'कट्टरवाद' पर अध्ययन के लिए गृह मंत्रालय से मिली मंजूरी, जीएस बाजपेयी करेंगे नेतृत्व

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Nov 2020 10:12 PM IST
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गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

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सार

देश में आए दिन कट्टरवाद बढ़ता जा रहा है जिससे देश के युवा गुमराह होकर गलत रास्ते अख्तियार कर रहे हैं।

विस्तार

देश में आए दिन कट्टरवाद बढ़ता जा रहा है जिससे देश के युवा गुमराह होकर गलत रास्ते अख्तियार कर रहे हैं। बढ़ते कट्टरवाद को लेकर भारत सरकार भी काफी चिंतित है, इसीलिए गृह मंत्रालय ने शनिवार को कट्टरवाद पर विश्लेषण के लिए एक अध्ययन की अनुमति दे दी है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जीएस बाजपेयी के नेतृत्व में ये स्टडी की जाएगी।
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इन राज्यों में होगा अध्ययन 
जीएस बाजपेयीके मुताबिक, इस अध्ययन को जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, केरल और असम जैसे राज्यों में केंद्रित किया जा सकता है, जहां से कट्टरपंथी घटनाएं सबसे अधिक सामने आती हैं। इन राज्यों में अध्ययन के लिए अलग टीमें गठित कर दी गई हैं, जो ये पता लगाएगी कि देश में कट्टरवाद का हल क्या है और इसे कैसे रोका जा सकता है ?
वर्तमान में कट्टरता की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं
वर्तमान में, कानूनी प्रणाली में कट्टरता की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर, बाजपेयी ने कहा कि यूएपीए अधिनियम में परिवर्तन के बारे में भी सरकार को सुझाव दिए जाएंगे।
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