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हिमाचल: घर से ही सेवानिवृत हो जाएंगे सरकारी कर्मी, पीएफ निकालने की शर्तों में ढील

31 मार्च 2020 को हिमाचल सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी घर पर बैठे ही सेवानिवृत हो जाएंगे।

30 मार्च 2020

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बिलासपुर

मंगलवार, 31 मार्च 2020

तहसीलदार पर हमला करने वालों में तीन युवकों की हुई पहचान

तहसीलदार पर हमला करने वालों में तीन युवकों की हुई पहचान
पुलिस ने तीनों आरोपियों के घर में दी दबिश, युवक मौके से फरार
मामले में संलिप्त दो आरोपियों की अभी तक नहीं हुई है पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। पंजाब और हिमाचल की सीमा पर गरामौडा पर वीरवार गुरुवार रात तहसीलदार स्वारघाट हुसन चंद चौधरी पर हुए हमले के पांच आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हालाँकि पंजाब के पुलिस थाना कीरतपुर साहिब की टीम ने पांच अज्ञात आरोपियों में से तीन आरोपियों की पहचान कर ली है जबकि दो की पहचान नहीं हो पाई है। तीन आरोपियों की पहचान रणबीर सिंह पुत्र कमलजीत सिंह निवासी दबूड़ तहसील आनंदपुर साहिब पंजाब, रामपाल पुत्र पोहू लाल व राजकुमार पुत्र पोहू लाल निवासी गाँव मौड़ा तहसील आनंदपुर साहिब पंजाब के रूप में हुई है। हालांकि पंजाब पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घरों और अन्य जगहों में दबिश दी है लेकिन कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं लग पाए।
उल्लेखनीय है कि वीरवार रात जब तहसीलदार स्वारघाट हुसन चंद चौधरी पंजाब की सीमा से गुजर रहे थे तो पंजाब के गरामौडा के पास अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। इस हादसे में तहसीलदार और उनकी टीम बाल-बाल बच गई लेकिन उनकी गाड़ी को काफी नुकसान हुआ था। घटना को अंजाम देने के बाद सभी पांचों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए थे
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पंजाब पुलिस शीघ्र सभी आरोपियों को गिरफ्तार करेगी
पांचों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353,186,341,427,506 और पंजाब के सेक्शन 4 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। तीन आरोपियों की पहचान हो चुकी है। जबकि दो आरोपियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई। पंजाब पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
--सन्नी खन्ना, एसएचओ, पुलिस थाना कीरतपुर साहिब
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रास्ते में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने की है पूरी व्यवस्था

बिलासपुर। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लगाए गए कर्फ्यू के दौरान लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। दूध, सब्जी, ब्रेड, राशन, पेट्रोल, पशुचारा और कीटनाशक दवाइयों जैसी अन्य जरूरत की सामग्री की पर्याप्त सप्लाई हो रही है। इसकी बाकायदा मानीटरिंग भी की जा रही है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनिटाइजर आदि के दाम भी निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने कहाकि दूरदराज के स्थानों के लिए रवाना हुए कई लोग रास्ते में फंस गए हैं। उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। पेट्रोल पंपों पर भी ऐसे लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जाएगा। बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में रहने वाले दूसरे जिलों के लोगों को इन हालातों में घर जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें वहीं रहना चाहिए। सोलन जिला प्रशासन से बात करके उनके लिए वहीं पर खाने की व्यवस्था करवाई जा रही है। वहीं पड़ोसी राज्यों से आ रहे लोगों के लिए स्वारघाट में प्रबंध किए जा रहे हैं। उपायुक्त बिलासपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले में होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की जा रही है। इसकी शुरुआत घुमारवीं से कर दी गई है। घुमारवीं के सभी 7 वार्डों में नगर परिषद और व्यापार मंडल लोगों को जरूरत का सामान उनके घर पर पहुंचा रहे हैं। इसके लिए 7 गाड़ियों पर लगभग 42 वालंटियर रखे गए हैं। वे लोगों से मोबाइल पर ऑर्डर लेकर उनकी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
जिले में 10,800 प्रवासी चिह्नित किए गए हैं। इनमें से जरूरतमंद प्रवासियों को मुफ्त राशन मुहैया करवाया जा रहा है। शाहतलाई में 575 तथा घुमारवीं में 29 प्रवासियों को राशन वितरित किया गया है। हाल ही के दिनों में बिलासपुर में 130 लोग विदेशों से घर लौटे हैं। इनमें से 13 लोग क्वारंटीन के 28 दिन पूरे कर चुके हैं। जबकि 116 लोग होम क्वारंटीन में हैं। आइसोलेशन में रखे गए एक अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट भी नेगेटिव है।
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गाड़ी लेकर बाजार आए तो जब्त होगा वाहन : एसपी
कर्फ्यू में ढील के दौरान जरूरी वस्तुओं की खरीदारी के लिए गाड़ी में बाजार आना अब महंगा पड़ेगा। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि हालांकि जिले में लोग सही ढंग से लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग ढील के दौरान गाड़ियां लेकर बाजार पहुंच रहे हैं। जरूरी सामान खरीदने के लिए किसी भी परिवार का केवल एक सदस्य पैदल आ सकता है। यदि कोई गाड़ी लेकर आया तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। पुलिस 24 घंटे अपना दायित्व बखूबी निभा रही है। पुलिस कर्मियों को लोगों का सहयोग करने को कहा गया है।
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जंगल से लकड़ियां काटने से रोका तो चार लोगों ने की मारपीट

शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई पुलिस थाने के तहत आने वाले ग्राम पंचायत घराण के गांव पियूगली निवासी ने अपने ही गांव के चार लोगों के खिलाफ जंगल से लकड़ियां काटने से रोकने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज करवाई है।
जानकारी के अनुसार पियूगली निवासी कमल देव ने बताया कि वह किसी काम को लेकर जा रहा था कि रास्ते में पड़ने वाले जंगल में जीतराम, उसकी पत्नी, अजय कुमार व अक्षय कुमार लकड़ियां काट रहे थे। उसने उन्हें कहाकि यह जंगल उनकी मलकियत भूमि के साथ लगता है। आप यहां से लकड़ियां न काटो। कहा कि वन विभाग वाले हमें कहेंगे कि आपने पेड़ काटे हैं। इतना कहने पर उक्त चारों लोग मेरी तरफ दौड़े और मुझे पकड़ कर मारपीट करने लगे। वहीं लात व मुक्कों से चारों ने मुझे पीटा तथा गालीगलौज की। इतना ही नहीं चारों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी।
कमल देव की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 341, 323, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
उधर घुमारवीं के डीएसपी राजेन्द्र जसवाल ने बताया कि इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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स्वारघाट में तीन स्थानों में 110 लोगों को किया क्वारंटीन

स्वारघाट(बिलासपुर)। दूसरे राज्यों और जिलों से कोई बिलासपुर जिले और प्रदेश में प्रवेश न करे इसके लिए पंजाब के अलावा सोलन जिले के साथ लगते बॉर्डर को सील कर दिया गया है। अगर कोई पैदल रास्ते बिलासपुर पहुंचता है तो उसे होम क्वारंटीन 14 दिन के लिए किया जा रहा है। प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए जो लोग दूसरे राज्यों से परमिट लेकर पहुंच रहे हैं उनके सभी परमिट रद्द कर उन्हें भी 14 दिन के लिए यहां बने केंद्रों में क्वारंटीन किए जा रहे हैं। स्वारघाट में तीन स्थानों में 110 लोगों को किया क्वारंटीन किया गया है।
जिला बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट के साथ लगती पंजाब राज्य और जिला सोलन से सटी सभी सीमाएं रविवार से पूरी तरह सील कर दी गई हैं। उपमंडल स्वारघाट की पंजाब और सोलन की सीमाओं पर गरामौड़ा, स्वारघाट, टोबा, भाखडंा, ग्वालथाई, बैहल सहित कुल सात स्थानों पर नाके लगाए गए हैं जिन पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
इन नाकों पर 24 घंटे पुलिस टीमें तैनात हैं। सरकारी आदेशानुसार हिमाचल में अब लोग एक जिले से दूसरे जिले में भी नहीं जा पाएंगे। जो लोग सीमाओं पर राज्य में प्रवेश कर रहे हैं उन्हें क्वारंटीन केंद्रों में रखा जा रहा है। उनके लिए भोजन और ठहरने की भी उचित व्यवस्था की गई है। उपमंडल स्वारघाट में चार केंद्र बनाए गए हैं। एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्वारघाट, दूसरा राजकीय उच्च पाठशाला गरामौड़ा, तीसरा टोबा और चौथा जकातखाना में बनाया गया है। समाचार लिखे जाने तक स्वारघाट में 77, गरामौड़ा में 19 और टोबा में 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
जबकि जकातखाना में बनाए गए केंद्रों को रिजर्व रखा गया है जिसे जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाया जाएगा। वहीं नालागढ़, बद्दी, बरोटीवाला और पंजाब या अन्य राज्यों से जो लोग परमिट लेकर आ रहे हैं उनके परमिट को भी रद्द कर दिया गया है और उन्हें भी यहीं रखा गया है। अब ऐसे कोई भी परमिट पुलिस नाकों पर मान्य नहीं होंगे। इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के अतिरिक्त किसी को भी हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि प्रशासन को जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। रविवार से हिमाचल की सीमाएं सील कर दी गई हैं और अन्य राज्यों से आ रहे लोगों के कर्फ्यू पास, परमिट आदि को रद्द कर दिया गया है। जो लोग पैदल या अपने वाहनों में सीमाओं पर पहुंच रहे हैं उन्हें प्रशासन की ओर से क्वारंटीन किया जा रहा है।
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झंडूता में निगरानी में रखे गए दूसरे जिलों के 26 युवक

झंडूता( बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता की राजकीय उच्च पाठशाला बरोहा में बाहर से अपने घरों को जा रहे लोगों को क्वारंटीन किया है। 15 लोगों को यहां पर रखा गया। इसमें से 13 लोग कांगड़ा जिले से और 2 लोग जिला ऊना से हैं। सभी लोग बद्दी नालागढ़ से अपने घरों को पैदल ही जा रहे थे। इन सबका कहना है कि प्रशासन ने जो भी कहा था कि खाना मिलेगा या राशन घर पर आएगा वैसा वहां पर कुछ नहीं हुआ जिसके चलते उन्हें घर को ही निकलना पड़ा।
राजकीय उच्च पाठशाला बरोहा में 2 लोगों के लिए 1 कमरे की व्यवस्था की गई है। सभी को सफाई के लिए समय-समय पर बताया जा रहा है और उनके खाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है। उपमंडल झंडूता की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नखलेहडा में भी बाहर से आए 11 लोगों को निगरानी में रखा गया है। सभी लोग बद्दी से कांगड़ा की ओर जा रहे थे। प्रशासन की ओर से सभी लोगों के खाने और रहने कि व्यवस्था की गई है।
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जुखाला में पुलिस ने बरामद की देशी शराब की 12 बोतल

जुखाला (बिलासपुर)। बरमाणा पुलिस ने जुखाला के बटोली गांव में छापेमारी के दौरान 22 बोतल देशी शराब बरामद की है। पुलिस ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ बरमाणा थाने में केस दर्ज कर लिया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बरमाणा पुलिस को मस्तराम पुत्र शिवराम गांव बटोली डाकघर जुखाला के घर पर अवैध शराब होने की सूचना मिली। इसके बाद थाना प्रभारी विरोचन नेगी की अगुवाई में पुलिस टीम ने उक्त व्यक्ति के घर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को घर के कमरे से 12 बोतलें देशी शराब मार्का संतरा नंबर वन मिली। इस पर मस्तराम के खिलाफ बरमाणा थाने में हिमाचल आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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क्वारंटीन में सोशल डिस्टेंस के दावे हुए हवा हवाई

बिलासपुर। कोरोना से बचने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लोगों को सामाजिक दूरी रखने का भी पाठ पढ़ाया जा रहा है, लेकिन सरकारी अमला इस पर खरा उतरता नजर नहीं आ रहा है। सरकार ने एक से दूसरे जिले में जाने वालों पर रोक लगा दी है। हर जिले में क्वारंटीन सेंटर बनाए हैं। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर कुछ नजर नहीं आ रहा है। लोगों को इन सेंटरों में ठूंस-ठूंस कर रखा जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी साफ किया है कि कोरोना से केवल सामाजिक दूरी ही बचा सकती है। दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, जिससे पता लगे कि कहीं उनमें संक्रमण से कोई ग्रस्त तो नहीं है। जिस प्रकार इन लोगों को एकसाथ रखा जा रहा है, उससे साफ है कि इन्हें संक्रमण से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। अगर किसी एक को भी कोरोना वायरस को तो वह सैकड़ों लोगों में फैल जाएगा। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा का पूरा प्रबंध रखा गया है। बिलासपुर, स्वारघाट, शाहतलाई और जामली में रखे लोगों को देख कर यह नहीं लग रहा है कि सरकारी अमला यहां सुरक्षा के पूरा ध्यान रखा गया है।
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जामली, कल्लर और चरण मोड़ के पास प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। इन टेंट लगाकर रखा गया है। हालत यह है कि एक ही टेंट 20 से 22 मजदूर रहने को मजबूर हैं। इन्हें दुकानों से भी महंगे दाम पर राशन मिल रहा है।
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इन लोगों को बिलासपुर के नवोदय स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनाई जा सके। लोगों को नवोदय स्कूल में शिफ्ट करने का कार्य किया जा रहा है। लोगों के लिए रहने और खाने की पूरी व्यवस्था प्रशासन ने की है।
- राजेश्वर गोयल उपायुक्त बिलासपुर
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जिले के गांवों में भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाया जाए

तलाई में रखे गए दूसरे जिलों और राज्यों से पहुंचे लोग।
बिलासपुर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए जहां पूरा देश लॉकडाउन है वहीं अब इस बारे में सरकारी आदेशों को लेकर ग्रामीण स्तर पर भी सख्ती से पालन करवाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और सचिव को कड़े आदेश जारी किए गए हैं। उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने इस संबंध में सोमवार को जिला की सभी पंचायतों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
उपायुक्त ने अपने आदेशों में साफ किया है कि पंचायत स्तर पर बाहर से आए मजदूरों का भी काम धंधा बंद हो चुका है। ऐसे में इनके रहने और खाने का प्रबंधन सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर और 14वें वित्त आयोग की राशि से मुहैया करवाया जाए।
वहीं कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान पंचायत सचिव और पंचायत प्रधान यह तय करेंगे कि पंचायत और गांव में सोशल डिस्टेंस सुनिश्चित हो। लोगों को हाथ साफ करने के लिए पानी, साबुन आदि की व्यवस्था करें। दुकानों आदि में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जा रही है वहां पर भी हाथ धोने के लिए पानी और साबुन का प्रबंधन है कि नहीं यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान और सचिव घर से बाहर निकलते वक्त स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन करें। उपायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि जहां तक संभव हो सामग्री को स्थानीय थोक विक्रेताओं से ही खरीदा जाए ताकि मूल्य में समानता रहे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने एक बार फिर से सभी लोगों से अपील की है कि शहर हो चाहे गांव सभी लोग अपने घरों में रहना सुनिश्चित करें ताकि कोरोना वायरस को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एक ही व्यक्ति तय समय में घर से बाहर आए और जल्द काम पूरा कर घर लौट जाएं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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श्री नयना देवी मंदिर न्यास गरीब परिवारों को बांटेगा अन्न

श्री नयना देवी (बिलासपुर)। मंदिर न्यास श्री नयना देवी जी की तरफ से गरीब लोगों को अब श्रद्धालुओं के द्वारा दिया गया अनाज बांटा जाएगा। यह एक सराहनीय प्रयास है और इसे मंदिर न्यास श्रीनयना देवी ने शुरू किया है।
इसके तहत मंदिर के लंगर भवन में सारा सामान गठरी में भरा जा रहा है और हर एक गठरी में लगभग 5 किलो आटा, 2 किलो चावल, 1 किलो दाल और एक बिस्किट का पैकेट डालकर पैकिंग की गई। यह राशन अब जरूरतमंदों को और गरीबों को बांटा जाएगा। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि मंदिर न्यास का हमेशा ही गरीबों के उत्थान के लिए अहम योगदान रहा है और अब इस विपदा की घड़ी में भी जिन लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं मिल रही उन लोगों के लिए मंदिर न्यास के द्वार हमेशा खुले हैं।
उन्हें न्यास की तरफ से राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जबकि मंदिर अधिकारी हुसन चंद का कहना है कि मंदिर न्यास ने अन्न देने का कार्य गरीब लोगों के लिए शुरू किया है। इसके तहत जिसके पास राशन नहीं है और राशन नहीं खरीद सकता तो वह संपर्क कर सकता है।
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न कोई जिला में आएगा न ही जिला से बाहर जा पाएगा

बिलासपुर। कोरोना के बढ़ते संकट को लेकर गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन और सख्ती बरतने जा रहा है। प्रशासन ने तय किया है कि अब जिले में न कोई दूसरे जिला से आ सकते हैं और न ही कोई दूसरे जिले में जा पाएगा। इसके लिए पुलिस ने भी सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में जिला की प्रभारी बनाई गई राज्य सरकार की मंत्री सरवीन चौधरी बिलासपुर पहुंची। उन्होंने सभी सुविधाओं, व्यवस्थाओं और लॉ एंड ऑर्डर का फिडबैक लिया। इसके साथ ही जिला प्रशासन को भी मौके पर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इधर, उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने बताया कि सरकार के आदेशों का सख्ती के साथ पालन किया जा रहा है। जिले में कर्फ्यू के कारण फंसे लोगों के रहने और खाने की निशुल्क व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में फंसे हुए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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दूसरे जिलों से कोई आया तो उसे अस्पताल भेजेंगे : एएसपी
इधर, एएसपी बिलासपुर अमित कुमार ने बताया कि पुलिस सरकार के आदेशों का सख्ती के साथ पालन कर रही है। अब कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति दूसरे जिले से बिलासपुर में पहुंचता है तो उसे अस्पताल भेज दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी व्यक्ति को बाहर सड़कों में नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों ने अपील की है कि वह सहयोग करें और अपने घरों से बाहर न आएं।
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मुख्यमंत्री के साथ की हुई वीडियो कांफ्रेंस
राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सभी जिला उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। इस मौके पर उन्होंने सभी जिलों के हालत के बारे में डीसी से रिव्यू लिया। वहीं गृह मंत्रालय से जारी हुए कड़े आदेशों के बारे में भी अवगत करवाया। उन्होंने उपायुक्त और एसपी को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि कर्फ्यू का सख्ती से पालन करवाया जाए क्योंकि यह लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने कहा कि सभी डीसी और एसपी यह सुनिश्चित करें कि लोगों को कोरोना से बचाना है। वहीं जिले में फंसे लोगों को भी कोई परेशानी न हो यह भी सुनिश्चित करें।
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बिलासपुर क्षेत्र में दर्जनों प्रवासी एक ही टेंट में रहने को मजबूर

जामली (बिलासपुर)। कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में बने कर्फ्यू के हालातों ने प्रवासी मजदूरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। जहां एक ओर बद्दी, नालागढ़ में चंबा और किन्नौर जैसे दूरदराज के इलाकों से आए मजदूर व फैक्टरी वर्कर अपने घरों को पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का पैदल ही सफर तय करने को मजबूर हैं तो दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर से आए दर्जनों की संख्या में प्रवासी मजदूर एक टेंट के नीचे गुजर बसर करने को लाचार हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण से लॉकडाउन करने की घोषणा करते हुए लोगों से अपने घरों में रहने की अपील भी की गई है, वहीं लॉकडाउन के चलते जहां रेस्टोरेंट, होटल, फैक्टरियों सहित कई संस्थान बंद कर दिए गए हैं तो वहीं इसका सीधा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि बद्दी, नालागढ़ स्थित फैक्टरियों में काम करने वाले चंबा व किन्नौर के मजदूरों को जहां कई मीलों का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है तो वहीं जम्मू-कश्मीर से आये मजदूर भी कर्फ्यू के चलते एक ही टेंट के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर हैं। बिलासपुर के श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जामली, छड़ोल, कल्लर सहित कई ऐसे इलाके हैं जहां काफी संख्या में प्रवासी मजदूर जम्मू-कश्मीर से आए हैं और कर्फ्यू के चलते कुछ दिनों से एक ही टेंट के नीचे रहने को मजबूर हैं। मजदूरों की कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां पीएम मोदी सोशल डिस्टेंसिंग की बात कह रहे हैं, मगर बीते कुछ दिनों से सभी मजदूर एक ही टेंट के नीचे रहने को मजबूर हैं। साथ ही प्रवासी मजदूरों का कहना है कि अभी उन्हें मजदूरी भी नहीं मिली है और खाने-पीने के लिए उन्हें खुद ही सामान खरीदना पड़ता है जो कि अब 10 से 20 रुपये महंगा हो गया है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार सहित हिमाचल व जम्मू-कश्मीर की सरकार से जल्द ही उन्हें उनके घर तक पहुंचाने की अपील की है।
बिलासपुर उपायुक्त राजेश्वर गोयल का कहना है कि बिलासपुर जिले में 10,800 प्रवासी मजदूर रह रहे हैं जिनके लिए विभिन्न एनजीओ के माध्यम से निशुल्क भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही उन्होंने सड़क मार्ग से जाने वाले दूरदराज के मजदूरों को होटल व ढाबा बंद होने की स्थिति में नजदीकी पैट्रोल पंप में भी निशुल्क खाना उपलब्ध होने की बात कही है। वहीं उपायुक्त बिलासपुर ने सभी प्रवासी मजदूरों से फिलहाल जहां है वहीं रहने की अपील की है।
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मजारी में 397 ग्राम भुक्की के साथ एक गिरफ्तार

श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा टीम ने कोट थाना के तहत मजारी में एक व्यक्ति को 397 ग्राम भुक्की के साथ हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोट थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा टीम ने गश्त के दौरान गांव मजारी में नरेंद्र सिंह पुत्र गुरजीत सिंह गांव ढेर तहसील आनंदपुर साहिब से 397 ग्राम भुक्की बरामद की। डीएसपी श्री नयना देवी जी संजय शर्मा ने बताया कि इस व्यक्ति के खिलाफ कोट थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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कर्फ्यू की आड़ में क्थ्यून जंगल में कटे खैर के पेड़

शाहतलाई (बिलासपुर)। वन परिक्षेत्र झंडूता में कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगे कर्फ्यू में भी वन माफिया हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। कर्फ्यूू का फायदा उठाते हुए वन माफिया और सक्रिय हो गया है। जंगलों से खैर की लकड़ी तस्करी करने का एक मामला वन परिक्षेत्र झंडूता के गोचर बीट के जंगल क्थ्यून में आया है। वहां पर वन काटुओं ने लगभग 4 लाख रुपये की कीमत के खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे। वन अधिकारी ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार गोचर बीट का वन रक्षक शनिवार को अपने जंगल की गश्त पर था, तो उसे जंगल में खैर की कटी हुई टहनियां दिखाई दीं। इस पर वन रक्षक को शक हुआ कि कहीं किसी ने खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी न चला दी हों। वन रक्षक ने देखा कि जंगल में चारों तरफ कटे हुए खैर के पेड़ों की जड़ें दिखाई दे रहीं थीं। वन रक्षक ने वन खंड अधिकारी को इस बारे में सूचित किया। वन खंड अधिकारी तुरंत अपने स्टाफ सहित मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि जंगल से 16 खैर के पेड़ कटे हुए थे जिनकी कीमत करीब चार लाख रुपये आंकी गई है।
वन काटू खैर की सभी लकड़ी को लेकर फरार हो गए हैं। इस दौरान वन खंड अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उधर झंडूता के वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक कुमार ने दूरभाष के माध्यम से तलाई पुलिस थाने में गोचर वन बीट से कटे हुए 16 खैर के पेड़ों जिसकी कीमत चार लाख रुपये है कि शिकायत दर्ज करवाई। तलाई पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर वन विभाग खैर के पेड़ों की लकड़ी को ढूंढने के लिए जंगल को छानने में लगा है तथा हर संभव जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं।
घुमारवीं के डीएसपी राजेन्द्र जसवाल ने बताया कि झंडूता के वन परिक्षेत्र अधिकारी ने दूरभाष पर क्थ्यून जंगल से 16 खैर के पेड़ काटने की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने नामालूम व्यक्तियों के खिलाफ 32, 33 आईएफ एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत करके छानबीन शुरू कर दी है।
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