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हैदराबाद एनकाउंटरः हरियाणा की संस्था का एलान, पुलिसवालों को एक-एक लाख रुपये देगी इनाम

सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन ने हैदराबाद दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को एक-एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

7 दिसंबर 2019

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सिरसा

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

पराली जलाने पर एसडीएम ने 21 पटवारियों व एडीए को भेजे नोटिस, दो दिनों में मांगा जवाब

पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन किसानों के साथ-साथ कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती बरत रहा है। जिले में पराली आगजनी की 1900 घटनाओं के मद्देनजर एसडीएम जयबीर यादव ने 21 पटवारियों व सहायक कृषि विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इन्हें दो दिनों में अपना जवाब एसडीएम कार्यालय को देना है। हालांकि इन नोटिस के बाद पटवारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ज्यादातर पटवारी अपने आपको निर्दोष बता रहे हैं। लेकिन इन्हें लिखित में अपना जवाब प्रशासन के समक्ष रखना होगा। पराली की घटनाओं पर प्रशासन इनके खिलाफ सख्त एक्शन ले सकता है।
प्रशासन ने पराली की घटनाओं को देखते हुए 11 सरपंचों व तीन ग्राम सचिव को भी नोटिस जारी किए हुए है। साथ ही रानियां के बीडीपीओ को भी नोटिस जारी किए गया है। यदि पराली जलाने के मामले में इनकी लापरवाही सामने आई तो इनके खिलाफ डीसी एक्शन ले सकते हैं। पिछले वर्ष पराली जलाने पर तत्कालीन डीसी प्रभजोत सिंह ने करीवाला गांव के सरपंच को सस्पेंड कर दिया था। हालांकि कुछ दिनों बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया था। जिले में अब तक 96 किसानों पर पराली जलाने के मामले में केस दर्ज हो चुके हैं। साथ ही 209 किसानों को पांच लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना किया जा चुका है।
पटवारी और एडीए को नोटिस भेजे जा चुके हैं। उनसे जवाब मांगा गया है।
- जयबीर यादव, एसडीएम, सिरसा।
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22 लाख रुपये की 218 ग्राम हेरोइन के साथ तीन युवक काबू

जिला पुलिस ने विभिन्न जगहों से गश्त व चेकिंग के दौरान तीन युवकों को करीब 22 लाख रुपये की 200 ग्राम हेरोइन सहित काबू किए है। प्रथम घटना में सीआईए स्टाफ सिरसा पुलिस ने गश्त व चेकिंग के दौरान डिंग मंडी क्षेत्र से मोटर साइकिल सवार युवक को 200 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है। पकड़े गए युवकों की पहचान सुखबीर वासी खाबड़ा कला के रुप में हुई है। सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने बताया कि पकड़े गए युवक से सप्लायर के बारे में नाम पता मालूम कर दो लोगों के खिलाफ थाना डिंग में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर सप्लायर की तलाश शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि सीआईए सिरसा पुलिस टीम के सहायक उप निरीक्षक दीपक कुमार के नेतृत्व में गश्त व चेकिंग के दौरान डिंग मंडी क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान सामने से आ रहे मोटरसाइकिल सवार युवक ने पुलिस पार्टी को देखकर वापिस मुड़कर भागने की कोशिश की तो शक के आधार पर उक्त युवक को काबू कर उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जा से 200 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
वहीं एक अन्य घटना में सीआईए स्टाफ सिरसा पुलिस ने गस्त व चैकिंग के दौरान खन्ना कॉलोनी सिरसा क्षेत्र से दो युवकों को 18 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है। पकड़े गए युवकों की पहचान विकास उर्फ विक्की वासी झंडा खुर्द पंजाब व सुनील उर्फ मन्नू वासी गोरीवाला के रुप में हुई है। सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने बताया की पकड़े गए युवकों के खिलाफ थाना सिविल लाइन सिरसा में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर लिया है।
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अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह को अपनी ओर से कोई बयान देने के लिए अधिकृत नहीं किया: हनीप्रीत

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंह बोली बेटी प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि मुझे पंचकूला में 2017 में हुए दंगों में एफआईआर नंबर 345 में गलत तौर पर आरोपित किया गया है। मुझे 6 नवंबर 2019 को जमानत पर रिहा किया गया। मैंने कभी भी अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह को अपनी ओर से कोई बयान देने के लिए अधिकृत नहीं किया।

किसी अदालत या फोरम में उनके द्वारा मेरी ओर से कोई दावा या कोई भी बयान दिया जाता है तो वह मेरे निर्देशों और परामर्श के बिना है, जोकि मेरे केसों के डिफेंस को गंभीर रूप से प्रभावित करने के लिए किए जा रहे हैं। मैं उनके इस आचरण के खिलाफ बार काउंसिल को भी लिखकर चुकी हूं कि एडवोकेट एपी सिंह मेरी ओर से कोई बयान या कोई भी कार्यवाही करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
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गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर बोले लोग : ऐसे दरिंदों के लिए यही सजा ठीक

हैदराबाद में एक महिला वेटनेरी चिकित्सक के साथ हुए गैंगरेप के बाद हत्या कर शव को जलाने के मामले में काबू किए गए चारों आरोपियों को पुलिस द्वारा एनकाउंटर में ढेर करने पर लोगों ने इसे उचित बताते हुए पुलिस की सराहना की है। इस एनकाउंटर पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसे असामाजिक तत्व ऐसा जघन्य अपराध करने से पूर्व सौ बार सोचें।
मैं पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर की सराहना करता हूं। एक महिला के साथ इतना जघन्य अपराध करने के आरोपियों के लिए यही सजा ठीक है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं जो वर्षों से कोर्ट में लंबित पड़े हैं। ऐसे में अपराधी कानूनी कार्रवाई में लाभ उठा जाते हैं। यह एनकाउंटर श्रद्धांजलि है और परिजनों को न्याय है। मैं हैदराबाद पुलिस की प्रशंसा करता हूं। जिन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मैं सरकार से मांग करता हूं कि बलात्कार के मामलों में ऐसा सख्त कानून बनाया जाए। जिसमें अगर अपराधी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया तो उसे अति कम समय में फांसी पर लटका दिया जाए।
-वकील गोदारा, अध्यापक
मैं हैदराबाद पुलिस की सराहना करती हूं जिन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों को ढेर किया। ऐसे अपराधियों के लिए यही सजा ठीक है। ये एनकाउंटर अपराधियों के लिए एक सबक होगा। अगर ऐसे लोगों के साथ ऐसा ही किया जाए तो मेरे हिसाब से पीड़ितों को सही न्याय मिल पाएगा। मैं देश के प्रधानमंत्री से मांग करती हूं कि ऐसी दरिंदगी करने पर सजा के लिए सख्त कानून बनाया जाए ताकि अन्य को भी इससे सबक मिले। हैदराबाद पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार के लोगों के जख्मों पर मरहम लगेगी।
-संतोष सुथार, गृहिणी
मैंने जब इस अपराध के बारे में पढ़ा तो मेरी रूह कांप गई। मुझे लगा था कि ये मामला कोर्ट में यूं ही लटकता रहेगा। लेकिन हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई ने मेरी आशंका को गलत साबित कर दिया। मुझे उस समय बड़ा सुकून पहुंचा कि पुलिस ने चारों दरिंदों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मैं सलाम करता हूं पुलिस को। पीड़ित परिवार को आज सही मायने में न्याय मिला है। अगर ऐसे 2-4 एनकाउंटर और होते हैं तो अपराधी की ऐसा जघन्य अपराध करने से पूर्व रूह कांप जाएगी।
-प्रेम यादव, अध्यापक
ऐसे असामाजिक तत्व समाज में कलंक है। ऐसे लोगों को ये सबक सही है। बहुत से ऐसे मामले हैं जो वर्षों से अदालतों में विचाराधीन है। लेकिन इस मामले में मात्र कुछ दिन में ही ऐसा न्याय होगा ये सोचा भी नहीं था। मैं सराहना करती हूं, हैदराबाद पुलिस की जिन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। ये कार्रवाई मृतका को श्रद्धांजलि है। महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।
-हरजीत कौर, स्टाफ नर्स
ये कार्रवाई शॉर्टकट न्याय है। वरना अदालत की कार्रवाईयों में काफी समय लग जाता। ऐसे अपराधों में मेरे हिसाब से यही कुछ होना चाहिए। उस महिला चिकित्सक का शायद यही दोष था कि वो एक महिला थी। लेकिन समाज में बैठे कुछ हैवानों ने ऐसा जघन्य अपराध किया कि पूरे देश का खून खोल उठा। मैं हैदराबाद पुलिस को सेल्यूट करती हूं। जिन्होंने इन हैवानों को सही सजा दी। ये सजा समाज में एक उदाहरण होगी और अपराधियों में खौफ होगा। -
-डॉ. कुलदीप कौर आनंद, प्राचार्या
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रि अपीयर के बाद अब 70 नियमित छात्रों ने बिना रोल नंबर दी परीक्षा

नेशनल कॉलेज में शुक्रवार को स्नातक के नियमित विद्यार्थियों की पहले दिन दो बैचों में परीक्षा हुई। जिसमें करीब 1800 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा देने पहुंचे करीब 70 विद्यार्थी ऐसे थे जिनके पास रोल नंबर नहीं थे। बीते बुधवार से स्नातक के री-अपीयर के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में खासी परेशानी हो रही थी। विश्वविद्यालय द्वारा री-अपीयर के विद्यार्थियों को रोल नंबर जारी नहीं किए गए। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर पर विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की जांच कर उन्हें परीक्षा में बैठाया। परीक्षा के शुरूआती दो दिनों में विद्यार्थियों को कभी रोल नंबर तो कभी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को भी राजकीय नेशनल कॉलेज में 1800 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें करीब 70 ऐसे रेगुलर विद्यार्थी थे जिन्होंने बिना रोल नंबर के ही परीक्षा दी। कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर पर रिकॉर्ड जांच कर विद्यार्थियों को परीक्षा में प्रवेश करवाया। जिसके बाद उन विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कॉलेज ने रेगुलर विद्यार्थियों की सीडीएलयू को एडमिशन रिकॉर्ड की भेजी जाने वाली सूची से मिलान करके ही विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया। साथ ही एडमिशन के समय पीएनआर नंबर सीडीएलयू की साइट पर डालकर छात्रों के रोल नंबर चेक किए गए। नेशनल कॉलेज में विद्यार्थी पहले तो रिजल्ट या मर्सी चांस के लिए प्रदर्शन करते थे। लेकिन दिसंबर माह में शुरू हुई परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों ने अपने रोल नंबर न मिलने पर विश्वविद्यालय जाकर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. विजय कायत ने विद्यार्थियों को अश्वासन दिया था कि जल्द ही सभी के रोल नंबर जारी कर दिए जाएंगे। उनका कहना था कि केवल री-अपीयर के ही विद्यार्थियों को रोल नंबर संबंधित समस्या है। रेगुलर छात्रों के रोल नंबर तो जारी कर दिए गए हैं। जबकि परीक्षा देने पहुंचे रेगुलर में से करीब 70 ऐसे विद्यार्थी थे, जो बिना रोल नंबर के ही परीक्षा केंद्र पहुंचे।
बिना रोल नंबर के विद्यार्थियों के कॉलेज रिकॉर्ड जांच कर उन्हें परीक्षा में बिठाया जा रहा है। रेगुलर विद्यार्थियों के रिकॉर्ड जांचने में कोई परेशानी नहीं आ रही।
-महेंद्र प्रदीप, परीक्षा नियंत्रक, नेशनल कॉलेज सिरसा।
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प्रवासी ड्राइवर के सिर पर नुकीले हथियार से किया हमला, मौत

गांव सतनंगर के नजदीक खेत में एक प्रवासी ड्राइवर की किसी ने हत्या कर दी। ड्राइवर के सिर पर किसी नुकीले हथियार से रात को हमला किया गया। मृतक की पहचान लखबीर सिंह पुत्र इकबाल सिंह के रुप में की गई। ड्राइवर लखबीर सिंह पंजाब से मशीन के साथ ही गांव संतनगर में पराली की गांठे बनाने का काम करने के लिए आया हुआ था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इसमें किसी को गिरफ्तार नहीं किया। लेकिन मृतक के परिजनों ने ड्राइवर लखबीर सिंह के साथ ही काम करने वाले एक बिहारी मजदूर पर हत्या का संदेह जताया है। जो कि घटनास्थल से गायब है। घटना की सूचना मिलते ही जीवननगर चौकी से पुलिस मौके पर पंहुची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने टीमें बनाकर भेज दी है। शक है कि बिहारी मजदूर हनुमानगढ़ की ओर गया है।
जानकारी अनुसार लखबीर सिंह उम्र 21 साल थिराज वाला लंबी जिला मुक्तसर का रहने वाला था। मृतक पराली की गांठें बनाने का काम करते थे। सभी ठेकेदार के अधीन काम करते थे। मृतक लखबीर सिंह ट्रेक्टर ड्राइवर था। बाकी मजदूर पंजाब से आए थे। उसका भाई गुरमेल सिंह व जसवीर सिंह भी साथ में कार्य के लिए आया हुआ था। रात को सोते समय बाकी सभी मजूदर मोटर पर बने कमरे के अंदर सो गए लेकिन मृतक लखबीर सिंह मोटर पर बने कमरे के बाहर ही सो गया। सुबह जब लखबीर नहीं उठा तो मजदूरों ने रजाई उठाई तो लखबीर सिंह के सिर पर चोट के निशान थे। जिसके पश्चात उन्होनें घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और पुलिस ने मौके पर जांच की। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया। मृतक के भाई के ब्यान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी।
गुरमेल का एक बिहारी मजदूर के साथ हुआ था बीते दिन झगड़ा
जानकारी अनुसार बीते दिन मृतक लखबीर सिंह के बड़े भाई गुरमेल सिंह का अपने साथ काम करने वाले एक बिहारी मजदूर के साथ पराली की गांठे उठाने को लेकर झगड़ा हो गया। गुरमेल सिंह हमेशा रात को कमरे के बाहर सोता था। लेकिन बुधवार रात को वह कमरे के अंदर सो गया और उसका भाई लखबीर सिंह उसकी जगह पर कमरे के बाहर सो गया। अंदेशा है कि रात को बिहारी मजदूर ने उसकी हत्या कर दी। जानकारी अनुसार हत्या के बाद आरोपी हनुमानगढ़ की ओर भाग गया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेलवे स्टेशन पर टीमें भेज दी है। साथ ही जीआरपी की मदद भी ली जा रही है। पुलिस रेलवे स्टेशन पर भी सर्च कर रही है। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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नेशनल कॉलेज में विद्यार्थियों को 45 मिनट देरी से मिला अंग्रेजी का प्रश्न पत्र

विश्वविद्यालय की परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी ना होने के चलते विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल कॉलेज में वीरवार को परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी में से करीब 150 विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से करीब 45 मिनट बाद प्रश्न पत्र दिए गए। वहीं अंग्रेजी विषय में रि-अपीयर की परीक्षा देने पहुंचे गोल्डन मर्सी चांस के 50 विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम में से न आने पर कॉलेज प्राचार्य को पत्र सौंपा। साथ ही दूसरे दिन भी करीब 50 विद्यार्थियों ने बिना रोल नंबर के परीक्षा दी। विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सबसे बड़े नेशनल कॉलेज में करीब 5 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन विद्यार्थियों को एडमिशन व परीक्षा के समय कोई न कोई परेशानी रहती है। दिसंबर माह की परीक्षा में विश्वविद्यालय की विफलता दिखी। विश्वविद्यालय द्वारा रि-अपीयर के विद्यार्थियों के रोल नंबर सही से समय पर जारी नहीं किए गए। जिसके चलते विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परीक्षा के दूसरे दिन भी करीब 50 विद्यार्थियों ने बिना रोल नंबर के परीक्षा दी। जो परीक्षार्थी परीक्षा देने परीक्षा में बैठे उन्हे समय पर प्रश्न पत्र नहीं दिए गए। परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों में से करीब 150 विद्यार्थियों को बिना प्रश्न पत्र के ही परीक्षा शुरू करनी पड़ी। कॉलेज स्टाफ द्वारा जब परीक्षा कते लिए प्रश्न पत्र बांटे तो प्रश्न पत्र कम पाए गए। प्रश्न पत्र कम होने पर ड्यूटी स्टाफ द्वारा विद्यार्थियों को एक दूसरे के प्रश्न पत्रों में देखकर पेपर करने को कहा गया। इसकी सूचना सीडीएलयू को दी गई और विश्वविद्यालय से प्रश्न पत्रों की मांग की। करीब 45 मिनट के बाद प्रश्न पत्र आए और विद्यार्थियों में वितरित किए गए। परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों ने देरी से प्रश्न पत्र मिलने पर अधिक समय की मांग की लेकिन ड्यूटी स्टाफ द्वारा यह तर्क दिया गया कि पहले प्रश्न पत्र दिया जा चुका था।
मर्सी चांस वाले परीक्षार्थी बोले पाठ्यक्रम से नहीं आया पेपर
वहीं गोल्डन मर्सी चांस देने आए परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम में ना आने से परीक्षा शुरू होने पर रोष जताया। विद्यार्थियों का कहना था कि प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम में से नहीं आया है। जब हमने पाठ्यक्रम पढ़ा ही नहीं तो परीक्षा में क्या लिखेंगे। नेशनल कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक महेंद्र प्रदीप ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को फोन किया लेकिन फोन का कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक ने पाठ्यक्रम संबंधित गाईडलाइन विद्यार्थियों को बताई। परीक्षा नियंत्रक का कहना था कि मर्सी चांस वाले विद्यार्थियों को नया पाठ्यक्रम में से ही प्रश्न पत्र दिया जाएगा। लेकिन विद्यार्थियों का कहना था कि पहले मर्सी चांस की परीक्षाओं में पेपर पुराने पाठ्यक्रम से ही आया था। फार्म भरते समय ऐसी कोई गाइडलाइन वेबसाइट पर नहीं थी। जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा के बाद समस्या संबंधित पत्र लिखकर प्राचार्य को देने का कहा। जिसके बाद विद्यार्थी परीक्षा में बैठ गए।
गोल्डन मर्सी चांस वाले विद्यार्थियों ने प्राचार्य को दिया पत्र
गोल्डन मसी चांस की परीक्षा देने पहुंचे करीब 60 विद्यार्थियों ने परीक्षा के प्रश्न पत्र मिलने पर हंगामा कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि प्रश्न पत्र हमारे पाठ्यक्रम में से नहीं है, हम यह परीक्षा नहीं देंगे। जिस पर परीक्षा नियंत्रण ने उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा जारी गाइडलाइन दिखाई। परीक्षा देने के बाद मर्सी चांस के विद्यार्थियों ने प्राचार्य को पाठ्यक्रम में से प्रश्न पत्र न आने पर पत्र सौंपा।
प्रश्न पत्र कम रह गए थे दूसरे ब्लॉक से लाकर विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र दे दिए थे। मर्सी चांस के विद्यार्थियों का प्रश्न पत्र गाइडलाइन के अनुसार ही आया है।
-महेंद्र प्रदीप, परीक्षा नियंत्रण, नेशनल कॉलेज।
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कर्म सिंह हत्याकांड में नौ दोषियों को उम्रकैद

national collage
झोरड़रोही गांव में चार वर्ष पूर्व कर्म सिंह हत्याकांड में वीरवार को अतिरिक्त सेशन जज की अदालत ने सभी नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी को दस हजार 500 रुपये जुर्माना किया गया। सभी दोषियों को बीते दिन बुधवार को अदालत ने दोषी ठहराया था। नौ दोषियों में एक ही परिवार के पिता, पुत्र व पौत्र है। पीड़ित पक्ष के वकील बलदेव सिंह सिधू व पीके संधीर ने बताया कि अदालत ने सभी नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
ये था मामला
11 नवंबर 2015 को गांव झोरड़ रोही के जसबीर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि वह और उसका पिता कर्म सिंह शाम को करीब साढ़े छह बजे रोडी से अपने गांव झोरड़रोही में वापस आ रहे थे। गांव थिराज व झोरड़ रोही के बीच पक्के खाल पुलिया पर पहुंचे तो सामने से एक बोलेरो कैंपर गाड़ी आई। गाड़ी में बचित्र सिंह, जसपाल सिंह, कुलबीर सिंह, मनजीत सिंह, हरिंद्र सिंह, गुरिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरबाज सिंह तथा गगनदीप सिंह उतरे और और बोले कि इन लोगों को सरपंची का चुनाव लड़ने का मजा चखाते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उस पर व उसके पिता कर्म सिंह पर हमला करना कर दिया। जसबीर सिंह ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भाग निकला और घर पर जाकर पूरी बात बताई। जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ वापस घटना स्थल पर पहुंचे तो उसके पिता कर्म सिंह नीचे गिरा हुआ पड़ा था। जसबीर सिंह ने बताया कि उसके पिता ने बताया कि उन लोगों ने उसके चोटें मारी तथा उसके मुंह में कुछ तरल पदार्थ डाल दिया। वह अपने पिता को लेकर सिरसा सिविल अस्पताल में पहुंचा। इलाज के दौरान चोट के घाव न सहते हुए कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। जसबीर सिंह ने बताया कि गांव के सरपंच के चुनाव में उसकी भाभी सर्बजीत कौर लड़ रही थी। इसी रंजिश की वजह से आरोपियों ने उसकी पिता की हत्या की। जसबीर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
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सिरसाः चुनावी रंजिश में चार साल पहले हुई हत्या में आया फैसला, नौ दोषियों को उम्रकैद

झोरड़रोही गांव में चार वर्ष पूर्व कर्म सिंह हत्याकांड में गुरुवार को अतिरिक्त सेशन जज की अदालत ने सभी नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी को दस हजार 500 रुपये जुर्माना किया गया। सभी दोषियों को बीते बुधवार को अदालत ने दोषी ठहराया था। नौ दोषियों में एक ही परिवार के पिता, पुत्र व पौत्र है। पीड़ित पक्ष के वकील बलदेव सिंह सिधू व पीके संधीर ने बताया कि अदालत ने सभी नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 

ये था मामला 
11 नवंबर 2015 को गांव झोरड़ रोही के जसबीर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि वह और उसका पिता कर्म सिंह शाम को करीब साढ़े छह बजे रोडी से अपने गांव झोरड़रोही में वापस आ रहे थे। गांव थिराज व झोरड़ रोही के बीच पक्के खाल पुलिया पर पहुंचे तो सामने से एक बोलेरो कैंपर गाड़ी आई।

गाड़ी से बचित्र सिंह, जसपाल सिंह, कुलबीर सिंह, मनजीत सिंह, हरिंद्र सिंह, गुरिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरबाज सिंह तथा गगनदीप सिंह उतरे और और बोले कि इन लोगों को सरपंची का चुनाव लड़ने का मजा चखाते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उस पर व उसके पिता कर्म सिंह पर हमला करना कर दिया। 

जसबीर सिंह ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भाग निकला और घर पर जाकर पूरी बात बताई। जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ वापस वारदातस्थल पर पहुंचे तो उसके पिता कर्म सिंह नीचे गिरा हुआ पड़ा था। जसबीर सिंह ने बताया कि उसके पिता ने बताया कि उन लोगों ने उसके चोटें मारी तथा उसके मुंह में कुछ तरल पदार्थ डाल दिया। 

वह अपने पिता को लेकर सिरसा सिविल अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान चोट के घाव न सहते हुए कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। जसबीर सिंह ने बताया कि गांव के सरपंच के चुनाव में उसकी भाभी सर्बजीत कौर लड़ रही थी। इसी रंजिश की वजह से आरोपियों ने उसके पिता की हत्या की। जसबीर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
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सीएम सुनेंगे गुरुग्राम में जनता की समस्याएं, रोहतक और सिरसा गृह मंत्री अनिल विज के जिम्मे

हरियाणा में जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समितियां नई सरकार में फिर से अस्तित्व में आ गई हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद समितियों का पुनर्गठन करते हुए मुख्य सचिव कार्यालय ने चेयरमैन की नियुक्ति की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जिला गुरुग्राम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। 

सभी चेयरमैन संबंधित कमेटियों की मासिक बैठक लेकर जनता की समस्याओं का निवारण सुनिश्चित करेंगे। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जिला फरीदाबाद और पानीपत का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। गृह मंत्री अनिल विज को जिला रोहतक और सिरसा की जिम्मेदारी मिली है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल को जिला करनाल और अंबाला, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा को जिला सोनीपत और कैथल का चेयरमैन लगाया गया है। 

बिजली मंत्री रणजीत सिंह जिला हिसार और फतेहाबाद, कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल जिला चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ का जिम्मा संभालेंगे। सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को जिला नूंह और पलवल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव जिला रेवाड़ी और झज्जर, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा जिला कुरुक्षेत्र, पुरातत्व एवं संग्राहालय राज्य मंत्री अनूप धानक जिला भिवानी और जींद, खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री संदीप सिंह जिला पंचकूला और यमुनानगर के चेयरमैन होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज के गृह जिला करनाल व अंबाला के लोगों की समस्याएं निपटाने का जिम्मा कंवरपाल को मिला है। 
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पूर्व सीएम ओपी चौटाला पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, तेजाखेड़ा फार्म हाउस और पंचकूला की कोठी अटैच

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के दादा ओमप्रकाश चौटाला की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की पंचकूला और सिरसा स्थित प्रॉपर्टी अटैच कर दी। इस समय ओपी चौटाला जेबीटी मामले में जेल में हैं।  

पंचकूला में ईडी ने मनसा देवी कांप्लेक्स, सेक्टर-4 स्थित कोठी नंबर-6 (पी) को अटैच कर दिया। साथ ही कोठी के बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगाया। इस पर चंडीगढ़ जोनल ऑफिस डायरेक्टोरेट ऑफ इंफोर्समेंट के डिप्टी डायरेक्टर के आदेश पर लिखा गया है कि अटैच की गई 846 स्क्वायर मीटर की यह प्रॉपर्टी ओम प्रकाश चौटाला सुपुत्र देवी लाल ने खरीदी थी। 

अब यह प्रॉपर्टी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 की धारा 8 (4) के तहत ईडी के कब्जे में है। यहां अनाधिकृत रूप से घुसने वाले (ट्रेसपासर्स) के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। वहीं सिरसा में तेजाखेड़ा निवास स्थित चौटाला फार्म हाउस को अटैच कर दिया। टीम में करीब पांच अधिकारी मौजूद थे। 

बुधवार को प्रॉपर्टी अटैच करने की कार्रवाई ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर दीपक कुमार और उनकी टीम के अन्य कर्मचारियों ने की। इस दौरान उनके साथ सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के कर्मचारी भी थे। सुबह 11 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई करीब तीन घंटे चली।

चौटाला परिवार का कोई भी सदस्य तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर उपस्थित नहीं था। यह फार्म हाउस 198 कनाल 15 मरले का है। उसका भी 50 प्रतिशत हिस्सा सील कर दिया गया है। चौटाला परिवार के विभाजन के बाद इस फार्म हाउस पर पैरोल मिलने पर ओपी चौटाला ही आते हैं या फिर अभय सिंह चौटाला अपने परिवार सहित आते हैं।
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ओपी चौटाला का तेजाखेड़ा फार्म हाउस ईडी ने किया अटैच, नए भवन को किया सील

ईडी की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के तेजाखेड़ा निवास स्थित चौटाला फार्म हाउस को अटैच कर दिया। टीम में करीब पांच अधिकारी मौजूद थे। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर नरेश गुप्ता के नेतृत्व में करीब तीन घंटे तक फार्म अटैच करने की कार्रवाई की।
इस दौरान ईडी के साथ सीआरपीएफ भी साथ थी और स्थानीय पुलिस के कर्मचारी भी। करीब तीन घंटे तक प्रॉपर्टी अटैच और सील करने की कार्रवाई हुई। इसके बाद टीम बिना मीडिया से बातचीत किए वापस लौट गई। हालांकि इस दौरान न तो किसी व्यक्ति को बाहर आने दिया गया और न ही किसी को अंदर जाने दिया गया। चौटाला परिवार का कोई भी सदस्य तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर उपस्थित नहीं था। लेकिन अभय चौटाला के पारिवारिक मित्र वहां पर थे। हालांकि उन्होंने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जब तक कार्रवाई चली तेजाखेड़ा फार्म हाउस को जाने वाले रास्ते पर करीब 500 मीटर दूरी पर ही सीआरपीएफ के जवान लगा दिए गए। ताकि कोई अंदर न आ सकें।
चंडीगढ़ जोन ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर नरेश गुप्ता के नेतृत्व में ईडी के अधिकारियों की एक टीम करीब 11 बजे डबवाली के तेजाखेड़ा स्थित ओपी चौटाला के फार्म हाउस पर पहुंची। ईडी की करीब पांच सदस्यीय टीम ने तेजाखेड़ा फार्म के प्रवेश द्वार के बाद चौटाला परिवार के नए रिहायशी भवन को सील लगा दी। इस रिहायशी भवन को जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया। टीम ने पुराने भवन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद टीम दो बजे के आसपास चौटाला हाउस से निकल गई।
किस प्रॉपर्टी को किया अटैच
ईडी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला की 198 कनाल 15 मरला भूमि, खसरा नंबर 97,98,99 और 104 गांव तेजाखेड़ा और इस एरिया में रिहायसी मकान का 50 प्रतिशत हिस्सा सील किया गया। नोटिस के तहत इस प्रॉपर्टी को न तो ट्रांसफर किया जाएगा, न ही गिफ्ट, पट्टे पर दिया जा सकेगा। चौटाला परिवार के विभाजन के बाद इस फार्म हाउस पर पेरोल मिलने पर ओपी चौटाला ही आते हैं या फिर अभय सिंह चौटाला अपने परिवार सहित आते हैं।
मई में ईडी ने इन संपत्तियों की जानकारी मांगी थी
प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अजय सिंह व अभय सिंह चौटाला के बेटों की संपत्ति का विवरण करीब मई 2019 में भी मांगा था। तब राजस्व विभाग से डबवाली की सात व सिरसा की 6 प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी थी। तब पत्र में कहा गया था कि यदि इस संपत्ति में कोई बदलाव का प्रयास होता है तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन सहित ईडी को दी जाए। सिरसा जिले के डबवाली में चौटाला मार्ग पर 14 कनाल जमीन पर आबकारी एवं कराधान विभाग खसरा नंबर 476 व 477 की सेल डीडी मांगी गई थी। सिरसा में सूरज सिनेमा के सामने डबवाली रोड पर शिवाजी कालोनी में 590 स्कवेयर यार्ड का व्यवसायिक भवन है। डबवाली में चौटाला मार्ग पर स्थित बिल्डिंग में कर्ण ऑटो मोबाइल के नाम से बाइक एजेंसी चल रही है। गांव शेरगढ़ में 6 कनाल 4 मरला जमीन है। डबवाली में चौटाला मार्ग पर बिल्डिंग में डीपीएआरडी बैंक लिमिटेड की शाखा चल रही है। इसके साथ ही गांव चौटाला में जमीन का विवरण भी मांगा गया था। गांव अबूबशहर स्थित अबूब फार्म हाउस से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया था। नई मंडी डबवाली में स्थित 750 यार्ड एरिया का विवरण मांगा गया। गांव तेजाखेड़ा में चार कनाल जमीन सहित गांव शेरगढ़ में 8 कनाल 13.15 मरला कृषि योग्य भूमि की जानकारी मांगी गई थी। उपरोक्त भूमि का विवरण मांगा था और कहा था कि यदि इसके मालिकाना हक के बदले जाने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए थे।
कार्रवाई के बाद ट्रक व बस में सवार होते सीआरपीएफ के जवान।
कार्रवाई के बाद ट्रक व बस में सवार होते सीआरपीएफ के जवान।- फोटो : Sirsa
ईडी ने लगाया प्रॉपर्टी अटैच का नोटिस बोर्ड।
ईडी ने लगाया प्रॉपर्टी अटैच का नोटिस बोर्ड।- फोटो : Sirsa
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विसरा जांच रिपोर्ट के चलते छोटे भाई की हत्या का नहीं लग रहा पता, चार माह से रिपोर्ट का इंतजार

जिले के गांव साहुवाला प्रथम में हुई घटना को लेकर परिजनों को अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली जिस कारण पूरे परिवार को आज चार महीने बीतने के बाद भी इंसाफ नहीं मिल पाया है। मृतक के परिजन इंसाफ के लिए आज भी विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक विसरा जांच रिपोर्ट तीन महीने से लेेकर बिना किसी निर्धारित समय में कभी भी आ सकती है। सिरसा जिले में अधिकतर मामले आज विसरा जांच रिपोर्ट के कारण अटके हैं।
साहुवाला प्रथम में बीती 23 जुलाई 2019 को राय सिंह ने बड़ागुढ़ा थाने में एक मामला दर्ज करवाया था कि सुखुपुरिया गांव के रोहताश तथा छह अन्य लोगों ने उसके भाई को जहरीला पदार्थ देकर मार दिया है। रायसिंह ने बताया था कि वह सुबह खेत में काम करने गया हुआ था, जिसके बाद साहुवाला के ही रहने वाले महावीर को उसके पास फोन आया कि उसके भाई राकेश को शेखुपुरिया में कुछ लोग बुरी तरह पीट रहे हैं, जिस पर वह महावीर के साथ वहां मौके पर पहुंचे। राय सिंह ने बताया कि जब वह वहां पर पहुंचे तो राकेश को एंबुलेंस में लेकर जा रहे थे। जब वह सिरसा सिविल अस्पताल में पहुंचे तो राकेश का आपातकालीन में डॉक्टर इलाज कर रहे थे, जिस दौरान राकेश के मुंह से छाग निकल रहे थे। राय सिंह ने बताया कि उसके भाई ने उसे कहा कि शेखुपुरिया के रहने वाले रोहताश तथा कुछ अन्य लोगों ने उसे अपने घर पर बुलाकर मारपीट की है तथा उसके मुंह में कुछ जहरीला पदार्थ डाला है। जिसके बाद राकेश की कुछ समय बाद मौत हो गई।
अभी तक नहीं आई विसरा जांच रिपोर्ट
मृतक के भाई रायसिंह ने बताया कि अभी तक उक्त लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कई बार थाने के चक्कर काट लिए, जिसमें उनको बताया जाता है कि अभी तक विसरा जांच रिपोर्ट आई नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद ही वह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। वहीं रायसिंह ने बताया कि इसके लिए उसने सिरसा सिविल अस्पताल में सीएओ कार्यालय के भी चक्कर काटे, लेकिन उन्हें यहीं कहा जाता है कि रिपोर्ट आने में समय लगेगा।
रायसिंह को न्याय का इंतजार
रायसिंह ने बताया कि उसे अपने भाई की मौत का न्याय चाहिए। इसके लिए चार महीन बीत गए हैं तथा वह अभी भी इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द हिरासत में लेकर कार्रवाई करें।
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