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गरीब मां-बाप के पास नहीं थे पैसे, पैदल ही ले जा रहे थे बच्ची का शव, एंबुलेंस चालक बना मददगार

प्रदीप कौशिक, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Updated Wed, 08 Apr 2020 12:39 AM IST
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एंबुलेंस के पास खड़े चालक सुमेर व पुलिसकर्मी सतबीर हुड्डा।
एंबुलेंस के पास खड़े चालक सुमेर व पुलिसकर्मी सतबीर हुड्डा।
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कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में जहां एंबुलेंस के सहारे कुछ लोग कमाई करने में लगे हैं, वहीं ऐसे में कुछ एंबुलेंस चालक मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। मंगलवार को एक निजी एंबुलेंस चालक ने भी एक गरीब परिवार के प्रति मानवता दिखाई।
 
प्याऊ मनियारी में मंगलवार को घर में खेलते हुए करीब एक साल की बच्ची की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव को एंबुलेंस में ले जाने के लिए पैसे नहीं थे। इसके बाद परिजन पैदल ही बच्ची का शव गोद में लेकर घर को निकल पड़े।
 
वहां मौजूद निजी एंबुलेंस चालक ने उनको देखा और उसने पूरी जानकारी की तो आंसू छलक गए। वह बच्ची का शव बिना रुपये लिए घर तक छोड़कर आया। बिहार का रहने वाला मुन्ना लाल फिलहाल प्याऊ मनियारी में पत्नी के साथ किराये के मकान मेें रहता है। उसकी एक साल की बेटी अंजली थी, जिसकी मंगलवार को घर में खेलते समय अचानक तबीयत खराब हो गई।
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