आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Kavya Charcha ›   Nooh Narvi shayari collection
उस शायर की शायरी कैसी होगी, जिसे अपने उस्ताद का सारा कलाम ज़बानी याद था

काव्य चर्चा

उस शायर के शेर देखिए, जिसे अपने उस्ताद का सारा कलाम ज़बानी याद था ...

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

1727 Views
नूह साहब की पैदाइश नारा (इलाहाबाद के निकट एक छोटा सा शहर) के एक जागीरदारी मौलवी अब्दुल मज़ीद के यहां 18 सितंबर 1879 में हुई। मुश्किल से चार साल के भी नहीं हुए थे कि पिता का साया सर से उठ गया। उनका बचपन और उनकी शिक्षा मुसीबतों और उलझनों से घिरी रही। हालात जब अनुकूल हुए तो अपनी मेहनत और निरंतर अध्ययन से उन्होंने अपना मुकाम बनाया। उर्दू और फ़ारसी में ख़ासी महारत हासिल की।
  आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!