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मेरे अल्फाज़

गज़ल: इश्क़ ए हकीकी

Anonymous User

4 कविताएं

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इश्क़ ए हकीकी सुहानी वो बात होगी।
नजरों को दिखी वो आफताब होगी।

आयेगा वो पल इक न इक दिन
जब हमारी तुम्हारी मुलाकात होगी।

अक्सर ही मिलेंगे जब दिल से दिल
मिलन की पावन वो जज्बात होगी।

आयेगा सुकून तब बिछड़े दिल को
जब प्रेम की रिमझिम वो बरसात होगी।

दिल के आईनें में मिल गयी मुझको
दिलबर की दिलकश वो सौगात होगी।

हसीन चराग़- ए- वफ़ा समाँ नूर की
जगमग जगमगाती वो कायनात होगी।

अवनीश कुमार
ग्राम-अलीनगर, पत्रालय-नाथनगर
जिला- संत कबीर नगर 272176

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