जम्मू: कैट बेंच में शिफ्ट होंगे राज्यकर्मियों के हाईकोर्ट में लंबित 30 हजार मामले

अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Updated Sat, 30 May 2020 12:13 PM IST
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jammu high court - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • कैट में मुकदमों पर जल्द आएगा फैसला, कर्मचारियों और वकीलों को चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा 
  • 8 जून से काम करेगा बेंच, न्यायिक सदस्य राकेश सागर करेंगे सुनवाई

विस्तार

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की जम्मू में बेंच स्थापित होने के साथ जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में लंबित लगभग 30 हजार मुकदमे कैट बेंच को शिफ्ट होंगे। ये सभी मसले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े हैं। साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े 400 मामले भी चंडीगढ़ बेंच से जम्मू बेंच को शिफ्ट होंगे। 
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जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के प्रभावी होने पर 31 अक्तूबर से कैट के जरिये ही राज्य कर्मियों के भी सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई का प्रावधान किया गया। पहले राज्य कर्मियों के मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में होती थी, जबकि यहां कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों के मामले चंडीगढ़ में कै ट की बेंच में सुने जाते थे। 
जम्मू में नए बेंच के साथ ही देशभर में कैंट की 19 बेंच हो गई हैं। हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल के निर्देश पर 28 अप्रैल के बाद कर्मचारियों की सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब सभी मामलों पर कैट बेंच ही फैसला लेगा। कुछ दिन पहले चंडीगढ़ बेंच में सुनवाई शुरू किए जाने की बात सामने आने के बाद इसका विभिन्न राजनीतिक, कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आश्वस्त किया था कि जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों व वकीलों को चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य के लिए भी स्थायी बेंच का प्रावधान किया जाएगा। 
साढ़े पांच लाख कर्मचारी और हजारों वकील होंगे लाभान्वित
कैट की बेंच स्थापित होने से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के साढ़े पांच लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा। साथ ही हजारों वकील भी लाभान्वित होंगे। अब इन्हें चंडीगढ़ नहीं जाना होगा, जिससे समय व पैसे की बचत होगी। सूत्रों ने बताया कि कैट में मामलों पर फैसले भी जल्दी आने की उम्मीद है। हाईकोर्ट में कर्मचारियों की सेवा संबंधी कई मुकदमे 10-12 साल से लंबित हैं।
 
 
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