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मेरे अल्फाज़

उनको उड़ने दो

Alija Kumari

59 कविताएं

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तोड़ दो बंधन को,
 उनको तो उड़ने दो।
 खुले गगन में जरा, सैर लगाने दो ।
भींग जाने दो जुल्फों को, बारिश की बूंदों में।
 जरा लहराने दो  चुनर को ,
हवा के झोंकों में।
 तोड़ दो बंधन को,
 उनको तोड़ने दो ।
सुंदर दुनिया का ,जरा नजारा देखने दो ,
जरा देखने दो अंबर की तारों को।
 सुगंध लेने दो फूलों की खुशबू का ।
तोड़ दो बंधन को,
 उनको तो तोड़ने दो।
कदम बढ़ाने दो जरा ,मंजिल की ओर ।
बन जाने दो दुर्गा दिखाने दो दुनिया को।
 जरा जाने दो उनको, मेहनत की राहों पर।
 तोड़ दो बंधन को, 
उनको उड़ने दो ।
तोड़ दो चाहरदिवारी को, जरा खुलने दो ।
उड़ जाने दो उन्हें, अपना पंख फैलाने दो ।
तोड़कर जंजीर उन्हें तो चमकने दो ।
क्यों खड़े हो राहों में,
 कायर के तरह तुम,
 उन्हें भी सपने सजाने दो,
तोड़ कर बंधन को उनको उड़ जाने दो।


:- एलिजा
बेगूसराय(बिहार)


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