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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

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हिमाचल: घर से ही सेवानिवृत हो जाएंगे सरकारी कर्मी, पीएफ निकालने की शर्तों में ढील

31 मार्च 2020 को हिमाचल सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी घर पर बैठे ही सेवानिवृत हो जाएंगे।

30 मार्च 2020

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सिरमौर

मंगलवार, 31 मार्च 2020

बार्डर से वापस लौटाए पर्यटकों के वाहन

पांवटा साहिब (सिरमौर)। कोरोना वायरस को लेकर पांवटा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व निजी संस्थानों ने सतर्कता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बैरियरों पर प्रवेश करने वाले इंट्री प्वाइंटों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की सघन चेकिंग के बाद विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को वापस भेज दिया। उधर, कुछ होटलों ने एहतियात के तौर पर सतर्कता बढ़ा दी है। जबकि, होटल पांवटा वैली के मालिक ने फिलहाल कुछ दिनों के लिए होटलों को भी बंद रखने का फैसला किया है।
देश में कोरोना वायरस के फैलने की आशंका के मद्देनजर केंद्र व राज्य सरकार ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने भी सख्त कार्यवाही करते हुए विदेशी पर्यटक के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। हिमाचल सीमा पर बने यमुनाघाट बैरियर व हरियाणा सीमा के बहराल बैरियर पर बाहरी राज्यों से पहुंचने वाली वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस व होमगार्ड टीम विदेशी पर्यटकों को प्रवेश करने पर चेकिंग कर रही है। जिससे कोरोना वायरस के मामले पर अंकुश लगाया जा सके। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्रों में अभी भी हलचल जारी है। सामान से लदे ट्रक बाहरी राज्यों में जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों धार्मिक, होटल व्यापारियों व औद्योगिक समय विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को जरूरी हिदायतें दी है।
पांवटा साहिब के कारोबारियों, नौकरी पेशा व विभिन्न राज्यों में काम करके लौटने वालों पर नजर रखी जा रही है। पंजाब व चंडीगढ़ में कुछ मामले सामने आने के बाद प्रवेश द्वार पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
प्रदेश में कोरोना का कोई मामला नही आया है। फिर, भी सरकार व प्रशासन सतर्कता के तौर पर प्रदेश के प्रवेश बैरियर ओ पर चौकसी बढ़ा दी गई है। पावंटा क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों के व उद्यमियों समेत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बैठकों में जरूरी हिदायतें और सावधानी बरतने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ज्यादा लोगों को धार्मिक संस्थानों में एकत्र नहीं होने दिया जाएगा।- एलआर वर्मा एसडीएम।
पांवटा साहिब में बढ़ी चौकसी
पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र है। जिसमें प्रतिदिन उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, नेपाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब व उत्तराखंड समेत विभिन्न दक्षिणी राज्यों से लोग व्यापार व रोजगार के लिए पहुंचते है। इसलिए, प्रशासन को इस क्षेत्र में विशेष चौकसी बरतने की जरूरत है। पांवटा से विदेशों में काफी परिवार, नौजवान नौकरी व व्यवसायिक गतिविधियों के चलते बसे हुए है। विशेष कर विदेशी पर्यटकों व धार्मिक पर्यटकों की आमाद रहती है। फिलहाल, प्रवेश पर पाबंदी लगाकर कोरोना वायरस के संक्रमित होने से बचाव का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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श्री रेणुका जी तीर्थ के सभी मंदिर बंद

नाहन/ ददाहू (सिरमौर)। कोरोना वायरस (कोविड-19) के भय के चलते श्री रेणुका जी विकास बोर्ड ने श्री रेणुका जी तीर्थ के सभी मंदिरों के कपाट को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। ज्यादा भीड़भाड़ न हो इसके लिए भी रेणुका में पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके अलावा नाहन को ऐतिहासिक कालीस्थान मंदिर भी दोपहर को बंद रहा। हालांकि, मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती यथावत रहेगी। मंदिर के पुजारी नियमित रूप से मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
सिरमौर जिले के धार्मिक स्थलों में अधिक भीड़ न जुटे इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। पांवटा का होली मेला रद्द करने के बाद त्रिलोकपुर मंदिर न्यास ने भी महामाया बालासुंदरी के मंदिर में लगने वाला चैत्र नवरात्र मेला स्थगित कर दिया है, जबकि अब श्री रेणुका जी तीर्थ स्थल के दायरे में आने वाले सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
रेणुकाजी विकास बोर्ड के अध्यक्ष व उपायुक्त डॉ. आरके पुरुथी ने रेणुका विकास बोर्ड से जुड़े भगवान परशुराम, रेणुका माता, दशावतार व पुरानी देवठी सहित बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों व देवस्थलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश पारित किए हैं। इसके अतिरिक्त नाहन के श्री जगन्नाथ मंदिर व पांवटा साहिब के ठाकुरद्वारा देहिजी साहिब मंदिर को भी इसी क्रम में बंद रखा जाएगा।
तहसीलदार ददाहू रमन ठाकुर ने रेणुका तीर्थ के सभी मंदिरों को 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देशों को मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि तत्काल प्रभाव से ही मंदिरों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से भी इस तरह की सावधानियों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। ताकि, कोरोना वायरस जैसी महामारी की संभावनाओं से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि इस तरह के आदेश लोगों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही लिए गए हैं। उधर, नाहन के रानीताल स्थित शिव मंदिर को भी बंद कर दिया गया है।
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बड़ालानी में पिकअप गिरी, दो की मौत

शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई के अंतर्गत भटनोल-बड़ालानी संपर्क मार्ग पर बुधवार की देर शाम एक पिकअप लगभग तीन सौ फीट गहरी खाई में गिर गई। जिससे उसमें सवार दो युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी को मोड़ते समय यह हादसा हुआ। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायत धारवा के अंतर्गत भटनोल-बड़ालानी संपर्क मार्ग पर बुधवार की शाम पिकअप चालक गाड़ी को बड़ालानी स्कूल के पास कैंची मोड़ घुमा रहा था। इस बीच वह अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा। इससे गाड़ी करीब तीन सौ फीट गहरी खाई में गिर गई।
दुर्घटना की सूचना आसपास के लोगों को मिली तो वह मौका पर पहुंचे। अचेत अवस्था में दोनों युवकों को शिलाई अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शिलाई थाना प्रभारी मस्तराम ने बताया कि मृतकों की पहचान 34 वर्षीय सुनील पुत्र चंदन सिंह गांव पंधोग व 22 वर्षीय प्रदीप पुत्र गीता राम गांव द्राबिल के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों के पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए हैं। शिलाई पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए है। एसपी अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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प्रशासन की सख्ती से कालाबाजारी पर अंकुश, गिरे सब्जियों के दाम

नाहन (सिरमौर)। नाहन में प्रशासन की सख्ती से सब्जियों के बढ़ते दामों पर अब अंकुश लगने से लोगों ने राहत की सांस ली है। कालाबाजारी पर अंकुश लगने के बाद बाजारों में इनके दामों में गत दिनों की अपेक्षा काफी गिरावट आई है। इसके साथ ही कुछेक को छोड़कर व्यापारियों ने भी दुकानों के बाहर रेट लिस्ट लगा दिया है। जबकि, कर्फ्यू में रोजाना मिल रहे तीन घंटे की छूट से अब खरीदारों की भीड़भाड़ भी कम हो गई है।
पिछले दिनों कोरोना के संक्रमण फैलने के चलते प्रदेश में कर्फ्यू में लगने की घोषणा होते ही लोगों में अफरा तफरी मच गई थी। लोग खाद्य वस्तुओं की खरीदारी को लेकर भी आशंकित हो गए थे। जिसका नतीजा यह रहा कि प्रशासन से मिली एक दिन की छूट के दौरान बाजार में सब्जी व राशन की खरीदारी के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा।
सब्जी विक्रेताओं ने भी मनमाने ढंग से सब्जी के दामों में वृद्धि कर दी थी। मनमानी का आलम यह था कि सब्जी विक्रेता 20 रुपये किलो की सब्जी को लोगों तक पहुंचाकर 60 रुपये वसूलने लगे थे। टमाटम के दाम भी 40 रुपये से 80 रुपये कर दिए थे। लोगों के सामने आई इस परेशानी को देखकर प्रशासन ने खरीदारी के लिए रोजाना तीन घंटे की छूट देने का एलान किया।
साथ ही सब्जी विक्रेताओं के दामों पर भी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। सब्जी विक्रेताओं को दो टूक शब्दों में अपनी दुकानों के बाहर सब्जी के दामों की लिस्ट भी लगाने को कहा। प्रशासन के इन प्रयासों से अब सब्जी के मनमाने दामों से लोगों को मुक्ति मिली है। शहर के चौगान मैदान व आस पास के क्षेत्रों में सब्जी विक्रेता अपनी दुकानों के बाहर रेट लिस्ट लगा रहे हैं। जिससे लोगों को अब कम दामों में सब्जियां मिलने लगी हैं।
यह बात अलग है कि शहर के बड़ा चौंक व गुन्नुघाट क्षेत्र में बैठे दुकानदार अब भी लोगों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इन दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर रेट लिस्ट भी नहीं लगा रखी है। बावजूद इसके चौगान क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती से लोगों को कम दामों पर सब्जी अवश्य ही मिलनी शुरू हो गई है।
बाजारों में सब्जियों के भाव
रविवार को शहर में मटर 40 रुपये, गोभी 25, खीरा 25, लोकी 30, प्याज 35, मूली 20, आलू 30, टमाटर 40 से 60, केला 30 से 40 रुपये बिका।-
शहर मेें दुकानदार नहीं पहन रहे दस्ताने
नाहन शहर के अधिकतर दुकानदार अपने हाथों में दस्ताने पहने बिना ही अपने सामान की बिक्री कर रहे हैं। कुछ दुकानदारब्वश्यक ही दस्ताने और मास्क पहन कर अपना सामान बेच रहे हैं। लेकिन, अधिकतर दुकानदार ऐसा नहीं कर रहे हैं। जिससे दुकानदार के कोराना वायरस वायरस से संक्रमित होने की दशा में इसके अन्य लोगों में फैलने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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14 दिन सेल्फ क्वारंटीन में रहेंगे बाहरी राज्यों से आए लोग

पांवटा साहिब (सिरमौर)। बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के हजारों लोगों को वापस लाने की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले लोगों को 14 दिन के सेल्फ क्वारंटीन में रखा जाएगा। पांवटा साहिब व कालाअंब में हजार-हजार लोगों को सेल्फ क्वारंटीन में रखने की व्यवस्था की जा रही है। रविवार को डीसी और एसपी ने पांवटा साहिब में पहुंचकर उक्त व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीसी डॉ. आरके परुथी व एसपी अजय कृष्ण शर्मा ने पांवटा साहिब गुरुद्वारा में प्रशासनिक अमला, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी, व्यापार मंडल समेत विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को शीघ्र वापस लाने और ठहराने की व्यवस्था करने की तैयारी की रूपरेखा भी लोगों से साझा की। बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का एनएच-7 पर वाई प्वाइंट के समीप स्थित भवन, मालवा काटन में पुराने कामगार आवास, आईआईएम व डेंटल समेत विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। मालवा के भवन को रिजेक्ट कर दिया गया है।
बैठक में एसडीएम एलआर वर्मा, सीएमओ डॉ. केके पराशर, डीएसपी सोमदत्त, बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देयोल, एसएचओ पांवटा संजय शर्मा, एसएचओ पुरुवाला विजय रघुवंशी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी उपाध्यक्ष हरभजन सिंह, मैनेजर जगीर सिंह व व्यापार मंडल प्रधान अनिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, डीसी डॉ. आरके परुथी ने कहा कि पांवटा साहिब व धौलाकुआं में बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले करीब 2000 लोगों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
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गिरिपार में उड़ी कोयले के तिलक से कोरोना वायरस के इलाज की अफवाह

कोरोना वायरस के बीच सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में संक्रमण से बचने के लिए कोयले का तिलक लगाने की अफवाह उड़ गई है। वैश्विक महामारी का इलाज कोई हल्दी के टीके से कर रहा है तो कोई पशुशाला की दहलीज को खोदकर कोयला निकालकर उसका टीका लगाकर संक्रमण से बचाव में जुटा है। यह खबर रातों रात आग की तरह क्षेत्र के फैल गई है। लोग अपने सगे संबंधियों को सूचना दे रहे हैं। 

इसको लेकर क्षेत्र में हर जगह अंधविश्वास का माहौल गर्म है। कुछ ने खुदाई की वीडियो तक सोशल मीडिया में अपलोड की है। उधर, उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने कहा है कि लोग किसी भी तरह की अपवाह में न आएं। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सावधान सबसे अधिक जरूरी है। लोग अपने घरों में ही रहें और बार-बार साबुन से हाथ धोते रहें।
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लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच राहत लेकर आए रामायण और महाभारत धारावाहिक

केंद्र सरकार इस प्रयास में है कि लोग घरों में रहें और कोरोना वायरस से जनित महामारी से अपना बचाव कर सकें। लोगों को घरों में ही रोकने के लिए सरकार ने दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत जैसे धार्मिक सीरियल शुरू किए हैं। बड़े-बुजुर्ग रामायण के बारे में तो यहां तक कहते हैं कि जब इसका प्रसारण टीवी पर होता था तो कर्फ्यू जैसी स्थिति उस समय हो जाया करती थी।

मौजूदा परिवेश में कोरोना वायरस से बचाव में जुटे नागरिकों को दूरदर्शन के चैनल पर एक बार फिर 90 के दशक में प्रसारित किए गए रामायण व महाभारत जैसे टीवी धारावाहिक फिर से शुरू किया है ताकि लोग अधिक से अधिक अपने घरों में रहें तथा मनोरंजन के साथ नई पीढ़ी को इतिहास की जानकारी भी मिले। 

इस सीरियल के शुरू होने से लोगों ने सरकार का आभार जताया है। घर में बैठ कर सरकार के बताए नियमों का पालन कर रहे नागरिकों के लिए समय बिताने के साधन के साथ पुराने समय की याद एक बार फिर ताजा हो रही है। शनिवार सुबह 9 बजे रामायण व 12 बजे महाभारत धारावाहिक देख दूरदर्शन के चैनलों को भी लोग सर्च कर सेट कर रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों में रमेश लौ, ईश्वर चंद्र, विकास, संजय शर्मा, अतुल कालिया, इंदरजीत, बीडी पराशर, संजीव, तनुजा शर्मा, अंजू, इंदु शर्मा आदि के अनुसार इन धारावाहिकों के शुरू होने से न केवल समय अच्छा बीतेगा बल्कि युवाओं को भी भारत की पुरानी संस्कृति जानने का अवसर मिलेगा ।

घरों में बैठ टीवी स्क्रीन पर लोगों ने देखी रामायण
कर्फ्यू के दौरान घरों में बैठे लोगों ने टीवी स्क्रीन पर रामायण धारावाहिक देखा। शनिवार सुबह से लोग अपने घरों में रामायण धारावाहिक देखने के लिए काफी उत्सुक दिखाई दिए। करीब तीन दशक बाद रामायण धारावाहिक को दोबारा शुरू किया गया है।

केंद्र सरकार ने कर्फ्यू और नवरात्रों के दौरान रामायण धारावाहिक को दोबारा शुरू करवाया है। शनिवार सुबह और रात को 9 बजे इसका प्रसारण शुरू हो गया है। शनिवार की सुबह अधिकतर लोगों ने घरों में बैठकर रामायण के पहले एपिसोड को देखने का लुत्फ उठाया। नेशनल चैनल पर शनिवार से इसका प्रसारण शुरू हो गया है।

कर्फ्यू के चलते नवरात्र में कन्या पूजन भी रुका
कोरोना वायरस के चलते नवरात्रों के दौरान घर-घर होने वाला कन्या पूजन नहीं हो रहा है। कर्फ्यू का लोग पालन कर रहे हैं। इस बार लोग अपने घर में ही परिवार सहित पूजा कर रहे हैं। नवरात्रों के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर भंडारों और पूजा सहित जागरण का आयोजन भी होता है।

लेकिन लोग इस बार इन सब से दूर हैं। गृहिणियों रीना देवी, मीरा देवी, तारो देवी, कश्मीरा देवी, सुनीता एवं सुरेंद्र कुमार, विशंभर दास, अरविंद कुमार का कहना है कि इस बार कोरोना वायरस की वजह से कन्या पूजन सहित भंडारे और जागरण नहीं करवाए जा रहे हैं।

सरकार व स्वास्थ्य विभाग के आदेशों व एडवाइजरी की पालना की जा रही है। अगर हालात सामान्य होते हैं तो आगामी नवरात्रों में ये कार्यक्रम हो जाएंगे। बहरहाल, घर में ही परिवार सहित पूजा अर्चना कर रहे हैं।
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Coronavirus in HP : लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते फंसे चार लाख प्रवासी कामगार

Ramayan
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते हिमाचल में चार लाख प्रवासी कामगार फंस गए हैं। सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में करीब दो लाख कामगार अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। सिरमौर, ऊना जिले में लगभग 50-50 हजार, बिलासपुर में 10800 प्रवासी मजदूर फंसे हैं। यही हाल मंडी, कांगड़ा और अन्य जिलों का भी है।

उद्योग बंद होने से काम-धंधा ठप हो गया है। श्रमिक किराये के कमरों में कैद होने को मजबूर हैं। मकान मालिक की गारंटी पर दुकानों से उधार पर राशन लेकर गुजारा कर रहे हैं। हालांकि अब विधायक, मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और कई संस्थाएं इनकी मदद को आगे आई हैं। इन्हें आश्रय और खाना दिया जा रहा है। कई लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। ठेकेदारों को भी कामगारों को घर बैठे भोजन खिलाने के आदेश हैं।

हालांकि, उद्योगों में काम करने वाले हिमाचली पैदल ही घरों को रवाना हो गए हैं। प्रवासी कामगारों-फेरी लगाने वालों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के लोग शामिल हैं। करीब 20 फीसदी कामगार पहले ही होली के कारण घर निकल चुके हैं, जो वापस नहीं आए।  प्रदेश में नेपाल मूल के बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत हैं। हालांकि नेपाली श्रमिकों को तो फिर भी बागवानी क्षेत्र में काम मिल रहा है।

इसके अलावा दूसरे राज्यों से आए गैर बागवानी क्षेत्रों को काम नहीं मिल पा रहा। इनमें औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिक बहुत ज्यादा हैं। इन्होंने जो कमाई की थी, वह इनके खुद के खाने-पीने और रहने में लग रही है। कई श्रमिकों ने ऑनलाइन अपने परिवारों को पैसा भेजा है। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोग भी पैदल घरों को लौट रहे हैं। अनुमान के अनुसार करीब 20 हजार लोग यहां से जा चुके हैं। 
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कोरोना वायरस: कामगार कम होने से दवा उद्योगों पर तालाबंदी की नौबत

हिमाचल के सिरमौर जिले कालाअंब क्षेत्र में चल रहे दवा उद्योगों पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। हालांकि, सरकार ने लॉकडाउन के दौरान दवाइयों के उत्पादन को जारी रखने की मंजूरी दी है। लेकिन, कामगार नहीं होने के कारण उत्पादन प्रभावित हो गया है। शुक्रवार को कालाअंब में आधा दर्जन से अधिक दवा उद्योग नहीं चल पाए।  बताया जा रहा है कि उन्हीं दवा उद्योगों में उत्पादन शुरू हुआ है, जिनके पास दवा निर्माण प्रक्रिया के लिए आवश्यक स्टाफ और कर्मचारी मौजूद हैं। 

सरकार और जिला प्रशासन के आदेशानुसार दवा निर्माता इकाइयों के साथ साथ फूड प्रौद्योगिकी इकाइयों को लॉकडाउन और कर्फ्यू में उत्पादन करने की छूट दी गई है। कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में भी जिला उपायुक्त ने उन्हीं दवा या ़फूड प्रॉसेसिंग उद्योगों को चलाए जाने की अनुमति दी है। बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों का प्रवेश पूर्णतया बंद किया गया है। कालाअंब में चल रहे उद्योगों के अधिकतर कामगार हरियाणा राज्य से होकर आते हैं।

कर्फ्यू के बाद अब बाहरी राज्य से किसी भी तरह की आवाजाही पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। जिसके कारण उद्योगों का उत्पादन नाममात्र रह गया है। उद्योगपति इसको लेकर चिंतित हो गए हैं। इधर, अन्य उद्योगों पर पूरी तरह से ताले लटक गए हैं। मजदूरों को छुट्टी दे दी गई है। उधर, उद्योगों में हो रहे उत्पादन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।  ऐसी स्थिति में यदि कोई दवा निर्माता नियमों को दरकिनार करके दवा निर्माण करता है तो उसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठता है।

एक समस्या से निपटने के लिए कहीं दूसरी किसी समस्या का सामना न करना पड़े। इस बात की भी चौकसी रखने की आवश्यकता है। दवा निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में जो दवा उद्योग उत्पादन कर रहे हैं उनकी जांच की जा रही है। शुक्रवार को भी कालाअंब क्षेत्र की दवा इकाईयों का निरीक्षण किया गया। सैनिटाइजर बनाने वाली इकाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। 

कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में जिन दवा बनाने वाली इकाइयों में काम चल रहा है उनकी जांच की गई है। सुनिश्चित किया गया कि कंपनी में आने जाने वाले कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर, मास्क इत्यादि की क्या व्यवस्था करें। विभाग उद्योगों पर बराबर नजर रखे हुए है। योगेंद्र सिंह, थाना प्रभारी कालाअंब।
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तस्वीरें: भूखे पेट 200 किमी पैदल चलकर नाहन पहुंचा दिव्यांग मजदूर, नहीं हारी हिम्मत

युवती ने फंदे से लटक कर दी जान, 12 घंटे बाद पहुंची पुलिस, लोगों में आक्रोश

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल के श्रीक्यारी पंचायत स्थित डुमोड़ी गांव में 17 वर्षीय युवती ने संदिग्ध परिस्थिति में फंदे से लटककर जान दे दी। शव करीब 12 घंटे तक कमरें में फंदे से लटका रहा। सूचना पाकर शाम को पहुंची पुलिस ने कमरें का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेज दिया। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।  

जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह तक़रीबन साढ़े आठ बजे शिलाई उपमंडल की श्री क्यारी पंचायत के डुमोड़ी गांव में एक लड़की ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने जब लड़की को अपने घर के कमरे में फंदे पर लटके देखा तो तुरंत इसकी सूचना शिलाई पुलिस थाना में दी गई। हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल से पुलिस थाना शिलाई की दूरी महज 12 किमी है। पुलिस को मौके तक पहुंचने  में 12 घंटों का समय लग गया।  

परिजन 12 घंटों तक पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। शाम करीब आठ बजे के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू हुई। क्ष्रेत्र के लोग पुलिस और प्रशासन की इस लापरवाही पर आक्रोशित हो गए हैं। स्थानीय हलके के नम्बरदार नेत्तर सिंह ने बताया कि प्रशासन को मामले की सूचना सुबह दे दी गई थी मगर पुलिस मौके पर देर शाम को पहुंची। यह गांव  सड़क सुविधा से भी जुड़ा हुआ है। 

पीड़ित अनुसूचित जाति और बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है। सरकार और प्रशासन को इस गरीब परिवार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए। उधर, डीएसपी पांवटा साहिब सोमदत्त ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सौंप दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट या आत्मा हत्या के कारणों की कोई जानकारी फ़िलहाल नहीं मिल पाई है। पुलिस ने मामला दर्ज करके आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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कर्फ्यू के दौरान वारदात, हुड़दंगियों ने पुलिस पर ही कर दिया हमला

कर्फ्यू के बाद शिलाई क्षेत्र में नशे में धुत लोगों ने पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में दो पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की हालाहां पंचायत में नैनीधार-गत्ताधार सड़क पर धुमखर के पास मारपीट की यह घटना हुई। इसमें रोनहाट चौकी प्रभारी दलीप सिंह राठौर और कांस्टेबल वीरेंद्र चौहान लहूलुहान हो गए।

बताया जा रहा है कि हलाहां के धुमखर गांव से कुछ दूर सड़क पर प्रशासन और इन हुड़दंगियों की गाड़ी का आमना-सामना हुआ। पुलिस कर्मियों ने युवकों को घर जाने के लिए कहा और कर्फ्यू के चलते सरकार के आगामी आदेशों तक अपने घरों में रहने का आग्रह किया। इतना सुनते ही शराब के नशे में धुत हुड़दंगियों ने गाड़ी से उतरकर पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और हमला कर दिया। 

कोरोना संक्रमित देशों से भारत लौटने वाले लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए प्रशासन ने कुछ टीमें बनाई हैं। इनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, राजस्व और पुलिस कर्मी संयुक्त रूप से शामिल किए गए हैं। यह टीम कोरोना संदिग्ध लोगों की सूचना मिलने पर उनके घरों में उनका हेल्थ चेकअप कर रही हैं। क्षेत्र से लोगों को जागरूक करने के बाद टीम अपने गंतव्य की ओर लौट रही थी।

इसी बीच, हुड़दंगियों का पुलिस से सामना हो गया। नशे में धुत लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। दो लोग फरार हो गए हैं। डीएसपी सोमदत्त ने बताया कि पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एक आरोपी को हिरासत में लिया है। हुड़दंगियों की गाड़ी भी जब्त की गई है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
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