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हरियाणा

शुक्रवार, 28 फरवरी 2020

हादसे में दूल्हे के भतीजे की गई जान, सदमे में दुल्हन की मौत, गांव में नहीं चले चूल्हे

उपमंडल के गांव जौली से गुल्लरपुर अपने चाचा रविन की बारात में गए युवक साहिल की गांव मंचूरी के पास कार दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार की रात सदमे से ससुराल में जौली गांव पहुंची दुल्हन निकेश की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने दोनों शवों का गांव जौली में अतिंम संस्कार कर दिया। एक साथ शादी में दो मौत हो जाने से पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव में किसी परिवार का चूल्हा तक नहीं जला। 

जानकारी के अनुसार असंध के गांव जौली खेड़ा से मंगलवार को रविन की बारात निसिंग के गांव गुल्लरपुर गई थी। बारात में जा रहे दूल्हे के परिवार से लगने वाले भतीजे की वर्ना कार नीलगाय आ जाने से संतुलन बिगड़कर पेड़ से टकराकर पलट गई थी। हादसे में दोपहर तीन बजे सहिल की मौत हो गई। जबकि तीन घायल हो गए थे। 

इसके बाद दूल्हे रविन और दुल्हन निकेश के फेरे करवाए गए। शाम को सात बजे दुल्हन अपनी ससुराल गांव जौली खेड़ा पहुंची थी। इसके बाद वैवाहिक रस्म होने के बाद रात नौ बजे दुल्हन अपने कपड़े बदल रही थी। जब वह उसके बाद अपनी सास के पास आई तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी।

आनन-फानन में उसे असंध के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुल्हन का बुधवार सुबह ससुराल जौली में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोपहर बाद मृतक साहिल के शव का भी संस्कार किया गया। गांव में एक साथ दो मौत होने से मातम पसर गया। ग्रामीणों ने बताया कि दूल्हा रविन दुबई में ही एक कंपनी में काम करता है। जबकि उसकी पत्नी निकेश गुडगांव की कंपनी में जॉब करती थी।

मंडप में ही साहिल के मौत की मिली थी जानकारी
नवविवाहिता दो बहनें थी। एक ही मंडप में दोनों का विवाह हुआ। निजी पैलेस में फोटोशूट के दौरान भी नवविवाहिता को चक्कर आये थे। दुल्हन को मंडप में ही साहिल की मौत का पता चल गया था, जिसका गहरा सदमा उसके दिल पर पड़ा।
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रेवाड़ी रोडरेज पर सदन में हंगामा, सीएम की विधायक को नसीहत, गृहमंत्री करवाएंगे जांच

विगत दिवस रेवाड़ी बस स्टैंड के पास रोडरेज के एक मामले को राजनीति रूप देने पर सीएम मनोहर लाल ने सदन में कांग्रेसी विधायक आफताब अहमद को नसीहत दे डाली। सीएम से पहले विधानसभा स्पीकर ने भी आफताब को टोका। फिर भी आफताब जब अपनी बात पर अड़े रहे, तो गृहमंत्री अनिल विज ने सदन में आफताब को आश्वस्त किया कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे और जो भी इस मामले में दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

विधायक आफताब ने सदन में इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि रेवाड़ी बस स्टैंड पर विगत दिवस वक्फ बोर्ड का एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ कार में गुजर रहा था। तभी उसकी कार की टक्कर रोडवेज की एक बस से हो गई। जब उसने बस चालक से इस बारे में ऐतराज जताया तो बस चालक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। आफताब ने कहा कि वक्फ बोर्ड के कर्मचारी को चालक ने भीड़ तंत्र के साथ मिलकर मारा है। इसी तरह देश भी इस वक्त हिंसा का दंश झेल रहा है।

इस पर तुरंत स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने आफताब अहमद को टोकते हुए कहा कि वे इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश क्यों कर रहे हैं, अपनी बात को सीधे ढंग से रखें। उसके बाद सीएम मनोहर लाल ने कहा कि आफताब एक जिम्मेदार विधायक हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यहां कही हुई बात दूर तक जाती है, इसलिए वे घटना को वास्तविकता के साथ बयां करें न कि अपनी भावनाओं के साथ।

हम मानते हैं किसी को भी पीटने की घटना निंदनीय है, मगर ऐसी घटनाओं का वर्णन कैसे करना है, इसका भी ध्यान जरूर रखना चाहिए। ऐसी घटनाओं को राजनीतिक रंग देने की बजाए सौम्य ढंग से भी कहा जा सकता है, हम लोग दोषी के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हट रहे हैं। विधायक आफताब ने कहा कि हम भी चाहते हैं समाज में अमन-चैन रहे। इस पर गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि हम इस मामले की जांच करवाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेंगे।
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कांग्रेस विधायक ने कहा भारत माता की जय बोल दो, असीम गोयल बोले- आप पाकिस्तानी हो क्या

हरियाणा विधानसभा में ‘भारत माता की जय’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों दलों में तनातनी इतनी बढ़ गई कि भाजपा विधायक भारत माता की जय के नारे सदन में लगाने लगे। इसमें कांग्रेसी विधायक भी पीछे नहीं रहे।

उन्होंने भी भारत माता की जय का उदघोष किया। माहौल कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल की टिप्पणी से गरमाया। प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री कंवर पाल होडल भाजपा विधायक जगदीश नायर के सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान जगह के नाम को लेकर उलझन हो गई। 

इससे पहले कि स्थिति स्पष्ट होती, पूर्व शिक्षा मंत्री व कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कह दिया कि भारत माता की जय बोल दो। इस पर भाजपा विधायक बिफर गए। अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल ने कहा कि आप पाकिस्तानी हो क्या। स्पीकर ने कहा कि भारत माता की जय बोलना गुनाह नहीं है। गोयल इससे शांत नहीं हुए और उन्होंने कांग्रेस विधायकों को खूब खरी-खोटी सुनाई। 

उन्होंने कहा कि जो भारत माता की जय का नारा नहीं लगाएगा वो पाकिस्तानी होगा। इसके बाद उन्होंने नारा लगाया, जिसमें कांग्रेस विधायक भी शामिल हुए। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि जब हम शपथ लेते हैं तो भारत माता की ही शपथ खाते हैं, इस तरह की टीका-टिप्पणियों पर समय बर्बाद न करें। विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि भारत माता की तो पहले से ही जय है फिर शोरशराबा क्यों। 

इस पर गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि कांग्रेस विधायक ने तंज कसा था, इस पर उन्हें आपत्ति है। कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि क्या हम पाकिस्तानी हैं। इस पर स्पीकर ने खड़े होकर माहौल शांत कराया। कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास ने तो सबकी बोलती ही बंद करा दी।

उन्होंने कहा कि भारत माता उनकी है, जिन्होंने आजादी के समय इसके लिए शहादतें दी। उसमें हमारा भी योगदान है। आरएसएस ने तो उस समय भी अंग्रेजों का साथ दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता की जय का नारा भी लगाया। 
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सीएम मनोहर लाल बोले- पता है जिस अफसर-कर्मचारी का दांव लग जाए, वो भ्रष्टाचार करता है

विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के बाद जब मुख्यमंत्री अपना जवाब सदन में दे रहे थे, तो उस वक्त भी माहौल हंगामेदार रहा। विपक्ष के विधायक कई बार सीएम का टोकते रहे, जिस वजह से उन्हें बीच में रुकना पड़ा। कई मुद्दों पर विधायकों ने सीएम से बहस भी की। इस पर स्पीकर ने उन विधायकों को फटकारा भी।

सीएम मनोहर लाल ने सदन में अपना जवाब देने से पहले विपक्ष को भी आइना दिखाने का पूरा प्रयास किया। सीएम ने इस दौरान एक कहानी सुनाते हुए विपक्ष पर करारी चोट की। सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों का माहौल बदलने के लिए हमें जनता के बीच कई वर्ष और रहना होगा। मगर विपक्ष सत्ता पाने की ऐसी तड़प लिए बैठा है कि वे विभिन्न मुद्दों पर जनता को गुमराह कर सिर्फ वाहवाही बटोरना चाहता है।

सीएम ने कहा कि मैं हैरान हूं ऐसे मुद्दे जिन्हें सुप्रीम कोर्ट तक खारिज कर चुका है, उन मुद्दों को भी विधायक अपनी सस्ती राजनीति चमकाने के लिए सदन में उठा रहे हैं। ये बात यदि सदन से बाहर कही जाती तो कोई भी ऐसे विधायक को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना केस में लपेटकर कोर्ट में खड़ा करवा देता। सीएम ने कहा कि अब जनता सयानी है और सब जान चुकी है। इसलिए ऐसे नेताओं के फेर में अब आने वाली नहीं है।
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सीएम मनोहर लाल सीएम मनोहर लाल

हरियाणा विधानसभा: गन्ने की मिठास में सियासी 'कड़वाहट', जबरदस्त हंगामा, कृषि मंत्री नहीं दे पाए जवाब

विधानसभा में गुरुवार को गन्ने के रेट न बढ़ाने के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार की जबरदस्त घेराबंदी की। इस पर खूब हंगामा हुआ और पक्ष-विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई। जवाब दे रहे कृषि मंत्री को भी बार-बार टोका गया। जिस वजह से वे भी इस पर जवाब नहीं दे पाए। अंतत: हंगामा करते कांग्रेसी विधायक वेल में स्पीकर के समक्ष पहुंच गए और वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

सीएम ने तुरंत इस मामले को टेकओवर किया और गन्ने के रेट पर बात रखने लगे। मगर कांग्रेसी विधायकों ने सीएम को भी बोलने नहीं दिया। वे बार-बार सीएम को टोकते रहे। वेल में हंगामा कर रहे कांग्रेसियों को स्पीकर ने भी कई बार वापस सीट पर जाकर बैठने की हिदायत दी। लेकिन कांग्रेसी विधायक नहीं माने और इस मामले पर वाकआउट कर गए।

दरअसल, गुरुवार को गन्ने के रेट में बढ़ोतरी न होने संबंधी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विभिन्न विधायकों की ओर से आया हुआ था। इसलिए स्पीकर ने इस पर चर्चा शुरू की। कृषि मंत्री जेपी दलाल जब इस पर जवाब देने लगे तो विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, धर्मपाल छौक्कर, रघुबीर कादियान, जगबीर मलिक, आफताब अहमद, शकुंतला खटक, राव दान सिंह, शमशेर सिंह गोगी, वरूण मुलाना समेत अन्य विधायक उन्हें टोकने लगे। इन कांग्रेसी विधायकों का कहना था कि मंत्री गन्ने के रेट क्यों नहीं बढ़ रहे, इस पर जवाब दें, न कि किसानों की आय कैसे बढ़ानी है, इस पर।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है और इसके लिए सरकार के क्या प्रयास हैं, वे सदन को बता रहे हैं। मगर कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि जवाब को घुमाने की कोशिश न की जाए, जो पूछा गया है, उस पर ही जवाब दिया जाए। कृषि मंत्री को बार-बार विपक्ष द्वारा टोकता देख गृहमंत्री अनिल विज भी खड़े हो गए और कांग्रेसी विधायकों से भिड़ गए।

 बहस और हंगामे का दौर जब बढ़ता गया तो सीएम ने मोर्चा संभालते हुए इसका जवाब देना शुरू किया। लेकिन विपक्ष सीएम के जवाब से भी संतुष्ट नहीं हुआ और सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप जड़ते हुए सदन से वाकआउट कर गया। हुड्डा ने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में चर्चा गन्ने केरेट पर हो रही है और सरकार के मंत्री किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहते हुए इस मामले को घूमाते हुए सदन को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए कांग्रेसी विधायकों ने वाकआउट किया है।
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दिल्ली हिंसा पर हरियाणा के मंत्री रणजीत चौटाला बोले- दंगे तो होते रहते हैं, जिंदगी का हिस्सा हैं

हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने एक और विवादित बयान दिया है। दिल्ली हिंसा पर उनका बयान हैरान करने वाला है। रणजीत सिंह ने विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दंगे होते रहते हैं, यह जीवन का हिस्सा हैं। इंदिरा गांधी की हत्या के समय में भी दिल्ली में दंगे हुए थे। 

सरकार इस मामले को मुस्तैदी से नियंत्रित कर रही है। ये दिल्ली का मामला है। न्यायालय में भी यह विचाराधीन है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। दिल्ली दंगों की सुनवाई कर रहे जज के ट्रांसफर पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। याद रहे कि रणजीत सिंह इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।



बाद में बयान से पलटे मंत्री
बिजली व जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि जब वो विधानसभा जा रहे थे तो मीडिया ने उनसे दिल्ली घटना पर टिप्पणी मांगी तो उन्होंने कहा था कि यह घटना अचानक घटी है और इस तरह की घटना नहीं घटनी चाहिए। दिल्ली में पहले भी इस तरह की हिंसा हो चुकी है। इसने दिल्ली के जख्म फिर से हरे कर दिए हैं। 

रणजीत चौटाला के अनुसार लोकतंत्र में बात रखने का अधिकार सभी को है लेकिन इस तरह की हिंसा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को शांति बहाल करनी चाहिए, ताकि सामाजिक भाईचारा खराब न हो। इस मामले में राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। बता दें कि रणजीत चौटाला रानियां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं। 

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को समर्थन की घोषणा करने वाले वह पहले निर्दलीय विधायक थे। इसका इनाम उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने दिया। वह इनेलो प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई हैं। रणजीत चौटाला पहले कांग्रेस में थे लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते हैं। हुड्डा के शासनकाल में वह हरियाणा राज्य योजना आयोग के चेयरमैन भी रहे।

एसवाईएल पर अमरिंदर-हुड्डा में मिलीभगत: विज
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने एसवाईएल के मुद्दे पर कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आपस में मिले हुए हैं। पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल ने किताब लिखी है जिसमें उन्होंने बताया है, पंजाब सरकार हरियाणा को पानी कैसे नहीं दे सकती है। उस किताब का विमोचन हुड्डा ने ही किया था। इससे साफ साबित होता है ये दोनों मिले हुए हैं। विज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, हरियाणा में हो या पंजाब में, लोगों के साथ छल कर रही है।
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शराबी पिता था शादी की राह में रोड़ा, यूटयूब से सीखा मारने का तरीका, करंट लगा बेटे ने मार डाला

गांव जांडलीखुर्द में 14 फरवरी को किसान प्रेम पूनियां की हत्या के मामले में सीआईए फतेहाबाद की टीम ने बड़ा खुलासा किया है। प्रेम पूनियां की हत्या उसके अपने बेटे संदीप पूनियां ने की है। हत्या के पीछे का कारण भी चौंकाने वाला है। हत्यारे बेटे संदीप पूनियां ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसका पिता शराब का आदी था और इस आदत के चलते उसकी शादी नहीं हो पा रही थी।

इसके अलावा वो घर में सबसे पावरफुल बनना चाहता था, इसलिए उसे यूटयूब से मर्डर के कई प्लान देखे और उनसे सीखकर उसने अपने ही पिता को करंट देकर व करंट वाली तार गोदकर मार डाला । 

एक माह से बाप को मारने का ढूंढ रहा था यूट्यूब पर प्लान
सीआईए पुलिस की पूछताछ में युवक ने खुलासा किया है कि उसका पिता शराबी था। इस वजह से वह शादी न होने में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था। क्योंकि उसके रिश्ते के लिए उनके घर में कोई भी आता था तो वह उसके बाप के शराबी होने के कारण इंकार कर देता था। पिछले एक महीने से 21 वर्षीय संदीप कुमार ने यूट्यूब चैनल पर हत्या से संबंधित कई प्लान देखे। जिसके कारण संदीप ने अपने बाप को नशे के इंजेक्शन तथा कई गोलियां भी खिलाई थी। 

मगर प्रेम पूनिया को इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन 14 फरवरी की रात्रि को पड़ोस की मनीराम की ढाणी में विवाह समारोह की तैयारियां चल रही थी। जिसका संदीप कुमार ने फायदा उठाकर अपने बाप की हत्या करने की योजना तैयार कर डाली। क्योंकि परिवार के सभी सदस्य विवाह समारोह में शामिल होने चले गए थे।
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विधायक बलराज कुंडू ने समर्थन वापसी का किया एलान, सीएम मनोहर लाल बोले- उनसे बात करेंगे

मृतक प्रेम पूनियां का फाइल फोटो।
सहकारी शुगर मिलों में अनियमितताओं के मामले में घिरे पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में क्लीन चिट दे दी है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि इस संदर्भ में कोई भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है। इसलिए दबाव में कोई जांच नहीं करवाई जाएगी। यदि आरोप लगाने वालों को मेरी बात पर भरोसा नहीं है, तो वे कोर्ट जाएं या अन्य विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन मैं ठीक को ठीक और गलत को गलत कहूंगा।

सीएम के इस जवाब पर आरोप लगाने वाले महम से आजाद विधायक बलराज कुंडू पहले तो सदन में ही सीएम से बार-बार बहस करते रहे। मगर जब सीएम ने साफ शब्दों में कह दिया कि वे मनीष ग्रोवर को क्लीन चिट देते हैं तो बलराज कुंडू ने सदन से बाहर आकर सरकार से अपने समर्थन वापसी का एलान कर दिया।

बलराज कुंडू ने कहा कि वे तो भ्रष्टाचार के छींटों से सीएम का दामन बचाना चाहते थे। वे नहीं चाहते कि ईमानदार मुख्यमंत्री की छवि पर भ्रष्टाचार के किसी मामले में अंगुली उठे। मगर शुगर मिल घोटाले में सीएम ने सदन में जो जवाब दिया है। वे उससे बहुत आहत है। मैंने इसी माह सीएम से उनके आवास पर मिलकर सुबूतों के साथ सारे घोटाले का 55 पेजों का पुलिंदा सौंपा था और उनसे ईमानदार अफसरों की एसआईटी गठित कर जांच करवाने की मांग की थी।
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पूर्व मंत्री ग्रोवर ने विधायक बलराज कुंडू के खिलाफ दायर किया मानहानि का केस, 20 मार्च को सुनवाई

पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व महम से विधायक बलराज कुंडू के बीच खींचतान अब सड़क से अदालत पहुंच गई है। ग्रोवर ने लीगल नोटिस का जवाब न मिलने पर बुधवार को सीजेएम आशीष शर्मा की अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया। इसमें आईपीसी की धारा 499 व 500 के तहत महम के विधायक बलराज कुंडू के खिलाफ आरोप लगाए हैं।

मामले की सुनवाई 20 मार्च को होनी है। उधर, विधायक कुंडू का कहना है कि मैं अदालत का सम्मान करता हूं। कानूनी तरीके से कोर्ट में पूर्व मंत्री की याचिका का जवाब दिया जाएगा। याद रहे कि 3 जनवरी को महम के विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री ग्रोवर के खिलाफ मोर्चा खोला था। कुंडू ने मीडिया के सामने सार्वजनिक तौर पर न केवल पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, बल्कि फरवरी 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन में भी नाम लिया था।

इसके जवाब में ग्रोवर के वकील राकेश कुमार सपड़ा ने 24 जनवरी को विधायक कुंडू को लीगल नोटिस दिया था, जिसका 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा था। आरोप लगाया था कि मनीष ग्रोवर न केवल 2014 से सरकार में सहकारिता मंत्री रहे, बल्कि शहरी निकाय विभाग में स्वतंत्र राज्य मंत्री का कार्यभार भी था।

वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। अब 26 फरवरी को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की तरफ से सीजेएम आशीष शर्मा की अदालत में आईपीसी की धारा 499 व 500 के तहत मानहानि की याचिका दायर की। अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है, 20 मार्च को सुनवाई होगी।
मैं अदालत का सम्मान करता हूं। कानूनी तरीके से कोर्ट में पूर्व मंत्री की याचिका का जवाब दिया जाएगा। अगर ग्रोवर खुद को निर्दोष मानते हैं तो सार्वजनिक मंच पर आकर बहस कर जवाब दें। साथ ही एसआईटी की जांच का सामना करें। - बलराज कुंडू, विधायक महम
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दिल्ली हिंसा पर हरियाणा के मंत्री रणजीत चौटाला के विवादित बोल, कहा- दंगे तो होते रहते हैं

बैंक में सुरक्षाकर्मी की बंदूक से अचानक चली गोली, छर्रे लगने से ब्रांच मैनेजर और क्लर्क घायल

गांव धमतान साहिब स्थित को-ऑपरेटिव बैंक से जींद शहर थाना के पास स्थित को-ऑपरेटिव बैंक से कैश लेने गए सुरक्षाकर्मी की बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली कंप्यूटर स्क्रीन को चीरती हुई निकल गई। गोली के छर्रे बैंक मैनेजर अनीता देवी और उनके पास बैठी क्लर्क इंदु को लगे, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं।
 
गोली चलते ही बैंक में अफरातफरी मच गई और लोग बाहर भागने लगे। घायल बैंक मैनेजर और क्लर्क को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां से चिकित्सकों ने दोनों की गंभीर हालत देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया है। सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। घायलों ने इत्फाकिया गोली चलने के बयान दर्ज करवाए हैं।

गुरुवार दोपहर 11 बजकर 40 मिनट पर धमतान साहिब के को-आपरेटिव बैंक का सुरक्षाकर्मी चतर सिंह अपने बैंक के अधिकारियों के साथ शहर थाना के पास स्थित बैंक की शाखा से 15 लाख रुपये लेने के गया था। चतर सिंह वहां बैंक मैनेजर के पास खड़ा था। नकदी लेने के बाद चतर सिंह ने अपनी बंदूक को लोड करके जैसे ही उसे बंद किया तो अचानक गोली चल गई।
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हरियाणाः इन्द्री से पेहोवा जा रही बस पलटी, एक महिला की मौत, 40 सवारियां गंभीर घायल

हरियाणा में इन्द्री से पेहोवा जा रही बस वीरवार सुबह पलट गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, वहीं 40 सवारियां गंभीर घायल हैं। हादसा पिहोवा जाते समय ज्योतिसर के निकट पलटी। हादसे की वजह ड्राईवर की लापरवाही बताई जा रही है।

बस में सवार यात्रियों के मुताबिक, ड्राईवर ओवर स्पीड होने के बावजूद मोबाइल फोन पर बातें कर रहा था। उसे कई बार टोका भी गया, लेकिन वह नहीं माना। बस अनियंत्रित हुई, जिसे वह संभाल नहीं सका और वह डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गई।

गनीमत रही कि उस समय कोई दूसरा वाहन नहीं आ रहा था, वरना बड़ा हादसा होता। राहगीरों और ग्रामीणों ने घायलों को बस से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हादसे में एक पुलिसकर्मी व होमगार्ड जवान समेत करीब 40 सवारियां घायल हैं।

बताया गया है कि कुरुक्षेत्र-पिहोवा रोड पर पिछले तीन वर्षो से करीब एक किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा टूटा हुआ है। इसी जगह पर हादसा हुआ है।
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हरियाणा विधानसभाः सरकार को जनता के सस्ते आटा और तेल की चिंता, 1509 करोड़ और जारी

हरियाणा में राशन डिपो के माध्यम से लोगों को सस्ता अनाज वितरित करने संबंधी योजनाओं को इसी वित्त वर्ष में 1509 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त राशि मिलेगी। इसके साथ ही सिंचाई विभाग की वे परियोजनाएं जो भूमि अधिग्रहण मुआवजे की वजह से लटकी हुई थी, उनकी भी वित्तीय अड़चनें अतिरिक्त बजट से दूर हो जाएंगी। इनमें 12 और विभाग है, जिनके राजस्व और पूंजीगत परिव्यय में कुल 1629.52 करोड़ का इजाफा किया गया है।

इस वृद्धि के साथ अब वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार का सभी विभागों का कुल वास्तविक बजट एस्टीमेट 141550.60 करोड़ हो गया है, जो पहले 132165.99 करोड़ था। सरकार ने अपने पहले सप्लीमेंटरी बजट एस्टीमेट में विभिन्न विभागों के लिए 7755.09 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया था। अब दूसरे सप्लीमेंटरी एस्टीमेट में 12 विभागों के लिए 1629.52 करोड़ रुपये बढ़ा दिए गए हैं।

बुधवार को सरकार ने अपना दूसरा सप्लीमेंटरी बजट एस्टीमेट विधानसभा सदन पटल पर रखा। मुख्यमंत्री ने इसे सदन में पास करवाने का प्रस्ताव किया। इस पर स्पीकर ने सदन में सभी सदस्यों की मौखिक मंजूरी मांगी। विधायकों ने इस दूसरे सप्लीमेंटरी बजट एस्टीमेट को निर्विरोध पारित कर दिया। बहरहाल, इस सप्लीमेंटरी एस्टीमेट में भी सरकार ने गरीब लोगों के राशन का खास ध्यान रखा है।
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