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मेरे अल्फाज़

विश्वास की डोर

Alija Kumari

59 कविताएं

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किसी से हो खून का नाता,
या हो दिल का कोई नाता,
विश्वास से बनता है,
हर -एक रिश्ता -नाता।
एक कोख से जन्म लिए,
भाई भी शत्रु बन जाता।
अगर विश्वास हो पक्का,
पराये भी दोस्त बन जाता।
विश्वास एक ऐसी डोर है,
जो सबको बनाए रखता है।
दुनिया टिकी है विश्वास पर,
ये बात तो पक्की है।
अगर विश्वास ना होता,
दुनिया अस्तित्व में ना होती,
रिश्ता -नाता कुछ ना होता।
किसी से अपनी दिल की बातें,
कभी कोई ना कह पाता।
घूँट-घूँट कर अपने अंदर,
एक दिन सब मर जाता।

:-एलिजा



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