बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
ये हैं सप्ताह की चार भाग्यशाली राशियां, धनलाभ के बनेंगे प्रबल योग
Myjyotish

ये हैं सप्ताह की चार भाग्यशाली राशियां, धनलाभ के बनेंगे प्रबल योग

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

अवाम की आवाज: उप-राज्यपाल ने सराहा नर्स का काम, जानिए मीना शर्मा ने क्या कहा

कोरोना काल में डॉक्टरों और फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स जिसमें नर्स और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की तरह फीमेल मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर मीना शर्मा कोविड मरीजो...

21 मई 2021

विज्ञापन
Digital Edition

जम्मू-कश्मीर: वीकेंड पर पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार, होटलों में बुकिंग फुल, वाहनों में रात गुजारने को मजबूर लोग

मैदानों में दिनप्रतिदिन भीषण गर्मी पड़ रही है। इससे निजात पाने के लिए लोग जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। वीकेंड पर पटनीटॉप, नत्थाटॉप और सनासर सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। पार्कों और सड़कों पर सैलानियों को देखा जा सकता है। होटलों में बुकिंग फुल चल रही है, जिस कारण जगह नहीं मिलने पर सैलानी वाहनों में रात गुजारने को मजबूर हैं। बढ़ती गर्मी से निजात पाने में पटनीटॉप, नत्थाटॉप व सनासर में देवदार के पेड़, जलवायु और ठंडी हवा सैलानियों को राहत दे रही है। वहीं, पटनीटॉप में बढ़ी वाहनों की संख्या से जाम की स्थिति भी उत्पन्न होने लगी है। शनिवार को पुलिस ने बिना मास्क, सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने सहित गाड़ियों की गलत पार्किंग को लेकर कई लोगों के चालान भी काटे हैं। वीकेंड पर पटनीटॉप के सभी होटल फुल थे और कई सैलानियों को वापस लौटना पड़ा है। ... और पढ़ें
Patnitop jammu kashmir Patnitop jammu kashmir

जम्मू-कश्मीर: आतंकियों के दो गुटों में आपस में ही संघर्ष, अल-बद्र के एक दहशतगर्त की हत्या

370 पर गरमाई राजनीति: महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा भला हो भगवान का जो आज अंबेडकर जिंदा नहीं

जम्मू-कश्मीर की पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि आज अगर भारतीय संविधान के निर्माता बी आर अंबेडकर जीवित होते तो भाजपा ने उन्हें भी पाकिस्तान समर्थक करार कर दिया होता। ऐसा महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 पर टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की आलोचना के चलते कही। यह बयान महबूबा मुफ्ती द्वारा ट्वीट के माध्यम से सभी के साथ साझा किया गया।

महबूबा का कहना था कि अनुच्छेद 370 को अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान से मान्यता मिली थी लेकिन केंद्र ने उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया।
मुफ्ती का बयान सोशल मीडिया पर एक ऑडियो चैट पर सिंह द्वारा कथित रूप से दिए गए बयान पर उनकी और कांग्रेस की हो रही आलोचना के बीच आया है।

यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: इन आतंकियों ने किया था सोपोर में हमला, मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समेत पढ़ें पांच बड़ी खबरें

सिंह ने कथित रूप से कहा था कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने और जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने पर “पुनर्विचार” करेगी। इस बयान पर भाजपा ने कहा कि सिंह की टिप्पणी पाकिस्तान के साथ कांग्रेस की “मिलीभगत” के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है।

जम्मू कश्मीर में कुछ समय तक सत्ता में भाजपा की साझेदार रही पीडीपी की मुखिया ने अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘ भला हो भगवान का कि आज अंबेडकर जिंदा नहीं हैं, अन्यथा भाजपा द्वारा उन्हें भी पाकिस्तान समर्थक करार देकर बदनाम किया जाता। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले इस अनुच्छेद को अगस्त 2019 में केंद्र ने निष्प्रभावी बना दिया था।

... और पढ़ें

मौसम विज्ञान केंद्र: जम्मू कश्मीर और लद्दाख में 17 दिन पहले आ गया मानसून, आगामी दिनों में बारिश की संभावना

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस बार 17 दिन पहले ही मानसून की दस्तक हो गई है। सामान्य तौर पर जम्मू-कश्मीर में मानसून तीस जून या एक जुलाई तक आता है, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस ने जम्मू-कश्मीर में मानसून के आगमन की पुष्टि कर दी।

पिछले 24 घंटों की ही बात करें तो जम्मू जिले में 37.6, बनिहाल में 32. 8 और कटड़ा में 46.0 एमएम के अलावा श्रीनगर में 7. 4, गुलमर्ग में 4. 2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में बारिश से तापमान में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में इस बार 17 से 18 दिन पहले ही मानसून आ गया है। लोटस ने कहा कि मानसून ने 13 जून को दस्तक दी है। अब आगामी दिनों में होने वाली बारिश भी मानसून की बारिश की कहलाएगी। मानसून ने लद्दाख में भी दस्तक दे दी है।

यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: वीकेंड पर पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार, होटलों में बुकिंग फुल, वाहनों में रात गुजारने को मजबूर लोग

जम्मू में सामान्य से 5.6 डिग्री गिरा तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में हुई बारिश से जम्मू जिले में सामान्य से 5. 6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट आई है। जम्मू में अधिकतम तापमान 33. 4 डिग्री सेल्सियस रविवार को दर्ज हुआ। वहीं कटड़ा में दिन के अधिकतम तापमान में सामान्य से करीब 4. 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई हैं। यहां पर अधिकतम तापमान 31. 0 रिकॉर्ड हुआ है। ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: आठ जिलों में पाबंदियों में मिली रियायत, फिलहाल शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद, जानिए क्या हुए बदलाव

जम्मू-कश्मीर में मौसम

जम्मू-कश्मीर में कोरोना के मामलों में कमी आने पर प्रदेश सरकार ने आठ जिलों में पाबंदियों में रियायत दी है। केवल दुकानों के खोलने में छूट दी गई है। हालांकि, अभी स्कूल-कॉलेज, शैक्षिक संस्थान व कोचिंग बंद ही रहेंगे। सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, क्लब, जिम, स्पा, मसाज सेंटर तथा पेड पार्क अगले आदेश तक बंद रहेंगे। शनिवार व रविवार को वीकेंड कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा।

सरकार ने जम्मू संभाग के पुंछ, रियासी, रामबन व डोडा तथा कश्मीर के शोपियां, कुलगाम, गांदरबल व बांदीपोरा में पाबंदियों में रियायत दी है। यह फैसला सप्ताह भर के नए मामलों, संक्रमण की दर, बेड की स्थिति, मृत्यु दर तथा टीकाकरण कवरेज को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ बिना किसी पाबंदी के कामकाज करने की अनुमति दे दी गई है।

इसके अलावा नाई की दुकानें, सैलून और पार्लर को शनिवार और रविवार को छोड़ अन्य सभी दिनों में खोलने की अनुमति दी गई है। वहीं आउटडोर बाजारों और आउटडोर शापिंग कांप्लेक्स भी शनिवार और रविवार को छोड़ अन्य दिनों में खुले रहा करेंगे।

होलसेल शराब की दुकानों को भी पांच दिन खोलने की अनुमति पहले की तरह होगी। जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोविड उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाएं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी और आपदा प्रबंधन नियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।

यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: वीकेंड पर पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार, होटलों में बुकिंग फुल, वाहनों में रात गुजारने को मजबूर लोग

... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में कोरोना: शालामार जच्चा-बच्चा अस्पताल में ओपीडी बहाल, इन नंबरों पर फोन कर लें अप्वाइंटमेंट

जम्मू में कोरोना संक्रमित मामलों में गिरावट के साथ एसोसिएटेड अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बहाल करने की प्रक्रिया जारी है। सुपर स्पेशियलिटी और साइकाइट्री अस्पताल के बाद सोमवार 14 जून से शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल शालामार (एसएमजीएस) की ओपीडी बहाल कर दी जाएगी। स्वास्थ्य जांच के लिए मरीजों को पहले फोन पर अप्वाइंटमेंट लेनी होगी। इसमें पेडियाट्रिक (बाल), ईएनटी (नाक कान), गायनी (स्त्री) और त्वचा विभागों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक फोन अप्वाइंटमेंट पर पंजीकृत 25 मरीज ही देखे जाएंगे, जिसमें बाद में धीरे धीरे विस्तार किया जाएगा। सोमवार की ओपीडी के लिए फोन पर अप्वाइंटमेंट करवा सकते हैं। अप्वाइंटमेंट लेने के लिए संबंधित विभागीय अध्यक्षों की ओर से स्टाफ को नामित किया गया है। इसके लिए समर्पित फोन नंबर जारी किए गए हैं, जिसमें घर बैठे ही फोन पर मरीज अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं। ये फोन नंबर सभी कार्य दिवस में सुबह 10 से शाम चार बजे तक चालू रहेंगे। अगले दिन की फोन अप्वाइंटमेंट को उससे पहले दिन ही लेना होगा। ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की खुली पोल: 13 करोड़ खर्च करने पर भी बिजली ढांचा कमजोर, बिजली कटौती से परेशान लोग

जम्मू संभाग में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए चार साल में 13 सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसमें सुधार नहीं हो पाया है। इस साल भी तापमान में बढ़ोतरी पर बिजली कटौती से लोग गर्मी में बेहाल हो रहे हैं। बिजली निगम के अनुसार ढांचे को मजबूत करने पर काम चल रहा है। इस साल के अंत तक सुधार होने की उम्मीद है।

इसके लिए बिजली के पोल, तार, कंडक्टर और ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। शहरों में ढीले तार भी खराब मौसम में मुसीबत बन रहे हैं। 2017 से लेकर अब तक करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। 2017 और 2018 में भाजपा-पीडीपी सरकार भी कुछ नहीं कर पाई है, मात्र घोषणाएं ही हुईं। पहले जनसंख्या के हिसाब से ढांचा तैयार किया गया, मगर अब जनसंख्या बढ़ने से जरूरत भी बढ़ी है।

2020 का बजट देरी से मिला
2020 का बजट बिजली निगम को जनवरी 2021 में मिला। ऐसे में अभी तक इसमें टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में इस बार गर्मी में परेशानी पेश आ रही है।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी दिक्कत
काम न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। गर्मी के कारण बिजली नहीं आ रही है तो आंधी-तूफान आने पर शॉर्ट सर्किट होने से भी बत्ती गुल हो जा रही है। ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

साल                  बजट
2017                 303 करोड़ रुपये
2028                 352 करोड़
2019                 330 करोड़
2020                312 करोड़
2021                322 करोड़ (बजट मंजूरी के लिए भेजा)

यह भी पढ़ें- 
जम्मू-कश्मीर में कोरोना: शालामार जच्चा-बच्चा अस्पताल में ओपीडी बहाल, इन नंबरों पर फोन कर लें अप्वाइंटमेंट

बजट कहां खर्च होना था
बजट से शहर में ट्रांसफार्मरों की क्षमता में बढ़ोतरी होनी थी। कम क्षमता के ट्रांसफार्मरों की जगह नए ट्रांसफार्मर लगने थे। ढीले तारों को बदला जाना था। नए पोल लगाए जाने थे। कंडक्टरों को बदला जाना था।

बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जैसे ही बजट आएगा। काम शुरू कर दिया जाएगा। बीते साल का बजट देरी से मिला है। इस कारण काम करवाने में परेशानी आई है। - गुरमीत सिंह, एमडी, बिजली निगम, जम्मू ... और पढ़ें

कोरोना संकट में समस्याएं: सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए पानी के कनेक्शन की योजना लटकी, जारी हैं विशेष फंड

कोरोना संकट के कारण उधमपुर जिले के सैकड़ों सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर में पानी के कनेक्शन नहीं लग सके हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से विशेष तौर पर फंड जारी किए थे। टेंडर जारी करने को लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इससे पहले की कोई टेंडर भर कर काम शुरू करता प्रदेश में कोरोना संकट बढ़ने पर काम अधर में लटक गया।

जिला उधमपुर में सैकड़ों सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर पानी की सुविधा से महरूम हैं। यह सभी सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर दूरदराज ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण हर वर्ष इनमें विद्यार्थियों के साथ स्टाफ को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सरकारी स्कूलों में तो पानी न होने के कारण मिड-डे-मील बनाने का काम भी बुरी तरह से प्रभावित होता है। विद्यार्थी घरों से पानी लाकर पीने को मजबूर होते हैं और स्टाफ का भी यही हाल होता है। इसी तरह से आंगनबाड़ी सेंटर में भी पानी की कमी के कारण कई तरह की परेशानियां सामने आती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार की तरफ से विशेष तौर पर फंड जारी किए गए।

यह भी पढ़ें- 
जम्मू-कश्मीर में कोरोना: शालामार जच्चा-बच्चा अस्पताल में ओपीडी बहाल, इन नंबरों पर फोन कर लें अप्वाइंटमेंट

1.55 करोड रुपये में लगने हैं कनेक्शन
जिले के 112 सरकारी स्कूलों के लिए 83 लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जबकि 319 आंगनबाड़ी सेंटर के लिए 1.55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इनके जरिए जल्द से जल्द पानी कनेक्शन लगाने थे। जलशक्ति विभाग ने राशि मिलने के बाद इसके लिए टेंडर जारी करने की अधिसूचना भी जारी कर दी।

टेंडर भरने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि पूरे देश में कोरोना संकट बढ़ गया और टेंडर की प्रक्रिया भी लटक गई। लेकिन अब जलशक्ति विभाग ने फिर से इसकी प्रक्रिया को शुरू किया है। मौजूदा समय में सरकारी स्कूल व आंगनवाड़ी सेंटर बंद है। इसलिए कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब यह खुलेंगे और अगर पानी के कनेक्शन नहीं लगे तो फिर से पहले की तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

कोरोना संकट के हालात में सुधार होने पर टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि सप्ताह तक टेंडर जारी कर दिए और इसको लेकर काम शुरू हो जाए। - मोहम्मद ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: कोरोना की दूसरी लहर का कहर, 66 दिनों में डेढ़ लाख से ज्यादा संक्रमित, 1759 मौतें

जम्मू-कश्मीर में पहली लहर की बजाय कोरोना की दूसरी लहर से ज्यादा कहर बरपाया है। पहली लहर में एक साल के दौरान प्रदेश में सवा लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। दूसरी लहर में महज दो महीने में ही मामले दोगुना हो गए हैं। दूसरी लहर में 21 मार्च से लेकर अब तक करीब 66 दिनों में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1759 लोगों की जान जा चुकी है।

जम्मू-कश्मीर में 9 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। इसके बाद करीब एक साल में 20 मार्च 2021 तक 1 लाख 28 हजार मामले दर्ज किए गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दूसरी लहर में इसके बाद आंकड़े बढ़ने शुरू हो गए। 20 मार्च से 20 अप्रैल के बीच तीस दिनों में ही 22 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए।

वहीं 90 से ज्यादा मौतें हुईं। इसके बाद 21 अप्रैल से लेकर 27 मई तक करीब एक महीने में ही सवा लाख से ज्यादा कोरोना के केस रिकॉर्ड हुए, साथ ही 1668 लोगों की जान चली गई। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा 7 मई को 5443 मामले आए। वहीं सबसे ज्यादा 73 मौतें 17 मई को रिकॉर्ड की गईं। 23 अप्रैल के बाद से मौतों का आंकड़ा 15 से ऊपर ही रहा है। वहीं 17 मई के बाद लगातार मौतों के आंकड़ें में गिरावट दर्ज की जा रही है।

यह भी पढ़ें- 
जम्मू-कश्मीर में कोरोना: शालामार जच्चा-बच्चा अस्पताल में ओपीडी बहाल, इन नंबरों पर फोन कर लें अप्वाइंटमेंट

      तारीख  मामले  मौत  टोटल मामले     टोटल मौत

  • 20 मार्च    140    1    128389    1980

  • 21 मार्च    158    1    128547    1981

  • 22 मार्च    132    0    128679    1981

  • 23 मार्च    157    2    128836    1983

  • 24 मार्च    195    0    129031    1983

  • 25 मार्च    172    0    129203    1983

  • 26 मार्च    210    1    129413    1984

  • 27 मार्च    271    1    129684    1985

  • 28 मार्च    309    4    129993    1989

  • 29 मार्च    235    0    130228    1989

  • 30 मार्च    359    1    130587    1990

  • 31 मार्च    373    4    130960    1994

  • 1 अप्रैल    461    4    131421    1998

  • 2 अप्रैल    517    5    131928    2003

  • 3 अप्रैल    501    2    132439    2005

  • 4 अप्रैल    573    3    133012    2008

  • 5 अप्रैल    442    2    133454    2010

  • 6 अप्रैल    561    2    134015    2012

  • 7 अप्रैल    812    6    134827    2018

  • 8 अप्रैल    835    1    135662    2019

  • 9 अप्रैल    808    4    136470    2023

  • 10 अप्रैल    1005    6    137475    2029

  • 11 अप्रैल    915    5    138390    2034

  • 12 अप्रैल    991    0    139381    2034

  • 13 अप्रैल    1269    3    140650    2037

  • 14 अप्रैल    1086    5    141736    2042

  • 15 अप्रैल    1141    4    142877    2046

  • 16 अप्रैल    1144    2    144021    2048

  • 17 अप्रैल    1145    3    145166    2051

  • 18 अप्रैल    1526    6    146692    2057

  • 19 अप्रैल    1516    6    148208    2063

  • 20 अप्रैल    2030    8    150238    2071

  • 21 अप्रैल    2204    13    152442    2084

  • 22 अप्रैल    1965    8    154407    2092

  • 23 अप्रैल    1937    19    156344    2111

  • 24 अप्रैल    2030    15    158374    2126

  • 25 अप्रैल     2381    21    160755    2147

  • 26 अप्रैल     2135    25    162890    2172

  • 27 अप्रैल    3164    25    166054    2197

  • 28 अप्रैल    3023    30    169077    2227

  • 29 अप्रैल    3474    26    172551    2253

  • 30 अप्रैल    3532    30    176083    2283

  • 1 मई    3832    47    179915    2330

  • 2 मई    3571    41    183486    2370

  • 3 मई    3733    51    187219    2421

  • 4 मई    4650    37    191869    2458

  • 5 मई    4716    52    196585    2510

  • 6 मई    4926    52    201511    2562

  • 7 मई    5443    50    206954    2612

  • 8 मई    4788    60    211742    2672    

  • 9 मई    5190    54    216932    2726    

  • 10 मई    3614    56    220546    2782

  • 11 मई    4352    65    224898    2847

  • 12 मई    4509    65    229407    2912

  • 13 मई    4356    55    233763    2967    

  • 14 मई    3027    60    236790    3027    

  • 15 मई    3677    63    240467    3090

  • 16 मई    4141    59    244608    3149

  • 17 मई    3344    73    247952    3222

  • 18 मई    3967    71    251919    3293

  • 19 मई    3969    62    255888    3355

  • 20 मई    4169    67    260057    3422

  • 21 मई    3848    43    263905    3465

  • 22 मई    3408    48    267313    3513

  • 23 मई    3308    51    270621    3564

  • 24 मई    2237    45    272858    3609

  • 27 मई    2769    37    281628    3739

... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us