UPSC Result 2020: मुसलमानों की भागीदारी बढ़ी, इस बार 45 उम्मीदवार सफल

जॉब डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 06 Aug 2020 01:57 AM IST
विज्ञापन
UPSC
UPSC - फोटो : social media

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • बीते साल के 28 के मुकाबले इस बार 45 उम्मीदवार हुए सफल
  • इनमें जामिया के 30 तो हमदर्द के सात उम्मीदवार शामिल

विस्तार

देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी में लगातार सुधार हो रहा है। दस सालों में मुस्लिमों की सफलता सौ फीसदी बढ़ गई है। इस बार 45 मुस्लिम उम्मीदवार सफल हुए हैं। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी के 30 तो हमदर्द रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी के सात प्रतियोगी हैं। इनमें से 27 को जकात फाउंडेशन ने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
विज्ञापन

सिविल सेवा परीक्षा 2019 में 829 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें 45 मुस्लिम हैं। जबकि दस वर्ष पूर्व 2010 में 791 सफल उम्मीदवारों में 31 मुस्लिम थे। वहीं, 2011 में महज 21 उम्मीदवार सफल हुए। जबकि 2016 में 50 और 2017 में 52 उम्मीदवार सफल हुए। प्रतिशत के आधार पर दस वर्षों में इस बार मुस्लिम उम्मीदवारों को सर्वाधिक सफलता मिली है। पिछला सबसे बेहतर रिकार्ड 2017 का था। तब 990 में 52 मुस्लिम उम्मीदवार सफल हुए और भागीदारी 5.3 फीसदी थी। इस बार मुस्लिम अभ्यर्थियों की संख्या 45 और भागीदारी 5.4 फीसदी से ज्यादा है। साफना नजरुद्दीन ने 45वीं रैंक के साथ टॉप किया है। इसके बाद शेख मोहम्मद जैब जाकिर 153वीं रैंक, जे. रहमान 176वीं रैंक, रुमाईजा फातिमा 185वीं रैंक पर हैं।

13 साल बाद नगा अभ्यर्थी यूपीएससी में सफल

करीब 13 साल बाद किसी नगा अभ्यर्थी ने सिविल सेवा उत्तीर्ण की है। सीएसई-2019 के नतीजों के मुताबिक नगालैंड के वोखा जिले के रिचर्ड यानथन की 133वां रैंक है। नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने ट्वीट किया, बेहतरीन रैंकिंग के साथ उत्तीर्ण करने पर रिचर्ड को बधाई। आपने चुनौतियों और अवसरों की दुनिया में कदम रखा है। मैं देश सेवा में आपके देश अच्छे स्वास्थ्य और विवेक की कामना करता हूं। यानथन ने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और नगालैंड सरकार में अतिरिक्त सहायक आयुक्त हैं। उन्होंने नगालैंड लोक सेवा परीक्षा 2018 पास की थी। उनकी मां शिलुमेनला लोंगचारी भी नौकरशाह हैं और नगालैंड सरकार में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

197 महिला अभ्यर्थी ने पास की परीक्षा

नई दिल्ली। सिविल सर्विस में इस बार 23.7 फीसदी महिलाओं ने बाजी मारी है। मंगलवार को जारी हुए नतीजों में 829 अभ्यर्थी सफल हुए। इनमें 632 पुरुष और 197 महिलाएं हैं। साल 2018 में 759 सफल अभ्यर्थियों में 23.9 फीसदी के साथ कुल 182 महिलाएं थीं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

 रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us