विज्ञापन
विज्ञापन

Coronavirus : चीन के पड़ोसी वियतनाम ने कैसे पाया कोरोना वायरस पर काबू

रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Mar 2020 05:42 PM IST
वियतनाम, जापान में कोरोनावायरस
वियतनाम, जापान में कोरोनावायरस - फोटो : PTI
ख़बर सुनें
चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने अब तक लगभग 200 देशों को अपनी जद में ले लिया है। दूसरी तरफ कोरोना संकट से निपटने के लिए भारत सरकार ने 22 मार्च से 21 दिन के लिए देशव्यापी लॉकडाउन का एलान किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे कोरोना से लड़ने में मदद मिलेगी? कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए क्या हमें चीन के पड़ोसी देश वियतनाम और जापान से सीख लेने की जरूरत है? वियतनाम और जापान ने कोरोना पर कैसे जीत पाई.. आइए समझते हैं...
विज्ञापन

वियतनाम की जंग
चीन से 10,000 किलोमीटर दूर यूरोप में जब तक कोरोना का काला साया गहराना शुरू हुआ तब तक वियतनाम ने इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक जर्मनी में कोरोना से 36,508 लोग संक्रमित हैं और 198 मौतें हो चुकी हैं। चीन से 1,000 किलोमीटर की सीमा साझा कर रहे वियतनाम में जनवरी में केवल 134 लोगों के संक्रमित होने का आंकड़ा था। कमजोर स्वास्थ्य सुविधाएं और कम बजट के बाद भी वियतनाम ने कोरोना को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी और कामयाब भी हुआ। कोरोना से लड़ने के लिए वियतनाम ने अपनाए ये तरीके...
  • सख्त क्वारंटीन पॉलिसी बनाई, वायरस से संक्रमित सभी लोगों की निगरानी
  • चीन में महामारी को देखते हुए बहुत पहले अपनाई बचाव की रणनीति
  • 12 फरवरी को तीन हफ्तों के लिए 10,000 जनसंख्या वाले शहर किया क्वारंटीन
  • 10 संक्रमित मामलों के समय ही लिए सख्त फैसले
  • संक्रमित लोगों के संपर्क में आए हर दुसरे, तीसरे और चौथे स्तर पर निगरानी
  • विदेशों से आए संक्रमित लोगों को शुरू में ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन
  • कई शहरों में सार्वजनिक निगरानी के लिए बड़ा सिस्टम तैयार किया
  • हर गांव की गलियों में जासूसों की फौज लगा दी
  • देश की जनता में युद्ध जैसे भाव पैदा किए
  • मीडिया ने सूचनाएं देने के लिए कैंपेन की शुरुआत की  
  • देश की जनता ने सरकार के फैसलों का स्वागत किया
  • आर्थिक तौर पर सरकार को जनता का साथ मिला
  • सरकार ने 1.1 बिलियन डॉलर की राशि अर्थव्यवस्था में डाली
कोरोना पर जापान का नियंत्रण
चीन से सटा होने के बाद भी जापान में कोरोना का कहर उतना देखने को नहीं मिला जितना यूरोप और उत्तरी अमेरिका में दिखा। कोरोना के डर के बीच भी जापान के लोग वहां का लोकप्रिय त्यौहार cherry blossoms को मना रहे हैं। पार्क में बैठकर जापानी पैकेज्ड फूड, सेल्फी और हनामी (एक तरह के फूलों की बौछार) का आनंद ले रहे हैं। 

24 मार्च को जापान में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 1,200 और मौत की संख्या 43 थी। हर दिन छह से सात संक्रमित लोगों के आंकड़ें दर्ज किए जाते थे। जापान में सबसे ज्यादा संख्या बुजुर्ग लोगों की है। कोरोना को हराने के लिए जापान की सरकार ने इन कदमों का लिया सहारा...
  • वसंत मौसम के दो हफ्ते पहले ही स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए थे। 
  • दुकानों के खुले रहने की अनुमति, वर्क फ्रॉम होम के आदेश
  • वायरस के फैलने के साथ ही देश में इमरजेंसी की घोषणा
  • कम लोगों को टेस्ट किया जा रहा था ताकि गंभीर लोगों का इलाज हो सके
  • जापान की नमस्कार करने की परंपरा ने मामलों में कमी लाई
  • हाथ मिलाने से ज्यादा झुककर नमस्कार किया जाता है
  • बच्चों को शुरू से ही साफ सफाई की शिक्षा दी जाती है
  • जापानियों को मास्क पहनना किसी वायरस नहीं सिखाया
  • वायरस के फैलने के साथ ही दुकानों में सैनिटाइजर की सुविधा शुरू कर दी गई थी
  • कोरोना फैलने के सात हफ्तों में ही मामले कम होने शुरू हुए
  • हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा मास्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
  • बढ़ते मामलों की दर में कमी आने से शिंजो आबे ने इमरजेंसी वापस ली
  • सिर्फ वही स्कूल खुले जिसके आस-पास कोरोना का संक्रमण कम था
  • दक्षिण कोरिया, यूरोपीय देशों से आने पर अभी भी प्रतिबंध
हालांकि भारत ने भी सही समय पर लॉकडाउन का फैसला लिया है, लेकिन लॉकडाउन के बाद भी देश में कोरोना के बढ़ते मामलों में कोई कमी नहीं दिख रही है। 21 दिन के लॉकडाउन से ऐसा माना जा रहा है कि देश में कोरोना का असर कम हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us