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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति
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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति

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एसएसबी कैंप कुलगाम में संतरी ने अधिकारी को मारने के बाद खुद को भी मारी गोली

दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में एसएसबी कैंप में किसी बात को लेकर विवाद के बाद जवान ने अपने एएसआई अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

बताते हैं कि कुलगाम कोर्ट कांप्लेक्स के पास एसएसबी 49वीं बटालियन का कैंप है। सोमवार की देर शाम संतरी का एएसआई से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उसने सर्विस राइफल से एएसआई को गोली मार दी। वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। इसके बाद संतरी ने खुद को भी गोली मार ली।

गोलियों की आवाज सुनकर अन्य जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों की शिनाख्त संदीप तथा हेमंत के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर में मिले 246 कोरोना संक्रमित, बीएसएफ जवान समेत छह की मौत, कुल आंकड़ा 8676 पहुंचा

जम्मू कश्मीर में राजभवन के 13 कर्मचारियों समेत 246 और लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। सोमवार को कश्मीर में बीएसएफ जवान समेत और छह लोगों की मौत के साथ मरने वालों को आंकड़ा 139 पहुंच गया है। इसमें कश्मीर में 124 हैं। बीएसएफ जवान बिहार का रहने वाला था जो पंथा चौक में तैनात था। संक्रमित मरीजों में 36 जम्मू संभाग और 210 कश्मीर संभाग से हैं। राहत यह है कि प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 63 पॉजिटिव मरीज रिकवर हुए हैं। इसमें जम्मू संभाग से 8 और बाकी 55 कश्मीर संभाग से हैं। 

जम्मू जिला में छह पॉजिटिव मामलों में पांच ट्रैवलर हैं। इनमें एक बिश्नाह, 1 नगरोटा, 1 उत्साद मोहल्ला (एनएचएम का लैब टेक्नीशियन, मौजूदा ड्यूटी मढ़ में), 1 परगवाल से सैन्य कर्मी, 1 बीएसएफ जवान, 1 नागवनी से है। पुराने शहर के उस्ताद मोहल्ला को तारबंदी करके सील किया गया है। श्रीनगर से 65, बारामुला से 41, कुलगाम से 49, शोपियां से 12, अनंतनाग से 1, कुपवाड़ा से 3, पुलवामा से 34, बडगाम से 3, बांदीपोरा से 1, गांदरबल से 1, उधमपुर से 1, कठुआ से 5, रामबन से 3, सांबा से 13, पुंछ से 1, राजोरी से 4 और रियासी से 3 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। 

प्रदेश में 3157 लोग निगरानी में लिए गए 
जम्मू कश्मीर में सोमवार को कोरोना के 3157 संदिग्ध लोगों को निगरानी में लिया गया। अब तक कोरोना संक्रमण, उनके संपर्क और विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में 299748 लोगों को निगरानी में लिया जा चुका है। इसमें 40157 को घर पर क्वारंटीन, 3219 को अस्पताल में आइसोलेशन, 47 को अस्पताल में क्वारंटीन, 46777 को घर पर सर्विलांस पर लिया गया। इसमें 209410 ने सर्विलांस अवधि को पूरा कर लिया है। अब तक 406212 सैंपलों में से 397537 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 8675 पॉजिटिव मामलों में से मौजूदा 3219 सक्रिय हैं। इनमें 490 जम्मू संभाग और 2729 कश्मीर संभाग से हैं। जम्मू संभाग से 1305 और कश्मीर संभाग से 4013 पॉजिटिव मरीज रिकवर हुए हैं।
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दविंदर सिंह से संवेदनशील जानकारियां ले रहे थे पाकिस्तानी अधिकारी : एनआईए

मिग 21
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण(एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और छह व्यक्तियों के खिलाफ एक आतंकी मामले में आरोप पत्र दायर किया है। बता दें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दी थी। दिल्ली पुलिस निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, जिसके कारण उसे अदालत से जमानत मिली।

एनआईए ने आरोपपत्र में कहा है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने संवेदनशील सूचना प्राप्त करने के उद्देश्य से दविंदर सिंह को तैयार किया था।

मालूम हो कि दविंदर सिंह को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह 13 जनवरी को तीन आतंकियों को अपनी गाड़ी से जम्मू लेकर जा रहा था। सिंह पर संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु के साथ भी संबंध होने के आरोप लगे थे।

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श्रीनगर में आज से सजेगा सरकार का दरबार, प्रशासनिक सचिव जम्मू में भी देंगे हाजिरी

प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आज से सरकार का दरबार सज जाएगा। एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और पुलिस महानिदेशक के अलावा ज्यादातर प्रशासनिक सचिव भी श्रीनगर से ही कामकाज संभालेंगे। हालांकि, कोरोना काल को देखते हुए प्रशासनिक सचिवों को रोटेशन के आधार पर जम्मू व श्रीनगर दोनों सचिवालय में समय बिताने के लिए कहा गया है। 

कोरोना काल की वजह से ही दरबार को शिफ्ट करने में इस बार दो महीने की देरी हुई है और नए फार्मूले के तहत जम्मू व श्रीनगर दोनों जगहों पर सचिवालय को खुला रखने का फैसला भी लिया गया है। 19 प्रशासनिक विभाग कश्मीर से काम करेंगे और 18 जम्मू से। 

सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे श्रीनगर सचिवालय में एलजी को गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया जाएगा और इसके साथ ही कश्मीर में सरकार का दरबार आधिकारिक रूप से चलने लगेगा। हालांकि, अनौपचारिक रूप से मई से ही श्रीनगर नागरिक सचिवालय में कामकाज शुरू हो गया था।
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उप राज्यपाल के सलाहकार और डीजीपी ने की अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, दिए ये निर्देश

उपराज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर और डीजीपी दिलबाग सिंह ने रविवार को बालटाल पहुंचकर अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त इंतजाम करने की हिदायत दी। साथ ही लंगर और भीड़भाड़ वाले इलाकों को सुरक्षा घेरे में रखने के निर्देश दिए। 

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खुफिया तंत्र को और सक्रिय करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने क्विक रिस्पांस टीम को हाई अलर्ट पर भी रहने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका खास ख्याल रखा जाए। इसके लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रखने पर भी जोर दिया गया।  

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जम्मू-कश्मीरः बिजबिहाड़ा में 30 वर्ष से मंदिर का रखरखाव कर रहा मुस्लिम परिवार 

दक्षिण कश्मीर को आतंकियों का गढ़ कहा जाता है। मई-जून में सुरक्षाबलों ने इसी इलाके में सबसे ज्यादा आतंकी मौत के घाट उतारे हैं। इन सबके बीच यहां के अस्तित्व में कुछ ऐसा भी है, जो कश्मीरियत के जिंदा होने की मिसाल है। बिजबिहाड़ा इलाके में स्थित मां जोया देवी मंदिर की देखभल तीन दशक से एक मुस्लिम परिवार ने संभाल रखी है। परिवार के सदस्य प्रतिदिन मंदिर की साफ-सफाई करते हैं। 

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मान्यता है कि कई सदियों से मंदिर अस्तित्व में है। जब कश्मीरी पंडित यहां रहते थे तो वही मंदिर की पूजा-अर्चना और देखभाल करते थे। उस समय यहां मेला भी लगता था। 1990 में ऐसी स्थितियां बनीं कि पंडित घाटी छोड़कर चले गए और मंदिर में वीरानी छा गई। यहां सुबह-शाम बजने वाले घंटे की आवाज सुनाई देना बंद हो गई। 

चूंकि हमें इसकी आदत हो चुकी थी तो अच्छा नहीं लगा। हम चाहते थे कि कुछ करें परंतु माहौल ऐसा था कि डर लगता था। एक बार मेरी पत्नी गंभीर रूप से बीमार हो गई । कहीं कोई रास्ता नहीं दिख रहा था परंतु मां जोया के आशीर्वाद से वह कुछ दिनों बाद स्वस्थ हो गई। कुछ दिन गुजरने के उसके बाद हमें लगा कि ऊपर वाले के भरोसे हम कदम बढ़ाते हैं। इसी विश्वास के साथ उन्होंने, पत्नी और बेटे बिलाल अहमद शेख ने मंदिर की साफ-सफाई शुरू की। अब यह आस्था हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। 

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