दविंदर सिंह मामले का राज खुलने को तैयार, एनआईए को सौंपे गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फाइलें

जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Updated Fri, 17 Jan 2020 10:22 PM IST
विज्ञापन
डीएसपी दविंदर सिंह
डीएसपी दविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डीएसपी दविंदर सिंह मामले की फाइलें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई हैं। केस से जुड़ा सारा रिकॉर्ड श्रीनगर से जम्मू स्थित एनआईए दफ्तर में लाया गया है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने फाइलों के अलावा कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जांच एजेंसी को सौंपे हैं। इनमें पेन ड्राइव और वीडियो सीडी शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों से आरोपी डीएसपी जिस टीम के साथ काम कर रहे थे, उसके सदस्यों का सर्विस रिकॉर्ड भी तलब किया गया है।
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, आतंकियों के खिलाफ हुए ऑपरेशन के दौरान जो मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अपनाई गई, ऐसे सभी कागजात एनआईए को मुहैया कराए जा रहे हैं। डीएसपी दविंदर के विभिन्न ऑपरेशनों की जानकारी उनकी टीम के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस महकमे में किन लोगों को होती थी, उनका विस्तृत ब्यौरा भी मांगा गया है।
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने यह पुष्टि कर दी है कि डीएसपी दविंदर सिंह के केस की अधिकांश फाइलें एनआईए को सौंप दी गई हैं। एनआईए के आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम इस मामले की जांच करेगी। फिलहाल इस केस से जुड़ा सारा रिकॉर्ड कश्मीर से जम्मू पहुंच गया है। सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू कश्मीर पुलिस से वह रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें डीएसपी दविंदर से अभी तक हुई पूछताछ का ब्यौरा शामिल है। आतंकियों के खिलाफ चले ऑपरेशनों में आरोपी डीएसपी जिस एसओपी के आधार पर काम करता था, वह किसके द्वारा तैयार की गई थी।
अभी तक जो बात सामने आई है, उसमें कहा गया है कि अपने ऊंचे रसूख के चलते आरोपी डीएसपी दविंदर सिंह किसी विभागीय एसओपी को नहीं मानता था। वह अपने तरीके से ऑपरेशन को अंजाम देता था।कौन ड्राइवर साथ जाएगा, गाड़ी प्राइवेट होगी या सरकारी। गार्ड साथ रहेगा या नहीं। इनके अलावा ऑपरेशन शुरू होने और उसके खत्म होने की जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के किन लोगों के पास होती थी, ये सब जानकारी एनआईए को देनी होगी।

सूत्रों ने बताया कि आरोपी डीएसपी ने सर्विलांस उपकरणों का इस्तेमाल कब-कब और किसके लिए किया, वो सूची भी जांच एजेंसी को देनी होगी। एनआईए को आरोपी डीएसपी के पास से बरामद हुए सिम कार्ड और मोबाइल फोन सौंप दिए गए हैं।

संभव है कि अगले सप्ताह तक डीएसपी दविंदर सिंह मामले की अधिकांश परतें खुल जाएं। जांच एजेंसी आरोपी डीएसपी को रिमांड पर लेने के बाद सबूत जुटाने एवं केस की कड़ियों को जोड़ने के लिए उसे पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू, ऊधमपुर, पठानकोट, पुलवामा, अमृतसर और दिल्ली ले जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X