क्यों बेटी को निर्बल समझा जाता है

                
                                                             
                            क्यों बेटी को आज भी,
                                                                     
                            
निर्बल समझा जाता है।
आपार शक्ति है उनमें,
फिर भी दुर्बल समझा जाता है।
सदियां बीत चुकी है,
पर सोच ना अबतक बदली है,
आज भी लोग सोच रहे हैं,
नारी को अबला है।
सशक्त हैं आज की बेटी,
हर संकट पर वो भारी है,
स्वीकार है उनको हर चुनौती,
वह बहुत बलशाली है।
फिर भी लोग समझ रहे हैं,
बेटी को सुकुमारी है।
बेटी आज पहलवान है धावक है,
बेटी फाइटर पायलट है,
कदम से कदम मिलाकर चल रही बेटी,
हर क्षेत्र में आगे है,
फिर भी लोग सोच रहे हैं,
बेटी को पीछे है।
बदल चुकी है पूरी दुनिया,
सब बेटी को पहचाना है,
फिर भी पता नहीं क्यों?
आज भी बेटी को,
निर्बल समझा जाता है।


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1 year ago
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