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भाग-1: सैफ के बहाने 'भारतवर्ष' की पड़ताल, विष्णु पुराण से लेकर अंग्रेजों तक ने किया जिक्र

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Jan 2020 07:33 PM IST
Saif Ali Khan
Saif Ali Khan - फोटो : Social Media
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उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेष्चैव दक्षिणम्। वर्शं तद् भारतं नाम भारती यत्र संततिः ।। 

ऐसा भूखण्ड जो समुद्र के उत्तर तथा हिमालय से दक्षिण में स्थित है वही भारतवर्ष है और वहीं पर चक्रवर्ती भरत जी की संतति निवास करती है।
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यह श्लोक विष्णु पुराण से लिया गया है। बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने हालिया फिल्म 'तानाजी' में खलनायक उदयभान राठौड़ के रूप में अपनी भूमिका को लेकर खूब सुर्खियां बटोरीं। मगर इसके साथ ही फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ वाले उनके बयान से विवाद खड़ा हो गया। 

फिल्म रिलीज होने के बाद एक इंटरव्यू में सैफ ने दावा किया, 'इंडिया की अवधारणा अंग्रेजों ने दी और शायद इससे पहले ऐसा नहीं था।' सैफ के इस बयान के बहाने हमने इतिहास के पन्नों में झांकने की कोशिश की। हमें ऐसे कई प्रमाण मिले, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि भारत, इंडिया या हिंदुस्तान...इसकी अवधारणा अंग्रेजों की देन नहीं है बल्कि उनके आने से हजारों साल पहले भी 'भारतवर्ष' का अस्तित्व था। 

हमारे ग्रंथ-पुराण ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों के साहित्य भी इसकी गवाही दे रहे हैं। यही नहीं खुद अंग्रेजों ने हमारे देश पर राज करने के लिए 'ईस्ट इंडिया' कंपनी का गठन किया था। पेश है उसकी पहली कड़ी...
 

प्रमाण-1 : चक्रवर्ती सम्राट भरत और महाभारत 

  • महाभारत के मुताबिक चक्रवर्ती सम्राट भरत ने साम्राज्य जीतकर संगठित राज्य की स्थापना की, जिसे 'भारतवर्ष' नाम दिया गया। 
  • महाभारत शब्द की उत्पत्ति भी तो भारत शब्द से ही हुई है। 

प्रमाण-2 : ऋग्वेद और विष्णु पुराण 

  • ऋग्वेद के एक श्लोक में 'दशराजन' मतलब दस राजाओं के युद्ध का जिक्र है। 
  • यह युद्ध दस राजाओं के एक महासंघ और भरत वंश के राजा सुदास के बीच हुआ, जिसमें राजा सुदास की जीत हुई। 
  • इसके बाद भरत नाम की लोकप्रियता काफी बढ़ गई और आगे चलकर लोग इस स्थान को 'भारतवर्ष' या 'भारत की भूमि' कहने लगे।  
  • विष्णु पुराण में श्लोक है-उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेष्चैव दक्षिणम्। वर्शं तद् भारतं नाम भारती यत्र संततिः ।।
  • इसका मतलब ऐसा भूखण्ड जो समुद्र के उत्तर तथा हिमालय से दक्षिण में स्थित है वही भारतवर्ष है और वहीं पर चक्रवर्ती भरत जी की संतति निवास करती है।
  • ऋग्वेद के श्लोक 'विश्वामित्र रक्षति ब्रह्मेदम भारतम जनम' में भी भारत का जिक है। 

प्रमाण-3: प्राचीन फारसी स्रोत 

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