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गया के महाबोधि मंदिर में बम ब्लास्ट मामले का वांछित गिरफ्तार, शराब ठेके पर कर रहा था काम

पिछले चार माह से गांव दादू में एक शराब ठेके पर बतौर कारिंदा काम कर रहा है।

22 फरवरी 2020

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सिरसा

शनिवार, 22 फरवरी 2020

पत्नी की हत्या के मामले में पति को उम्रकैद

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक हत्या के मामले हत्यारोपी को दोषी करार देते उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की अदायगी न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार गांव ख्योंवाली निवासी माडूराम का विवाह बासड़ा निवासी कृष्णा देवी के साथ हुआ था। 2018 में दोनों में घरेलू कलह शुरू हो गई। इस दौरान काफी बार पंचायतें भी हुई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। 6 जुलाई 2018 को माडूराम के बच्चे स्कूल में पढ़ने चले गए। माडू राम की पत्नी कृष्णा खाना बना रही थी। उसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को झगड़ा हो गया। माडूराम ने कृष्णा को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर माडूृ का भाई सतपाल मौके पर पहुंच गया और देखा कि माडूराम अपनी पत्नी कृष्णा के सिर पर लकड़ी का घोटना मारकर फरार हो गया। जबकि कृष्णा की मौत हो चुकी थी। सतपाल ने मामले की जानकारी अपने रिश्तेदारों व पुलिस को दी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने सतपाल के बयान पर माडूराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर काबू कर लिया। अदालत ने माडूराम को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।
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अतिक्रमण पर आढ़ती बोले- दुकानें बहुत छोटी, इसलिए बाहर रखना पड़ता है सामान, 10 एकड़ में हो नई सब्जी मंडी का निर्माण

सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय में आढ़तियान एसोसिएशन व अधिकारियों के बीच बैठक हुई। आढ़तियों के अनुसार सब्जी मंडी में जगह कम है जिस कारण से उन्हें सामान बाहर रखना पड़ रहा है। आढ़तियों ने कहा कि अनाज मंडी के आढ़तियों की तरह से सड़क पर माल नहीं उतार सकते, इसलिए उन्हें अपनी दुकानों के बाहर सामान रखना पड़ता है। साथ ही मांग की गई कि अलग से दस एकड़ में नई सब्जी मंडी का निर्माण किया जाए।
अंत में फैसला लिया गया कि मार्केट कमेटी बुधवार को सब्जी मंडी की वीडियो ग्राफी करवाई जाएगी। इस दौरान जिन दुकानों के बाहर जो सामान रखा होगा उसे अंदर करवाया जाएगा, अगर कोई दुकानदार इसका विरोध करता है तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर कार्रवाई की जाएगी। बतां दे कि कुछ दिनों पहले सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर मार्केट कमेटी ने नगर परिषद को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने व दुकानों का रिकॉर्ड मांगा था। नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने से इंकार कर दिया था, लेकिन दुकानों का रिकार्ड उपलब्ध करवाने की हामी भरी थी।
मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने मंगलवार को सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर आढ़तियों को मार्केट कमेटी में बुलाया। इस दौरान सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान गंगा बजाज ने बताया कि अनाज मंडी में जगह होने के कारण उन्हें अपनी सब्जियां दुकानों के बाहर तथा शेड के नीचे रखनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने कहा कि सुबह के समय जब किसान अपनी सब्जी लेकर आते हैं तो जगह न होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। क्योंकि मंडी में जब आढ़ती अपनी स्टोर किया हुआ सामान लगा देते हैं तो किसानों के लिए कोई जगह नहीं मिलती। बैठक के दौरान आढ़ती बोले कि सब्जी मंडी में उनकी दुकानें भी बहुत छोटी है। जिनमें सामान आना भी मुश्किल है। जिस कारण से आढ़तियों को बाहर सामान रखना पड़ रहा है। मंडी एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम बजाज ने कहा कि आज से 45 साल पहले सिरसा सब्जी मंडी काटी गई थी। मंडी में करीब 60 दुकाने हैं। यह मंडी करीब दो एकड़ में है।
सीएम के राजनीतिक सचिव को भेजा ज्ञापन
प्रधान गंगाराम बजाज ने कहा कि सीएम ने पांच साल पहले सिरसा में अनाज मंडी, लक्कड़ मंडी व सब्जी मंडी बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए नेशनल हाइवे पर 150 एकड़ जगह भी देखी गई। लेकिन लोगों ने 80 लाख रुपये की डिमांड की। मगर प्रशासन 35 से 40 लाख ही जमीन का भाव तय कर रहा था। यह योजना सिरे नहीं चढ़ी। इसलिए दोनों मंडियों से अलग नई सब्जी मंडी बना दी जाए। किसानों की समस्या का भी समाधान हो जाएगा और हमारा भी। प्रधान ने कहा कि इस मामले को लेकर हमने सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी को भी ज्ञापन दिया है। क्योंकि अनाज मंडी के साथ सब्जी मंडी से फल व सब्जियां धूल से दूषित हो जाएगी। जिसका असर उपभोक्ता पर पड़ेगा। सब्जी उत्पादकों को भी उचित भाव नहीं मिलेगा।
सचिव बोले- आज होगी वीडियो ग्राफी
मार्केट कमेटी के सचिव विकास सेतिया ने बताया कि बुधवार सुबह सब्जी मंडी में वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। इस दौरान अगर किसी आढ़ती ने किसान की जगह पर अपनी सब्जी रखी या कुछ अन्य सामान वहां पर रखा हुआ है तो व हटवाया जाएगा। इस दौरान अगर कोई आढ़ती इसका विरोध करता है तो उसी समय ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा और सब्जी मंडी में किसानों की जगह को खाली करवाया जाएगा। वहीं इसका विरोध करने वाले पर कार्रवाई भी की जाएगी।
कॉट्स--
सुबह वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। अगर किसी दुकानदार का सामान बाहर है तो उसे अंदर करवाया जाएगा। अगर कोई इसका विरोध करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
-विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।
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फास्ट टैग स्टीकर के लिए भवदीन टोल पर लगे दो और काउंटर

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टोल प्लाजा को पूरी तरह से कैश लेस करने के लिए 29 फरवरी तक का समय और दिया गया है। इस घोषणा के साथ फास्टैग काउंटर पर मिलने वाले फास्टैग को निशुल्क कर दिया गया है। घोषणा के बाद भावदीन टोल प्लाजा पर चालकों को फास्टैग देने के लिए पेटीएम व एयरटेल ने अपने एक-एक काउंटर और लगा दिए हैं। जिससे चालकों को फास्ट टैग लेने के लिए परेशानी न हो। साथ ही कैश लाइन में लगातार घोषणा कर यह फास्टैग अनिवार्य है कि जानकारी चालकों तक पहुंचाई जा रही है। वहीं अभी भी टोल प्लाजा भावदीन पर 25 प्रतिशत वाहन नगद भुगतान कर रहे हैं।
टोल प्लाजा पर चालकों को फास्टैग लाइनों में बिना रुके निकालने के लिए फास्टैग लगाए जा रहे हैं। ताकि चालक को टोल पार करने में समय न लगे। वहीं बिना फास्टैग वाहन चालकों को निकलने के लिए लाइन लगाकर पर्ची कटवानी पड़ती है। जिसके कारण चालकों को काफी देर तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई चालक दो गुणा चार्ज देकर फास्टैग लाइन से भी निकल रहे हैं। टोल प्लाजा पर बने काउंटर पर कंपनी की ओर से नोटिफिकेशन आया है कि 29 तारीख तक गाड़ियों को फ्री में फास्टैग दिया जाए। इससे पहले भी चालकों से 150 रुपये लेकर फास्टैग दिया जाता था। जिसमें उसे 150 रुपये ही बैलेंस के रूप में मिल जाते थे। अब कार चालकों को टैग शून्य रुपये पर ही एक्टिव कर दिया जाएगा। जिसके बाद चालक अपनी जरूरत अनुसार उसमें राशि जमा करवा सकता है।
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कॉट्स
कंपनी की गाइड लाइन आई है कि शून्य बैलेंस पर फास्टैग को एक्टिव किया जाए। साथ ही चालकों को यह भी बताया जाए की फास्टैग में कम से कम 150 रुपये रखने अनिवार्य है नहीं तो फास्टैग ब्लैक लिस्ट में आ जाएगा।
गुरदीत सिंह, पेटीएम कर्मचारी।
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गया के महाबोधि मंदिर में बम ब्लास्ट मामले का वांछित गिरफ्तार, शराब ठेके पर कर रहा था काम

गया के महाबोधि मंदिर में बम ब्लास्ट मामले के वांछित दशरथ यादव को आईबी, गुप्तचर विभाग हरियाणा और सीआईए की टीम ने गांव दादू से गिरफ्तार कर लिया है। माओवादी संगठन से जुड़ा यह आरोपी बिहार के गया जिले के बारहपत्ती थाना क्षेत्र में खपिया गांव का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे शराब ठेके पर काम करते हुए पकड़ा है। अदालत से भगोड़ा घोषित दशरथ पहचान छुपाकर राजू के नाम से नवंबर 2019 से गांव दादू में शराब ठेके पर काम कर रहा था।

गया के महाबोधि मंदिर में जुलाई 2013 में बम ब्लास्ट हुआ था। इस मामले की एनआईए भी जांच कर रही थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी विनोद मिस्त्री के बैग में मिली पर्ची से दशरथ यादव का मोबाइल नंबर मिला था। उसके बाद एनआईए ने उसे हिरासत में लिया था। यह सरकारी राशन की दुकान भी चलाता था। वह बेल जंप कर गया था। तब अदालत ने उसे पीओ घोषित किया था। 
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दशरथ यादव दशरथ यादव

सुरक्षा समीक्षा : मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले के पांच गवाहों में से एक का नहीं मिला पता

पंजाब के बठिंडा जिले में मौड़ मंडी बम ब्लास्ट मामले में सिरसा पुलिस ने पांचों गवाहों की सुरक्षा की समीक्षा कर ली है। पांच गवाहों में से एक गवाह कृष्ण कुमार का पता सिरसा पुलिस को नहीं मिला। क्योंकि बठिंडा पुलिस ने सिरसा पुलिस को जो जानकारी भेजी थी, उसमें कृष्ण कुमार का पता प्रीत नगर कॉलोनी दिया गया था। लेकिन उस पते पर एक विधवा महिला रहती है। जबकि अन्य गवाहों ने सुरक्षा की इच्छा नहीं जताई।
कुछ दिनों पहले बठिंडा पुलिस ने सिरसा पुलिस को मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले में पांच गवाहों सुनील कुमार निवासी सिरसा, हरमेल सिंह निवासी राजस्थान, हालिया निवासी सिरसा, सुखविंद्र सिंह निवासी सिरसा, कृष्ण निवासी प्रीत नगर, हरप्रीत निवासी सिरसा को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पत्र जारी किया था। मामले में तीन गवाह सिरसा के गांवों में रहते हैं और दो शहर में। सिरसा पुलिस ने एक गवाह कृष्ण कुमार के प्रीत नगर कॉलोनी में संबंधित मकान नंबर का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि वहां पर इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। एक विधवा महिला रहती है। जिसकी लड़की के नाम पर मकान दर्ज है। पुलिस ने आसपास के लोगों से कृष्ण कुमार के बारे में जानकारी जुटाई, लेकिन इस नाम का व्यक्ति उन्हें नहीं मिला। ऐसे में सिरसा पुलिस ने बीते सप्ताह शुक्रवार को सिरसा नगर परिषद में जाकर कृष्ण कुमार के नाम का प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड भी चेक किया। लेकिन पुलिस को इस कृष्ण कुमार के नाम पर कोई प्रोपर्टी रिकार्ड नहीं मिला। अब सिरसा पुलिस दोबारा से बठिंडा पुलिस को सही पता देने की मांग करेगी।
गवाहों ने नहीं मांगी सुरक्षा, एक ने मांगा आर्म्स लाइसेंस
सूत्रों के अनुसार सिरसा पुलिस ने बाकी गवाहों की समीक्षा की। गवाहों ने पुलिस को कहा कि यदि उन्हें सुरक्षा की जरूरत होगी तो वे बता देंगे। हालांकि गांव में रहने वाले एक गवाह ने पुलिस के समक्ष आर्म्स लाइसेंस बनाने की इच्छा जाहिर की है। ताकि विपदा के समय वह अपनी सुरक्षा आप कर सकें। लेकिन बाकी गवाहों ने अभी तक पुलिस के समक्ष सुरक्षा की मांग नहीं रखी। पुलिस ने एसपी कार्यालय को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
यह था मामला
पंजाब विधानसभा चुनावों में बठिंडा के मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले में जनवरी 2017 में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार व डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के समधी हरमिंदर सिंह जस्सी की चुनावी रैली में बम ब्लास्ट हुआ था। इस मामले में पांच बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था। पंजाब पुलिस ने इस मामले में सिरसा डेरे की वर्कशाप के इंचार्ज गुरतेज सिंह, अमरीक सिंह, अवतार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था और ये आरोपी वांछित है। सिरसा में गाड़ी तैयार की गई, बैटरी व अन्य सामान लगाया गया। एसआईटी ने इस मामले को लेकर डेरा प्रबंधन को वर्कशाप का रिकॉर्ड पेश करने का भी नोटिस दिया था। इतना ही नहीं तीनों आरोपियों की सिरसा में प्रोपर्टी, वोटर कार्ड, पैन कार्ड व अन्य रिकॉर्ड को भी एसआईटी खंगाल चुकी है।
हमने समीक्षा की है, लेकिन किसी ने भी सुरक्षा की मांग नहीं रखी। - अरूण सिंह, एसपी सिरसा।
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बस में सीट मांगने पर विद्यार्थियों से परिचालक ने की बहस, छात्रों ने डीआई को सौंपी शिकायत

वीरवार को जमाल रूट पर विद्यार्थियों और परिचालक से सीट मांगने को लेकर बहस हो गई। जबकि रोडवेज विभाग द्वारा बस में 41 नंबर सीट आरक्षित की गई है। लेकिन परिचालक उस सीट पर न बैठकर आगे चालक के पास की सीट पर बैठते हैं और जब कोई सवारी उस सीट को छोड़ने को कहती है तो वह मनाकर बहस करने लग जाते हैं। जिसको लेकर जमाल रूट के छात्रों ने डीआई को इसकी शिकायत दी।
सीट न देने और विद्यार्थियों के साथ बहस करने के मामले को लेकर विद्यार्थी रोडवेज महाप्रबंधक के पास पहुंचे। कार्यालय में महाप्रबंधक के न होने पर छात्र अपनी समस्या को लेकर रोडवेज डीआई के पास पहुंचे और कंडेक्टर के रूट बदलने की मांग की। जिसके बाद डीआई ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सुन जल्द ही समस्या का समाधान करने को कहा। रोडवेज महाप्रबंधक के पास शिकायत लेकर पहुंचे विद्यार्थी रवि, बलराज, संदीप कुमार, ऋतिक ने बताया कि जमाल रूट पर विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक होने के कारण लड़कियों को खड़े होकर सफर करने पर मजबूर होना पड़ता है। वहीं विद्यार्थियों ने कहा कि कंडेक्टर से जब लड़कियों को बैठाने के लिए सीट मांगी गई तो कंडेक्टर विद्यार्थियों के साथ बहस करने लगा। जबकि कंडेक्टर पहले भी विद्यार्थियों के साथ कई बार बहस कर चुका है। ऐसे में विद्यार्थियों ने कंडेक्टर को अन्य रूट पर लगवाए जाने की भी मांग की। डीआई ने इस मामले को महाप्रबंधक के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिलाया।
परिचालक की आरक्षित है 41 नंबर सीट
रोडवेज विभाग ने बीते 10 माह पहले एक नोटिस जारी किया था। जिस दौरान बस में परिचालक 41 नंबर सीट पर बैठेगा। वहीं पहले एक नंबर सीट स्टाफ के लिए छोड़ी जाती थी कि अगर रोडवेज का कोई अधिकारी बस में सफर करता है तो वह सीट उसके लिए होगी। लेकिन परिचालक ही उस सीट को नहीं छोड़ रहे हैं।
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ऋण न चुकाने पर बैंक ने किया प्लॉट सील

गांव कालांवाली के एक उपभोक्ता ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स का लोन नहीं चुकाया तो बैंक ने प्रशासन के सहयोग से डिफाल्टर उपभोक्ता के चारदीवारी किए हुए प्लाट को सील कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राम निवास की देखरेख में भारी पुलिस बल के साथ बैंक अधिकारियों ने उपमंडल कार्यालय के बिल्कुल पीछे स्थित बैंक उपभोक्ता के प्लाट को ताला लगाकर सील कर दिया। इस मौके पर ओबीसी बैंक के चीफ जसवंत गोदारा, शाखा कालांवाली के मैनेजर सुरेंद्र सिंह, एरिया मैनेजर हितेंद्र कुमार, एएए केपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नई दिल्ली के अधिकारी, ट्रैफिक इंचार्ज शकरूधीन खान, रामफल सहित पुलिसकर्मी मौजूद थे। ओबीसी बैंक के चीफ मैनेजर जसवंत गोदारा व शाखा कालांवाली के मैनेजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कालांवाली की अनाज मंडी में आढ़त की दुकान करने वाले गांव कालांवाली के एक उपभोक्ता ने वर्ष 2013 में अपनी दुकान के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया था। जिसमें से लगभग 39 लाख 63 हजार 645 रुपये न चुकाने पर बैंक ने पहले ही उपभोक्ता को डिफाल्टर घोषित कर दिया था। जिस पर बैंक की ओर से कब्जा छुड़वाने वाली कंपनी एएए कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कपंनी नई दिल्ली के सहयोग से कार्रवाई की गई। बैंक ने डिफाल्टर उपभोक्ता पर कार्रवाई करते हुए टीम ने एक कमरा बने प्लाट व चारदीवारी करके लगाए गए गेट पर ताला जड़ दिया और प्लाट को सील कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने प्लाट मालिक को नोटिस भी दिया था लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं करवाई। इसके चलते बैंक की ओर से उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई। ... और पढ़ें

नर्सरी के बच्चों के टेस्ट होंगे मुफ्त, तीन निजी लैब से स्वास्थ्य विभाग का हुआ अनुबंध

प्लाट को सील करते ओबीसी बैंक अधिकारी।
जिला सामान्य अस्पताल में बनी नर्सरी में नवजात बच्चों का उपचार किया जाता है। नर्सरी में रहने के दौरान बच्चों के टेस्ट किए जाते हैं, कुछ टेस्ट जो कि नागरिक अस्पताल में बनी लैब में नहीं होते थे। नागरिकों को सुविधा देते हुए नागरिक अस्पताल की नर्सरी में दाखिल सभी बच्चों के टेस्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी लैब से करवाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का तीन निजी लैब के साथ अनुबंध हो चुका है। नर्सरी के डॉक्टर मरीज को रिपोर्ट वेरिफाई करवाने के लिए निजी लैब में भेजते थे, जबकि एक बार मरीज की जांच अस्पताल में बनी लैब में ही होती थी। अभी तक एक साल में अस्पताल की नर्सरी में 1126 बच्चे भर्ती हुए हैं। बच्चों के ब्लड सेल, किडनी, बलीवर टेस्ट, पीलिया, यूरीन टेस्ट सामान्य होते हैं।
जिले के सिविल अस्पताल सिरसा में 17 बेड की नवजात बच्चों के लिए एक नर्सरी है। नर्सरी में करीब एक समय में 34 बच्चों को दाखिल किया जाता है। नर्सरी में भर्ती हुए बच्चों के टेस्ट पहले तो सिविल अस्पताल की लैब से करवाए जाते थे, जिसके बाद एक बार दोबारा वही जांच निजी लैब से करवाई जाती थी। जिसके बाद चिकित्सक दोनों रिपोर्ट को मिलाते थे। निजी लैब से होने वाले टेस्ट के पैसे मरीज को देने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब बच्चे का जो भी टेस्ट निजी लैब से करवाने होंगे, उसके बिल का भुगतान सिविल अस्पताल द्वारा किया जाएगा और डॉक्टर मरीज की पर्ची पर टेस्ट लिखेंगे। जिसका भुगतान सिविल अस्पताल द्वारा ही किया जाएगा। ऐसे में शहर की तीन निजी लैब के साथ स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध हुआ है। जब नर्सरी से बच्चे को टेस्ट के लिए लेकर जाएंगे उस समय डॉक्टर मरीजों को बताएंगे कि वह कौन सी लैब से बच्चे की जांच करवाएं, जिससे मरीजों के पैसे न लगे।
जच्चा बच्चा सभी के टेस्ट होंगे मुफ्त
सिविल अस्पताल में अभी तक 1126 बच्चे नर्सरी में भर्ती हुए हैं। जिनमें 545 बच्चों का जन्म सिविल अस्पताल के जनाना वार्ड में ही हुआ है और 495 बच्चे अन्य अस्पताल से नर्सरी में भर्ती करवाए गए हैं। अनुबंध के अनुसार शहर की तीन लैब से महिला तथा उसके बच्चे के सभी टेस्ट जो अस्पताल की लैब में नहीं करवाए जाते वह बिलकुल मुफ्त किए जाएंगे। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन का कहना है कि जच्चा बच्चा का डिलीवरी से पहले तथा बाद में जो भी टेस्ट होगा उसका भुगतान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही किया जाएगा।
सिविल अस्पताल की लैब पर उठे थे सवाल
बीती नौ अगस्त 2019 को अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया था कि सिविल अस्पताल में बनी नर्सरी में डॉक्टर अस्पताल की लैब से बच्चे के टेस्ट करवाने के बावजूद भी बाहर निजी लैब में वही टेस्ट दोबारा करवाते थे। जिसके पूरे पैसे का निर्वहन मरीज द्वारा ही किया जाता था।
जच्चा बच्चा के लिए जो भी टेस्ट होने हैं वह निजी लैब में भी मुफ्त किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का जिले की तीन लैब से अनुबंध हुआ है। किसी भी मरीज को परेशान नहीं किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं अस्पताल की एंबुलेंस का प्रयोग करें। अगर किसी को भी एंबुलेंस की जरूरत हो तो 108 पर संपर्क कर सकता है।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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मार्का से छेड़छाड़ कर बेच रहे थे नमकीन, हिसार में आरोपी काबू, सिरसा में 15 हजार पैकेट जब्त

मिलता-जुलता मार्का लगाकर नकली नमकीन बेचने के आरोप में हिसार पुलिस ने बालसमंद रोड के चंदन नगर से दीपक कुमार मनोचा को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से नकली मार्का, काफी संख्या में नमकीन के पैकेट व अन्य सामान बरामद किया है। इसी मामले में सिरसा सिटी पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को शहर की पुराना सिविल अस्पताल मार्केट में छापा मारकर अल्लादीन ब्रांड के नमकीन के 15 हजार पैकेट पकड़े। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नमकीन के नमूने भरे। सिटी पुलिस ने कापीराइट एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर सारा माल थाने में रखवा लिया है।
स्पीड सर्च ऐंड सिक्योरिटी नेटवर्क सेक्टर 34 चंडीगढ़ की शिकायत पर हिसार और सिरसा में संयुक्त टीम ने छापे डाले। बताया जाता है कि सारा माल हिसार में तैयार किया जाता था और सिरसा में होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से बेचा जाता था। स्पीड सर्च ऐंड सिक्योरिटी नेटवर्क के मैनेजर राजेश शर्मा और अमित ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके अलादीन ब्रांड के नाम से मार्केट में नमकीन बिकती है। उन्हें शिकायत मिली थी कि हिसार की एक कंपनी उनके नाम से मिलता-जुलता अल्लादीन के नाम से भी नमकीन मार्केट में बेच रही है। हिसार में छापा मारने के बाद सिरसा एसपी को सुबह पत्र लिखकर जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर सिटी पुलिस ने टीमें गठित कर मार्केट में छापे की कार्रवाई की। इस दौरान अलादीन नमकीन से मिलता जुलता नाम अल्लादीन नमकीन पाया गया, दुकान में करीब 15 हजार पैकेट मिले। शिकायतकर्ता राजेश शर्मा ने बताया कि किसी भी कंपनी के ब्रांड के नाम से मिलता-जुलता या उस नाम से छेड़छाड़ की जाती है तो यह ट्रेड मार्केट एक्ट के तहत अपराध है। हमारी कंपनी रजिस्टर्ड है। पुलिस टीम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी थी। स्वास्थ्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर महावीर ने बताया कि नमकीन के सैंपल भी लिए। अब इन सैंपल को फूड क्वालिटी लैब में टेस्ट के लिए भेजा जाएगा।
हमने नमकीन के सैंपल भरे हैं। इसे लैब में भेजे जाएंगे, उसके बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
महावीर सिंह, फूड इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग
अल्लादीन नमकीन कंपनी के खिलाफ हिसार में मामला दर्ज हुआ है। सप्लाई वहां से सिरसा आती है। हमने कंपनी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है। जो भी कार्रवाई बनती है, की जाएगी।
- राजकुमार, एसएचओ, सिटी थाना सिरसा
हिसार में भी नकली ब्रांड की नमकीन बरामद, केस दर्ज
हिसार। किसी दूसरी कंपनी से मिलता-जुलता मार्का लगाकर नकली नमकीन बेचने के मामले में पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार मनोचा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस संबंध में चंडीगढ़ की कंपनी के अधिकारी डायरेक्टर रोमेश दत्त के नेतृत्व में एसपी से मिले थे और कार्रवाई की मांग की थी।
आजाद नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में चंडीगढ़ की स्पीड सर्च सिक्योरिटी नेटवर्क कंपनी के फील्ड ऑफिसर मुनीष जिंदल ने बताया कि उनकी सिंगला फूड नाम से अधिकृत कंपनी है, जिसका अलादीन के नाम से रजिस्टर्ड ब्रांड है। उन्हें पता चला कि हिसार में उनकी कंपनी के ब्रांड से मिलते-जुलते नाम के ब्रांड से नकली नमकीन डालकर बेचता है। इस दौरान पता चला कि सारा सेल्ज का मालिक दीपक कुमार मनोचा बालसमंद रोड पर उनकी कंपनी से मिलता-जुलता मार्का लगाकर नकली नमकीन तैयार कर बेचता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी द्वारा ब्रांड पर दिया गया पता भी फर्जी है। शिकायत पर आजाद नगर थाना पुलिस ने वहां छापे मारकर काफी संख्या में नकली मार्का और नमकीन बरामद की। साथ ही आरोपी दीपक कुमार मनोचा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कापीराइट एक्ट 1957 की धारा 63, 65, ट्रेड मार्क्स एक्ट की धारा 1999 और आईपीसी 272, 273 व 420 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
15thousand packets of snacks seized in sirsa
15thousand packets of snacks seized in sirsa- फोटो : Sirsa
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काला पीलिया की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग का निजी लैब से तीन साल का अनुबंध

सिविल अस्पताल में काला पीलिया को लेकर खत्म हुए कूपन 133 दिनों बाद मरीजों को मिलने शुरू हो गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग का काला पीलिया जांच के लिए तीन साल का अनुबंध हो गया है। सिरसा जिले में सबसे अधिक 2438 काला पीलिया के मरीज हैं। पूरे जिले में कूपन से जांच के लिए केवल एक ही लैब से अनुबंध किया गया है। निजी तौर मरीज करवाने में असमर्थ मरीज कूपन के माध्यम से काला पीलिया की जांच निजी लैब से करवा सकते हैं।
सिविल अस्पताल सिरसा में बीते आठ अक्टूबर 2019 को काला पीलिया की जांच के कूपन खत्म हो गए थे। कूपन खत्म होने के कारण डॉक्टर मरीजों को कूपन का इंतजार करने के लिए कह रहे थे। कूपन का अनुबंध न होने के कारण सिविल अस्पताल में नहीं पहुंच रहे थे। कूपन न होने के कारण अधिकतर मरीज इसी के इंतजार में थे कि कब कूपन को लेकर अनुबंध हो और वह अपनी जांच करवाएं। इसका एक कारण यह भी है कि बाहर से निजी तौर पर इसकी जांच के लिए करीब पांच से छह हजार रुपये एक मरीज को अदा करने पड़ते हैं। जो बहुत ही मंहगी जांच है। सरकार ने काला पीलिया के मरीजों के लिए सुविधा देते हुए काला पीलिया की जांच निजी लैब से कूपन के माध्यम से फ्री में अपनी जांच करवा सकते हैं।
पूरे नहीं पहुंचे कूपन
सिविल अस्पताल सिरसा में जब काला पीलिया मरीजों की जांच के लिए कूपन खत्म हुए थे तो इस पर नोडल अधिकारी डॉ. सतेंद्र ने विभाग से करीब 900 कूपन की मांग मुख्यालय से की थी। जानकारी के अनुसार करीब साढ़े चार महीने बाद 400 कूपन आए हैं। कम कूपन आने पर बाकी कूपन की डिमांड फिर से स्वास्थ्य विभाग ने भेज दी है। जिले में करीब 300 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है। कूपन से मरीज निजी लैब से अपने टेस्ट करवा सकता है।
हमने करीब 900 कूपन की मांग भेजी थी। जिसमें से अभी तक कुछ ही कूपन अस्पताल में पहुंचे हैं। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. सतेंद्र, नोडल अधिकारी, सिविल अस्पताल सिरसा।
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पुलिस को शक न हो इस लिए मां को साथ लेकर करता था हेरोइन की तस्करी

सीआईए सिरसा पुलिस टीम ने गश्त व चेकिंग के दौरान डिंग मोड़ क्षेत्र से कार सवार मां-बेटे को करीब दस लाख रुपये की 105 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हन्नी उर्फ गेज्जू और उसकी मां कमलेश निवासी कीर्तिनगर सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करके कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने हन्नी को दो दिन के पुलिस रिमांड और महिला को जेल भेज दिया। दोनों मां बेटा शहर के एक पूर्व पार्षद की बहन व भांजा है।
सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम को सीआईए सिरसा पुलिस के सहायक उप निरीक्षक तरसेम सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम दौरान नाकाबंदी कर डिंग मोड़ क्षेत्र में मौजूद थी। सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली कि कमलेश व उसका लड़का हन्नी उर्फ गेज्जू निवासी कीर्ति नगर सिरसा दोनों दिल्ली से चिट्टा लेने गए हुए हैं। कुछ समय बाद कार में दिल्ली से चिट्टा लेकर आने वाले हैं। थोड़ी देर बाद एक सफेद रंग की कार फतेहाबाद की तरफ से आती दिखाई दी। सीआईए टीम ने कार को रुकने का इशारा किया तो तस्करों ने अपनी कार से सीआईए टीम को कुचलने की कोशिश की, लेकिन सीआईए पुलिस टीम ने रोड से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। कार सवार तस्करों ने अपनी कार पुलिस की पीसीआर गाड़ी में ठोक दी जिससे पीसीआर चालक को चोट लग गई। फिर आरोपियों ने गाड़ी बैक करके वापस फतेहाबाद की तरफ गाड़ी भगा दी, लेकिन सीआईए पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए तस्करों का पीछा किया और पतली डाबर मोड़ पर तस्करों की कार घेरकर आरोपी महिला तस्कर और उसके लड़के को कार सहित काबू कर लिया। सीआईए टीम ने मौके पर डीएसपी सिरसा दिनेश यादव की मौजूदगी में आरोपियों की और कार की तलाशी ली तो उनके कब्जे से 105 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। सीआईए प्रभारी ने बताया कि पड़ताल में सामने आया है कि दोनों मां बेटा के खिलाफ पहले भी तीन मामले मादक पदार्थ अधिनियम के तहत पंजाब के सरदूलगढ़, मानसा व शहर थाना सिरसा में दर्ज है।
दो साल पहले भी हुए थे गिरफ्तार
कीर्तिनगर की रहने वाले महिला कमलेश डिपू चलाती है। कमलेश का भाई शहर का पूर्व पार्षद है और शहर के एक बड़े राजनेता का खास है। दोनों मां बेटा दो साल पहले भी शहर में हेरोइन बेचते हुए पकड़े गए थे। तब भी उन पर केस दर्ज हुआ था। दोनों पर ये चौथा केस दर्ज है। सीआईए के सहायक उप निरीक्षक तरसेम सिंह ने बताया कि दोनों ने शहर में ही हेरोइन सप्लाई करनी थी। हन्नी अपनी मां को तस्करी के इस धंधे में इसलिए साथ रखता था ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
17 ग्राम 94 मिलीग्राम हेरोइन सहित तीन काबू
ऐलनाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधे श्याम ने बताया कि ऐलनाबाद थाना पुलिस की महिला सहायक उप निरीक्षक सुनीता देवी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गश्त व चेकिंग के दौरान नमस्ते चौक ऐलनाबाद क्षेत्र में मौजूद थी। शक के आधार पर उक्त महिला को रोक कर उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से सात ग्राम हेरोइन बरामद हुई। दूसरे मामले में जिला की सदर सिरसा थाना पुलिस ने गश्त व चेकिंग के दौरान गांव मल्लेकां क्षेत्र से एक युवक को छह ग्राम 84 मिलीग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है। पकड़े गए युवक की पहचान जगसीर सिंह उर्फ सिरा निवासी मल्लेकां के रुप में हुई है। थाना सदर सिरसा प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजा राम ने बताया कि पकड़े गए युवक से सप्लायर के बारे में नाम पता मालूम कर दो लोगों के खिलाफ थाना सदर सिरसा में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर सप्लायर की तलाश शुरू कर दी है। वहीं डिंग थाना पुलिस ने गश्त व चेकिंग के दौरान गांव भावदीन क्षेत्र से एक युवक को चार ग्राम 10 मिलीग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है। पकड़े गए युवक की पहचान लवप्रीत उर्फ लभू निवासी भावदीन के रूप में हुई है।
पुलिस ने 14 महीने में 1245 तस्कर भेजे जेल
एसपी अरुण सिंह के कार्यकाल में सिरसा पुलिस ने 14 महीने में 785 केस दर्ज किए हैं। करीब 1245 तस्कर पकड़े हैं जिनसे साढ़े नौ किलो हेरोइन, 25.47 क्विंटल चूरापोस्त, 39 किलोग्राम अफीम, 4 लाख 53 हजार नशे की गोलियां बरामद हुई है।
mother and sun arrested with 105 grams heroin
mother and sun arrested with 105 grams heroin- फोटो : Sirsa
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सीएमओ तक पहुंचने नही देता था शिकायत

सिविल अस्पताल सिरसा में अगर किसी मरीज अथवा नागरिक को किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत होती है तो वह अपनी शिकायत सीएमओ कार्यालय में देता है। लेकिन सीएमओ कार्यालय में बैठे कर्मचारी उन शिकायतों को खुर्दबुर्द करने में लगे हुए थे। मामले में जानकारी सीएमओ को मिली तो उन्होंने कर्मचारी को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया।
सिविल अस्पताल सिरसा में सीएमओ कार्यालय में मरीजों की शिकायतें लेने के लिए एक कर्मचारी को नियुक्त किया गया था। लेकिन सिरसा सीएमओ कार्यालय में शिकायत एकत्रित करने वाला कर्मचारी आने वाली शिकायतों को खुर्दबुर्द कर देता था। यह काम काफी दिनों से चलता आ रहा था। मंगलवार को किसी अज्ञात मरीज ने एक गुमनाम शिकायत लिखी और सीएमओ कार्यालय में भिजवा दी। जब शिकायत में अधिकारियों ने देखा कि वह बार बार शिकायत करने की बात कह रहा है लेकिन उनके पास तो एक भी शिकायत नहीं पहुंची है। जब इसके बारे में सीएमओ सुरेंद्र नैन ने जांच की तो पाया कि जो कर्मचारी शिकायत रिसीव करने के लिए लगाया हुआ है, वह अपना काम कर ही नहीं रहा है और आने वाली शिकायतों को खुर्दबुर्द करने में लगा हुआ है। सीएमओ सुरेंद्र नैन ने कर्मचारी पर कार्रवाई करते हुए उसे वहां से तुरंत हटाकर दूसरे विभाग में भेज दिया।
हमें जानकारी मिली थी कि कर्मचारी शिकायतों को हम तक नहीं पहुंचने दे रहा है। जिस पर कार्रवाई करते हुए उसे वहां से हटा दिया गया है और मेरे पास जो शिकायत आएगी उसका तुरंत समाधान किया जाएगा।
--डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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25 किलोग्राम चूरापोस्त सहित पंजाब के दो तस्कर काबू

जिला की सीआईए सिरसा पुलिस ने गश्त व चेकिंग के दौरान गोल डिग्गी सिरसा के नजदीक से दो तस्करों के कब्जे से 25 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों की पहचान गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक और अमृतपाल सिंह उर्फ पाल निवासियान तलवंडी साबो जिला बठिंडा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से सप्लायर के बारे में पता करके थाना शहर सिरसा में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर सप्लायर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस टीम एएसआई सतनारायण के नेतृत्व में गश्त व चेकिंग के दौरान बेगू रोड पर जा रहे थे कि गोल डिग्गी चौक के नजदीक दो संदिग्ध व्यक्ति खड़े दिखाई दिए जो अपने कंधों पर प्लास्टिक कट्टे लिए हुए थे जो सामने से सीआईए की सरकारी गाड़ी को आता देखकर मुंह फेरकर खड़े हो गए। सीआईए टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपियों से बरामदा कट्टों की तलाशी ली तो अमृतपाल से बरामद कट्टा से 12 किलोग्राम व गुरसेवक से बरामदा कट्टा से 13 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ। आरोपियों के खिलाफ थाना शहर सिरसा में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ... और पढ़ें
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