आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Kavya Charcha ›   aaj ka shabd bharat yayavar poem ghalib
आज का शब्द- असार और भारत यायावर की कविता: ग़ालिब...

काव्य चर्चा

आज का शब्द- असार और भारत यायावर की कविता: ग़ालिब...

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

2218 Views
अपने विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम मातृभाषा है। इसी के जरिये हम अपनी बात को सहजता और सुगमता से दूसरों तक पहुंचा पाते हैं। हिंदी की लोकप्रियता और पाठकों से उसके दिली रिश्तों को देखते हुए उसके प्रचार-प्रसार के लिए अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’अभियान की शुरुआत की है। इस कड़ी में साहित्यकारों के लेखकीय अवदानों को अमर उजाला और अमर उजाला काव्य हिंदी हैं हम श्रृंखला के तहत पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। हिंदी हैं हम शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- असार, जिसका अर्थ है-सारहीन, व्यर्थ, मिथ्या, माया। प्रस्तुत है भारत यायावर की कविता: ग़ालिब...
 
एक बूढ़ा फ़कीर
ठण्ड से भीगी सुबह में
टनटनाता दिख गया था
मैंने पूछा- 
मर जाने के बाद भी
घर क्यों नहीं जाते ? आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!