लद्दाख में भारतीय सेना को रोकने के लिए चीन रच रहा है बड़ी साजिश, एलएसी पर कर रहा है 'खुदाई'!

जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 18 Sep 2020 06:17 PM IST
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रेजांग ला के पास मौजूद चीनी सैनिक
रेजांग ला के पास मौजूद चीनी सैनिक - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

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सार

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पैंगोंग झील क्षेत्र के उत्तरी और दक्षिणी तटों पर भारतीय सैनिकों की गश्त रोकने का प्रयास किया है। पिछले तीन सप्ताह के दौरान 45 साल में पहली बार एलएसी पर हवा में गोलियां चलाई गई हैं। डेपसांग में भी पीएलए भारी हथियार जमा कर रहा है...

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में जिस तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं, उससे निकट भविष्य में भारतीय सैनिकों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच बड़ी झड़प हो सकती है। पीएलए ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील सहित कई दूसरे इलाकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सैनिकों की गश्त रोकने के लिए 'अवरोधक' बना रहा है। जिन इलाकों में भारतीय सैनिक पहले बिना किसी दिक्कत के गश्त करते थे, उन जगहों को तंग बनाया जा रही है। पीएलए ने मशीनों से इन जगहों पर खुदाई भी की है।
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रास्ते को जानबूझकर इतना संकरा बनाया जा रहा है कि जिससे भारतीय सैनिकों को गश्त के दौरान आगे बढ़ने में दिक्कतें आएं। हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि दुनिया की कोई ताकत भारतीय सैनिकों को लद्दाख क्षेत्र में हमारी सीमा पर गश्त लगाने से नहीं रोक सकती है।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर राज्यसभा में दिए अपने बयान में कहा था, चीन की गतिविधियों से पूरी तरह से स्पष्ट है कि उसकी ‘कथनी और करनी' में बड़ा अंतर है। जब दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी तब उसने यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया, जिसे हमारे सैन्य बलों ने विफल कर दिया।
चीन को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील क्षेत्र सहित टकराव वाले सभी इलाकों से अपने सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने वाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिश न करे।

सूत्रों के अनुसार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पैंगोंग झील क्षेत्र के उत्तरी और दक्षिणी तटों पर भारतीय सैनिकों की गश्त रोकने का प्रयास किया है। पिछले तीन सप्ताह के दौरान 45 साल में पहली बार एलएसी पर हवा में गोलियां चलाई गई हैं। डेपसांग में भी पीएलए भारी हथियार जमा कर रहा है।

यहां पर भारतीय सैनिकों की गश्त की राह में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, हमें एलएसी पर मजबूती से अपना दावा जताना है। इसके लिए चीन से बातचीत सहित तमाम दूसरे विकल्प खुले रखे गए हैं। भारत को अपने सभी पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर नियमित गश्त करनी होगी। ये तय है कि अगर भारत ने किसी भी पॉइंट पर गश्त रोकी तो पीएलए वहां कब्जा जमाने में देरी नहीं करेगा।

चीन की सेना ने लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में हथियारों के अलावा निर्माण सामग्री भी जमा की है। यहां पक्के बंकर बनाए जा रहे हैं। ध्यान रहे कि यह क्षेत्र भारत के सामरिक महत्व के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। भारत ने अब उन इलाकों में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए हैं, जहां एलएसी पर चीन हमारे गश्त रूट को बाधित कर रहा है।
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