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Coronavirus in Haryana: फरीदाबाद में एक और केस, अब कुल 22 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे

हरियाणा में सोमवार को नया केस सामने आया। फरीदाबाद में एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव होने की खबर है।

31 मार्च 2020

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यमुना नगर

मंगलवार, 31 मार्च 2020

कोरोना से बचाने को जेल में बंद कैदियों से बनवाएं जाएंगे मास्क

यमुनानगर। बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए देश में आपातकालीन जैसी स्थिति है। बड़े-बड़े उद्योग कोरोना से खौफ खाए हुए हैं। जरूरी सामानों जैसे खाद्य पदार्थों और मेडिकल सेवाओं को इससे अलग रखा गया है। बाजार में सेनिटाइजर और मास्क की किल्लत होने के कारण स्वास्थ्य विभाग परेशान है। ऐसे में कैदियों पर स्वास्थ्य विभाग को आस है। अब स्वास्थ्य विभाग कैदियों से मास्क बनवाने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि कैदियों ने ही जेल स्टाफ के मास्क बनाए हैं। जिला अस्पताल में मास्क की किल्लत को समाप्त करने के लिए कैदियों से मास्क बनवाने की योजना चल रही है। जेल में बने मास्क का प्रयोग कैदियों के साथ-साथ जेल स्टाफ भी कर रहा है। बाजार में महंगा मिलने वाला मास्क कैदियों के बनाने के कारण सस्ते दामों में मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल अधीक्षक से मुलाकात की है। हालांकि अभी स्वास्थ्य विभाग शासन स्तर से कैदियों से मांग बनाने अनुमति का इंतजार कर रहा है।
सिलाई में माहिर कैदी बनायेंगे मास्क
जेल में एक साथ बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। साथ ही जेल में मुलाकात के लिए भी बड़ी तादाद में मुलाकाती भी आते हैं। कोई संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से वायरस जेल में भी फैल जाए इसे ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन कैदियों के लिए मास्क बनवा रहा है। जिला कारागार में ही सिलाई में प्रशिक्षित बंदी मास्क बना रहे हैं। जिला कारागार के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां 750 बंदी हैं। सिलाई में माहिर बंदी ही मास्क बनायेंगे।
कुछ कैदियों को किया जा सकता है रिहा
जिला जेल कैदियों से खचाखच भरी हुई है। शासन इन कैदियों का विशेष ध्यान रखने की गाइडलाइन भेज दी है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार जेल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि यदि कोरोना और भयावह रूप लेता है तो जेल में बंद कैदियों को जमानत पर रिहा भी किया जा सकता है। लेकिन, अभी जिले में एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है। इसीलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी। यदि उन्होंने आर्डर दिया तो मास्क बनवा दिये जायेंगे। फिलहाल बंदी स्टाफ के लिए ही मास्क बना रहे हैं। बंदियों को रिहा करने के लिए अभी को गाइडलाइन नहीं आई है। सरकार से जो भी आदेश आयेगा उसका पालन किया जाएगा।
-रतन सिंह, जेल अधीक्षक
मास्क की किल्लत न हो, इसके लिए कैदियों से मास्क बनवाने की बात चल रही है। अभी हेडक्वार्टर स्तर अनुमति ली जा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो कैदियों से मास्क बनवाये जायेंगे।
-डॉ. वागीश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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आजाद नगर के लोगों ने अपनी आजादी पर लगाया लॉक

यमुनानगर। महामारी का मुकाबला करने के लिए पूरा देश एकजुट है। लॉक डाउन की घोषणा के बाद जिम्मेदार नागरिकों ने अपने आप को घरों में कैद कर लिया। यानी वह खुद क्वारंटाइन हो गए हैं। खास बात ये है कि उन्होंने घर के बाहर नोटिस भी चस्पा दिया है कि कोई भी घर पर मिलने न आए। वहीं कुछ बेजिम्मेदार लोग लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। बिना कारण ही सड़कों पर घूम रहे हैं। हालांकि पुलिस ऐसे लोगों द्वारा धारा 144 का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना किया जा रहा है।
आजाद नगर के कुछ लोगों ने अपने आप को देशहित के लिए घरों में कैद कर लिया है। ये किसी जोर जबरदस्ती के नहीं बल्कि कोरोना के संक्रमण से बचने ओर लोगों के बचाने के लिए शासन का साथ दे रहे हैं। ट्विनसिटी के कुछ क्षेत्रों में बिना किसी सरकारी तंत्र की धमक के आम जनता ने खुद को घरों में कैद कर कोरोना वायरस से लड़ने के अपने मजबूत जज्बे का खुलकर इजहार किया। कोरोना को लेकर ये जागरूकता सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और बस्तियों में भी लोगों ने घरों में ही रहना ही ठीक समझा। जनता के खुद को लॉक डाउन करने से कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में बड़ी मदद मिलना तय है।
सरकारी मशीनरी का बढ़ा हौंसला
जनता ने अपनी छोटी-बड़ी किसी जरूरत को लेकर भी कर्फ्यू तोड़ने से परहेज किया। आम आदमी के इस हौसले ने कोरोना से लड़ रही प्रशासनिक मशीनरी को भी हौसला बढ़ा दिया। आमतौर पर लोगों से इस तरह खुद को अनुशासन में बांधे रखने की उम्मीद कम ही लगाई जाती है। जनता कर्फ्यू के जरिये लोगों ने ये नई उम्मीद भी जगा दी है कि इस संकट का मुकाबला करने को वे सरकार के साथ कदमताल को तैयार हैं।
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कोराना का खौफ: आमजन के साथ भगवान भी मंदिरों में हुए कैद

यमुनानगर। कोरोना वायरस के खौफ ने आम जन के साथ भगवान को भी मंदिर में कैद होने को विवश कर दिया है। जिले के तमाम ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता वाले मंदिरों पर ताला लटक गया है। सैकड़ों साल पुराने कलेश्वर महादेव मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। कलेश्वर मठ के प्रधान शांतानंद ने बताया कि सरकार के आदेश अनुसार मठ में भी पूजा पाठ करने वाले व अन्य सभी कार्य के लिए रोक लगा दी गई है, ताकि श्रद्धालु अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें और यहां भीड़ जमा ना हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को समझा कर घर पर रहने की अपील की जा रही है ताकि इस महामारी से बचा जा सके। वहीं सरस्वती नगर के सरस्वती धाम मंदिर परिसर को पुलिस प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया। किसी भी व्यक्ति को मंदिर में नहीं जाने दिया गया। चैत्र अमावस्या के अवसर पर सरस्वती धाम पर लोग स्नान करने आते हैं और सरस्वती विकास समिति द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, लेकिन कोरोना वायरस के चलते मंदिर परिसर के किसी को नहीं जाने दिया गया और कहा की 31 तारीख तक मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया जायेगा। ... और पढ़ें

उत्तर रेलवे को चलती फिरती कोरोना आइसोलेशन ट्रेन बनाने का ऑर्डर

निरंजन कुमार राणा
यमुनानगर। रोजाना सवा दो करोड़ यात्रियों को ढोने वाली भारतीय रेल ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सारे संसाधन झोंक दिए हैं। देशभर की रेलवे वर्कशॉपों में 20 हजार कोरोना आइसोलेशन कोच तैयार किए जा रहे हैं। उत्तर रेलवे की लखनऊ आलमबाग और जगाधरी वर्कशॉप को प्रथम चरण में 370 कोच बनाने का ऑर्डर मिल गया है, जिस पर काम शुरू भी कर दिया गया है। जगाधरी वर्कशॉप में 20 कोच तैयार कर दिए गए हैं, जिन्हें 31 मार्च को पटरी पर उतारा जा सकता है।
कोरोना के खिलाफ जंग में रेलवे ने हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के लिए कमर कस ली है। इसके तहत न सिर्फ रेल कोचों को हास्पिटल का रूप दिया जा रहा है बल्कि मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर, स्ट्रेचर आदि भी रेलवे द्वारा बनाएं जा रहे हैं। इसके लिए दोनों जगह रॉ मैटेरियल जुटा लिया गया है। डिप्टी सीपीओ राजीव बजाज ने बताया कि प्रायोगिक तौर पर जगाधरी में 12 और आलमबाग में दो कवरआल और एप्रन का निर्माण किया गया है। इसे शीघ्र ही 30 पर ले जाया जाएगा। अभी तक जर्मन तकनीक वाले 20 डिब्बों को आइसोलेशन कोच में बदला जा चुका है। प्रथम चरण में दोनों वर्कशॉप में 370 कोच बदले जाएंगे। इसके अलावा पुरानी तकनीक वाले आईसीएफ कोच को भी ऐसा बनाया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर वहां मरीजों को शिफ्ट किया जा सके।
मेडिकल सेवा भी करेगा रेलवे
अधिकारियों ने रेलवे के उन कर्मचारियों का ब्यौरा भी एकत्र कर लिया है, जो मेडिकल स्ट्रीम से जुड़े हुए हैं। इनमें कर्मचारी खुद या परिवार का कोई सदस्य एमबीबीएस, फार्मेसी, नर्सिंग, माइक्रोबॉयोलाजी, लैब टेक्निशियन आदि को शामिल किया गया है। इनके मोबादल नंबर और अन्य जानकारी ली गई हैं। ये सब वालंटियर के तौर पर मेडिकल सेवा देंगे।
रेलवे की ओर से आइसोलेशन कोच सहित अन्य मेडिकल का सामान बनाया जा रहा है। हम तमाम संसाधन अपनाते हुए काम कर रहे हैं। सरकार ने भारतीय रेल पर विश्वास किया है। तय समय से पहले हम सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सक्षम है। - सुधांशु पंवार, सीडब्लयूएम, जगाधरी वर्कशाप
railway
railway- फोटो : Yamuna Nagar
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railway railway

Coronavirus in Haryana: फरीदाबाद में एक और केस, अब कुल 22 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक और कोरोनाग्रस्त मरीज मिल गया है। इसके बाद प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 22 हो गई है। जबकि जिन लोगों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है। उनकी संख्या अब 13 हजार से ज्यादा हो गई है। लगातार बढ़ते जा रहे मामलों को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह चिंतित और गंभीर है इनमें से अभी 6 मरीज ही ठीक हो पाए हैं।

प्रदेश में 22 पॉजिटिव केसों में से 10 मरीज गुरुग्राम, 4-4 मरीज फरीदाबाद और पानीपत व एक-एक मरीज पंचकूला, अंबाला, पलवल व सोनीपत के हैं। इन पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में 348 लोग अभी तक आ चुके हैं। जिन पर स्वास्थ्य महकमे की लगातार निगरानी बनी हुई। 243  संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। 

13621 लोगों को स्वास्थ्य महकमे ने मेडिकल सर्विलांस में रखा है। 666 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं जिनमें से अभी 459 सैंपल नेगेटिव आ चुके हैं। जबकि 187 सैंपल रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रदेश में 7 कोरोनाग्रस्त मरीज ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। 

हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के अनुसार प्रदेश में इस वायरस का प्रभाव ज्यादा न बढ़े। इसे लेकर हरियाणा सरकार बेहद गंभीर है। उनके अनुसार इसी के मद्देनजर लगातार लोगों पर चिकित्सा निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जबकि लोगों से भी आग्रह है कि वे भी स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें और स्वास्थ्य कर्मचारियों को पूरा सहयोग करें।
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कोरोना से जंग: भारतीय रेलवे बना रहा अस्पताल ऑन व्हीलस, एक कोच में बनाए गए 10 केबिन

यमुनानगर। कोरोना महामारी से निपटने के लिए रेलवे की तरफ से बड़ी तैयारी की जा रही है। जगाधरी रेलवे वर्कशॉप में बड़े स्तर पर ट्रेन को कोरोना अस्पताल में बदलने का काम शुरू हो गया है। कोरोना अस्पताल ऑन व्हील के लिए डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। शनिवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यहां बनाएं गए पहले कोरोना आइसोलेशन कोच 197413 सी की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की। इस कोच को 80 कर्मचारियों ने 8 घंटे से भी कम समय में तैयार किया है। वर्कशॉप के डिप्टी सीपीओ राजीव बजाज ने दावा किया है कि आपात स्थिति में यहां 24 आइसोलेशन कोच की पूरी ट्रेन कुछ ही घंटे में तैयार कर दी जाएगी। एक कोच में 10 केबिन बनाएं गए हैं। ऐसे में प्रत्येक ट्रेन में 240 मरीज रखें जा सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर, नर्स व मेडिकल स्टाफ के लिए अलग केबिन हैं। मंत्रालय से आदेश मिलते ही ट्रेन के एसी कोच को आईसीयू और स्लीपर कोच को सामान्य आइसोलेशन वार्ड के रूप में विकसित किया जाएगा। दरअसल कुछ समय पहले जगाधरी वर्कशॉप में कर्मचारी नेता देव शंकर सिंह ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को ट्विट किया था कि इमरजेंसी के दौरान ट्रेन को अस्पताल का रूप दिया जा सकता है। जिस पर संज्ञान लेकर रेलमंत्री ने अधिकारियों को इस योजना पर काम करने का निर्देश दिया।
ये है विशेषताएं
-दो शौचालयों मिलकार एक बाथरूम बनाया गया।
-जहां हाथ धोने, स्नान के लिए बाल्टी और मग रखा।
-एक साइड की सारी और पेशंट साइड मध्य बर्थ हटाई।
-प्लाईवुड द्वारा डिब्बे का निचला हिस्सा बंद किया।
-डिब्बे को अलग करने वाले गलियारे की तरफ कंप्रिज बोर्ड लगाया।
-प्रत्येक कोच में चार अतिरिक्त बोतल रखने की जगह।
-चिकित्सा उपकरणों के लिए 220 वाट के पोर्ट व पारदर्शी पर्दे।
-प्रतिदिन 400 सुरक्षा मास्क, स्टाफ नर्स, मैट्रॉन और पेशंट एप्रन भी होंगे।
-पीपीई किट व कवरॉल भी बनाएं जा रहे हैं।
प्रतिदिन एक ट्रेन हो सकती है तैयार
रेलवे को ऐसे 20 हजार कोच तैयार करने हैं, जिन्हें कभी भी अस्पताल में तब्दील किया जा सकता है। खास बात ये है कि इन कोच को कभी भी कहीं भी ले जाया जा सकेगा। रेलवे कोच बनाने वाली तीनों फैक्ट्री मॉडर्न कोच फैक्टरी रायबरेली, इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई और रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला और कोच मेंटिनेंस की जगाधरी वर्कशॉप में रोजाना 300 से ज्यादा कोच तैयार किए जा सकते हैं।
वर्जन-डब्लूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार कोच में आईसोलेशन वार्ड बनाएं जा रहे हैं। हम शॉर्ट नोटिस पर ऐसे कोच बहुत ही कम समय में तैयार करने में सक्षम हैं। कर्मचारियों को सैनिटाइज किया जा रहा है और उन्हें पूरी देखभाल किट दी गई है।-सुधांशु पंवार, सीडब्लयूएम, जगाधरी वर्कशॉप
isolation coach in train
isolation coach in train- फोटो : Yamuna Nagar
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दो संदिग्ध पहुंचे आइसोलेशन वार्ड, छह की रिपोर्ट आई नेगेटिव

आइसोलेशन वार्ड
स्वास्थ्य विभाग ने दो और नये लोगों में कोरोना के लक्ष्ण दिखने पर सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। वहीं भेजे गए छह की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन छह लोगों और नये आए दोनों लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। वहीं 427 लोग क्वारंटीन में है। जबकि 91 को क्वारंटीन से छुट्टी दे दी गई है।
जिले के लिए अच्छी खबर है कि अभी तक कोई कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिला है। जबकि दो संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं वीरवार को जांच के लिए भेजे गए छह सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव है। लेकिन यह आठ के आठ लोग अभी आइसोलेशन में हैं। जबकि जिले में 427 क्वारंटीन है। यह लोग अपने घरों में ही है। जिन पर स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अलग-अलग समय पहुंच कर क्वारंटीन में रह रहे लोगों की पड़ताल कर रही है। कहीं वह इसे भंग तो नहीं कर रहे हैं। लेकिन अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। अब स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए इन दो नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है।
-यमुनानगर जिले से जितने भी सैंपल भेजे गए थे, वे सारे नेगेटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है। शुक्रवार को दो अन्य लोगों का लक्षण के चलते सैंपल लिया गया है। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
-डॉ. विजय दहिया, सीएमओ
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हेलो चाइल्डलाइन, दो दिन से घर में राशन नहीं, बच्चें भूखे है

शहर में कुछ लोग ऐसे भी है जो रोजाना मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते हैं। लेकिन अब देशभर में लॉकडाउन होने पर अपने परिवार को दो टाइम की रोटी भी नहीं दे पा रहे हैं। एक बेबस पिता जब दो दिनों से अपने परिवार को खाना नहीं खिला पाया तो उसने मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन करके कहा कि पिछले दो दिन से घर पर राशन नहीं है जिसकी वजह से बच्चे भूखे हैं। उसी समय चाइल्ड हेल्प लाइन की ओर से वालंटियर यासीन राणा ने उस व्यक्ति के घर पर पांच किलो आटा, एक किलो दाल, तेल पहुंचाकर परिवार की मदद की।
चाइल्ड हेल्प लाइन समन्वयक भानू प्रताप ने बताया कि 1098 पर शुक्रवार सुबह एक व्यक्ति का फोन आया था। उसने फोन पर बताया कि उसके चार बच्चें है, घर में राशन न होने की वजह से वह भूखे है। अगर हो सके तो उनकी मदद की जाए। उन्होंने कहा कि देश में इस आपातकालीन स्थिति में भी 1098 अपनी सेवाएं दे रही है। आप भी अपने क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं और चाइल्डलाइन का सहयोग करें। चाइल्डलाइन की निदेशिका डॉ. अंजू ने कहा कि चाइल्डलाइन लोगों से अपील करती है कि वह घरों से न निकले। किसी भी प्रकार की परेशानी में वह 1098 पर कॉल कर सूचित कर सकते हैं।
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डबल ड्यूटी और डबल रोल में नजर आ रही पुलिस

वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने का सरकार पूरा प्रयास कर रही है। वहीं कोरोना से जंग के असली योद्धा भी हमारे बीच में रह कर अपने कर्तव्य के साथ वे मानवता का धर्म भी निभा रहे हैं। जिले में सुरक्षा व कानून व्यवस्था संभाले पुलिस कर्मचारी का भी इसमें बहुत बड़ा सहयोग है। इसी कड़ी में अपना मानवता धर्म निभाते हुए थाना फर्कपुर के हेडकांस्टेबल ने अन्य लोगों के लिए मिसाल कायम की है। फर्कपुर के मुख्य सिपाही मनदीप सिवाच ने अपने एक माह का वेतन कोरोना सहायता कोष में अनुदान दिया है। यह उन्होंने अपनी बेटी के जन्मदिन पर किया।
रोहतक के गांव भैणी निवासी हेड कांस्टेबल मनदीप सिवाच ने बताया कि 26 मार्च को उनकी बेटी यशिका सिवाच का जन्मदिन होता है। हर साल वह बेटी का जन्मदिन परिवार और संबंधियों के साथ मानते हैं और पार्टी करते हैं। लेकिन कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने हमारे देश की स्थिति डांवाडोल कर दी है। आपातकालीन जैसे हालात में वे बेटी का जन्मदिन मनाये, यह उनका जमीर गवांरा नहीं करता। इस पर उनकी बेटी यशिका ने दूसरों की मदद करने को कहा। बेटी की बात उन्हें बहुत भायी। जिसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की अर्जी लगाई। पुलिस कप्तान व अकाउंटेंस को इस बारे पत्र भेजा और सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी। अब उनका एक माह का वेतन उनके खाते से मुख्यमंत्री राहत कोष में जाएगा। उनके इस कदम की एसपी हिमांशु गर्ग, थाना फर्कपुर प्रभारी मुकेश कुमार सहित अन्य साथी कर्मचारियों ने सराहना की है।
कर्तव्य पालन के साथ निभाया मानवता का धर्म
थाना शहर पुलिस ने प्रभारी कमलजीत के नेतृत्व में गरीब बस्ती में पहुंचकर राशन बांटा। थाना शहर यमुनानगर प्रभारी कमलजीत ने बताया कि शहर के हजारों लोग ऐसे हैं, जो दिहाड़ीदार व कामगार हैं। लॉकडाउन के कारण वह काम पर नहीं जा रहे हैं। वहीं आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी जरूरत का सामान नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सामाजिक संगठनों व पुलिस कर्मियों के सहयोग से राशन का जरूरी सामान जुटाया है। यह सामान गरीब व स्लम बस्तियों में बांटा है। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित झुग्गी झोपड़ियों में राशन बांटने पहुंचे तो वहां हालात अच्छे नहीं थे। चूंकि उनके पास जरूरत का सामान नहीं था। राशन देखकर वे खुश हो गए। इस दौरान उनके थाने के कर्मचारियों ने पूरा सहयोग किया। प्रभारी ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका व उनके साथियों का प्रयास रहेगा कि लॉकडाउन के दौरान कोई व्यक्ति भूखा न सोये।
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अवैध शराब के साथ युवक किया गिरफ्तार

लॉकडाउन में शराब के ठेके बंद हो गये हैं। ऐसे में लोगों ने तस्करी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बूड़िया पुलिस ने एक व्यक्ति को दस पेटी अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना बूड़िया प्रभारी रवि खूंडिया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव टापू माजरी खदरी में एक व्यक्ति के घर अवैध शराब की खेप पड़ी हुई है। जिस पर उन्होंने गांव में रेड की। गांव में बलिंद्र कुमार के घर छापामारी की गई। यहां से उन्हें करीब दस पेटी शराब की बरामद हुई। इसमें 78 बोतल, 39 अध्धे, 82 पव्वा शामिल थे। हेडकांस्टेबल राजीव कबीर ने बताया कि पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी बलिंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। ... और पढ़ें

मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से 200 से ज्यादा बीमार, अस्पताल में एक बेड पर लिटाने पड़े दो-दो

यमुनानगर। नवरात्र के पहले ही दिन मिलावटी कुट्टू के आटे से बना खाना खाने से टिवनसिटी में दो सौ से ज्यादा लोग बीमार हो गए। बुधवार रात को खाना खाकर सभी सो गए थे। आधी रात को इनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में फूड प्वाइजनिंग के मरीज आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और आनन फानन में पहले से ही अलर्ट डॉक्टरों की टीम इलाज में जुट गई। अस्पताल में भर्ती लोगों में शिक्षामंत्री की सिक्योरिटी में तैनात हरियाणा पुलिसकर्मी प्रवेश व उसकी पत्नी भी शामिल हैं। बाद में उन्हें सुबह इलाज के बाद छुट्टी दे दी। वहीं काफी संख्या में अभी भी लोग सिविल अस्पताल और अन्य प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। इन सबको उल्टी, दस्त व पेट में दर्ज की शिकायत के चलते वीरवार सुबह तीन बजे तक आने का सिलसिला लगा रहा। सभी लोग अलग-अलग कॉलोनियों के रहने वाले हैं। सुबह होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुकानें खुलवाकर तीन सैंपल लिए।
ये हुए भर्ती
पुलिस लाइन निवासी प्रवेश कुमार, उनकी पत्नी बिंदू व बेटे दिवांश, गंगानगर कॉलोनी से कृष्णा, अनिता, राजा वाली गली निवासी ललित, उनकी पत्नी निशा, बेटी प्रियांशी व बेटे रिषि को अस्पताल में दाखिल कराया गया। दर्शन ने बूडिया रोड पर किरयाने की दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था, जबकि राजा वाली गली निवासी ललित ने सिविल लाइन की एक दुकान से आटा खरीदा। इनमें से विजय नगर कालोनी निवासी 20 वर्षीय तेजस को बुधवार को ही हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। बाकी मरीजों की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
-अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अधिकतर को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। किरयाणा की दुकानों से कुट्टू के आटे की सैम्पलिंग भी की गई है। जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. विजय दहिया, सीएमओ
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यमुनानगरः कोरोना के खौफ के बीच 137 लोग हुए बीमार, बेसुध होने पर अस्पताल में भर्ती कराए गए

हरियाणा में फैली कोरोना महामारी के खौफ के बीच यमुनानगर जिले में 137 लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे की रोटी खाने से लोग बीमार हो गए। उन्हें जगाधरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोग शहर की अलग-अलग कॉलोनियों के निवासी हैं।

बुधवार को भी कई लोग भर्ती हुए थे। वीरवार को भी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि लोगों ने नवरात्र के व्रत रखे थे। वे दुकान से कुट्टू का आटा खरीदकर लाए थे, लेकिन उसे खाने के बाद उनकी हालत बिगड़न लगी।

वहीं जब मरीज अस्पताल पहुंचे तो बेड कम पड़ गए। ऐसी स्थिति में दो मरीजों को एक साथ लिटाया गया। मामला फूड प्वॉइजिंग का लग रहा है, फिर भी विभाग मामले की जांच में जुटा है। दुकानदार की तलाश भी की जा रही है।

जगाधारी के सिविल अस्पताल की एमएस डॉ. पूनम दहिया ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने की वजह से हालत बिगड़ी है। इस बारे में फूड सेफ्टी ऑफिसर को बता दिया है। जहां से यह आटा खरीदा गया है। उन दुकानों से सैंपल लिए जाएंगे।
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