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आईजीएमसी में भर्ती तीनों पॉजिटिव मरीजों में नहीं मिले कोरोना के लक्षण

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में दाखिल तीनों जमातियों में शुरुआत में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।

6 अप्रैल 2020

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हमीरपुर (हि. प्र.)

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

अब मोबाइल लोकेशन से रहेगी क्वारंटीन किए लोगों पर नजर

हमीरपुर। अब क्वारंटीन पर रखे लोग ऐप के माध्यम से मोबाइल लोकेशन के आधार पर विभाग की नजर में रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने बाकायदा ऐसे लोगों को ऐप से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग की ओर से आशा व हेल्थ वर्कर्स ऐसे लोगों के घर जाकर उनके मोबाइल नंबर पर भेजे ओटीपी से विभाग से अवगत करवाएंगे और इस माध्यम से ऐसे लोगों की लोकेशन स्वास्थ्य विभाग को पता लगती रहेगी। पहली बार क्वारंटीन सेंटर या घर से 50 मीटर इधर-उधर जाने पर ऐसे लोगों को विभाग फोन कर घर पर रहने की हिदायत देगा।
अगर फिर भी यह लोग नहीं मानते हैं और हलचल पाई जाती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि पूर्व में क्वारंटीन पर रखे कुछ लोग घरों से बाहर निकलकर दुकानों में खरीदारी इत्यादि के लिए पहुंच रहे थे। जिससे खतरा पैदा हो रहा था। अब स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 ऐप के माध्यम से इन लोगों पर लोकेशन के आधार पर नजर रखना शुरू कर दिया है। जिले में कुल 191 लोग क्वारंटीन पर रखे हैं, इन्हें ऐप से जोड़ने के लिये आशा व हेल्थ वर्कर्स उनके मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को विभाग को बता कर उन्हें ऐप से जोड़ रही हैं। शुक्रवार तक 130 के करीब ऐसे लोगों को ऐप से जोड़ दिया गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉक्टर संजय जगोता का कहना है कि क्वारंटीन पर रखे जिला के लोगों पर ऐप के माध्यम से लोकेशन के आधार नजर रखी जा रही है। घर से बाहर आते ही एक बार उन्हें घर रहने की हिदायत दी जाएगी।अगर कोई नहीं मानता है तो पुलिस को सूचित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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नादौन में उपमंडल अधिकारियों ने पुलिस नाके का लिया जायजा

नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल के साथ लगती जिला हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना की सीमाओं पर लगे नाके का शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। एसडीएम किरण बड़ाना, तहसीलदार सुमेध शर्मा तथा बीडीओ पारस अग्रवाल ने दिनभर इन स्थलों पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने इन सीमाओं पर तैनात पुलिस टीम तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों से फीडबैक ली। किरण बड़ाना ने बताया कि नादौन के साथ लगती सभी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। जबकि, कर्फ्यू के दौरान किसी भी निजी वाहन के अनावश्यक तौर पर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वह सुबह 7:00 से 10:00 बजे तक दी गई ढील के दौरान भी अनावश्यक तौर पर घर से बाहर न निकलें, जबकि जरूरी सामान लेने के लिए भी घर से केवल एक ही व्यक्ति बाजार तक आए। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू के दौरान यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि बाहरी राज्यों से घरों में आए स्थानीय लोगों के संबंध में किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि आवश्यक हो तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने बाहर से आए लोगों से भी आग्रह किया है कि यदि किसी ने घर पहुंचने की सूचना अभी तक नहीं दी है तो वह स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को इसकी सूचना तुरंत उपलब्ध करवाएं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बना रहीं मास्क

कांगू (हमीरपुर)। सेवा भारती और पनसाई महिला मंडल के सहयोग से आठ हजार मास्क तैयार करने का कार्य चल रहा है। कोरोना के खिलाफ जंग में हर कोई अपनी ओर से योगदान कर रहा है। इस समय सबसे अधिक जरूरत मास्क और सैनिटाइजर की है। मार्केट में इसकी कमी है, इसलिए कई महिलाएं घर पर ही इन्हें तैयार कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वंदना कुमारी भी आपदा की इस घड़ी में खुद मास्क तैयार कर रही हैं। हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के पनसाई गांव स्थित अपने मायके में इन दिनों वंदना मास्क तैयार करने में जुटी हैं। पनसाई महिला मंडल के साथ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष को मास्क बनाते देख हर कोई हैरान है कि अन्य जिम्मेदारियों के साथ वह इस कार्य में भी निपुण हैं। वंदना ने बताया कि सेवा भारती व अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से 90 मीटर से अधिक कपड़ा लाया गया है। करीब 8,000 मास्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर यह कपड़ा कम पड़ गया तो और लाया जाएगा। वंदना ने बताया कि पनसाई महिला मंडल के सहयोग से तैयार किए जा रहे इन मास्क को जरूरतमंद लोगों में बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से मुकाबला करने के लिए हमें घर पर ही रहना होगा, सामाजिक दूरी बनाए रखने से ही यह संभव होगा। वंदना ने कहा कि मास्क बनाने में नीतू शर्मा, सुनीता, शशि, आरती और सुरेश का योगदान सराहनीय है। जरूरतमंद लोगों को राशन भी मुहैया करवाया जा रहा है। ... और पढ़ें

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में हो सकेंगे कोरोना समेत सभी वायरस के टेस्ट : सुक्खू

हमीरपुर। कोरोना संक्रमण की दहशत के बीच हमीरपुर और आसपास के जिलों के लिए अच्छी खबर है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में जल्द कोरोना समेत सभी वायरस के टेस्ट हो सकेंगे। नादौन के विधायक और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस-पॉलिमरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट की मशीन खरीदने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अपनी विधायक निधि से 35 लाख रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन से खरीद प्रक्रिया पूरी कर एक महीने के अंदर टेस्ट मशीन स्थापित करने का अनुरोध किया है ताकि, कोरोना के संदिग्ध मामलों की पुष्टि हमीरपुर में हो सके। इससे स्थानीय व आसपास के जिले के लोगों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
अभी निजी लैब में आरटी-पीसीआर टेस्ट 7000 रुपये में हो रहा है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में इस टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए यह टेस्ट मशीन जरूरी थी। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप पर काबू पाने के लिए संक्रमित मरीजों का समय पर पता चलना भी जरूरी है। इसलिए मशीन खरीदने के लिए उन्होंने अपनी विधायक निधि से 35 लाख रुपये दिए हैं। इससे लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। हमीरपुर के साथ ही बिलासपुर, मंडी, ऊना व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को कोरोना या अन्य वायरस के टेस्ट कराने के लिए न तो दूरदराज जाना होगा, न ही निजी लैब में मोटी रकम चुकानी होगी। आरटी-पीसीआर टेस्ट से तत्काल यह पता चलता है कि संदिग्ध व्यक्ति सार्स-कोविड-2 व अन्य वायरस से संक्रमित है या नहीं। इस मशीन से स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, इन्फ्लूएंजा सहित अनेक तरह के फ्लू और वायरस की जांच व तुरंत रिजल्ट संभव है। पीसीआर टेस्ट वैसे तो 2000 रुपये तक में होता रहा है, लेकिन कोरोना के फैलने पर यह मार्केट में 7000 रुपये में किया जा रहा है। आरटी-पीसीआर टेस्ट मशीन के मेडिकल कॉलेज में स्थापित होने पर जांच तेजी से होगी और लोगों की जान जाने का खतरा भी काफी कम हो जाएगा, क्योंकि टेस्ट पॉजिटिव आने पर तुरंत उपचार शुरू हो सकेगा।
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घंगोट पेयजल योजना से बिना फिल्टर पानी की हो रही सीधी सप्लाई

गारली (हमीरपुर)। जलशक्ति विभाग उपमंडल बड़सर की घंगोट पेयजल योजना से लोगों को नाले का दूषित जल पिलाया जा रहा है। एलडब्ल्यूएसएस बणी-बड़सर-गारली की आईबी जोन घंगोट पेयजल स्कीम से पिछले कई महीनों से हजारों लोगों को नाले का दूषित जल पिलाया जा रहा है। पेयजल स्कीम के तीनों फिल्टर बेड और सेडिमिनेशन बेड कई महीनों से खराब पड़े हैं तथा इनमें कई महीनों से दूषित जल स्टोर है। जिनमें कीड़े और मछलियां तैरती हुई दिखाई दे रही हैं। बिना फिल्टर के ही सीधे नाले से पानी मेन टैंक में स्टोर होकर लोगों के घरों तक सप्लाई किया जा रहा है। जिस भंडारण टैंक से पानी स्टोर करके लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है, उसमें काफी कचरा भरा पड़ा है।
इस तरह दूषित जल पीने के लिए हजारों लोग मजबूर हैं। बावजूद इसके विभाग अनजान और मूकदर्शक बना हुआ है। साल में दो बार फिल्टर बेड और भंडारण टैंक की साफ सफाई करना अनिवार्य है और समय पर क्लोरीनेशन का कार्य करना जरूरी है। गंदा पानी पीने की वजह से डायरिया जैसी भयंकर बीमारी फैल सकती है। उपमंडल भोरंज में भी दूषित पानी पीने से करीब 500 लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। नवंबर 2017 में भी घंगोट पेयजल योजना से नाले का पानी सीधा सप्लाई किया गया था और यह मुद्दा उठा था। जिस पर विभागीय अधिकारियों की जवाब तलबी की गई थी। लेकिन, विभागीय अधिकारियों ने सीख नहीं लेते हुए दोबारा बड़ी लापरवाही को जानबूझकर अंजाम दिया है। इस पेयजल स्कीम में दो पंचायतों के लगभग एक दर्जन गांव घंगोट-1,घंगोट-2,घंगोट-3, बडडू, गुतियाना, बटयाणा, जजल, घाटा पंगा, टघेन, धर्मशाला पिंड, नैन, तप्पा, रप्पड़ इत्यादि आते हैं। इनके ग्रामीण पिछले कई महीनों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इस संदर्भ में सहायक अभियंता जलशक्ति विभाग बड़सर सुरेश कुमार का कहना है कि इस तरह का मामला उनके ध्यानार्थ नहीं है। पूरे मामले की निष्पक्ष व पारदर्शिता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह स्वयं जाकर इस घटनाक्रम की जांच करेंगे।
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मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को पेश आ रही परेशानियां

हमीरपुर। लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान जिले में मेडिकल स्टोर बंद रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ कर्फ्यू में ढील के दौरान ही रोजाना सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ही मेडिकल स्टोर खुले रहते हैं। कर्फ्यू में ढील के बाद इमरजेंसी में इंसानों को अपने उपचार के लिए मेडिकल स्टोर पर दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही हैं। अस्पताल में चेकअप के दौरान सरकारी सप्लाई में मिलने वाली कई दवाइयां उपलब्ध नहीं होती हैं। जिसके चलते मरीजों को प्राइवेट मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। लेकिन, मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों का मर्ज और भी बढ़ रहा है। कुछ यही हाल पशुपालकों का भी है। हमीरपुर में अधिकतर लोगों की आजीविका का साधन दुग्ध उत्पादन है।
किसानों ने गाय और भैंस के अलावा बकरियां पाली हुई हैं। लेकिन, मवेशियों के बीमार होने पर उन्हें घर के नजदीक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही। चूंकि, जिले में कर्फ्यू के दौरान अधिकतर वेटरनरी डिस्पेंसरियां बंद हैं। कर्फ्यू के दौरान जिले में केवल बड़े पशु चिकित्सालय ही खुले रहते हैं जोकि गांव से काफी दूर होने के चलते किसानों और पशुपालकों की पहुंच से बहुत दूर हैं। हमीरपुर जिला में 116 रेगुलर वेटरनरी डिस्पेंसरियों की संख्या हैं, 99 मुख्यमंत्री आरोग्य पशु औषधालय हैं। पशु चिकित्सालयों की संख्या 16 है। जहां पर मवेशियों का इलाज किया जाता है। लेकिन, वर्तमान में लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण डिस्पेंसरियां बंद हैं। पशुपालकों विधि चंद, किशोरी लाल, सुरेश ठाकुर, प्रदीप कुमार और प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को सभी वेटरनरी और मेडिकल स्टोर को दिनभर खुला रखने के आदेश जारी करने चाहिए।
इस बारे में पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि वेटरनरी डिस्पेंसरियां बंद हैं। केवल पशु चिकित्सालयों को ही खोलने के आदेश हैं। अगर गांव में किसी पशुपालक के मवेशी को कोई बीमारी है तो उसे ऑन कॉल चिकित्सक और फार्मासिस्ट को भेजा जा सकता है।
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एलआईसी अपने अभिकर्ताओं को एडवांस देगा 50 हजार, दो किस्तों में मिलेगी राशि

भारतीय जीवन बीमा निगम कोरोना के कारण पैदा हुई संकट की घड़ी में अभिकर्ताओं के साथ खड़ा है। कंपनी ने कोरोना से निपटने के लिए देशसेवा में करोड़ों की सहायता दी है। अपने अभिकर्ताओं को भी 50 हजार रुपये की अग्रिम राशि देने का फैसला लिया है। एलआईसी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। भारतीय जीवन बीमा के सभी कार्यालयों को पत्र से सूचित कर दिया है। भारतीय जीवन बीमा कंपनी अपने अभिकर्ताओं को यह सहायता राशि दो किस्तों में बिना किसी ब्याज के देगी। इसकी एक किस्त अप्रैल और दूसरी मई में एजेंटों को मिलेगी। 

कंपनी देश के 6 लाख 55 हजार जीवन बीमा एजेंटों को यह लाभ देगी। हमीरपुर के करीब 1000 अभिकर्ता शामिल हैं। एलआईसी देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। वह अपने एजेंटों को कमीशन के साथ स्थायी फंड की सुविधा भी उपलब्ध करवाती है। कंपनी ने देश को इस संकट की घड़ी से उबारने के लिए करोड़ों की धनराशि दी है। कोरोना के चलते लॉकडाउन में घर बैठे अपने अभिकर्ताओं का खास ध्यान रखते हुए उन्हें बिना ब्याज के एक अग्रिम राशि देने का फैसला लिया है। कंपनी केवल उन्हीं अभिकर्ताओं को यह लाभ वितरित करेगी, जो एजेंट पिछले पांच वर्षों से कंपनी के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते घर में बैठे एजेंटों को भारतीय जीवन बीमा कंपनी ने 50 हजार रुपये अग्रिम राशि देने का फैसला लिया है। कंपनी की शर्त के अनुसार अभिकर्ता की पॉलिसी को लिए पांच साल से अधिक समय होना जरूरी है। तथा पिछले साल के रिन्युअल कमिशन के आधार पर अग्रिम राशि एजेंटों को दी जाएगी। - सुरेंद्र राणा, कार्यालय अधिकारी, भारतीय जीवन बीमा निगम
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नादौन में उत्पात मचा रहे बैल की रेबीज से हुई मौत

एलआईसी
नादौन (हमीरपुर)। स्थानीय कस्बे में दो दिनों से आतंक मचा रहे बैल की शनिवार दोपहर को मौत हो गई। मरने से पहले यह बैल करीब 7 लोगों पर हमला कर चुका था, वहीं सड़क पर आते जाते कई वाहनों पर भी इस ने हमला किया था। चिकित्सकों के अनुसार यह बैल रेबीज के कारण पागल हो गया था। शनिवार सुबह भी इस बैल ने बस अड्डा से लेकर सब्जी मंडी तक उत्पात मचाया।
इस दौरान इसने कई लोगों पर हमला भी कर दिया, इस हमले में ये लोग बाल-बाल बचे। शनिवार सुबह 7 बजे से 10 बजे तक जैसे ही कर्फ्यू में ढील दी गई, काफी लोग नादौन बस अड्डा तथा स्थानीय बाजार में सामान लेने निकले, उसी दौरान बैल ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। जिस कारण बस अड्डा के अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इंद्रपाल चौक के पास चल रहे एक दिव्यांग व्यक्ति पर भी इस बैल ने हमला कर दिया। जिसे आसपास के दुकानदारों तथा लोगों ने बड़ी कठिनाई से बैल के चंगुल से बचाया। कई लोगों ने बस अड्डा पर खड़ी बसों के नीचे छिप कर अपनी जान बचाई। उसके बाद लोगों ने पत्थरों और डंडों से उसे वहां से भगा कर इस घटना की सूचना खंड विकास अधिकारी पारस अग्रवाल को दी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हमीरपुर में संपर्क करके बैल को बेहोश करने की दवाई और गन मंगवाई, परंतु इसी दौरान बैल की मौत होने की सूचना मिली। इस संबंध में डॉक्टर संदीप पाटिल ने बताया कि इस बैल को रेबीज होने का अंदेशा है, इस कारण उसकी मौत हुई है। एसडीएम किरण बड़ाना ने बताया कि नगर पंचायत को निर्देश देकर इसे दफनाने को कहा गया है।
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लॉकडाउन में मनपसंद हेयर कटिंग नहीं करवा पा रहे युवा

सुजानपुर (हमीरपुर)। लॉकडाउन के चलते युवा न्यू हेयर स्टाइल और बालों को नई लुक नहीं दे पा रहे हैं। सैलून बंद हैं। इससे पहले शहर से लेकर गांव के युवाओं में अलग-अलग अंदाज से हेयर कटिंग करवाने का क्रेज था। वहीं, बालों में कलर करवाने का भी फैशन देखने को मिलता था, लेकिन इन दिनों सैलून न खुलने के कारण युवाओं में बढ़ रही हेयर स्टाइल बदलने की रफ्तार रुक गई है। हालांकि, फैशन के इस दौर में आए दिन कोई न कोई न्यू हेयर स्टाइल कटिंग युवाओं के सिर पर देखी जा सकती है। युवा विभिन्न अभिनेताओं, खिलाड़ियों के हेयर स्टाइल को भी फॉलो करते हैं। ऐसे में लॉक डाउन के चलते युवा फैशन के अनुसार कटिंग नहीं करवा पा रहे हैं। हेयर कटिंग में वन साइड कटिंग, टू साइड कटिंग, फौजी कटिंग, मशरूम कटिंग, ब्रज कटिंग आदि न्यू स्टाइल में शामिल हैं। ... और पढ़ें

डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मामले दर्ज किए

भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज पुलिस ने डिजाटर मैनेजमेंट एक्ट में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने दीपक कुमार गांव पाहली डाकघर भरेड़ी तहसील भोरंज, संजीव कुमार गांव गुंदवीं डाकघर भुक्कड़ तहसील भोरंज, संजीव कुमार गुंदवी डाकघर अमरोह तहसील भोरंज पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त जगदीश चंद गांव व डाकघर जाहू तहसील भोरंज पर सरकारी आदेश के पालन में बाधा और अवज्ञा करने पर पुलिस ने धारा 188 और 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक अन्य मामले में रवि कुमार गांव घुमारवीं डाकघर लगमन्वी तहसील भोरंज से 8 बोतल शराब पुलिस की मिली हैं। जिस पर भोरंज पुलिस ने आबकारी और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी एसएचओ कुलवंत सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू नियमों को तोड़ने पर पुलिस सख्त कार्रवाई अमल में ला रही है। ... और पढ़ें

घायल बारहसिंगा ने तोड़ा दम, विभाग ने दफनाया

भोटा (हमीरपुर)। सलौनी के समीप कठियाणा पंचायत के गांव गोडी की गगोल बस्ती में शनिवार सुबह लोगों को झाड़ियों में घायल हालत में बारहसिंगा मिला। इस बारे में लोगों ने वन विभाग वाइल्ड लाइफ और वेटरनरी विभाग को फोन के माध्यम से सूचित किया। सुबह करीब 10 बजे संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. केएल शर्मा, वेटरनरी ऑफिसर डॉ. राठौर, फार्मासिस्ट पवन कुमार ने बारहसिंगा को बचाने का भरपूर प्रयास किया। वन्य विभाग की गाड़ी बारहसिंगा को उपचार के लिए पालमपुर ले जा रही थी। लगभग 2 बजे के समीर बारहसिंगे ने दम तोड़ दिया। बारहसिंगे की एक टांग टूटी हुई थी। बताया जा रहा है कि यह बारहसिंगा पिछले दो दिनों से गंभीर घायल था। मौत की पुष्टि होने के बाद वन विभाग व लोगों ने बारहसिंगे को दफना दिया। ... और पढ़ें

लॉकडाउन उल्लंघन के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाएगी पुलिस

हमीरपुर। कर्फ्यू के दौरान बिना कारण घर से बाहर निकलने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए अब हमीरपुर पुलिस अनूठा तरीका अपनाएगी। सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर ऐसे लोगों के फोटो और वीडियो जिला पुलिस हमीरपुर अपने आधिकारिक फेसबुक और ट्विटर हैंडल पर साझा करेगी। जिला पुलिस ने इस अभियान को हैश टैग समाज के दुश्मन नाम दिया है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि देखने में आया है कि कुछ लोग कर्फ्यू के बावजूद बिना किसी कारण घरों से बाहर निकल रहे हैं। इनके खिलाफ केस दर्ज करना ही एकमात्र समाधान नहीं है, बल्कि इन्हें जागरूक किया जाना जरूरी है। इसके लिए सोशल मीडिया पर एक अभियान चलाया जाएगा। जिसे हैश टैग समाज के दुश्मन नाम दिया जाएगा। बता दें कि हमीरपुर जिले में दर्जनों केस कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर लोगों पर दर्ज किए गए हैं। कई गाड़ियां भी बांड की गई हैं। जिला पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के साथ ही सोशल मीडिया को अपना कारगर हथियार बनाने का निर्णय लिया है। ... और पढ़ें

डायरिया की चपेट में आए लोगों की घर द्वार जांच कर रहे चिकित्सक

भोरंज (हमीरपुर)। जहां एक ओर संपूर्ण विश्व कोरोना की समस्या से जूझ रहा है, वहीं भोरंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाली लुद्दर पंचायत में डायरिया का कहर तीसरे दिन भी जारी है। इस पंचायत से सैकड़ों लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। भोरंज से विधायक कमलेश कुमारी ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और इस समय हर जगह सावधानी बरतने के आदेश जारी किए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र के टैंकों का निरीक्षण करे और पानी की जांच भी की जाए। डायरिया के मरीज अधिक बढ़ने के कारण उन्होंने बीएमओ भोरंज ललित कालिया को निर्देश दिए कि वह गांव में जाकर ही मरीजों की जांच करें और उन्हें वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया जाए। इस दौरान लुद्दर में स्वयं बीएमओ डॉ. ललित कालिया और लझियानी में डॉ. पृथ्वीपाल पाल ने मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। इस अवसर पर स्वयं विधायक कमलेश कुमारी भी वहां पर मौजूद रही। उन्होंने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि पानी के सारे टैंक साफ करवा दिए गए हैं और सभी से निवेदन है कि अपने घरों की टंकियां साफ कर लें और पानी उबालकर ही पीएं। लुद्दर पंचायत के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने विधायक की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और लोगों को घर द्वार सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग ओम प्रकाश भारद्वाज, एसडीओ अजय वर्मा सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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