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हरियाणा

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

दिल्ली में दम तोड़ने वाले एसआई का बेटा भी मिला कोरोना पॉजिटिव, एक गांव व दो कालोनी सील

दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कोरोना संक्रमित एसआई की मौत के बाद उसका बेटा भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। एसआई के कोरोना संक्रमित होने का पता चलने के बाद परिवार के सभी सदस्यों को क्वारंटीन करने के साथ ही जांच को सैंपल भेजे गए थे। जिनमें अस्पताल में एसआई की देखभाल के लिए वहां रहने वाला बेटा कोरोना पॉजीटिव मिला है।
 
उसके परिवार को पहले ही क्वारंटीन किया गया था। साथ ही बख्तावरपुर के कोरोना संक्रमित जमाती के संपर्क में आए 18 परिजनों व लोगों के अलावा एमपीएचडब्ल्यू के दो परिजनों को क्वारंटीन किया गया है। इनके अलावा एसआई व एमपीएचडब्ल्यू की कालोनी व जमाती के गांव को सील कर दिया गया है।

सोनीपत के एसआई को ब्रेन स्ट्रोक के कारण 13 मार्च को दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसी दौरान यहां कोरोना के रोगी आने से एसआई को संक्रमण हो गया और उनकी 4 अप्रैल को मौत हो गई थी। परिजनों ने एसआई का शव घर लाकर पूरी रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार भी किया था।
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आईपीएस अधिकारी केके मिश्रा ने मजदूरों को बांटा राशन, बोले- किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देंगे

हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केके मिश्रा ने मंगलवार को पंचकूला में कॉर्पोरेशन की विभिन्न इमारतों के निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को राशन सामग्री मुहैया करवाई। मिश्रा ने पुलिस की डायल 100, निफ्ट और बिजली निगम की बिल्डिंग के निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को सूखा राशन दिया।

राशन बांटते समय पूरी तरह से सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और मजदूरों को चार-चार फीट की दूरी पर खड़ा करके राशन दिया गया। इस मौके पर एमडी केके मिश्रा ने कहा कि कारपोरेशन के वेलफेयर फंड से मजदूरों को निशुल्क राशन दिया गया है और कहा कि कोरोना की इस महामारी में कारपोरेशन पूरी तरह से मजदूरों के साथ है और उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

मिश्रा ने कहा कि इन बिल्डिंगों के काम में लंबे समय से मजदूर काम कर रहे हैं और अब यदि करोना की वजह से इनका काम बंद है तो इन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं महसूस करनी चाहिए। इस मौके पर चीफ इंजीनियर संजय महाजन सहित कई अफसर मौजूद थे।
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हरियाणा में मोहम्मद साद के छिपे होने की आशंका, तलाश के लिए पुलिस टीम का गठन: गृह मंत्री विज

दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित धार्मिक जलसे के बाद गायब हुए जमात के मुखिया मोहम्मद साद के हरियाणा में छुपे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिस तरह से भारी तादाद में जमात के लोग हरियाणा में आए हैं, उसके बाद यह आशंका प्रबल हो गई है कि मोहम्मद साद हरियाणा में भी छुपा हो सकता है। जिसकी तलाश में हरियाणा पुलिस की एक टीम गठित कर दी गई है। गृह मंत्री अनिल विज ने इस बात की पुष्टि की है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है कि मोहम्मद साद यदि यहां पर होगा तो अवश्य पकड़ लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मोहम्मद साद हरियाणा में है तो आत्मसमर्पण करे अन्यथा उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में इस समय हालात ऐसे हैं कि गांव वाले किसी बाहर के व्यक्ति को घुसने नहीं दे रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में ठीकरी पहरे का आयोजन भी किया जा रहा है। 

इसके अलावा सरकार एडवोकेट जनरल से भी यह राय लेगी कि आठ अप्रैल की शाम तक यदि कोई जमाती सामने नहीं आता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। मालूम हो कि आठ अप्रैल का अल्टीमेटम उन जमातियों को दिया गया है जो अभी तक सामने नहीं आए हैं। अभी तक सरकार ने अपने स्तर पर 1526 जमातियों का पता लगाया है।

इसमें से जो पॉजिटिव पाए गए हैं उनका इलाज किया जा रहा है। चूंकि हरियाणा में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। साथ ही हरियाणा दिल्ली के साथ लगता प्रदेश है। इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मोहम्मद साद कहीं यहां पर छिपा न बैठा हो। 
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पांचवीं मौत हुई, मिला सबसे कम उम्र का संक्रमित, पीड़ितों की संख्या पहुंची 147

हरियाणा में कोरोना महामारी से पांचवीं मौत हो गई है। वहीं ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 143 है। गुरुग्राम में फाजिलपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना संक्रमित था। बुधवार को अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार देर रात ही गंभीर हालत में बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

सोनीपत में भी मंगलवार को एक नया केस मिला। स्वास्थ्य विभाग सोनीपत के कोरोना नोडल अधिकारी दिनेश छिल्लर ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिले के सैनीपुरा इलाके में रहने वाले युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह ईदगाह के मदरसे में धार्मिक शिक्षा ले रहा था। वह महाराष्ट्र के जमातियों के संपर्क में आया था। लेकिन युवक की ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में पता लगाया जा रहा है।

कैथल में भी मंगलवार को एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीज नौ साल का बच्चा है और वह पहले पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आया था। पहले संक्रमित मरीज की रिपोर्ट आने के बाद मदरसे के 25 विद्यार्थियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से एक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश रवीश में मामले की पुष्टि की।

इस वक्त प्रदेश में कुल 143 कोरोना संक्रमित मरीजों में अंबाला के 3, भिवानी के 2, चरखी दादरी के 1, फरीदाबाद के 28, गुरूग्राम के 20, हिसार का 1, करनाल के 5, कैथल के 2, पलवल के 28, नूंह के 38, पानीपत के 4, पंचकूला के 2, फतेहाबाद का 1, जींद का 1, रोहतक का 1, सिरसा के 3 व सोनीपत के 3 मामले शामिल हैं।
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कोरोना वायरस कोरोना वायरस

कोरोना वायरस: हरियाणा सरकार हुई सख्त, छिपे जमातियों पर दर्ज होगा हत्या के प्रयास का केस

हरियाणा में जो जमाती छुपे हुए हैं, उनमें से यदि कोई कोरोना संक्रमित निकला तो उसके खिलाफ धारा 307 के तहत (हत्या का प्रयास) मामला दर्ज किया जाएगा। सरकार ने ऐसे लोगों को डीसी के सामने पेश होने के लिए आज आठ अप्रैल तक का समय दिया था। गृह मंत्री अनिल विज के अल्टीमेटम के बाद पिछले 72 घंटे में 19 और ऐसे जमाती सामने आए हैं। जिसमें से 11 नूंह में और बाकी आठ अन्य जिलों के हैं। 

दो दिन पहले जब सरकार ने 8 अप्रैल की शाम 5 बजे तक का समय दिया था तब इनकी संख्या 1526 थी जो अब 1570 के ऊपर पहुंच चुकी है। उधर, जिस तरह से गुरुग्राम और फरीदाबाद में कोरोना पॉजिटिव मामले आ रहे हैं। उससे इन जिलों को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। चूंकि पलवल और नूंह में भी तब्लीगी जमात के लोगों में कोरोना के ज्यादा संक्रमण सामने आए हैं। लिहाजा भविष्य में इन दोनों जिलों को भी हॉटस्पॉट घोषित किया जा सकता है।

मेवात में घर-घर जाकर होगा टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि मेवात क्षेत्र में अब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों की चेकिंग करेगी। जिन व्यक्तियों में किसी भी तरह का संक्रमण पाया जाता है, उनके तत्काल प्रभाव से सैंपल लिए जाएंगे। विज ने बताया कि मेवात क्षेत्र में घर के हर सदस्यों की टेस्टिंग करना इसलिए जरूरी हो गया था, कि करोना का संक्रमण आम लोगों तक न पहुंच सके। उन्होंने बताया कि कोरोना का जड़ से खात्मा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से जुट गया है।

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का स्टाक पूरा
अनिल विज ने बताया कि कोरोना को लेकर अस्पतालों में दवा का स्टाक पूरा है। जिसमे हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 10 लाख टेबलेट हैं। डॉक्टर की बिना सलाह के इन दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए घातक भी हो सकती हैं। विज ने कहा कि कोरोना की बीमारी में क्लोरोक्वीन दवा दी जा रही है लेकिन बिना डॉक्टर से पूछे एहतियात के तौर पर इसे नहीं खाना चाहिए।
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Coronavirus in Haryana: कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बने नूंह-पलवल और फरीदाबाद, तीनों दिल्ली से सटे

हरियाणा में कोरोना का केंद्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे तीन जिले बने हुए हैं। तीनों जिलों नूंह, पलवल व फरीदाबाद में तेजी से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ा है। गुरुग्राम में भी अब तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। मरकज से लौटे तब्लीगी जमातियों के कारण प्रदेश के तीन जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी है।

मंगलवार को अकेले नूंह में 23 नए मामले सामने आए। फरीदाबाद में 6 व गुरुग्राम में 2 नए संक्रमित मिले हैं। सरकारी रिकॉर्ड अनुसार पलवल में मंगलवार को कोई नया केस सामने नहीं आया। जमातियों में ज्यादा केस सामने आने पर सरकार की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, चूंकि इससे समुदाय में कोरोना के फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, सरकार ने भीलवाड़ा मॉडल अपनाते हुए सभी ताजा संक्रमित मरीजों वाले गांवों को सील कर दिया है। न तो कोई अंदर जा सकता है, न बाहर आ सकता है।

संदिग्ध लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। जिनकी जांच की जरूरत है, उनकी जांच कराई जा रही है। गांवों को क्वारंटीन किया गया है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। हथीन ब्लॉक के पांच गांव हुचपुरी कलां, मठेपुर, दुरैंची, छांपसा व महलूका गांव पहले से सील चल रहे हैं। इन गांवों के सरपंचों को डीसी 2 अप्रैल को जमातियों के आने की सूचना छिपाने पर सस्पेंड कर चुके हैं।

बंद व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें ग्रामीण
स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक सूरजभान कंबोज ने कहा कि लोग बंद के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। नूंह, फरीदाबाद व पलवल में सामने आए नए मामलों में ज्यादातर मकरज से लौटे तब्लीगी हैं। इनसे आगे संक्रमण न फैले इसलिए जिन गांवों या क्षेत्र में ये संक्रमित मिले हैं, उन्हें सील कर दिया गया है। संदिग्धों की स्वास्थ्य जांच जारी है। लोगों की आवाजाही इन क्षेत्रों में पूरी तरह बंद है।

इतने संक्रमित हो चुके डिस्चार्ज
फरीदाबाद में कोरोना के 2, गुरुग्राम में 9 व पलवल में एक मरीज ठीक होकर घर पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया है। ये अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। कोई भी दिक्कत होने पर सीधे अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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कोरोनाः संकट की घड़ी में भी मुनाफा-जमाखोरी से नहीं चूक रहे दुकानदार, वसूल रहे हैं ज्यादा दाम

कोरोना महामारी के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में जमाखोरी और मुनाफाखोरी को लेकर सरकार बहुत ज्यादा सख्त है। इतना ही नहीं सरकार ने वस्तुओं के ज्यादा दाम वसूलने वाले दुकानदारों को भी चेतावनी दे रखी है। इसके बावजूद कई दुकानदार ऐसे हैं, जो संकट की इस घड़ी में भी लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाने से चूक नहीं रहे हैं।

कई दुकानदार मुनाफाखोरी, जमाखोरी और ओवर प्राइसिंग जैसी करतूत कर रहे हैं। सरकार भी इन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। नागरिक आपूर्ति, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग ऐसे केसों को लेकर बहुत गंभीर है। विभाग के तहत हर जिले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों की देखरेख में टीमें भी छापामारी कर रही हैं।

दुकानदारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उनके चालान भी हो रहे हैं। बहुत से दुकानदारों को चेतावनी भी जारी की गई है। वे नहीं माने तो अगली बार उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। लॉकडाउन के दौरान हालांकि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।

दुकानदारों को भी लॉकडाउन की शुरुआत में ही यह चेतावनी दे दी गई थी कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवर प्राइसिंग कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उसके बावजूद कई दुकानदारों ने अपना खेल जारी रखा।
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लॉकडाउन: हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर वालों को भी मिलेगा सस्ता राशन, डिपो को स्टॉक जारी

सांकेतिक तस्वीर
कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के परिवारों को भी अब सस्ता राशन मिलेगा। सरकार बाजार दरों की तुलना में कम दरों पर सरकारी डिपो से राशन उपलब्ध कराएगी। इन कार्डधारकों को गेहूं 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम, चीनी 39 रुपये प्रति किलोग्राम व सरसों का तेल 105 रुपये में एक बोतल मिलेगी।

इसके लिए डिपो में अतिरिक्त राशन पहुंचा दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का तीन महीने का राशन पहले ही डिपो में पहुंच चुका है। सभी गुलाबी, पीला और खाकी कार्डधारकों को दोगुना राशन निशुल्क दिया जाएगा। इस राशन में चीनी और सरसों का तेल भी शामिल है। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद उन्होंने, राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्री, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भी कोरोना से निपटने व अर्थव्यवस्था में अपेक्षित मंदी के मद्देनजर वित्तीय सहायता दी है। सबने अपने ऐच्छिक कोटे से समेकित निधि में 51 करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया है।

विधायकों का इस माह का वेतन भी कोरोना रिलीफ फंड में जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार जैसा निर्णय लेगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
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लॉकडाउनः हरियाणा के पानीपत में भुखमरी का शिकार 4000 बाहरी मजदूर, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

हरियाणा के पानीपत में मौजूद बाहरी मजदूरों को राशन व आर्थिक मदद के लिए मजदूर संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफर ट्रेड यूनियन (इफ्टू) ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया है कि पानीपत में हजारों मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। सरकार उन्हें राशन व आर्थिक मदद नहीं दे रही है।

प्रांतीय संयोजक पीपी कपूर ने आरोप लगाया है कि सरकार मजदूरों को अहमियत नहीं दे रही है। जेल के कैदी को भी भरपेट भोजन मिलता है, लेकिन इन बाहरी मजदूरों को भोजन के नाम रोजाना अपमानित किया जा रहा है। कपूर ने बताया कि भुखमरी के शिकार 4000 से ज्यादा मजदूरों की सूची डीसी पानीपत व अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) धनपत सिंह को दे चुके हैं।

बावजूद इसके इन मजदूरों को न तो राशन, भोजन दिया जा रहा है और ना ही कोई आर्थिक सहायता दी जा रही है। पश्चिमी बंगाल, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के दो लाख से ज्यादा मजदूर प्राइवेट लेबर क्वार्टरों, बस्तियों में किराये पर रहकर फैक्ट्रियों में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इनके पास ना तो स्थानीय राशन कार्ड है, न वोटर कार्ड व आधार कार्ड हैं।

इसलिए स्थानीय राजनीतिक दल, प्रशासन व सरकार श्रमिकों की ओर आंखें मूंदे हुए हैं। अधिकांश मजदूर बस्तियों तक जिला प्रशासन का भोजन नहीं पहुंच रहा। मजदूर संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पानीपत के सभी मजदूरों को तुरंत राशन व आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश हरियाणा सरकार को दिए जाएं।
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गुरुग्राम: जमातियों में संक्रमण मिलने के बाद एक्शन में आई पुलिस, पूरे गांव को सील कर रखी जा रही नजर

गुरुग्राम के सोहना कस्बे के रायपुर गांव से कोरोना संक्रमित दस जमातियों के मिलने के बाद पुलिस ने पूरे गांव को सील कर दिया है। पुलिस द्वारा पूरे गांव में सघन जांच की जा रही है। वहीं संक्रमित लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए थे, इसकी जांच भी की जा रही है। 

प्रशासन की मदद के लिए आशा वर्कर भी घरों में लोगों का डाटा जुटा रही हैं। थाना प्रभारी सतेंद्र के मुताबिक, बुधवार दोपहर गांव से पकड़े गए युवकों के जमात में शामिल होने और कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पूरे गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। 

पुलिस के आला अधिकारियों ने गांव के सरपंच और पूर्व सरपंच समेत अन्य लोगों के साथ बैठक की। आला अधिकारियों के आदेश पर फिलहाल पूरे गांव को लॉक डाउन कर दिया गया है। अब किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो सकता है। 

गांव के अंदर दुकानें भी बंद करवा दी गई हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है की वो घरों में रहें। यह भी पता लगाया जा रहा है की संक्रमित लोग कब से गांव में आए हुए थे और अब तक कितने लोगों के संपर्क में आए हैं। पुलिस उनके मोबाइल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

मालूम हो कि रायपुर कस्बे से पकड़े गए 16 जमातियों में से 10 में आज कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। ये सभी लोग हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से आए हैं, जो निजामुद्दीन मरकज से होते हुए सोहना के रायपुर गांव पहुंचे थे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक गांव की एक जिम में करीब चार दिन पहले 16 जमातियों के ठहरे होने की सूचना मिली थी। 

इसके बाद पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 16 जमातियों को पकड़कर सेक्टर-31 पॉलीक्लीनक लाया गया था। उनमें से 10 की रिपोर्ट पॉजिटिव है, जबकि अभी 6 मरीजों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
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कोरोना संक्रमित का शव परिवार को सौंपा, दिल्ली सरकार की चूक से भड़का हरियाणा, जताया विरोध

कोरोना संकट में दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने तौर तरीकों को लेकर लगातार भाजपा के निशाने पर है। इस बार मामला हरियाणा से जुड़ा है। कोरोना पॉजिटिव सब इंस्पेक्टर के शव को बिना बताए उसके परिजनों को सौंप दिया गया। कोरोना महामारी से जूझ रही हरियाणा सरकार दिल्ली सरकार की इस हरकत  से आगबबूला है। मुख्य सचिव ने इस बाबत दिल्ली के मुख्य सचिव से बात करके उन्हें विरोध जताया है। वहीं मामले में दिल्ली के एक अस्पताल और मृतक के परिवार वालों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

गृह मंत्री अनिल विज ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सोनीपत निवासी सब इंस्पेक्टर पिछले दिनों दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ था। मरीज को ब्रेन स्ट्रोक होने की आशंका थी, जिसके चलते उसे अस्पताल में लाया गया था। जिस वार्ड में यह मरीज था, उसी के पास एक कोरोना पॉजिटिव केस भी दाखिल किया गया। जिसके चलते उक्त सब इंस्पेक्टर को भी कोरोना संक्रमण हो गया और उसकी मौत हो गई।

दिल्ली प्रशासन ने बिना हरियाणा सरकार को इस बात की जानकारी दिए शव उसके परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार में पुलिसकर्मियों को सलामी देने के लिए भी बुलाया गया। गांव के अन्य लोग भी अंत्येष्टि में शामिल हुए। जबकि संकट के इस दौर में सरकार अधिक लोगों को किसी की भी अंत्येष्टि में शामिल होने की इजाजत नहीं दे रही है। ऐसे में अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि मौके पर मौजूद लोगों को भी संक्रमण होने की संभावना है।

फिलहाल अंत्येष्टि में शामिल हुए लोगों की जांच की जा रही है। वहीं हरियाणा सरकार को जब इस बात की जानकारी मिली तो राज्य की मुख्य सचिव केशनी आनंद ने दिल्ली के मुख्य सचिव से इस बात का विरोध जताया और भविष्य में ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के लिए कहा। चूंकि दोनों राज्य एक दूसरे की सीमा से जुड़े हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कतई लापरवाही नहीं बरती जा सकती।

पिछले दिनों राजस्थान का एक संक्रमित व्यक्ति अंबाला छावनी आया था। जैसे ही राजस्थान सरकार को पता चला, उन्होंने हमें सूचना दी और हमने उस व्यक्ति को क्वारंटीन किया। दिल्ली सरकार को भी ऐसा करना चाहिए था, लेकिन हुआ नहीं। दिल्ली सरकार की इस चूक पर हमने विरोध जताया है।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा
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गुरुग्राम: सोहना में 10 जमातियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, हिमाचल प्रदेश से आए थे निजामुद्दीन 

गुरुग्राम के सोहना के गांव रायपुर से पकड़े गए 16 जमातियों में से 10 में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। ये सभी लोग हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से आए हैं, जो निजामुद्दीन मरकज से होते हुए सोहना के रायपुर गांव पहुंचे थे। इसी के साथ जिले में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। वहीं अभी 6 मरीजों की रिपोर्ट आनी बाकी है। 

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सोहना के गांव रायपुर की एक जिम में करीब चार दिन पहले 16 जमातियों के ठहरे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 16 जमातियों को पकड़कर सेक्टर-31 पॉलीक्लीनक लाया गया। 

जहां सैंपल लेने के बाद सभी को क्वारंटीन कर दिया गया था। बुधवार को 10 जमातियों की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें कोरोना वायरस की पुष्टि हुई, जबकि 6 जमातियों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। माना जा रहा है कि एक-दूसरे के संपर्क में रहने के कारण बाकी के 6 जमातियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव हो सकती है। वहीं, कोरोना पीड़ित सभी जमातियों को अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया है। 

प्रशासन जुटा रहा संबंधियों की जानकारी
इससे पहले सोहना से कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया था। ऐसे में प्रशासन भी सोहना को सेफ जोन में मान रहा था। अब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पीड़ितों के सामने आने के बाद प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। 

पुलिस-प्रशासन की तरफ से अब इनके संपर्क में रहे सभी लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जमाती कब और कितनी संख्या में आए, इसकी उन्हें कोई भनक भी नहीं लगी। 
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लॉकडाउनः हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला, अलर्ट हुई पुलिस, दर्ज किए 12 केस

हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला करने के मामले सामने आए हैं। इसे लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। इस संदर्भ में 12 मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं जिसके अंतर्गत 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज जादव ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अफवाहें फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के किसी भी प्रयास के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएं। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं।

सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को लिखित निर्देश जारी करते हुए डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करते हुए कानून व्यवस्था के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करें। पूजा स्थलों या किसी विशेष समुदाय के सदस्यों पर हमलों की कुछ कथित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

इस तरह की घटनाओं से न केवल अफवाह फैलने बल्कि गलत सूचना से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने व सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावित क्षमता होती है। साथ ही, इस तरह के प्रयास कोविड-19 के खिलाफ जारी राष्ट्रीय जंग से प्रशासन का ध्यान भी दूर करते हैं।

डीजीपी ने बताया कि कोविड-19 के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने अब तक 56 मामले दर्ज करके सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाने के आरोप में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इसके अतिरिक्त, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं के संबंध में 12 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें अब तक 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घर पर रहकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी सोशल मीडिया पर फर्जी समाचार न अपमानजनक बयान फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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