ये है मुंबई मेरी जान.. प्लेग से कोरोना तक कितनी बदल गई जिंदगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Updated Wed, 10 Jun 2020 05:09 AM IST
विज्ञापन
मुंबई  में कोरोना वायरस
मुंबई में कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। जहां कभी साल 1896 में पानी के जहाजों के जरिए प्लेग ने कदम रखा था। आज वही मुंबई वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की मार झेल रही है। क्योंकि मरीजों और मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन

मुंबई में फैले प्लेग की तुलना में कोरोना से हुई मौतों की संख्या कम है। एक अनुमान के अनुसार करीब 10 लाख लोग या यूं कहें कि मजदूर पलायन कर अपने गृह राज्य जा चुके हैं। हालात यह हैं कि डॉक्टर आज भी पुराने नियम-कायदों और उपकरणों से ही कोरोना के मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं। इधर दिनों दिन हॉटस्पॉट और मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
करीब दो करोड़ से अधिक आबादी वाला यह महानगर कभी रुकता नहीं है। यही वजह है कि लॉकडाउन में जब राहत मिली तो लोग बसों का इंतजार करते नजर आए। आइए कोरोना के बड़े केंद्र बन चुके इस शहर में रह रहे लोगों की जुबानी ही जानते हैं कि उनके जीवन और कामकाज में क्या कुछ बदल गया है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

1. ट्रेनों में भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us