विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन माह में कराएं बाबा बैद्यनाथ का रुद्राभिषेक , होगी मनवांछित फल की प्राप्ति
SAWAN Special

सावन माह में कराएं बाबा बैद्यनाथ का रुद्राभिषेक , होगी मनवांछित फल की प्राप्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

हरियाणा में परीक्षा के बिना विद्यार्थियों को पास करने को गाइडलाइन जारी, ऐसे मिलेंगे नंबर

कोरोना संक्रमण के कारण यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में परीक्षा कराए बिना परिणाम घोषित करने के लिए उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसमें साफ कर दिया गया है कि अगर किसी यूनिवर्सिटी व कॉलेज ने आंतरिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक दिए तो उसके पिछले रिकार्ड को देखने के साथ ही जांच कराई जा सकती है।

इस परीक्षा परिणाम के आधार पर किसी को मेडल व मेरिट प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा। इस गाइडलाइन में कोई बिंदू शामिल नहीं किया गया है और किसी बिंदु पर संदेह होता है तो उसके लिए यूनिवर्सिटी के वीसी अपनी कमेटी बनाकर फैसला ले सकते हैं। उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अंकुर गुप्ता ने परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए गाइडलाइन तैयार करने को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी।

जिसमें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकुम सिंह व डॉ. अंकेश्वर, एमडीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलजीत सिंधु, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेश धनेरवाल, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार के परीक्षा नियंत्रक डॉ. यशपाल सिंगला शामिल थे। इस कमेटी ने गाइडलाइन तैयार करके विभाग को भेजी, जिसमें परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए उदाहरण भी दिए गए है। उन सभी गाइडलाइन को प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी व कालेजों के लिए जारी किया गया है।
... और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा में इस बार टूट सकता है रिकार्ड, मौसम विभाग का दावा- मानसून में जमकर बरसेंगे बदरा

हरियाणा में पिछले कुछ समय से मौसम का मिजाज गड़बड़ाया हुआ है। पिछले एक दशक से वर्षा औसत से कम हो रही हैं, भूमि तप रही है। कभी सावन में बदरा नहीं बरसते हैं तो कभी बिन सावन के भी खूब बरसात होती है। आलम यह है कि 2012 से लेकर 2019 तक लगातार 8 वर्षों से हरियाणा देशभर में सबसे कम बरसात का रिकार्ड बना रहा है।

हालांकि इस बार हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून के अच्छे संकेत हैं जो कम वर्षा का दशकों का रिकार्ड टूट सकता है। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है कि इस बार प्री-मानसून में भी औसत से अधिक बरसात हुई है। वहीं हरियाणा में जुलाई माह के पहले रविवार की शुरूआत तुफानी बारिश के साथ हुई। मौसम विभाग की मानें तो हरियाणा में इस मानसून में औसत से अधिक बरसात हो सकती है और पिछले कुछ वर्षों से चला आ रहा मौसम का रूखा मिजाज बदल सकता है।

मौसम विभाग की मानें हरियाणा में हर वर्ष 554.7 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए, लेकिन 2012 के बाद अर्थात पिछले 8 वर्षों से प्रदेश में बरसात का आंकड़ा 452 एमएम को पार नहीं कर पाया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में सर्द मौसम में 32.4, प्री-मानसून सीजन में 33.6, मानसून सीजन में 459.9 तथा पोस्ट मानसून सीजन में 28.9 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। पिछले करीब एक दशक से बदरा रूठे हुए हैं।

चिंताजनक पहलू यह है कि पिछले करीब 8 वर्षों से हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है, जहां देशभर में सबसे कम बरसात का आंकड़ा दर्ज किया जा रहा है। पर इस बार मानसून के अच्छे संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में जुलाई माह के आगामी दिनों में लगभर हर रोज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के उपनिदेशक आनंद शर्मा भी बता चुके थे कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून आ सकता है।
... और पढ़ें

11 साल के मासूम को मिलेंगे नए हाथ-पैर, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, हरियाणा सरकार की नींद टूटी

11 साल के मासूम रमन को अब नए हाथ-पैर मिल जाएंगे। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाने के बाद हरियाणा सरकार की नींद टूटी है। अब डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज हरियाणा ने पानीपत के सिविल सर्जन को रमन के कृत्रिम हाथों और पैरों को लगाने से एक वर्ष पहले इसकी पूरी व्यवस्था करने के आदेश जारी किए हैं।

हाईकोर्ट में उन्हें 20 से 26 जुलाई के बीच रमन को उसके गांव से एंबुलेंस में लाकर आवश्यक माप लेने के आदेश जारी कर दिए हैं। पानीपत निवासी 11 साल के बच्चे रमन ने आरोप लगाया है कि सरकार कोर्ट के आदेश होने के बाद भी उसके लिए कृत्रिम अंग नही खरीद रही। उसे अगले साल अंग लगने हैं, लेकिन अभी तक उनको खरीदने की योजना तक नहीं बनाई गई।

हाईकोर्ट ने साल 2013 में रमन के हाई वोल्टेज तारों का शिकार होने पर हरियाणा सरकार को उसे मुआवजा देने का आदेश दिया था। इतना ही नही हाईकोर्ट ने बच्चे को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने व कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने के आदेश भी दिए थे।
... और पढ़ें

हाईकोर्ट का आदेश- मनोरोगियों को तुरंत मनोचिकित्सक उपलब्ध कराएं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़

कोरोना संकट के बीच मनोरोगियों की संख्या में 20 प्रतिशत तथा आत्महत्या करने की प्रवृत्ति में 35 प्रतिशत का इजाफा होने की बात कहते हुए लोगों को काउंसिलिंग उपलब्ध करवाने की अपील वाली याचिका का हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को ऐसे लोगों को तुरंत मनोचिकित्सक की सहायता उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं जो मनोरोग से ग्रसित या परेशान हैं।

एडवोकेट सुमति जैन में याचिका दाखिल करते हुए इंडियन साइकेट्रिक सोसायटी के हवाले से हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के बाद से देश में मनोरोगियों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। तनाव बढ़ने व अन्य कारणों से आत्महत्या की प्रवृत्ति में भी 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। नौकरी चली जाने, व्यापार में घाटा होने व अन्य कारणों से लोग मनोरोग का शिकार हो रहे हैं। याची ने बताया कि महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए काउंसिलर की नियुक्ति की है।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को आदेश दिया जाए कि वे मनोरोगियों को उचित मानसिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाएं। यूटी प्रशासन की ओर से बताया गया कि सेक्टर 32 के अस्पताल में साइकेट्रिस्ट मौजूद हैं जो काउंसिलिंग दे रहे हैं। इसके साथ ही सेक्टर 16 के अस्पताल में भी काउंसिलर की नियुक्ति की गई है। जो लोग कोरोना के टेस्ट के लिए आते हैं व उनके परिवार वालों की काउंसिलिंग की जाती है।

इसके अलावा प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जिस पर लोगों की प्रतिक्रिया मिल रही है। हरियाणा और पंजाब की ओर से भी लगभग ऐसा ही जवाब रखा गया। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि इस आपदा की स्थिति में सरकार और प्रशासन जरूरतमंद लोगों को अपनी ओर से मदद मुहैया करवा रहे हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब का चंडीगढ़ को आदेश दिए हैं कि जिस व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता की आवश्यकता है उसे तुरंत बिना किसी देरी के यह सहायता मिले यह सुनिश्चित किया जाए।
... और पढ़ें

रामपाल की सजा निलंबन की मांग पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने की खारिज, पौत्री की शादी में जाना था

प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को बड़ा झटका देते हुए 15 जुलाई को होने जा रहे उसकी पौत्री के विवाह में शामिल होने के लिए सजा निलबंन की अनुमति से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया।

पिछले सप्ताह हाईकोर्ट ने रोहतक जहां रामपाल की पौत्री का विवाह होना है वहां के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए थे कि वह व्यक्तिगत तौर पर हलफनामा दायर कर सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लें और पर्याप्त सुरक्षा की जाए। यह सुनिश्चित करें कि विवाह में ज्यादा लोग शामिल न हों। कोविड 19 के चलते शादी के लिए केंद्र सरकार ने जो निर्देश दिए हैं उसका पूरी तरह से पालन किया जा रहा है या नहीं।

सोमवार को एसपी रोहतक ने कोर्ट को बताया कि रामपाल के आचरण को देख कर यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता की वो शांतिपूर्वक ढंग से सरेंडर करेगा। एक बार हाईकोर्ट ने उसको जमानत देकर कोर्ट में बुलाया था लेकिन वो पेश नहीं हुआ थाए उसको हाईकोर्ट में पेश करने के लिए बरवाला आश्रम के पास काफी संख्या में पुलिस की तैनाती व तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। उसको गिरफ्तार करने के लिए गोलाबारी चली व कई मौत भी हुई। ऐसे में अब उसको बाहर आने दिया तो धारा 144 लागू करना असंभव है।

उसको शिष्यों की संख्या लाखों में है और रोहतक में उसका आना तो और भी तनाव पैदा करने वाला होगा क्यों कि रामपाल और आर्य समाज के लोगों का झगड़ा रोहतक से ही शुरू हुआ था। रामपाल का आचरण और उसका इतिहास भी उसकी सजा निलंबन को जायज नहीं मानता। इसलिए उसकी याचिका खारिज की जाए। हाईकोर्ट ने एसपी के जवाब का अवलोकन करने के बाद रामपाल की मांग खारिज कर दी।
... और पढ़ें

हरियाणा में कारोबार करना होगा और आसान, फैक्ट्री एक्ट में मिलेगी छूट, पढ़ें कैबिनेट के 10 फैसले

हरियाणा में कारोबार अब और आसान होगा। कारोबार को मजबूती प्रदान करने के लिए मंत्रिमंडल ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक 2020 को स्वीकृति दी है। कारोबार करने की लागत के साथ-साथ स्थापना में देरी कम करने के लिए कारोबारी सुगमता वैश्विक मानकों से भी बेहतर करने।के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 और अन्य नियम लागू हैं। संशोधन से केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग के राज्यों की रैंकिंग के मूल्यांकन में हरियाणा की संभावनाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

नए उद्योगों को 3 साल तक फैक्ट्री एक्ट में मिलेगी छूट
हरियाणा में नए उद्योगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। नए उद्योगों पर एक हजार दिन की अवधि के लिए फैक्ट्री अधिनियम लागू नहीं होगा। सरकार ने फैक्ट्री अधिनियम 1948 के कुछ प्रावधानों में छूट देने के लिए फैक्ट्री (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश 2020 लाने को मंजूरी दे दी है। फैक्ट्री अधिनियम, 1948 (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश, 2020 मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा। इससे कोरोना संकट के बाद उद्योगों को आर्थिम संकट से उबारने में मदद मिलेगी।

निवेश के अवसर बढ़ेंगे, रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता मिलेगी। राष्ट्रपति के संशोधित अध्यादेश को स्वीकृति मिलने के बाद सरकार फैक्ट्री अधिनियम के तहत नई फैक्ट्रियों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से 1000 दिन तक छूट दे सकेगी। नई फैक्ट्रियों को अध्यादेश लागू होने के बाद 1000 दिन की अवधि के अंदर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करना जरूरी है।

सीएनजी, पीएनजी स्टेशन, पेट्रोल पंप खुलेंगे
हरियाणा में रिटेल आउटलेट्स सीएनजी, पीएनजी स्टेशन और पेट्रोल पंपों की स्थापना के लिए नीति लागू होगी। मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। रिटेल आउटलेट्स की स्थापना के लिए पारदर्शी ई-नीलामी तंत्र के माध्यम से सरकारी भूमि के आवंटन या निजी भूमियों में प्रस्तावित रिटेल आउटलेट्स के मामले में सीएलयू प्रदान करने के उद्देश्य से एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा।
... और पढ़ें

पंचकूला नगर निगम के दायरे से बाहर हुए पिंजौर और कालका, अलग नगर परिषद का होगा गठन

HCS पेपर यूपीएससी जैसे तैयार होंगे, 42 वर्ष वाला भी बन सकेगा एचसीएस, चार बड़े बदलाव

हरियाणा कैबिनेट में एससीएस भर्ती, एचसीएस पेपरों और चीप डीटीपी को लेकर अहम फैसले लिए गए, जिनसे कईयों को फायदा होगा। प्रदेश में अब हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा लिए जाने वाली एचसीएस की परीक्षा यूपीएससी के पैटर्न पर होगी। उसका पेपर भी उसी तर्ज पर तैयार किया जाएगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) और अन्य समवर्गी सेवाओं के पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा के सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा(सीएसएटी पेपर) को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर क्वालिफाइंग पेपर बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) प्रथम संशोधन नियम,2020 हरियाणा लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में समरूपता लाएंगे।

संशोधन के अनुसार, अब प्रारंभिक परीक्षा का सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा (प्रश्न पत्र-2) 33 प्रतिशत अंकों के न्यूनतम अर्हता अंक के साथ एक क्वालिफाइंग पेपर होगा और प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम केवल पेपर-1 (सामान्य अध्ययन) के अंकों पर आधारित होगा, बशर्ते कि उम्मीदवार ने सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा (पेपर-2) पास कर लिया हो।

42 वर्ष वाला बन सकेगा एचसीएस अफसर
हरियाणा में अब 42 वर्ष आयु वाला व्यक्ति एचसीएस व उससे संबद्ध सेवाओं के लिए पात्र हो होगा। कैबिनेट की मीटिंग में इस संदर्भ के प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई है। जिसके तहत एचसीएस एवं संबद्ध सेवाओं जैसी श्रेणी-1 सेवा के राज्य सरकार विनियमन के अनुरूप नियम 5 में ऊपरी आयु सीमा को 35 वर्ष से संशोधित करके 42 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन