दबाव में ओली, नेपाल ने भारत के साथ सीमा पर बनाए छह आउटपोस्ट में से दो हटाए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 06 Jul 2020 08:13 PM IST
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भारत-नेपाल - फोटो : iStock

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सार

नेपाल ने भारत के साथ सीमा पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचुला क्षेत्र में छह नए बॉर्डर आउटपोस्ट तैयार किए थे। इसमें से दो का काम कुछ दिन पहले रोक दिया गया है। यह जानकारी राज्य सरकार के अधिकारियों ने सोमवार को दी।

विस्तार

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उन्हीं की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के बीच चल रहे अंतरविरोध के बीच यह जानकारी सामने आई है। ओली का भविष्य तय करने के लिए सोमवार को पार्टी की स्थायी समिति ने एक बैठक भी बुलाई थी, लेकिन यह बैठक बुधवार के लिए स्थगित हो गई। बता दें कि पार्टी के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल और अन्य नेता विभिन्न मुद्दों पर विफलता के आरोप में ओली के इस्तीफे की मांग तक कर चुके हैं। 
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नेपाल ने इन छह बॉर्डर आउटपोस्ट का काम करीब एक महीने पहले शुरू किया था जब भारत ने लिपुलेख दर्रे को धारचुला से जोड़ने वाली एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क का उद्धाटन किया था। तब से ही ओली सरकार दावा करती आ रही है कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा के क्षेत्र नेपाल के हिस्से में आते हैं। इसे लेकर नेपाल की संसद ने नए नक्शे को भी मान्यता दे दी है, जिसमें इन इलाकों को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। 
बॉर्डर आउपोस्ट हटने की खबर की पुष्टि करते हिए उप खंड मजिस्ट्रेट (धारचुला) अनिल कुमार शुक्ला ने कहा, एनएसपी द्वारा संचालित दो सीमा चौकियों को दो दिन पहले हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमने कुछ दिनों पहले चेक पोस्ट पर नेपाली अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक के दौरान इस पर ध्यान दिया। जब हमने इसके बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने कहा कि यह उच्च अधिकारियों के आदेश पर किया गया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि हटाए गए दो आउटपोस्ट भारत-नेपाल सीमा के पास दारचुला जिले के उक्कू और बकरा इलाकों में स्थित थे। अधिकारी ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि जल्द ही तीन और नेपाल सीमा चौकियों को भी हटा दिया जाएगा। उत्तराखंड में भारत-नेपाल संबंधों के विशेषज्ञों ने द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच नेपाल के इस कदम को महत्वपूर्ण बताया है।

ओली भारत पर लगा चुके हैं आरोप

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी पर सियासी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एक तरफ जहां उन्हें पद से हटाने के लिए अपनी ही पार्टी के भीतर घमासान मचा है तो दूसरी ओर देश की जनता भी सरकार के खिलाफ गुस्से में हैं। अपनी पार्टी में मचे घमासान को लेकर ओली ने भारत पर भी आरोप लगाया था। बीते दिनों उन्होंने कहा था कि एक दूतावास उनकी सरकार के खिलाफ होटल में साजिश रच रहा है।

बीते दिनों एक कार्यक्रम में ओली ने कहा था कि भले ही उन्हें कुर्सी से हटाने का खेल शुरू है, लेकिन यह संभव नहीं होगा। इस दौरान ओली ने कहा था कि भारतीय जमीन को नेपाली नक्शे में दिखाने वाले संविधान संशोधन के बाद से उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल की राष्ट्रीयता कमजोर नहीं है। किसी ने यह नहीं सोचा था कि नक्शे को छापने के लिए किसी प्रधानमंत्री को पद से हटाने के लिए साजिशें रची जाएंगी।
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