पूर्व जज ने कहा- आधुनिक हिंदी कविता में नहीं उर्दू जैसा दम, कुमार विश्वास ने दिया ये जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 24 Apr 2019 10:09 AM IST
विज्ञापन
मार्कंडेय काट्जू (फाइल फोटो)
मार्कंडेय काट्जू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। काटजू इस बार हिंदी कविता पर की गई टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में हैं। पूर्व जज ने ट्वीट किया कि आधुनिक हिंदी कविता में उर्दू जैसा दम नहीं है। वहीं उन्होंने ये भी पूछा है कि उर्दू विदेशी भाषा है या भारतीय। काटजू ने इस ट्वीट में कुमार विश्वास और जावेद अख्तर को भी टैग किया। 
विज्ञापन

काटजू ने लिखा, अगर 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है' को 'शीश कटाने की इच्छा अब हमारे हृदय में है' लिखा जाता तो कैसा लगता। काटजू ने आगे लिखा कि अगर 'बोल के लब आजाद हैं तेरे, बोल जुबान अब तक तेरी है' को कहो कि 'हमारे होंठ स्वतंत्र हैं, कहो कि तुम्हारी जीभ अभी तक तुम्हारी है' लिखा जाता तो कैसा लगता।
पूर्व जज के ट्वीट का जवाब देते हुए कुमार विश्वास ने लिखा, "हिंदी-कविता की “शक्तिमत्ता” से आपके अपरिचित रह जाने के पीछे, मेरा कोई योगदान नहीं है ! यह आपके निजी अज्ञान, आत्ममुग्धता व अशिक्षा के कारण है ! कृपया बार-बार मुझे “टैग” करके अपनी अहमन्य-कुंठा की निरर्थक उलूक-ध्वनि न करें ! ईश्वर आपको यथाशीघ्र स्वस्थ करे व आपका “न्याय” करे।" 
 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us