दीपिका पर बोले जावड़ेकर- यह लोकतंत्र है, कोई कहीं भी जा सकता है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 08 Jan 2020 06:02 PM IST
विज्ञापन
Prakash Javadekar on a social media campaign to boycott Deepika Padukone movie Chhapaak

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने को लेकर उठे विवाद के बीच सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सिर्फ कलाकार ही क्यों, कोई भी आम आदमी अपने विचार प्रकट करने के लिए कहीं भी जा सकता है और इसमें कहीं कोई आपत्ति नहीं हो सकती।
विज्ञापन

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जावड़ेकर ने संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि यह लोकतांत्रिक देश है। कोई कलाकार ही क्यों, कोई भी सामान्य व्यक्ति कहीं जा सकता है, अपनी राय रख सकता है। इसमें कोई आपत्ति नहीं, कभी किसी ने आपत्ति की भी नहीं। इस बारे में कई सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का मंत्री भी हूं और प्रवक्ता भी और मैं यह बात कह रहा हूं। 
जावड़ेकर ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि देश के किसी हिस्से में कहीं भी हिंसा हो, तब हम उसकी भर्त्सना करते हैं। हमारा परिपक्व लोकतंत्र है और सभी को अपनी राय रखने का अवसर है। इसलिए हिंसा का देश में कोई स्थान नहीं है।

दरअसल बीते रविवार को जेएनयू में हुई हिंसा के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण मंगलवार को देर शाम अचानक जेएनयू कैंपस पहुंचीं। उन्होंने इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी समेत अन्य छात्रों से बात की। हालांकि उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन को संबोधित नहीं किया।

छपाक फिल्म के बायकाट की अपील

छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने दीपिका के प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आम लोगों से दीपिका की आने वाली फिल्म ‘छपाक’ का बायकाट करने की अपील की। इसके बाद देखते ही देखते सोशल मीडिया पर दीपिका की फिल्म के बहिष्कार अभियान शुरू हो गया।

क्या है पूरा मामला

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) कैंपस में 5 जनवरी रविवार को छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। इससे दोनों पक्षों के 26 से अधिक छात्र घायल हो गए, जिनमें से 12 के सिर में गंभीर चोटें आईं। घायलों में छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष सहित महिला शिक्षक भी शामिल थी। जेएनयू छात्रसंघ ने मारपीट व तोड़फोड़ का एबीवीपी पर आरोप लगाया। जबकि, एबीवीपी का कहना है कि यह सब लेफ्ट ने किया। 

बताया जाता है कि शाम के वक्त नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। कई वाहनों को तोड़ दिया गया। घायलों को एम्स ट्रामा और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आरोप है कि हमलावर छात्राओें के हॉस्टल में भी घुस गए और मारपीट की। हमले की सूचना के बाद कई एंबुलेंस कैंपस पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।  

इसके बाद से कैंपस में छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। जेएनयू में हुए ऐसे ही धरना प्रदर्शन में दीपिका पहुंची थीं। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us