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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

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हिमाचल: घर से ही सेवानिवृत हो जाएंगे सरकारी कर्मी, पीएफ निकालने की शर्तों में ढील

31 मार्च 2020 को हिमाचल सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी घर पर बैठे ही सेवानिवृत हो जाएंगे।

30 मार्च 2020

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रामपुर बुशहर

मंगलवार, 31 मार्च 2020

छितकुल में एक फीट हिमपात

रिकांगपिओ/भावानगर(किन्नौर)। किन्नौर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से एक बार किन्नौर जिला ठंड की चपेट में है। मध्य रात्रि से समूचे जिले में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है। जिले में शुक्रवार को सुबह से ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। जिसके कारण छितकुल में एक फीट, रक्षम में 6 इंच, आसरंग में 6 इंच हिमपात दर्ज हुआ है। निचले क्षेत्र रिकांगपिओ, पोवारी और भावानगर में बारिश होने से कड़ाके की ठंड में लोग घरों में दुबके रहे। मौसम खराब होने के चलते जिला किन्नौर में कर्फ्यू के दौरान दी गई खरीदारी की छूट में लोगों की भीड़ न के बराबर रही। जिला किन्नौर रिकांगपिओ के मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे के बजाय साढ़े 7 बजे दुकानें खुली। ऐसे मौसम के चलते कुछ लोगों ने ही सब्जी, राशन की खरीदारी की। बारिश के कारण तापमान में गिरावट होने के कारण लोगों की आवाजाही न के बराबर रही। बाजार में राशन, मेडिकल, सब्जी की दुकानें खुली रहीं। वहीं दूसरी तरफ बैंक एटीएम, डीसी और एसपी ऑफिस एसडीएम कल्पा खुला रहा। किन्नौर की जनता कोरोना वायरस के प्रति जागरूक होने से स्वयं ही भीड़भाड़ और एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए हुए है।
बीएसएनएल की कनेक्टिविटी न होने के कारण कुछ बैंकों में कार्य करने में बाधाएं उत्पन्न हुई। वहीं बीएसएनएल एसडीओ द्वारा सांगला, मूरंग, भावानगर के बीच में बीएसएनएल का सर्वर डेमेज हुआ डॉ. मेजर अवनिद्र शर्मा ने बताया कि रिकांगपिओ के आसपास के क्षेत्रों में व्यापार मंडल के सहयोग से घर, मोहल्ले तक सब्जी, राशन पहुंचाने के लिए एक मुहिम चलाई जाएगी।
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कारोबारी ने सीएम राहत कोष में दिए 21 लाख, बिजली बोर्ड भी देगा एक दिन का वेतन

ग्रीनबैरी वेलफेयर फाउंडेशन नारकंडा के चेयरमैन और नारकंडा के कारोबारी राजेश कुमार गुप्ता ने कोरोना वायरस से लडने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 लाख रुपये की राशि दान की है। उन्होंने दिल्ली से सीधे मुख्यमंत्री के राहत कोष खाते में राशि ट्रांसफर कर सामाजिक दायित्व का बहुत बड़ा संदेश दिया है। गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी को एकजुट होकर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वायरस का सामना करने की आवश्यकता है। संवाद

बिजली बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। शुक्रवार को बोर्ड के कार्यकारी निदेशक कार्मिक ने पत्र जारी कर बताया कि बोर्ड प्रबंधन की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ हुई बैठक में इसको लेकर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि सभी बोर्ड कर्मचारियों के वेतन से एक दिन का वेतन काट कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करवाया जाएगा।
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बागवानों को सेब की दवाएं मिलना हुआ शुरू, हजारों बागवानों ने ली राहत की सांस

रामपुर बुशहर। देशभर में कोरोना के खौफ से जहां लॉकडाऊन किया गया है, वहीं प्रदेश के जिला शिमला में भी कर्फ्यू लगाकर लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सेब बहुल इलाकों में रहने वाली अधिकतर आबादी सेब की फसल पर ही निर्भर है। ऐसे में उन्हें सेब पर होने वाले छिड़काव की दवाएं न मिलने से बागवान काफी चिंतित थे, लेकिन वीरवार से प्रदेश के बागवानों को सेब की दवाएं विक्रय केंद्रों पर मिलनी शुरू हो गई हैं।
गौर हो कि चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर में हजारों बागवान सेब की दवाओं की खरीद के लिए पहुंचते हैं। शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के बागवान रामपुर बाजार से सेब की दवाओं सहित खेतों में इस्तेमाल होने वाले औजार भी खरीदते हैं। सेब सहित अन्य नकदी फसलें और सब्जियों का उत्पादन भी इन जिलों में अधिकाधिक होता है। कोरोना वायरस के चलते जिला शिमला में कर्फ्यू लगा दिया गया और किसान बागवानों को दवाएं और बीज न मिलने से उन्हें खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही थी, लेकिन वीरवार से स्थानीय प्रशासन ने रामपुर बाजार सहित उपमंडल की अन्य पेस्टीसाइड और इनसेक्टिसाइड दुकानों को खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में अब बागवान सेब पर होने वाली स्प्रे और आवश्यक दवाओं का छिड़काव कर सकते हैं। क्षेत्र के हजारों बागवानों ने प्रशासन के इस निर्णय से राहत की सांस ली है। एसडीएम नरेंद्र चौहान ने कहा कि रामपुर उपमंडल में सेब की दवाएं बागवानों को मुहैया करवाने के लिए विक्रय केंद्रों को खोल दिया गया है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 26, 28, 30 और इसी तरह एक दिन छोड़ कर दूध, सब्जी, किराना, दवा केंद्रों सहित गैस आपूर्ति लोगों को दी जाएगी। कर्फ्यू के चलते सुबह 8 से 11 बजे तक ही खरीदारी करने का समय रहेगा।
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राशन के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे शहर के चक्कर

रामपुर बुशहर। कोरोना वायरस के खौफ को लेकर जहां लोग सहमे हुए हैं, वहीं कई इलाकों में लोगों को खाद्य आपूर्ति कम होने की भी चिंता सता रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। खाद्य आपूर्ति विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में राशन सामग्री है, जो पहली अप्रैल से पंचायतों के राशन डिपुओं में क्रमवार पहुंचाई जाएगी। वहीं विभाग ने राशन डिपो चला रहे संचालकों को भी सोशल डिस्टेंसिंग और एहतियात के तौर पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए प्रशासन की तरफ से सभी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उपमंडल के विभिन्न ग्रामीणों को राशन की कमी के चलते अब रामपुर बाजार आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्हें घरद्वार पर ही एक अप्रैल से क्रमवार राशन मुहैया करवाया जाएगा। पंचायत स्तर पर बनी पीडीएस की सोसायटी से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री दी जाएगी। खाद्य आपूर्ति निरीक्षक धनवीर ठाकुर ने कहा कि विभाग के पास राशन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसे सोसायटी को भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। राशन की पहली सप्लाई 1 अप्रैल को भेजी जाएगी और यह क्रमवार लगातार जारी रहेगी।
राशन आवंटन की यह रहेगी तिथि
खाद्य आपूर्ति निरीक्षक धनवीर ठाकुर ने बताया कि एक अप्रैल को गानवी, कूट, क्याव, फांचा और जघोरी, देवनगर, पलजारा, नरैंण, जराशी, बठारा, घराट, सराहन, शाहधार, किन्नू, करेरी, देवठी, कूहल, मझाली, दो अप्रैल को तकलेच, जोगनी, काशापाट, दरकाली, बाहली, शिंगला, शनेरी, लालसा, डंसा, जगुनी, रचोली, गौरा, डोबी, दोफदा, मशनू, रत्नपुर, फूंजा, ज्यूरी, बधाल, 3 अप्रैल को झाकड़ी, रामपुर, नोगली, निरसू, दत्तनगर, नीरथ, बरकेली, भड़ावली, कलेडा, सुरढ़, सरपारा, चूहाबाग और खनेरी में राशन बंटेगा। इस दौरान यह भी ध्यान रखा जाएगा कि अगर किसी भी सोसायटी को तय राशन नहीं मिला है तो वहां पर पूरा राशन देने तक सप्लाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी पीडीएस डिपो संचालकों को यह हिदायत दी है कि राशन देते समय ध्यान रहे कि कोई तय दूरी का उल्लंघन न करे। साथ ही प्रशासन ने पंचायत स्तर पर नुमाइंदों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को दूर करें। अगर उन्हें राशन की कमी आ रही है तो उसे प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उन्हें राशन उपलब्ध करवाया जा सके।
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पूर्वनी झूला के पास 15 घंटे बंद रहा एनएच-5

सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर में एनएच-5 पूर्वनी झूला के पास 15 घंटे बंद रहा। मार्ग सोमवार सुबह 11 बजे बहाल हो पाया। पहाड़ी से लगातार पत्थरों के गिरने से रविवार देर शाम लगभग 8 बजे मार्ग पूर्वनी झूला के पास बाधित हो गया। सूचना मिलते ही सीमा सड़क सुरक्षा संगठन की मशीनरी ने मार्ग को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया। पहाड़ी से लगातार पत्थरों के गिरने से कार्य करना मुश्किल हो रहा था। इस कारण मार्ग को बहाल करने में सीमा सड़क सुरक्षा संगठन को समय लगा। पहाड़ी से लगातार पत्थरों के गिरने से दो मशीनों को भी नुकसान पहुंचा है। सीमा सड़क संगठन के मजदूरों ने कड़ी मशक्कत कर 15 घंटे के बाद एनएच-5 को बहाल किया। उधर, सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने बताया कि रविवार को चट्टानेें गिरने से एनएच-5 बंद हो गया था जो अब बहाल कर दिया गया है। ... और पढ़ें

मजदूरों के लिए नहीं पेयजल और शौचालय की व्यवस्था

आनी (कुल्लू)। कोरोना वायरस के चलते शुभ कार्यों में भी इसका ग्रहण लग गया है। आजकल नवरात्र पर्व चले हैं। नवरात्रों में लोग मंदिरों में पहुंचते थे और लाखों का चढ़ावा चढ़ता था, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते मंदिरों में सन्नाटा पसरा है।
आनी क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन भी होना था। लेकिन इस माहामारी ने सभी धार्मिक अनुष्ठानों पर ब्रेक लगा दी है। 14 अप्रैल के बाद यदि लॉकडाउन जारी रहा तो आनी विस क्षेत्र में होने वाली सैकड़ों शादियों पर भी ब्रेक लग जाएगी। क्षेत्र के विद्वान गोपाल देव शर्मा का कहना है कि वैशाख महीने में करीब सौ शादियां आनी विस क्षेत्र में हो सकती हैं, लेकिन यदि स्थिति सामान्य नहीं रही तो समारोहों पर विराम लग जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता की भलाई के लिए जो भी दिशा निर्देश जारी किए हैं उसका हम सभी को पालन करना होगा। तभी इस लाइलाज बीमारी से जल्द छुटकारा मिलेगा और सभी शुभ कार्य हम कर पाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि सभी इस विकट घड़ी में संयम से काम लें और समाज को सुरक्षित बनाए रखने में अपना योगदान दें।
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चिखड़ेश्वर महाराज जनोग देवठी ने कोरोना रिलीफ फंड में दिए एक लाख 11 हजार

ठियोग (रामपुर बुशहर)। उत्तर भारत की सबसे प्राचीन देवठियों में से एक चिखड़ेश्वर महाराज की जनोग देवठी मदद के लिए आगे आई है। जनोग देवठी के प्रधान मोहन राठौर ने बताया कि चिखड़ेश्वर महाराज जनोग देवठी ने कोरोना रिलीफ फंड में 1 लाख 11 हजार रुपये दिए हैं। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को हुई ग्रहणी यानी दिन्वाहो के माध्यम से देवता चिखड़ेश्वर, देवता जदराई और देवी नगरकोटी बृजेश्वरी ने सभी को आश्वस्त किया कि अगर कोई आपदा आई तो देव भंडार के सभी दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। हर आपदा में जनोग देवठी का सहयोग रहा है और आगे भी रहेगा। चीन के साथ युद्ध के दौरान भी जनोग देवठी ने सरकार की आर्थिक सहायता की थी, इसका प्रमाण आज भी मंदिर में है। ... और पढ़ें

बाजार में नहीं दिखी भीड़, इक्का-दुक्का लोगों ने ही की खरीदारी

रामपुर बुशहर। जिला शिमला में कर्फ्यू के पांचवें दिन भी स्थिति सामान्य बनी रही। रविवार को रामपुर बाजार में लोगों की भीड़ कम रही। सुबह 10 से एक बजे तक बाजार में इक्का-दुक्का लोग ही खरीदारी करने पहुंचे।
कर्फ्यू के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। वायरस की चिंता किए बगैर पुलिस जवान कानून व्यवस्था बनाए रखने में निरंतर तैनात हैं। नारकंडा से लेकर ज्यूरी तक पुलिस ने 10 से अधिक स्थानों पर नाकाबंदी कर रखी है और केवल आपात स्थिति में ही लोगों को आवाजाही करने दी जा रही है। बेवजह घूम रहे लोगों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
रामपुर उपमंडल के विभिन्न स्थानों में लोग बिना आवश्यक कार्यों के घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई अमल में ला रही है। पुलिस प्रशासन ने नारकंडा, कुमारसैन, सैंज, कोटगढ़, सुंगरी, नोगली, वजीर बावड़ी, रामपुर के चौधरी अड्डे, झाकड़ी और ज्यूरी में नाके लगा रखे हैं। यहां से गुजरने वाले हर शख्स की पुलिस जांच कर रही है। कर्फ्यू के दौरान कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने 90 से अधिक जवानों को तैनात किया है, जिनमें 25 वन रक्षक और फर्स्ट आईआरबी के छह जवान भी स्थिति संभाले हुए हैं। केवल अति आवश्यक कार्यों के चलते ही लोगों को जाने की अनुमति दी जा रही है। वहीं नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस का डंडा भी चल रहा है। कर्फ्यू के दौरान दी गई ढील के दौरान पुलिस लोगों में सामंजस्य स्थापित कर सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना करने के बारे में जागरूक कर रही है।
उधर, डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि कुछ एक स्थानों में लोग नियम तोड़ रहे हैं, जिन पर पुलिस बराबर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि नारकंडा से लेकर ज्यूरी तक 90 से अधिक जवान कर्फ्यू के दौरान तैनात हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से आह्वान किया है वे सतर्कता बरतें और सरकारी निर्देशों की सख्ती से पालना करें, ताकि कोरोना वायरस के खतरे से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
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कर्फ्यू में ढील के दौरान शुक्रवार को लोग पहुंचे दुकानों में सामान की खरीद के लिए

रोहडू। कोरोना से फैलने वाले संक्रमण के खतरे को लेकर लॉकडाउन और कर्फ्यू के बाद रोहडू कस्बे में सब्जियों और फलों की आपूर्ति नहीं हो रही है। बाजार में शनिवार को करीब सभी दुकानों में सब्जियों का कोटा खत्म हो चुका था। अब लोग एकांतवास के दौरान अपने घरों में दाल-रोटी और चावल से ही गुजारा करने को मजबूर हैं।
कर्फ्यू में ढील के दौरान शनिवार को रोहडू बाजार में गांवों से खरीदारी के लिए लोग पहुंचे, जिन्होंने हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा। दुकानों में कहीं भी भीड़ नहीं दिखी। सरकारी राशन के डिपुओं में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए वालंटियर और पुलिस जवानों ने भी सहयोग किया। कर्फ्यू में ढील से पहले ही लोग बाजार को पूरा खाली कर चुके थे। बीते दो दिन से पुलिस के जवानों को भी अब लोगों को समझाने के लिए अधिक कसरत नहीं करनी पड़ रही। हर तहसील मुख्यालय की सीमा के साथ पुलिस ने चौबीस घंटे के लिए नाकाबंदी कर रखी है। उधर, प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में कहीं पर राशन की कमी नहीं है। सरकारी दुकानों में पर्याप्त राशन उपलब्ध है। बाजार में भी लोगों को राशन जरूरत अनुसार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी की यदि कहीं से सूचना मिलती है तो उसकी तहसील, उपमंडल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें। जमाखोरों और अधिक मुनाफाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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किन्नौर के लोगों को लगातार मिलेगी खाद्य आपूर्ति

रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में मौसम खुलने के बाद शनिवार को कर्फ्यू के समय दी गई ढील के दौरान लोगों ने खूब खरीदारी की। सुबह 10 बजे से ही लोगों की भीड़ राशन, सब्जियां खरीदने के लिए उमड़ पड़ी। इस दौरान पुलिस बल को भी बढ़ाया गया। रिकांगपिओ में एसडीएम और उपायुक्त कार्यालय में भी जरूरतमंद लोगों के लिए कल्पा ब्लॉक और जिले से बाहर जाने वालों की खासी भीड़ देखने को मिली। रिकांगपिओ व्यापार मंडल ने रल्ली में आठ मजदूरों सहित अन्य लोगों को निशुल्क राशन वितरित किया।
जिला किन्नौर के लिए चंडीगढ़ से सब्जी और फल लेकर चले ट्रक ड्राइवर सोनू कुमार ने बताया कि 26 मार्च को चंडीगढ़ की सब्जी मंडी सेक्टर 26 से शाम के आठ बजे वह किन्नौर की ओर रवाना हुआ था। चंडीगढ़ से रिकांगपिओ तक चाय ढाबा खुला न होने के कारण वह तीन दिन से भूखा-प्यासा यहां तक पहुंचा। बिथल से पहुंचे पिकअप चालक सतीश कुमार ने बताया कि वह किन्नौर जिले के लिए दूध, दही, ब्रेड, पनीर लेकर पहुंचा। उधर, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी शैलेश हितेषी ने कहा कि जिले में राशन की कोई कमी नहीं है। 6 महीने का राशन जनता को दिया गया है, जबकि नए राशन का स्टाक भी एक सप्ताह के भीतर डिपुओं में पहुंचा दिया जाएगा। इसके कागजात तैयार किए जा रहे हैं। जिले के लोगों को राशन लगातार मिलता रहेगा। एसपी किन्नौर एसआर राणा ने बताया कि कर्फ्यू के चौथे दिन जिले में शांतिपूर्ण स्थिति रही। लोग कर्फ्यू की अनुपालना कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने दस ऐसे बुजुर्ग या अकेले रह रहे लोगों को, जिनका कोई देखने वाला नहीं है, उन्हें राशन दिया गया है। जिले के 50 लोगों को पंचायतों और ग्रामीणों की ओर से सहायता दी जा रही है। उपायुक्त गोपाल चंद ने कहा कि कर्फ्यू के चौथे दिन जिले में किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी। शनिवार को लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की।
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वाहनों के लिए नहीं खुली डोडरा-क्वार सड़क

रोहडू। डोडरा क्वार क्षेत्र को जोड़ने वाली मात्र एक मुख्य सड़क नवंबर के बाद वाहनों के लिए बहाल नहीं हो सकी। यहां की सरकारी दुकानों में राशन का कोटा खत्म हो चुका है। क्षेत्र में भुखमरी से निपटने और संक्रमण से बचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क नहीं खुली तो कुछ दिन में लोगों के लिए बड़ी परेशानी हो सकती है।
डोडरा क्वार की पांच पंचायतों के लिए राशन की आपूर्ति नवंबर में की गई थी। उसके बाद अब सरकारी दुकानों में राशन का कोटा कम पड़ चुका है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के कुछ बडे़ दुकानदारों की ओर से ओवर चार्जिंग शुरू हो चुकी है। डोडरा क्वार के लिए मुख्य सड़क बंद होने के बाद कोई राशन की आपूर्ति नहीं की गई। धंदरवाड़ी पंचायत के प्रधान कपिल ने बताया कि सरकारी डिपुओं में राशन खत्म हो चुका है। दूसरे राज्य से काम करने वाले यहां के दर्जनों लोग अपने घर लौटे हैं। अभी तक कोरोना जैसी बीमारी के लक्षण किसी में नहीं पाए गए हैं। यदि संक्रमण पाया गया तो लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क नहीं खुली तो लोगों को खान-पान की परेशानी हो सकती है। क्वार पंचायत के पूर्व प्रधान शंकर चौहान ने बताया कि सरकार ने मार्च तक के राशन का कोटा नवंबर में पहुंचाया था। अब डिपुओं में राशन नहीं है। इस उपमंडल जो जोड़ने वाली एकमात्र सड़क भी बंद हो चुकी है। कर्फ्यू के दौरान पूरा दिन पैदल सफर के बाद लोगों को खच्चरों पर राशन पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इसकी उपमंडल प्रशासन को सूचना दी गई है।
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कटगांव में ढंगा गिरने से मकान खतरे की जद में

भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण भावावैली के कटगांव में तीन भाइयों के मकान के आगे लगा डंगा गिर गया है। इससे मकान पूरी तरह खतरे की जद में आ गया है। इतना ही नहीं, इससे मकान में भी दरारें आ गई हैं। डंगा गिरने के बाद अब भी भूस्खलन हो रहा है, जिससे मकान के किसी भी समय धराशायी होने का खतरा बढ़ गया है। घटना के समय घर में 17 लोग मौजूद थे।
शुक्रवार रात 11 बजे कटगांव के राजू, राजेश और राकेश के घर के आगे बरामदे के निचले तरफ से लगाया गया डंगा अचानक गिर गया है। भूस्खलन की चपेट में बरामदा भी आ गया है, जिससे घर में काफी दरारें आ गई हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि जिस समय में डंगा गिरा, उस समय पूरा परिवार सो रहा था। इस दौरान अचानक जोर के धमाके आवाज सुनाई दी। धमाका होते ही घर से बहार निकले तो देखा कि घर के आगे लगा डंगा ढह गया है और भूस्खलन बरामदे की ओर बढ़ रहा था। उसके तुरंत बाद तीनों भाई अपने परिवार के साथ घर से बाहर निकले और पूरी रात घर के बाहर काटी। भूस्खलन से मकान को खतरा बढ़ता ही जा रहा है। पटवारी ने मौके का मुआयना कर नुकसान की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि इस मकान में तीनों भाई अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत राशि दी गई है।
उधर, एसडीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं, प्रशासन की ओर से फौरी राहत राशि दे दी गई है।
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