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जम्मू और कश्मीर

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

कश्मीर के 700 छात्रों को एजुकेशन टूर पर भेज चुकी सेना, मिलता है एक्सपोजर: ले. जनरल केजेएस ढिल्लों

कश्मीर घाटी के युवाओं के अच्छे भविष्य के लिए भी सेना काम कर रही है। छात्रों को राज्य से बाहर एक्सपोजर के लिए समय-समय पर एजुकेशनल टूर आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष अभी तक करीब 700 छात्रों को राज्य से बाहर विभिन्न सद्भावना टूर पर भेजा जा चुका है। ये जानकारी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने दी। वह श्रीनगर के बीबी कैंट में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। 

उन्होंने बताया कि इन टूर के लिए विभिन्न एज ग्रुप के छात्र सेलेक्ट किये जाते हैं। किसानों को भी भेजा जाता है। इसके पीछे उद्देश्य है कि यहां के लोगों को बाहर जाकर एक्सपोजर मिल सके। वह वहां के एजुकेशन सिस्टम से रूबरू हो सकें। इस बार डिग्री कॉलेज के छात्र भेजे गए थे। उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी भी ले जाया गया जहां उन्होंने वहां के वीसी के साथ अपने विचार सांझे किए। 

इस टूर से मिले फीडबैक से पता लगता है कि छात्र बाहर के एजुकेशन सिस्टम से काफी प्रभावित हुए हैं। उन्हें भी पता चला है कि इस स्तर का एजुकेशन सिस्टम हमारे देश में मौजूद है और भविष्य में उनकी भी तमन्ना होगी, ऐसी एजुकेशन हासिल करने की।

टूर से काफी फायदा मिला : छात्र
एक छात्र मुदस्सिर ने बताया कि यह एक एजुकेशनल टूर था जिससे हमें काफी फायदा हुआ। एमिटी यूनिवर्सिटी में वीसी से मुलाकात की जोकि आम तौर पर काफी मुश्किल होती है। सबसे अच्छा अनुभव वीसी सर की मोटिवेशनल स्पीच सुनना था।
 बता दें कि सेना की तरफ से कुपवाड़ा के हंदवारा डिग्री कॉलेज के 15 छात्रों को 10 अक्तूबर को दिल्ली और आगरा के एजुकेशनल टूर पर भेजा गया था।
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फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी समेत अन्य महिलाएं रिहा, प्रदर्शन के दौरान हुईं थीं गिरफ्तार

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन व बेटी समेत अन्य महिला प्रदर्शनकारियों को बुधवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इन्हें मंगलवार को राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। 

अधिकारियों ने बताया कि डॉ. अब्दुल्ला की बहन सुरैया और उनकी बेटी साफिया और 11 अन्य महिलाअओं को धारा 107 के तहत 10,000 रुपये के निजी मुचलके और 40,000 रुपये की जमानत राशि का भुगतान करने के बाद रिहा किया गया। केंद्रीय जेल श्रीनगर में बंद महिलाओं को बुधवार शाम 6 बजे के आसपास मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दे दी।

5 अगस्त के बाद, राज्य के अधिकारियों ने तीन तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया गया था। फारूक अब्दुल्ला को पिछले महीने जन सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।
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जम्मू-कश्मीर: फारूख अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को मिली जमानत

जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को अदालत से जमानत मिलने के बाद बुधवार देर शाम रिहा कर दिया गया। इन दोनों को पुलिस ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किया था।

मंगलवार को पुलिस ने इन्हें धारा 107 व 151 के तहत मुकदमा दर्ज कर सेंट्रल जेल भेज दिया था।  सिविल सोसाइटी की महिला सदस्यों ने लाल चौक से सटे प्रताप पार्क में एकत्रित होकर नारे लिखी तख्तियां लेकर अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित दो राज्यों में विभाजित किये जाने को लेकर प्रदर्शन किया था।





उमर और महबूबा को पीएसए के तहत अभी हिरासत में रखा गया है- अमित शाह
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती इस समय हिरासत हैं। उन्हें लगातार हिरासत में रखे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसपर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। 
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चांद के साथ किया पति का दीदार, कुछ इस तरह जम्मू-कश्मीर में मनाया गया करवाचौथ, देखें तस्वीरें

करवा चौथ करवा चौथ

जम्मू-कश्मीरः बीडीसी चुनाव में शुरू हुई जोड़-तोड़ की सियासत, नेताओं ने पंचायतों में डाला डेरा

जम्मू-कश्मीर के सांबा में ब्लॉक विकास परिषद के चेयरमैन के चुनाव के लिए जोड़तोड़ चल रही है। प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ पंच और सरपंच के घर जाकर अकेले में मिल रहे हें। कई प्रत्याशी लोभ-लालच तक देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। 

वहीं भाजपा प्रत्याशी के प्रचार के लिए पार्टी की ओर से नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है कि वे अपने-अपने ब्लॉक से भाजपा प्रत्याशी की जीत को सुनिश्चित करें। जिले के सीमावर्ती ब्लॉक राजपुरा से तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। तीनों अपनी जीत पक्की मान कर चल रहे हैं। 

भाजपा की ओर से राजपुरा के सरपंच राधे कृष्ण, चक सद्दा के पूर्व सरपंच विनय शर्मा और सनूरा के सरपंच चुनाव मैदान में हैं। जबकि घगवाल ब्लॉक में भी मुकाबला काफी रोचक बना हुआ है। तीन बार सरपंच का चुनाव जीत चुके सरपंच विजय टंगोत्रा निर्दलीय, भाजपा के सरपंच तरसेम सिंह और आजाद प्रत्याशी पंच रमण शर्मा भी काफी भागदौड़ कर रहे हैं। 

भाजपा के पूर्व विधायक दुर्गादास ने सीमावर्ती पंचायतों में डेरा डाल रखा है। उधर, पहाड़ी ब्लॉक सुंब में कश्मीर सिंह, सुभाष भगत भी भाजपा प्रत्याशी की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। कई ब्लॉक में भाजपा के बागी प्रत्याशी भी मुकाबले में दिख रहे हैं। 
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लगातार आंतकियों के निशाने पर सेब से भरे ट्रक, सोपोर में सेब की पेटियों में लगा दी आग

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आतंकियों ने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश की। यहां शुक्रवार को आतंकवादियों ने सेब की पेटियों में आग लगी दी। सूचना मिलते ही सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे और आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने में सफलता पाई। बताया जा रहा है इस दौरान पांच से छह पेटियों में रखे सेब जलकर राख हो गए।

बता दें कि दक्षिण कश्मीर में आतंकी नए सिरे से सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को आतंकियों ने शोपियां जिले में पंजाब निवासी सेब व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आतंकियों की गोली से एक व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया।

इससे पहले पुलवामा में आतंकियों ने सुबह एक ईंट भट्टा मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सोमवार को शोपियां के सिंधु सरमाल इलाके में ही आतंकियों ने राजस्थान के एक ट्रक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ड्राइवर घटना के समय ट्रक पर सेब लाद रहा था।   

माना जा रहा है कि आतंकी दहशत फैलाने के लिए वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पिछले सप्ताह शनिवार को श्रीनगर के हरि सिंह हाई स्ट्रीट इलाके में ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें एक महिला समेत सात लोग घायल हुए थे। पांच अक्तूबर को अनंतनाग में डीसी कार्यालय के बाहर भी ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें 14 लोग घायल हुए थे।

इससे पहले 28 सितंबर को श्रीनगर के नवाकदल इलाके में सीआरपीएफ  की 38वीं बटालियन के जवानों पर भी ग्रेनेड हमला किया गया था। इसी दिन रात में आतंकियों ने हमला कर पीडीपी के पूर्व कार्यकर्ता सज्जाद अहमद मंटू को घायल कर दिया था।
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दक्षिण कश्मीर की घटनाओं के पीछे हिजबुल मुजाहिदीन, पुलिस ने जारी किए तीन आतंकियों के पोस्टर

दक्षिण कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से आतंकियों द्वारा गैर प्रांतीय लोगों को निशाना बनाए जाने के पीछे तीन हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों का हाथ है। इनमें एक पाकिस्तान का रहने वाला है। पुलिस ने तीनों आतंकियों के पोस्टर जारी कर लोगों से मदद करने की अपील की है। 

बुधवार को शोपियां में पंजाब के सेब व्यापारी व ईंट-भट्ठा मजदूर की हत्या के बाद उतपन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए डीजीपी दिलबाग सिंह और आईजी कश्मीर एसपी पाणि ने अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। सोमवार को आतंकियों ने शोपियां में ही एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी। जो यहां सेब लेने आया था। 

पुलिस ने दक्षिण कश्मीर में हुई इन घटनाओं के बाद सेब उद्योग से जुड़ी सरगिर्मयों वाले स्थानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। शोपियां में डीजीपी की समीक्षा बैठक के दौरान इन हालात से निपटने के लिए रणनीति पर भी विचार किया गया। इसके बाद वांछित आतंकियों के पोस्टर जारी किए गए। 

पुलिस के एक आला अधिकारी ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि जिन आतंकियों ने इन घटनाओं को अंजाम दिया उनमें स्थानीय आतंकी नवीद बाबू और राहिल मागरे के अलावा एक पाकिस्तानी आतंकी सलमान भी शामिल है। यह सभी आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं।

-एक आतंकी पूर्व पुलिस कर्मी, कई मामलों में तलाश
नवीद बाबू आतंकी बनने से पहले जम्मू कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल था और उसकी कई मामलों में पुलिस को तलाश है। पुलिस के अनुसार यही आतंकी इन घटनाओं में शामिल हैं।  

-घायल सेव व्यापारी की हालत स्थिर
बता दें कि बुधवार देर शाम आतंकियों ने शोपियां ज़िले के त्रेंज इलाके में फाजिल्का पंजाब के दो सेब व्यापारियों को निशाना बनाया था। जिसमें एक चरणजीत सिंह की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। 

संजीव का इलाज श्रीनगर में चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इससे पहले सुबह पुलवामा के निहामा में आतंकियों के एक गुट ने ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक मजदूर सेठी साही को निशाना बनाया था जबकि एक दूसरा साथी भागने में सफल रहा था। वहीं सोमवार शाम को भी शोपियां जिले में आतंकियों ने राजस्थान के एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी।
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जम्मू-कश्मीर की 62 साल पुरानी विधान परिषद खत्म, 31 अक्तूबर को अमल में आएगा केंद्र शासित प्रदेश

भारतीय सुरक्षाकर्मी
जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट की धारा 57 के तहत विधान परिषद को सरकार ने समाप्त कर दिया है। परिषद के 116 कर्मचारियों को 22 अक्तूबर से सामान्य प्रशासनिक विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।  

31 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने से पहले राज्य सरकार ने 62 साल पुरानी विधान परिषद को खत्म कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासनिक विभाग की तरफ से बुधवार देर रात को आदेश जारी कर दिया गया था। 

आदेश के तहत विधान परिषद के लिए खरीदे गए वाहनों को स्टेट मोटर गैरेज के निदेशक को ट्रांसफर किया जाएगा। इसी तरह से विधान परिषद के सचिव परिषद के भवन और फर्नीचर व इलेक्ट्रानिक उपकरणों को एस्टेट विभाग के निदेशक को सौंप देंगे। 

इसके अलावा परिषद के सचिव को काउंसिल सचिवालय के सभी रिकॉर्ड को कानून, न्याय और संसदीय मामलों के विभाग को ट्रांसफर करने के लिए भी कहा गया है। उल्लेखनीय हैं कि 36 सदस्यों की क्षमता वाली विधान परिषद में 22 सदस्य थे। इनमें भाजपा के दस, पीडीपी के आठ, नेकां के तीन और कांग्रेस का एक सदस्य शामिल था।
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कश्मीर में तैनात जवानों की पत्नियां वीडियो कॉल के जरिए नहीं कर सकेंगी अपने 'चांद' का दीदार

अनुच्छेद 370 तो हट गया, मगर कश्मीर घाटी में तैनात जवानों की सख्त ड्यूटी अभी तक चल रही है। करवा चौथ पर इन जवानों की पत्नियों ने अपने पतियों की लंबी आयु और उनके स्वस्थ रहने के लिए व्रत भी किया होगा। उनके पति देश की हिफाजत के लिए बॉर्डर पर हैं, नक्सलियों से लड़ रहे हैं, आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं। कहीं पर वे बर्फीले पहाड़ों और तूफानों से जूझते हैं, तो कहीं नदी नालों को चीरते हुए गश्त करते हैं।

वीडियो कॉल से नहीं कर सकेंगी 'चांद' का दीदार

खासतौर पर, कश्मीर में तैनात जवानों की पत्नियां करवा चौथ वाले दिन वीडियो कॉल के जरिए अपने 'चांद' का दीदार नहीं कर सकेंगी। वजह, कश्मीर में इंटरनेट बंद है। वीडियो कॉल तो होगी नहीं। रही बात व्हाट्सएप पर फोटो भेजने की तो वह भी संभव नहीं। यह व्यथा उन पत्नियों के साथ भी है, जो कश्मीर में तैनात हैं, मगर उनके पति किसी दूसरी जगह पर तैनात हैं। सोशल मीडिया के दूसरे साधन जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक भी बिना इंटरनेट नहीं चलेंगे। दो दिन पहले ही मोबाइल कॉल शुरु हुई है, लेकिन वह भी ऐसी है कि कई बार फोन मिलाना पड़ता है। लाइनें व्यस्त हैं, कुछ देर बाद कॉल करें, ये संदेश सुनाई पड़ता है। बात करने के दौरान फोन कट जाता है।
 
कश्मीर में सेना, सीआरपीएफ और दूसरे अर्धसैनिक बलों को मिलाकर तीन लाख से अधिक जवान मुख्य ड्यूटी पर तैनात हैं। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वजह से कश्मीर घाटी में मोबाइल सेवा, लैंड लाइन फोन और इंटरनेट, इन सब सेवाओं को बंद कर दिया गया था। जवानों को अपने घरों पर भी फोन करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक यूनिट पर सेटेलाइट या बीएसएनएल का एक फोन उपलब्ध कराया गया था। सभी जवानों को घंटों इंतजार करने के बाद अपनों से बात करने का मौका मिलता था।

एसएमएस सेवा भी रोक लगाई

अब गत सोमवार से लैंड लाइन एवं बीएसएनएल मोबाइल फोन सेवा चालू की गई थी। हालांकि इंटरनेट अभी तक बंद है। कुछ घटनाएं होने के कारण फोन की एसएमएस सेवा भी रोक दी गई है। श्रीनगर में तैनात सीआरपीएफ के एक अधिकारी का कहना है कि यह बात सही है कि करवा चौथ पर जवानों को अपनी पत्नियों के साथ वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के जरिए बात करने का अवसर नहीं मिलेगा। हालांकि जवान मोबाइल फोन या लैंड लाइन फोन से अपने घर बात कर सकते हैं। पाकिस्तान की सीमा से सटे बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल की महिला जवानों ने अपने पतियों की सलामती के लिए करवा चौथ का व्रत रखा। इन महिला जवानों का कहना था कि उन्होंने अपने पति की लम्बी उम्र के साथ ही भारत मां की सुरक्षा की कामना की है।
 
सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर करवा चौथ की शुभकामनाएं देने के लिए नई ईमोजी और स्टीकर बनाए गए हैं। महिलाएं करवा चौथ के दिन बिना खाए पिये निर्जला व्रत रहकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपने पति के हाथों से पानी पीकर ही अपना व्रत खोलती हैं। देखा गया है कि जिनके पति दूर होते हैं, वे महिलायें वीडियो कॉल कर या अपने पति से फोन पर बात कर व्रत खोल लेती हैं। फोटो का आदान प्रदान भी होता है। कश्मीर में तैनात पुरुष जवानों और महिलाओं को इस बार वीडियो कॉल करने का अवसर नहीं मिलेगा।
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जम्मू-कश्मीर: टोल लेना बंद न किया तो होगा बड़ा आंदोलन, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की सरकार को चेतावनी

सरोर के पटली मोड़ के पास बने टोल प्लाजा के खिलाफ कई संगठन लामबंद होने लगे हैं। एकजुट जम्मू संगठन ने वीरवार को ट्रांसपोर्टर और व्यापार मंडल यूनियनों के साथ एलान किया कि सरकार ने टोल न हटाया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बार्डर वेलफेयर आर्गेनाइजेशन, कठुआ टू बाय टू, टू बाय थ्री, सैनिक कालोनी व्यापार मंडल, ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एकजुट जम्मू की संयुक्त प्रेस वार्ता में हाईवे टोल को जजिया कर करार दिया गया। एकजुट जम्मू संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कहा कि कहीं भी 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल टैक्स नहीं हो सकते। 

यह नियम 2008 के हाइवे एक्ट में शामिल है। अगर हाइवे अथारिटी की बात मान भी ली जाए कि 60 किलोमीटर से कम दायरे में टोल टैक्स खुलना चाहिए, तो उसका भी अलग प्रावधान है। सरकार को इसके कारण पहले सार्वजनिक करने चाहिए जो सरोर टोल प्लाजा के मामले में नहीं किया गया है।

पटली मोड़ बाड़ी ब्राह्मणा से दो से तीन किलोमीटर की अधिक दूरी पर नहीं है। नियम कहता है कि किसी भी नगरपालिका की हद से पांच किलोमीटर की दूरी से पहले टोल पोस्ट नहीं हो सकती। दो किलोमीटर तक तो बिल्कुल भी नहीं। 
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के यूटी बनने पर बिजली महकमे को निगम बनाने का मसौदा तैयार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनते ही पावर डेवलपमेंट विभाग को कारपोरेशन में तबदील किया जा सकता है। कारपोरेशन बनाने के लिए औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में जल्द ही आदेश पारित किया जा सकता है। कारपोरेशन बनाने के लिए बोर्ड आफ डायरेक्टर्स (बीओडी) का गठन किया गया है। 

बीओडी ने अपने सुझावों पर रिपोर्ट सौंप दी है। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता, एक्सईएन, एईई समेत अन्य अधिकारियों के कामकाज को भी निर्धारित किया है। कंपनी में नए तरीके से काम होगा। पहले पीडीडी विभाग ही बिजली की मरम्मत, बिजली की खरीद, ग्रिड स्टेशनों की मरम्मत अपने स्तर पर कर रहा था। अब काम के लिए अलग-अलग कंपनियों का गठन किया जाएगा। कंपनियों के माध्यम से कारपोरेशन को चलाया जाना है। 

तीन कंपनियों का होगा गठन 
नए कारपोरेशन में तीन कंपनियों का गठन किया जा रहा है। इसमें पहली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी होगी। इसके माध्यम से बिजली की आपूर्ति और मरम्मत कार्य किया जाना है। दूसरी ट्रांसमिशन कंपनी के माध्यम से ग्रिड स्टेशनों पर काम किया जाना है। तीसरी कंपनी ट्रेडिंग के नाम से होगी। इसके माध्यम से अन्य राज्यों में बिजली की खरीद-फरोख्त का काम होगा। जेएंडके से बिजली को बेचने का काम भी इसी कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। 

बदले जाएंगे पदनाम
कारपोरेशन में अधिकारियों के पदनाम भी बदले जाएंगे। मैनेजिंग डायरेक्टर, जनरल मैनेजर रैंक भी अधिकारियों को मिलेंगे। मुख्य अभियंता को निदेशक, अधीक्षण अभियंता को चीफ मैनेजर, एक्सईएन को जनरल मैनेजर, एसडीओ को सीनियर मैनेजर बनाया जाएगा।  
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