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ये हैं कुंडली के 12 भाव, पड़ता है जीवन पर ये असर
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ये हैं कुंडली के 12 भाव, पड़ता है जीवन पर ये असर

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पाकिस्तान ने केरन सेक्टर में किया संघर्षविराम का उल्लंघन, सेना दे रही माकूल जवाब

पाकिस्तान ने केरन सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। इस दौरान सीमा पार से छोटे हथियारों और मोर्टार का इस्तेमाल करते हुए तंगधार में भारतीय चौकियों को निशाना बनाया। हालांकि किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। भारतीय सेना पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का माकूल जवाब दे रही है।

इससे पहले गुरुवार को सीमा पार से पुंछ जिले के कस्बा, कीरनी, शाहपुर और माल्टी सेक्टर में गुरुवार को गोलाबारी की गई थी। उधर, गुरुवार को ही पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में कृष्णाघाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अकारण संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इस दौरान सीमा पार से भारी गोलाबारी की गई। भारतीय सेना के जवानों ने दुश्मन की गोलाबारी का कड़ा जवाब दिया। इस घटना में सेना के हवलदार निर्मल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि हवलदार निर्मल सिंह बहादुर और ईमानदार सैनिक थे। उनके सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए राष्ट्र हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
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केरन सेक्टर में पाकिस्तान ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन केरन सेक्टर में पाकिस्तान ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन

श्रीनगर की फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी को मान्यता नहीं, सैंपल जम्मू भेजे जा रहे

चुंबकीय पहाड़ी, लद्दाख
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने डलगेट, श्रीनगर स्थित फूड सेफ्टी विभाग की पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी को डिनोटिफाइड कर दिया है। नेशनल एग्रिडेशन बोर्ड फॉर लेबोरेटरीज (एनएबीएल) के पास समय पर जरूरी दस्तावेज जमा न करवाने पर लेबोरेटरी को टेस्ट के लिए मान्यता नहीं दी गई है। अब कश्मीर के सभी फूड संबंधी लीगल टेस्ट मामलों में सैंपलों को पटोली मंत्रोत्रिया जम्मू स्थित लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जा रहा है।

श्रीनगर का लेबोरेटरी प्रबंधन 15 नवंबर 2020 तक एनएबीएल से एक्रिडेशन के लिए आवेदन नहीं कर पाया। जिसके बाद नए साल में लेबोरेटरी को टेस्ट की मान्यता नहीं दी गई। कश्मीर के सभी संभागों में लीगल सैंपलों को अधिकृत करने के लिए विभागीय नोटिफाइड लेबोरेटरी में जांच करवाना जरूरी है।

हालांकि, कश्मीर में तीन मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन चल रही हैं। लेकिन वहां लीगल सैंपलों की जांच नहीं की जा सकती है। ड्रग एंड फूड कंट्रोल विभाग कश्मीर संभाग की ओर से सभी सैंपलों को जम्मू भेजा रहा है। लेबोरेटरी की नोटिफाइड प्रक्रिया में अगले कई महीने लग सकते हैं। एनएबीएल ने श्रीनगर सहित देश के अन्य कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लेबोरेटरी को भी डीनोटिफाइड किया है। ड्रग एंड फूड कंट्रोल विभाग के पास अधिकृत दोनों संभागों में दो ही लेबोरेटरी फूड संबंधी पदार्थों की टेस्टिंग के लिए काम कर रही हैं।
 
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बड़ी ताकत के रूप में उभरी नेशनल कांफ्रेंस: फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नेकां एक नई ताकत के रूप में उभर कर सामने आई है। हाल ही में डीडीसी चुनावों के संदर्भ में फारूक ने कहा कि कई चुनौतियों के बीच जम्मू-कश्मीर के लोगों ने नेकां के प्रति विश्वास जताया है। उन्होंने पार्टी कैडर से लोगों की सेवा करने और समाज को मजबूत बनाने के संकल्प पर जोर दिया। वह मंगलवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे थे।

डॉ. फारूक ने जिला और ब्लॉक स्तर पर पार्टी के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि हमें भविष्य में प्रदर्शन को और भी बेहतर करना होगा। पार्टी की ताकत जमीनी स्तर पर लोगों से निकलती है और उनकी भलाई के लिए इस समर्थन को चैनलाइज करने की जरूरत है। इसके लिए धर्म जाति से ऊपर उठकर काम करना होगा।

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नेकां ने विकट परिस्थितियों में भी अपने महान मूल्यों को कायम रखा है। इस भावना को न केवल निरंतर बनाए रखना होगा, बल्कि विभाजनकारी ताकतों को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना होगा। पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए जम्मू कश्मीर में एक बड़ा जनांदोलन किया जाएगा। सत्ता शासन करना नहीं बल्कि मानवता की सेवा करने जैसा है। यह हमारे राजनीतिक दर्शन का मूल आधार रहा है और इसे कायम रखा जाएगा।

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उन्होंने विशेष रूप से धर्मनिरपेक्ष लोकाचार के लिए अपनी पार्टी प्रतिबद्धता पर लोगों और पार्टी कैडर की सराहना की। विविधता में एकता ही जम्मू कश्मीर की असली ताकत है। सभी स्तर पर कैडर को मजबूत बनाया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीरः कुपवाड़ा के एलओसी से सटे तीन गांवों में बजने लगी मोबाइल की घंटी

जम्मू-कश्मीर में मोबाइल सेवा शुरू होने के दो दशक बाद उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तीन दूरदराज के गांवों में मोबाइल टावर लगाए गए हैं, इससे लगभग 10 हजार स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

श्रीनगर से महज 100 से 160 किलोमीटर की दूरी पर नियंत्रण रेखा के नजदीक बसे तीन गांव माछिल, डूडी और पोशवारी हैं, जिन्हें 2000 में मोबाइल कनेक्टिविटी की अनुमति मिली थी, परंतु ये गांव पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक हैं और अक्सर यहां सीमा पार से घुसपैठ के मामले सामने आते हैं। इसके कारण इस इलाके में मोबाइल सेवाएं नहीं मिल पा रही थीं।

कनेक्टिविटी के लिए मोबाइल टावर लगाने से पहले जिला प्रशासन को सेना और बहुत सारे संबंधित विभागों से अनुमति की जरूरत थी। ये तीनों गांव माछिल, डूडी और पॉश वारी एलओसी से सिर्फ आठ और 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। पिछले वर्ष उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने माछिल का दौरा किया था, उस समय स्थानीय लोगों की मांग पर तत्काल मोबाइल फोन टावरों की स्थापना के निर्देश दिए थे। इसके बाद उपायुक्त अंशुल गर्ग ने सभी विभागों के साथ क्लियरेंस पाने के लिए सक्रिय हो गए थे।

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मोबाइल टावर लगने से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। डूडी गांव के पूर्व सरपंच, मोहम्मद जमाल शेख ने कहा, अब हम शायद बिना इलाज के नहीं मरेंगे। मोबाइल फोन पर बात करते हुए शेख ने याद किया कि मोबाइल फोन की सुविधा न होने का खामियाजा कई रोगियों को भुगतना पड़ा, क्योंकि चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने के लिए उन्हें 20 किलोमीटर दूर माछिल पैदल जाना पड़ता था अथवा एसटीडी कॉल करने के लिए जेड मोड़ तक 15 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। शेख गांव में एक व्यक्ति दवा की दुकान चलाता है जो कुपवाड़ा शहर से 70 किलोमीटर दूर स्थित है।

माछिल गांव के सरपंच हबीबुल्लाह ने भी इसी तरह की भावनाओं को प्रदर्शित करते हुए कहा कि आखिरकार ग्रामीणों को कुछ जानकारी लेने या मदद लेने के लिए मीलों पैदल नहीं चलना पड़ेगा। दिल्ली आईआईटी से स्नातक रहे उपायुक्त अंशुल गर्ग ने समाचार एजेंसी को बताया कि कुपवाड़ा के डिप्टी कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, मैंने हमेशा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के दर्द को कम करने की कोशिश की है, खासकर ऐसे गांवों में जो एलओसी के नजदीक स्थित हैं। इन गांवों में नेशनल ग्रिड से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। मोबाइल टावर को भी उसी से जोड़ा गया है बैकअप के लिए डीजल जनरेटर सेट है जिसका ईंधन जिला मुख्यालय से भेजा जाता है। 

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कश्मीर के कुपवाड़ा में मिला सेना के एक अधिकारी का शव, जांच में जुटी पुलिस

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तेतवाल सेक्टर में सेना के एक मेजर का शव सोमवार दोपहर रहस्यमय परिस्थितियों में मिला है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 29 वर्षीय सेना का अधिकारी, जोकि 6-जेएके राइफल्स में तैनात था, का शव बरामद हुआ है। 

अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिस को सूचना के बाद शव को चामकोट ले जाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी (मृतक) ठुड्डी के निचले हिस्से पर चोट के निशान पाए गए हैं। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही आगे की कार्रवाई चल रही है।

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जम्मू-कश्मीर में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही वैक्सीन केंद्रों की संख्या

जम्मू-कश्मीर में कोविड वैक्सीन अभियान के लिए चरणबद्ध तरीके से वैक्सीन केंद्रों को बढ़ाने का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो गया है। सोमवार को दूसरे दिन प्रदेश में 1149 कर्मचारियों को वैक्सीन दी गई। हालांकि, पिछले दो दिन में यह संख्या निर्धारित लक्ष्य से आधी से भी कम है। दो दिन 40 केंद्रों पर वैक्सीन दी गई। जिसमें प्रत्येक में 100-100 कर्मियों को वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया था। दो दिन में 3103 कर्मियों को पहली डोज दी जा चुकी है।

जिला जम्मू में दूसरे दिन जीएमसी जम्मू में 18, एसएमजीएस में 40, उपजिला अस्पताल आरएस पुरा में 30 और उपजिला अस्पताल बिश्नाह में 30 कर्मियों को वैक्सीन दी गई। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि निर्धारित तिथि को केंद्र तक पहुंचकर टीकाकरण से मना करने वाले कर्मियों को आखिर में वैक्सीन लेने का मौका मिलेगा। इसके लिए उसे दोबारा से पंजीकृत होना होगा।

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जम्मू-कश्मीर में वैक्सीन की क्षमता बढ़ाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. काजी हरुण ने बताया कि सोमवार शाम तक किश्तवाड़ और कुपवाड़ा से वैक्सीन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए थे। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। पिछले दो दिन में प्रदेश में कहीं से वैक्सीन रिएक्शन की सूचना नहीं है। 

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चौबीस घंटे में एक की मौत, 82 नए मामले
पिछले चौबीस घंटे में कोविड से जम्मू संभाग में एक मौत हुई है। अब तक प्रदेश में 1922 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है, जिसमें कश्मीर संभाग से 1206 मौतें हुई हैं। सोमवार को जम्मू कश्मीर में 82 नए संक्रमित मामले मिले, जिसमें जम्मू संभाग से 36 मामले हैं। राहत यह है कि प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 194 संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। इसमें जम्मू संभाग से 123 मरीज हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1111 मामले ही सक्रिय हैं। जिला जम्मू में सर्वाधिक 26 संक्रमित मामले मिले। इस जिले में अब तक 367 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। जिला श्रीनगर में सर्वाधिक 453 लोगों की मौत हुई है।
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