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हिमाचल: घर से ही सेवानिवृत हो जाएंगे सरकारी कर्मी, पीएफ निकालने की शर्तों में ढील

31 मार्च 2020 को हिमाचल सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी घर पर बैठे ही सेवानिवृत हो जाएंगे।

30 मार्च 2020

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सोलन

मंगलवार, 31 मार्च 2020

सोलन में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक खुलेंगी दुकानें

सोलन। कर्फ्यू में ढील का समय दोबारा से तीन घंटे तक कर दिया गया है। सोलन में अब सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक रोजमर्रा की जरूरतों वाली दुकानें खुली रहेंगी। इस अवधि में एक-दूसरे से उचित दूरी बनाकर जरूरी सामान की खरीद कर पाएंगे। इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद सभी जिलों के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित किया था।
इसे अपने-अपने हिसाब से जिला में लागू करने के आदेश दिए। सोलन प्रशासन ने आठ से ग्यारह बजे तक का समय चुना है। इस दौरान लोग दूध, राशन व दवाओं समेत सभी जरूरी वस्तुओं की खरीद कर पाएंगे। यह तीसरी मर्तबा है, जब कर्फ्यू में ढील का समय बदला गया है। इससे पहले एक दिन के लिए सुबह सात से एक बजे तक खरीदारी का समय निर्धारित किया था।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर गाड़ियों और भीड़ की शक्ल में निकल आए। इसके बाद सरकार को ढील की शर्तों में फेरबदल करना पड़ा है। साथ ही सोलन प्रशासन ने होम डिलीवरी करवाने का फैसला कर लिया है। लोगों को जरूरी सामान के लिए बस फोन पर ऑर्डर देना होगा। इस जरूरी सामान में सभी तरह की खाने-पीने की वस्तुओं के साथ ही राशन भी शामिल है।
शहर भर के करीब 50 से अधिक कारोबारियों को प्रशासन ने होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया है। इस सूची में वो ही नाम शामिल किए गए हैं जो व्यापार मंडल की तरफ से अधिकृत किए थे। एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि सूची सार्वजनिक कर दी गई है और कारोबारियों को होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया है।
खरीदारी के समय उचित दूरी रखें लोग : डीसी
उपायुक्त केसी चमन ने बताया कि कर्फ्यू में ढील के समय को तीन घंटे तक सीमित किया है। जिले में सुबह आठ बजे से ग्यारह बजे तक कर्फ्यू में ढील रहेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति आवश्यक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसके बाद बाजार बंद कर दिया जाएगा। कर्फ्यू के दौरान लोगों को घरों में रहना होगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि खरीदारी करते समय एक-दूसरे से उचित दूरी जरूरी रखें।
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क्वारंटीन सेंटर भेजे चार धाम की यात्रा से लौटे 13 लोग

सोलन। कंडाघाट में चार धाम की यात्रा से लौटे 13 लोगों को डेढ़घराट में बने क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। यह सभी आगामी 14 दिनों तक सेंटर में रहेंगे। यदि इनमें कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया जाएगा। फिलहाल, सभी लोगों की सेहत ठीक है और उनके किसी भी तरह के लक्षण नहीं मिले हैं।
डेढ़घराट में प्रशासन इनकी निगरानी कर रहा है जबकि स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से लोगों के स्वास्थ्य की जांच में लगा है। प्रशासन के अनुसार, उक्त सभी लोग चार धाम की यात्रा करके आ रहे थे जिसके बाद यह सभी कुमारहट्टी के एमएमयू में चेकअप के लिए गए। इसके बाद इसकी सूचना वहीं से प्रशासन को दी गई। वीरवार रात को प्रशासन ने मौके पर टीम रवाना कर सभी को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया।
इनकी जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को रात में ही क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। यहां टीम ने जांच के बाद सभी यात्रियों को फिलहाल दुरुस्त करार दिया है। ये सभी लोग सायरी और धामी के रहने वाले हैं। इनमें से दो या तीन लोगों को छोड़कर सभी बुजुर्ग हैं। प्रशासन ने कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर डेढ़घराट में क्वारंटीन सेंटर बनाया है।
क्वारंटीन सेंटर में रहेंगे लोग : एसडीएम
एसडीएम डॉ. संजीव धीमान ने बताया कि ये सभी लोग धामी और सायरी के रहने वाले हैं। जो चार धाम की यात्रा से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि सभी को क्वारंटीन सेंटर में रखा है जिनका प्राथमिक टेस्ट किया जाएगा।
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सोलन में अब इस समय खुलेंगी दुकानें, प्रशासन ने किया होम डिलीवरी का प्रबंध

कर्फ्यू में ढील का समय दोबारा से तीन घंटे तक कर दिया गया है। सोलन में अब सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक रोजमर्रा की जरूरतों वाली दुकानें खुली रहेंगी। इस अवधि में एक-दूसरे से उचित दूरी बनाकर जरूरी सामान की खरीद कर पाएंगे। इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद सभी जिलों के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित किया था।

इसे अपने-अपने हिसाब से जिला में लागू करने के आदेश दिए। सोलन प्रशासन ने आठ से ग्यारह बजे तक का समय चुना है। इस दौरान लोग दूध, राशन व दवाओं समेत सभी जरूरी वस्तुओं की खरीद कर पाएंगे। यह तीसरी मर्तबा है, जब कर्फ्यू में ढील का समय बदला गया है। इससे पहले एक दिन के लिए सुबह सात से एक बजे तक खरीदारी का समय निर्धारित किया था।
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उत्तर प्रदेश लौट रहे 20 लोगों को क्वारंटीन सेंटर भेजा

कंडाघाट (सोलन)। राज्य से बाहर लोगों के पलायन और उनके दाखिल होने पर पाबंदी का असर दिखने लगा है। रविवार को कंडाघाट पुलिस ने उत्तर प्रदेश लौट रहे 20 लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटर भेज दिया। यहां इन सभी के स्वास्थ्य की जांच होगी और उनके भोजन का प्रबंध किया जाएगा।
क्वारंटीन में भोजन का प्रबंध फोरलेन निर्माता कंपनी ऐरिफ ने किया है जो सभी को खाना मुहैया करवाएगी। प्रशासन के अनुसार 20 में से 12 लोग रिक्शे में सवार होकर बरेली के लिए शिमला से कंडाघाट की तरफ आ रहे थे। इनमें सात साल और दो महीने के बच्चे शामिल हैं।
इन लोगों को क्वारंटीन में भेजा गया है। दूसरी ओर कंडाघाट मार्ग पर रात को 12 बजे वाया साधुपुल से आ रहे आठ लोगों को रोका गया है जो पैदल ही मुजफ्फरनगर के लिए जा रहे थे। इंटर स्टेट पर रोक लगने के बाद उक्त सभी को भी क्वारंटीन सेंटर में भेजा है। इसके बाद प्रशासन ने सभी लोगों की सूची तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके बाद जिन लोगों के कंडाघाट और आसपास के क्षेत्रों में घर होंगे तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
उधर, एसडीएम डॉ. संजीव धीमान ने बताया कि 20 लोगों को क्वारंटीन भवन में रखा है। उन्होंने बताया कि सभी लोगों में से कुछ रिक्शे और पैदल घरों को जा रहे थे। इसके बाद उन्हें रोककर क्वारंटीन सेंटर में रखा है। उन्होंने बताया कि जिनके कंडाघाट में घर होंगे, उन्हें भेज दिया जाएगा।
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बाहरी राज्यों से आने-जाने वालों पर पूर्ण रोक, 550 लोग पकड़े

नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन में आने और यहां से जाने वाले लोगों को प्रशासन और पुलिस की टीमें शेल्टर होम में भेज ही रही हैं। वहीं अब कर्फ्यू में छूट के अलावा अनावश्यक घूमने वाले ऐसे लोगों को भी पुलिस और प्रशासन की टीमें 14 दिन के लिए शेल्टर होम भेजेगी। प्रदेश और जिले की सीमाएं सील होने के बाद आवागमन करने वाले लोगों को बॉर्डर पर रोककर 550 लोगों को शेल्टर होम भेजा जा चुका है।
प्रशासन ने ऐसे लोगों के लिए शेल्टर होम बनाए हैं जहां उनके रहने, ठहरने और खाने-पीने का प्रबंध किया है। यहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीसी सोलन केसी चमन ने दौरा किया। पुलिस अधीक्षक और एसडीएम सहित अधिकारियों को कड़े आदेश जारी किए हैं। चिकित्सीय टीमें शेल्टर होम में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच में जुटी है।
बीबीएन में कामकाज करने आए लोग और बाहरी प्रदेशों में काम करने वाले लोग अपने अपने गंतव्यों के लिए पैदल ही सफर कर रहे हैं। ऐसे में सीमाओं पर निगरानी और मजबूत की गई है। ऐसे लोगों को सीमाओं पर से सीधे शेल्टर होम भेजा जा रहा है।
उपमंडल प्रशासन ने राधा स्वामी सत्संग भवन, ट्रक यूनियन, रूहानी सत्संग भवन, एमसी बद्दी, बरोटीवाला और रामशहर सत्संग, आंबेडकर और पंचायत भवन को शेल्टर होम बनाया हुआ है। इनमें राधा स्वामी सत्संग भवन नालागढ़ में 338, ट्रक यूनियन व रूहानी सत्संग केंद्र में 45, एमसी बद्दी में 23, सत्संग, आंबेडकर और पंचायत भवन 144 लोगों को शेल्टर होम में ठहराया है। यहां पर उनके रहने, ठहरने और खाने-पीने का उचित प्रबंध किया है। इन लोगों को होम शेल्टर में क्वारंटीन किया गया है।
प्रदेश से बाहर जाने पर पूर्ण रोक : एसपी
एसपी रोहित मालपानी ने कहा कि सीमाओं पर आने वाले लोगों को करीब 550 लोगों को शेल्टर होम में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले और यहां से बाहर जाने वालों पर पूर्ण रूप से रोक लगी हुई है। इसलिए लोग ऐसे आवागमन करने वाले व्यक्तियों को प्रेरित करें और जो जहां है, वहीं रहें वरना आवागमन करने वालों को शेल्टर होम भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से घूमने व विचरण करने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी और उन्हें शेल्टर होम में भेजा जाएगा।
बाहर से आने वालों को बनाए शेल्टर होम : एसडीएम
एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि प्रशासन बाहर से आने और जाने वालों के लिए शेल्टर होम बनाए हैं। यहां पर पूर्ण प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि लोग सरकार और प्रशासन के आदेशों का अनुसरण करें और इधर-उधर न जाएं। यदि किसी को कोई आवश्यकता है तो वह प्रशासन व गठित मॉनीटरिंग टीमों को इसकी सूचना दें। डीसी सोलन केसी चमन ने कहा कि कोई भी बाहर से और यहां से बाहर नहीं जा सकता है। इसके लिए प्रशासन मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवा रहा है।
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आवाजाही करने वालों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने के आदेश

सोलन। प्रदेश की सीमाओं के भीतर और बाहर से आवागमन करने वालों के लिए क्वारंटीन सेंटर निर्धारित कर दिए हैं। प्रशासन ने सड़क पर पकड़े जाने वाले मजदूरों और अन्य लोगों को 14 दिन के लिए सेंटरों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेंटरों में लोगों को रखने के लिए किए प्रबंधों का प्रशासनिक अधिकारी लगातार मुआयना कर रहे हैं। उपायुुक्त ने क्वारंटीन सेंटरों का मुआयना कर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि बाहरी राज्य से कोई भी प्रवेश करता है तो उसे क्वारंटीन सेंटर में ही रहना होगा। प्रशासन ने दूसरे राज्यों और जिले से लगती सीमाओं के आसपास क्वारंटीन सेंटर बनाए हैं ताकि बड़ी संख्या में मजदूर पकड़े जाने पर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में दिक्कत पेश न आए। प्रशासन ने लोगों से आह्वान किया है कि वे कर्फ्यू में ढील के दौरान घर से जरूरी वस्तुएं खरीदने के लिए पैदल ही आवाजाही करें।
उन्होंने सोलन जिला में फंसे मजदूरों व अन्य लोगों से आह्वान किया है कि वे पलायन न करें। उनकी सभी जरूरतों को प्रशासन पूरा करेगा। प्रशासन ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। उपायुक्त केसी चमन ने कहा कि लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदते समय नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने दुकानदारों से भी आह्वान किया है कि वे दुकानों के बाहर तय सीमा पर गोले लगाएं।
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कतार में बढ़ रहे लोग

सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कदमों की तेज चाल के साथ सैकड़ों लोग यहां से वहां चले जा रहे हैं। बीबीएन के उद्योग से निकले ज्यादातर लोग अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं। ये लोग लगातार हाईवे के किनारे चल रहे हैं। इस वजह से नेशनल हाईवे पर सोलन से परवाणू के बीच बहुत से लोग या तो झुंड या फिर कतार में आगे बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।
कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ने से पहले ये सभी बीबीएन के उद्योगों में दिहाड़ी पर कार्यरत थे लेकिन अब बेरोजगार हो गए हैं। ये लोग जहां रह रहे थे, वहां से भी उन्हें ठिकाना छोड़ना पड़ा। अब इनके पास एक ही उम्मीद है कि किसी तरह घर पहुंचा जा सके। हालांकि पुलिस इन लोगों के रहने-खाने का पूरा इंतजाम कर रही है। कर्फ्यू को सफल बनाने में जुटी पुलिस के जिम्मे सड़क पर पैदल चलते लोग भी आ गए हैं। इन लोगों को पुलिस खाना और पानी मुहैया करवा रही है।
गौरतलब है कि बीबीएन और परवाणू के उद्योगों में सैकड़ों लोग प्रदेश के अलग-अलग कोनों से काम करते हैं। इनमें ज्यादातर ठेकेदारों के पास दिहाड़ी पर काम कर रहे थे। कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ते की बेहद जरूरी उद्योगों को छोड़कर अन्य सभी को बंद कर दिया गया है। ऐसे में इन लोगों के पास काम नहीं बचा है और इन्होंने 21 दिन के लॉकडाउन के बीच ही पलायन शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि नेशनल हाईवे से गुजर रहे लोगों से आवश्यक पूछताछ की जा रही है और पुलिस उनके साथ नरमी से पेश आ रही है। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन न तोड़ने का आह्वान किया है।
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जिले में तीन लोग आईसोलेशन वार्ड में भर्ती

सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, एमएमयू अस्पताल में शनिवार को तीन संदिग्धों को भर्ती किया गया है। हालांकि तीनों की विदेश से आने की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है लेकिन चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर इन्हें आईसोलेशन में भर्ती किया है। तीन में से सोलन अस्पताल और एमएमयू में भर्ती दोनों के सैंपल लेकर आईजीएमसी शिमला भेजे जा रहे हैं। इनमें से एक नेपाली है और एक 12 वर्षीय बच्चा है।
बच्चे के पिता कुछ दिन पहले मुंबई से आए हैं। इस बच्चे को अधिक बुखार होने पर एमएमयू अस्पताल लाया गया। यहां पर चिकित्सक बच्चे की जांच कर रहे हैं। नेपाली व्यक्ति को भी बुखार होने पर अस्पताल लाया गया है। उधर, बद्दी में आईसोलेशन में रखे महाराष्ट्र के एक व्यक्ति को बुखार होने पर अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति ड्राइवर है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक प्राथमिक जांच कर रहे हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि शनिवार को तीन लोग आईसोलेशन में भर्ती किए हैं। इनमें से एक व्यक्ति सोलन अस्पताल, एक को एमएमयू अस्पताल और एक को बद्दी में रखा गया है। हालांकि, तीनों की कोई भी विदेश ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। एहतियात के तौर पर तीनों को अस्पताल के रखा गया है।
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बाहरी राज्य के रिश्तेदारों को घर बुलाने पर चंबाघाट के दो व्यक्तियों पर केस

सोलन। चंबाघाट में दो लोगों पर कोरोना वायरस के तहत जारी आदेश न मानने पर मामला दर्ज हुआ है। इन लोगों ने बाहरी राज्यों से अपने रिश्तेदारों को सोलन बुलाकर उन्हें वहां ठहराया था। इसकी शिकायत पुलिस को स्थानीय लोगों ने थाने की ई-मेल पर दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, थाना सोलन की मेल आईडी पर एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि चंबाघाट के राकेश कुमार और मिंटू ने अपने साथ बाहरी राज्य से आए लोगों को ठहराया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की। इन लोगों के यहां बाहरी राज्य के लोग ठहरे थे।
इसके बाद पुलिस ने जिला प्रशासन के निर्देशों की पालना न करने पर इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, थाना प्रभारी सोलन धर्मसेन नेगी ने मामले की पुष्टि कर बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रशासन की पहल : डिपुओं में 25 रुपये में दो किलो आलू, 30 में मिलेगा प्याज

उचित मूल्यों की दुकानों पर लोगों को अब सस्ती दरों पर आलू और प्याज मिलेगा। नालागढ़ उपमंडल प्रशासन ने यह व्यवस्था की है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के माध्यम से आलू-प्याज उपलब्ध करवाया गया है। रोजाना सुबह 8 से 11 बजे तक लोग इनकी खरीद कर सकते हैं। बाजार में आलू और प्याज की भारी कीमतें वसूलने की शिकायतों पर उपमंडल प्रशासन ने इस व्यवस्था की है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि कोई पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर सस्ती दरों पर आलू-प्याज खरीद सकते हैं। दो किलोग्राम आलू 25, एक किलो प्याज 30 रुपये की दर से मिलेगा। आलू व प्याज सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उचित मूल्यों की दुकानों पर मुहैया करवाया जाएगा। नालागढ़ शहर की उचित मूल्यों की वार्ड-2, 5 व 7 में स्थित दुकानों पर उपलब्ध होंगे।

खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक नालागढ़ कमलकांत शर्मा ने बताया कि पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर शहर में स्थित उचित मूल्यों की दुकानों पर प्रशासन आलू-प्याज कम दरों पर उपलब्ध करवाएगा। लोग राशन डिपुओं में सुबह 8 से 11 बजे तक आलू व प्याज खरीद सकते हैं। एसडीएम प्रशांत देष्टा ने बताया कि आलू व प्याज के अधिक दाम लेने की शिकायतों पर प्रशासन ने यह व्यवस्था करवाई है।
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नशेड़ी अधेड़ ने की पत्नी और बेटे की हत्या, मौके से फरार आरोपी गिरफ्तार

नशेड़ी अधेड़ ने तेजधार हथियार से पत्नी और 19 साल के बेटे की निर्मम हत्या कर दी। वारदात नालागढ़ उपमंडल के जगतपुर पंचायत के टमकवाला गांव की है। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने खेतों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रणजीत सिंह (46) पुत्र गुरुदेव निवासी गांव टमकवाला ने अपनी पत्नी समती देवी (45) और पुत्र गगनदीप (19) की निर्मम हत्या कर डाली है।

इस घटना का पता तब चला, जब समीप के खेत से गांव की एक महिला गुजरी। महिला ने देखा कि गगनदीप खून से लथपथ पड़ा है। महिला ने तुरंत इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी। पंचायत प्रधान ने पुलिस को सूचना दी।

डीएसपी नालागढ़ चमन लाल सहित पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्यारोपी को तलाश किया और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी रणजीत नशे का आदी है और नशा मुक्ति केंद्र में रह चुका था। वह अक्सर अपने परिवार वालों के साथ मारपीट करता था। 

डीएसपी नालागढ़ चमन लाल ने बताया की मृतकों के सिर के ऊपर किसी तेजधार हथियार से वार किए गए हैं। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर शवों को कब्जे में ले लिया है। प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू कलह का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
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व्हाट्सऐप पर बद्दी में बसें चलने की अफवाह, मामला दर्ज

Coronavirus in HP : लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते फंसे चार लाख प्रवासी कामगार

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते हिमाचल में चार लाख प्रवासी कामगार फंस गए हैं। सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में करीब दो लाख कामगार अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। सिरमौर, ऊना जिले में लगभग 50-50 हजार, बिलासपुर में 10800 प्रवासी मजदूर फंसे हैं। यही हाल मंडी, कांगड़ा और अन्य जिलों का भी है।

उद्योग बंद होने से काम-धंधा ठप हो गया है। श्रमिक किराये के कमरों में कैद होने को मजबूर हैं। मकान मालिक की गारंटी पर दुकानों से उधार पर राशन लेकर गुजारा कर रहे हैं। हालांकि अब विधायक, मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और कई संस्थाएं इनकी मदद को आगे आई हैं। इन्हें आश्रय और खाना दिया जा रहा है। कई लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। ठेकेदारों को भी कामगारों को घर बैठे भोजन खिलाने के आदेश हैं।

हालांकि, उद्योगों में काम करने वाले हिमाचली पैदल ही घरों को रवाना हो गए हैं। प्रवासी कामगारों-फेरी लगाने वालों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के लोग शामिल हैं। करीब 20 फीसदी कामगार पहले ही होली के कारण घर निकल चुके हैं, जो वापस नहीं आए।  प्रदेश में नेपाल मूल के बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत हैं। हालांकि नेपाली श्रमिकों को तो फिर भी बागवानी क्षेत्र में काम मिल रहा है।

इसके अलावा दूसरे राज्यों से आए गैर बागवानी क्षेत्रों को काम नहीं मिल पा रहा। इनमें औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिक बहुत ज्यादा हैं। इन्होंने जो कमाई की थी, वह इनके खुद के खाने-पीने और रहने में लग रही है। कई श्रमिकों ने ऑनलाइन अपने परिवारों को पैसा भेजा है। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोग भी पैदल घरों को लौट रहे हैं। अनुमान के अनुसार करीब 20 हजार लोग यहां से जा चुके हैं। 
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