गर्भवती है। उसे शनिवार सुबह अचानक पेट में दर्द उठा। इस पर सतीश किसी ऑटो या वाहन का इंतजार करता रहा। जब उसे काफी देर तक कोई वाहन या ऑटो नजर नहीं आया तो उसने अपने जानने वाले से मदद मांगी। इस पर जानने वाला साइकिल लेकर आया। इसके बाद उसने अपने डेढ़ साल के बच्चे को साइकिल के डंडे पर और पत्नी को करियर पर बैठा जानकार के साथ पैदल ही लेकर उन्हें पीजीआईएमएस की ओर लेकर चल पड़ा। उसने घर से पीजीआईएमएस की करीब सात किलोमीटर की दूरी 35 मिनट में तय की। मजबूरी देखिये कि उसे सरकार से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पता ही नहीं और ना ही उसे कोई बताने वाला था।
जुगाड़ के सहारे पहुंच रहे हैं अस्पताल
हर तरह के वाहन बंद होने से लोग अपने परिजनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं। किसी जुगाड़ के सहारे वे उनको अस्पताल पहुंचा रहे हैं। हिसार बाईपास पर एक शख्स बाइक के पीछे जोड़ी गई बुग्गी में दो महिलाओं को लेकर पीजीआई जा रहा था। शख्स ने अपना नाम और पता न बताते हुए कहा कि परिवार की महिला सदस्य बीमार है। उसे पीजीआई ले जाना था। उसे कोई ऑटो या अन्य वाहन नजर नहीं आया तो परिवार की एक अन्य महिला सदस्य को साथ लेकर बाइक की पीछे जोड़ी गई बुग्गी में लेकर चल पड़ा।
21 दिन का है लॉकडाउन
कोरोना वायरस के तेजी से फैलाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू किया है। इस संक्रमण को रोकने के लिए लोगों का सड़क पर निकलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। फिलहाल इस व्यवस्था का पालन करना जरूरी है। लेकिन अब इस समय जो लोग बीमार हो रहे हैं उन्हें अस्पताल लाने ले जाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सुरक्षा के नाम पर जगह-जगह तैनात पुलिसकर्मी भी उनको रोक रहे हैं।
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रोहतक। कोरोना के चलते लागू लॉक डाउन में आटो व दूसरे वाहनों के नहीं चलने के कारण युवक को अपनी बीमार? रोहतक। कोरोना के चलते लागू लॉक डाउन में आटो व दूसरे वाहनों के नहीं चलने के कारण युवक को अपनी बीमार?

लॉकडाउन तोड़ा तो 6 माह, गलत दावा किया तो 2 साल तक कैद संभव

रोहतक। कोविड-19 से बने खतरे को देखते हुए पहली बार डिजास्टर मैनेजमेंट के अंतर्गत बने कानून को पूरे भारत में लागू किया गया है। यह कहना है एडवोकेट डॉक्टर दीपक भारद्वाज अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एवं पूर्व सचिव जिला बार एसोसिएशन, रोहतक का। उनका कहना है कि डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून के पहलू पर नजर डालें तो यह कानून साल 2005 में अमल में लाया गया था, कोरोना के खतरे के कारण 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए भारत सरकार द्वारा लोगों की जान की सुरक्षा करने हेतु डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी हुई गाइडलाइन और उसमें मौजूद प्रावधान को देखते हुए साथ ही आईपीसी की सेक्शन भी आम नागरिक पर लागू की गई है। यदि हम ध्यान दें तो जिन आदेशों के अंतर्गत आम नागरिक को घर से बाहर न निकलने के आदेश दिए गए हैं और घर में ही रह कर अपनी और अन्य लोगों की सुरक्षा करने के लिए कहा गया है। ऐसे में डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को सजा एवं जुर्माने का प्रावधान डिजास्टर मैनेजमेंट की धारा 51 से 60 में दी गई है। इसमें धारा 51 में सरकारी काम में बाधा डालना इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति आपदा के दौरान सरकारी आदेशों की पालना न करें और किसी काम में बाधा पैदा करें तो उसे 2 साल तक की सजा का प्रावधान है, वहीं यदि अगर हम धारा 52 जिसके अंतर्गत गलत दावा करना यानी यदि कोई व्यक्ति गलत दावा करके सरकार से किसी तरह का आपदा लाभ राहत मदद वगैरह लेता है और वह झूठा साबित होता है तो ऐसे में इस धारा के अंतर्गत 2 साल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। धारा 53 के अंतर्गत पैसा या सामान का गबन ऐसे व्यक्ति जो आपदा के समय लोगों के लिए मुहैया कराए गए पैसे या सामान में हेराफेरी करते हैं या उसका गबन करते हैं तो इस धारा के अंतर्गत भी 2 साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वही धारा 54 के अंतर्गत झूठी सूचना देना यदि कोई व्यक्ति इस दौरान झूठी खबर फेक न्यूज बेबुनियाद बातें फैलाएं, जिससे लोग पैनिक हो तो ऐसे में इस धारा के अंतर्गत एक साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वहीं धारा 55 के अनुसार सरकारी विभाग विभागों में जुर्म यानी सरकार के किसी विभाग द्वारा कोई जुर्म सामने आता है तो उसके प्रमुख की जवाबदेही मानी जाएगी यदि किसी कर्मचारी की गलती है तो वह डिपार्टमेंट हेड की जानकारी में न हो तो ही वह बच पाएगा ऐसी सूरत में जांच में यदि कसूरवार पाया जाता है तो उस पर भी कार्रवाई होनी निश्चित है। धारा 56 कहती है कि सरकारी अधिकार अधिकारी की नाकामी और जुर्म यानी ऐसा कोई अधिकारी जिसकी आपदा के समय में दी गई जिम्मेदारी से भागे या बिना इजाजत के उसे पुराना करें तो ऐसे में 1 साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वही धारा 57 सेवा नहीं देने का जुर्म यानी सरकारी आदेश पर कोई सेवा ना देने का केस होता है तो ऐसे में एक साल की जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वहीं धारा 58 कंपनियों के जुर्म आपदा के तहत बनाए गए नियमों की अनदेखी और उनका उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। धारा 59 मुकदमे की पूर्व मंजूरी यानी धारा 55 और 56 सरकारी विभागों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी। इसी के साथ धारा 60 में जुर्म का संज्ञान इस धारा में साफ किया गया है कि कोई कोर्ट डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत दर्ज केसों का संज्ञान तभी लेगी जब वह मुकदमा सरकार या प्रशासन के द्वारा दर्ज कराया गया होगा। वहीं इंडियन पीनल कोड की धारा 188 में सरकारी अधिकारी के आदेश की अवहेलना के अंतर्गत भी एक महीने से लेकर 6 महीने तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इन धाराओं पर और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून पर नजर दौड़ाई तो ऐसा भारत में पहली बार हुआ है, जब इस कानून को अमल में लाया गया है। ... और पढ़ें

पीजीआईएमएस में कोरोना वायरस से पीड़ित पानीपत की महिला स्वस्थ

रोहतक। पीजीआईएमएस ने कोरोना वायरस से पीड़ित पानीपत की महिला का सफल उपचार किया गया है। महिला फिलहाल संस्थान में भर्ती है और उसका उपचार किया जा रहा है। यह जानकारी नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने दी।
डॉ. चौधरी ने बताया कि पीजीआईएमएस ने कोरोना को मात देने की हर संभव तैयारी कर ली है। उनकी टीम लगातार अपना काम कर रही है। संस्थान में भर्ती महिला मरीज को अभी चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा और दोबारा सैंपल की जांच करवाई जाएगी। कुलपति डॉ. ओपी कालरा, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव, डॉ. मंजूनाथ ने संयुक्त बयान में कहा कि कोरोना वायरस से डरकर भय का माहौल बनाने की जरूरत नहीं है, बस हमें सावधानी बरतनी है और 21 दिनों तक घर में रहने की जरूरत है। कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस के लक्षणों को बिल्कुल भी छुपाए नहीं और समाज के हित में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। पीजीआईएमएस में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सभी प्रबंध उपलब्ध हैं। जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि हमें पुलिस प्रशासन का सहयोग करते हुए घरों में रहना चाहिए और सिर्फ बहुत ज्यादा जरूरत होने पर ही घरों से निकलना चाहिए तभी हम खुद को व अपने परिजनों को सुरक्षित रख पाएंगे।
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डीईओ का बेटा ले गया मात्र पांच बराती, रिसेप्शन किया रद्द

रोहतक। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर शहरवासियों के बीच सजगता बढ़ती जा रही है। लोगों ने 20 मार्च के बाद व अप्रैल में होने वाली करीब एक हजार शादियों के बड़े समारोह जहां रद्द कर दिए हैं। वहीं, प्रशासन भी मात्र पांच लोगों को बारात लेकर जाने की अनुमति दे रहा है। शनिवार को यमुनानगर में डीईईओ जोगेंद्र हुड्डा अपने बेटे राहुल की बरात में मात्र पांच लोग लेकर गए। बाकायदा इसके लिए डीसी ऑफिस से अनुमति ली गई। लोगों की बढ़ती जागरूकता से साबित हो रहा है कि कोरोना को जरूर मात मिलेगी।
पंडित देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि मार्च माह में होली के तुरंत बाद शादी समारोह के शुभ मुहूर्त शुरू होते जाते हैं। शीतला सप्तमी को तो अबुझ मुहूर्त होता है। इसके बाद नवरात्रों में शादियां होती हैं। मार्च के बाद अप्रैल में 1, 2, 8, 25 व 26 को शुभ मुहूर्त है। फिर मई माह में 1, 2, 3, 5, 6, 10, 17 और 29 मई तक शादियां हो सकती है। ग्रामीण अंचल में इस समय को शादियों का सीजन कहा जाता है। लोगों को अप्रैल माह में कोरोना के खत्म होने का इंतजार है। नहीं तो सर्दियों में भी शुभ मुहूर्त पूछ रहे हैं। 15 सितंबर के बाद अक्तूबर, नवंबर व दिसंबर में भी शादियों के शुभ मुहूर्त हैं।
काम धंधा बंद, सरकार दे कुछ राहत
शहर में 70 के करीब बड़े बैंक्वेट हॉल व मैरिज पैलेस हैं, जहां गर्मियों के सीजन में 10 से 15 शादी समारोह के लिए बुकिंग थी। मार्च के बाद अप्रैल माह की बुकिंग रद्द हो गई हैं। जबकि मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल में काम करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति पहले की तरह है। ऐसे में सरकार उनको भी कुछ राहत दे।
राकेश गुगनानी, महासचिव होटल, बैंक्वेट व मैरिज ब्यूरो एसोसिएशन।
रद्द कर दिया रिसेप्शन, रिश्तेदारों व दोस्तों को भेजा एसएमएस
बेटा राहुल हुड्डा दिल्ली के एक स्कूल में लेक्चरर हैं, जबकि होने वाली पुत्रवधू आईसी कॉलेज रोहतक में लेक्चरर है। कई माह पहले रिश्ता तय हो गया था। प्रियंका का परिवार झज्जर जिले के गांव मारौत से है। 28 मार्च को झज्जर में ग्वालिसन रोड स्थित शहनाई गार्डन में फेरे की रस्म होनी तय हुई। जबकि 29 मार्च को रोहतक में गोहाना रोड स्थित गरिमा गार्डन में रिसेप्शन का प्रोग्राम था। बड़े प्रोग्राम रद्द कर दिए है। डीसी ऑफिस से मात्र पांच लोगों के बरात में जाने की अनुमति ली है। क्योंकि कोरोना को लेकर न केवल खुद की परिवार, बल्कि रिश्तेदार व परिचितों को भी सतर्क किया है। इस कारण सभी को मोबाइल से एसएमएस भेजकर सूचित कर दिया है कि चंद लोगों की मौजूदगी में शादी होगी। बाकी प्रोग्राम रद्द कर दिए गए हैं।
जोगेंद्र हुड्डा, डीईईओ यमुनानगर एवं सेक्टर 3 निवासी रोहतक।
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कोविड-19 पॉजिटिव महिला की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव

अमर उजाला ब्यूरो रोहतक। पानीपत निवासी एक महिला को कोविड-19 से ग्रस्त पाया गया था, उसे पिछले कई दिनों से पीजीआइएमएस रोहतक में उपचार के लिए रखा गया था। शनिवार को हुई जांच रिपोर्ट में महिला को इससे राहत मिली है, डॉक्टरों ने जांच में महिला की रिपोर्ट को निगेटिव पाया। हालांकि अभी महिला डॉक्टर्स की निगरानी में ही रहेगी।पीजीआईएमएस के सी ब्लॉक में पानीपत निवासी महिला पिछले कई दिनों से डॉक्टरों की निगरानी में थी, महिला की जांच रिपोर्ट में उसे कोविड-19 से ग्रस्त पाया गया था। आशंका के चलते महिला के भाई व बेटा और बेटी के भी सैंपल कराए गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से तीनों को जिला अस्पताल में आइसोलेट किया गया है, इनकी भी जांच रिपोर्ट पिछले दिनों निगेटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का कहना है कि सभी की हालत ठीक है। इनका भी एक बार और टेस्ट होगा, इसके बाद ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी। गौरतलब है कि महिला रोहतक की रहने वाली है और पानीपत में उसकी शादी हुई है। वह पानीपत में ही काम करती है, महिला जिस फैक्ट्री में काम करती है उसका मालिक विदेश से आया था और कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था। ... और पढ़ें

शराबबंदी से लगा छह जोन को ब्रेक, विभाग ने रोकी ऑन लाइन बोली

रोहतक। कोरोना वायरस के चलते एक तरफ आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी गतिविधियां ठप हैं, दूसरी तरफ शराब के ठेके खुले हुए थे। लगातार उठ रहे सवालों के बीच आबकारी विभाग ने शुक्रवार सुबह जिले के सभी शराब के ठेके बंद करने के आदेश दे दिए। साथ ही अगले आदेशों तक 31 मार्च तक पुराने ठेकेदार तो 1 अप्रैल से नए ठेकेदार भी शराब की ब्रिकी नहीं कर पाएंगे।
आबकारी विभाग की तरफ से 48 जोन का टेंडर एक सप्ताह पहले छोड़ा गया था। जिले की 34, 43, 49,50,54 व 55 नंबर जोन बची हुई थी, जो ग्रामीण एरिया में आती हैं। विभाग ने इसके लिए वीरवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ऑन लाइन बोली आमंत्रित की थी, लेकिन चंडीगढ़ मुख्यालय की तरफ अगले आदेशों तक प्रकिया को रोकने के आदेेश जारी किए गए हैं।
गोहाना अड्डे पर खुला शराब का ठेका, अधिकारियों तक पहुंची सूचना
शुक्रवार सुबह सरकार की तरफ से शराब ठेके बंद करने के आदेश जारी हो गए। इसी बीच गोहाना अड्डे पर शराब के ठेके का नीचे से थोड़ा शटर ऊपर उठा हुआ था। तभी मीडिया की टीम मौके पर पहुंच गई और वीडियो बनाकर अधिकारियों के पास भेजी। अगले ही पल ठेके पर ताला नजर आया। मौके पर तैनात सब्जी मंडी थाने के पुलिसकर्मी मनोज कुमार ने बताया कि ठेके पर मौजूद कर्मचारियों को समय रहते ठेका बंद रखने की हिदायत दे दी थी।
अवैध कारोबार पर रखे पुलिस कड़ी निगाह
कोरोना वायरस के चलते जहां हर चौक व चौराहें पर पुलिस तैनात है, लेकिन असामाजिक तत्व अवैध तरीके से अब शराब का धंधा कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस को अंधरुनी एरिया में भी जांच पड़ताल तेज करनी होगी।
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बीए की छात्रा बुलेट से बजा रही थी पटाखे, साढ़े 16 हजार का कटा चालान

कोरोना के संक्रमण की रोकथाम को लेकर लगाए लॉकडाउन के बीच शुक्रवार दोपहर एक युवती को रफ्तार में बुलेट दौड़ाना और पटाखा बजाना महंगा पड़ गया। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के पास पुलिस ने युवती को पकड़ लिया और साढ़े 16 हजार का चालान काट दिया। युवती अपने बहनोई की बुलेट चलाकर घर जा रही थी। जानकारी के अनुसार डीएसपी सज्जन सिंह दोपहर करीब 3 बजे आंबेडकर चौक पर लॉकडाउन के दौरान अन्य कर्मचारियों के साथ चेकिंग पर तैनात थे। इसी दौरान एलिवेटेड रेलव ट्रैक की तरफ से तेज पटाखों की आवाज सुनाई दी, जिस पर पुलिस कर्मी उधर दौड़े। इस दौरान देखा कि एक युवती बिना मास्क, हेलमेट व ग्लव्स पहने बुलेट से पटाख बजाते आ रही थी। इस पर पुलिस ने युवती को रोककर पूछताछ की। युवती ने बताया कि वह सेक्टर-दो में रहती हैं और बीए की छात्रा है। वह भिवानी चुंगी के पास रहने वाले बहनोई के घर से बुलेट लेकर घर जा रही है। पुलिस ने जब उससे ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट और कोरोना से बचाव के कारण मास्क के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद पुलिस ने उसका साढ़े 16 हजार रुपये का चालान काट दिया।
पुलिस ने युवती को पहनाया मास्क
चालान काटने के बाद पुलिस ने नया मास्क पहनाया। पुलिस ने उसे जागरूक करते हुए बताया कि कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, जिससे बचाव का रास्ता सिर्फ घरों में रहना है। बेहतर होगा कि वह घर में रहे। इस समय में वह पढ़ाई कर सकती है, जो भविष्य में काम भी आएगी।
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शहर छोड़कर जाने लगे प्रवासी, 432 किलोमीटर फरुखाबाद रवाना: बोले, पहले पैदल जाएंगे पहले रिश्तेदार के पास दिल्ली 66 किलोमीटर दूर

यूपी, बिहार व दूसरे राज्यों से आकर रोहतक में काम करने वाले प्रवासी युवक अपने घर जाने लगे हैं। वहीं फरीदाबाद व गुड़गांव काम करने वाले प्रदेश के अन्य जिलों के युवक भी वापस घर पैदल ही लौटने लगे हैं। लॉकडाउन के बीच जनता पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने के लिए रवाना होने लगे हैं। जबकि प्रदेश के युवक जुगाड़ या लिफ्ट से वापस लौटने लगे हैं।
यूपी के फर्रुखाबाद निवासी सुनील, मोनू व कुलदीप ने बताया कि वे कई माह से शहर के आर्यनगर में काम करते हैं। सुनील कपड़े की दुकान पर काम करता था, जबकि मोनू व उसका साथी कुलदीप कपड़ों पर इस्त्री करने का काम करते थे। कोरोना वायरस के चलते जब से लॉकडाउन हुआ है, काम बंद हो गया है। इसके चलते उन्हें खाने-पीना मिलने में परेशानी आने लगी। ऊपर से मकान मालिक भी किराया मांगने लगा। जिसके कारण वे पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो गए। पहले वे दिल्ली में एक रिश्तेदार के यहां जाएंगे। वहीं कोई वाहन मिल गया तो ठीक, नहीं तो आगे का सफर भी वे पैदल ही तय करेंगे। रोहतक से उनका घर करीब साढे़ 400 किलोमीटर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी सामाजिक संस्था या प्रशासन ने उनको कोई भोजन नहीं दिया है। इस कारण वे अपने घर जा रहे हैं।
जुुगाड़ तो कहीं पैदल आए
जींद निवासी सोनू ने बताया कि वह फरीदाबाद पुलिस लाइन में पलम्बर का काम करता है। वहां तीन दिन से फंसा हुआ था। सुबह पुलिस की एक गाड़ी गुड़गांव आई। वह उसमें बैठकर आ गया। गुड़गांव से आगे कार, बाइक या पिकअप में लिफ्ट लेकर आ रहा है। रोहतक आने के बाद अब सुखपुरा चौक पर कोई वाहन नहीं मिला। यहां जींद जाने के लिए कोई वाहन मिल गया तो ठीक है नहीं तो पैदल ही रवाना हो जाऊंगा। वहीं, चौक पर मौजूद जुलाना निवासी कुलदीप ने बताया कि वह भी फरीदाबाद से आ रहा है। रास्ते में एक डाक्टर की गाड़ी मिल गई थी। उसने किराया भी नहीं लिया। गुड़गांव से आगे लिफ्ट लेकर आ रहा है। अब रोहतक से आगे जींद जाने के लिए अभी कोई वाहन नहीं मिला है। जींद निवासी नवीन ने बताया कि वह चार साल से मारुति कंपनी में काम कर रहा है। सुबह जींद के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में कहीं न कहीं लिफ्ट मिल जाती है। हालांकि वह 50 किलोमीटर पैदल भी चल चुका है। आगे देखते हैं कुछ साधन मिल गया तो ठीक है। नहीं तो पैदल ही जींद जाएंगे। यह कहकर युवक जींद चौक की तरफ चल पड़े।
व्यापारी नेता बोले, 50 लोगों के आ चुके फोन, प्रशासन नहीं दे रहा खाना खिलाने की अनुमति
मेरे पास कम से कम 50 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों व युवकों के फोन आ चुके हैं। खाने की कमी से युवक परेशान हैं। क्योंकि उनका काम भी बंद हो चुका है। उन्होंने निगम आयुक्त से फोन पर बात की थी कि उनको खाना पहुंचाने की अनुमति दी जाए, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। वास्तव में प्रवासी खाने के बिना परेशान हैं। प्रशासन को जल्द कोई न कोई प्रबंध करना चाहिए।
राजू भूटानी, व्यापारी नेता झज्जर रोड
मुुुझे दें नंबर, अब तक एक हजार को बंटवा चुके हैं राशन व खाना
शहर में किसी को भूखा नहीं रहने देंगे। सामाजिक संस्थाओं व निगम के माध्यम से भूखे लोगों तक खाना भिजवा रहे हैं। निगम ने सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर एक ग्रुप बनाया है। प्रशासन से कोई सूचना आती है या हर वार्ड में एनजीओ के सदस्य सक्रिय हैं। उनके माध्यम से बाइक व गाड़ियों से खाना बंटवा रहे हैं। राजू भूटानी उनको ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर दें, ताकि उन तक खाना भिजवाया जा सके।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
लॉक डाउन में हिसार रोड स्थित नट बोल्ट की फैक्ट्री बंद हाने पर शुक्रवार को काम करने वाले  कर्मचारी?
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सब्जियां बेचनी-खरीदनी है तो मास्क व ग्लव्ज जरूर पहनें, नहीं तो होगा चालान

अमर उजाला रोहतक। कोरोना वायरस के चलते सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने वाला वालों की भीड़ बनी हुई है। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने व्यवस्था बनाने के लिए कुछ अहम फैसले लिए हैं। मंडी में अब सब्जी खरीदने व बेचने वालों को मुंह पर मास्क और हाथों में ग्लव्ज पहनने होंगे। नए नियमों का पालन नहीं होने पर चालान किया जाएगा। शहर की नई अनाज मंडी में शुक्रवार सुबह खासी भीड़ रही। सब्जी खरीदने वालों से फुल हुई मंडी में व्यवस्था बनाने के लिए सुबह पुलिस बल भी पहुंच गया। पुलिस कर्मचारियों ने मंडी में व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। लोगों को सोशल डिस्टेंस बनाए रखते हुए खरीदारी करने की सलाह दी। इधर व्यवस्था बनाने को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के सचिव दीपक लोहचब ने मंडी का दौरा किया। सब्जी विक्रेताओं व खरीदारों के लिए मास्क लगाना व ग्लव्ज पहनना जरूरी किया। नियमों का पालन नहीं करने पर चालान किया जाएगा। मास्क व ग्लव्ज पहने बगैर आने वालों को मंडी में प्रवेश भी नहीं दिया जाएगा। मंडी में सम-विषम लागू : सब्जी मंडी में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत शनिवार से सम-विषम व्यवस्था लागू होगी। मंडी के 400 विक्रेताओं को उनके नंबर अलाट कर दिए गए हैं। चालान काटने शुरू सब्जी मंडी में शुक्रवार से चालान प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बगैर मास्क लगाए व ग्लव्ज पहने सब्जी बेचने वालों के चालान किए गए हैं। शनिवार से नियमों में सख्ती और बढ़ेगी, रविवार को भी खुली रहेगी मंडी : महीने का आखिरी रविवार होने के कारण बंद रहने वाली मंडी इस बार खुली रहेगी। सब्जी विक्रेताओं ने मंडी बंद होने से भीड़ व्यवस्था बनने का अंदेशा जाहिर किया है। इसके चलते मार्केटिंग बोर्ड ने रविवार को मंडी लगाना सुनिश्चित किया है। सब्जी मंडी में व्यवस्था दुरुस्त है। सम-विषम व्यवस्था लागू कर दी है। इसके अलावा मंडी में सब्जी खरीदने या बेचने वाले को मास्क व ग्लव्ज पहनकर आना होगा। ऐसे कुछ मामलों में चालान भी किए गए हैं। महीने के आखिरी रविवार को मंडी खुली रहेगी। - दीपक लोहचब, सचिव मार्केटिंग बोर्ड। ... और पढ़ें

एसडीएम से फोन कर कहा- भाजपा मोदी सेना का महामंत्री बोल रहा हूं, प्रशासन सही कार्रवाई नहीं कर रहा

हांसी (संवाद)। सिटी पुलिस ने शहर के दो लोगों के खिलाफ एसडीएम को फोन पर स्वयं को भाजपा का झूठा नेता बताकर लोग एकत्रित करने की धमकी देने व सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। शिकायत में हांसी के एसडीएम जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह 25 मार्च को अपने कार्यालय में सरकारी कार्य में व्यस्त थे। इस दौरान उनके पास एक नंबर से आरोपी कुलदीप का फोन आया। उसने स्वयं को भाजपा मोदी सेना का महामंत्री बताया और लोग एकत्रित करने की धमकी देने लगा। साथ में कहा कि कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन सही से कार्य नहीं कर रहा है। एसडीएम ने बताया कि एक दिन पहले भी उनके पास इसी नंबर से फोन आया था, जब एक महिला सविता काजल ने उनसे कहा था कि प्रशासन सही से कार्य नहीं कर रहा है। तब एसडीएम ने महिला से कहा था कि प्रशासन सही से कार्यवाही कर रहा है। एसडीएम ने बताया कि जब उन्होंने बाद में पता कराया तो जानकारी मिली की कुलदीप भाजपा सदस्य भी नहीं है उसने उन्हें झूठ बोला था। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में ऐसे में कोई भी अफवाह फैला कर लोगों को इकट्ठा कर सकता है। ... और पढ़ें
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