आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Have faith

मेरे अल्फाज़

रख यक़ीन

Ankita Rai

1 कविता

355 Views
रख यक़ीन ऐ बंदे
तेरा दिन भी आएगा
हर नफ़रत करने वाला तुझसे तेरे आगे सिर झुकाएगा
आज तू गुमनाम है
सारी खुशियों से अनजान है
रख यक़ीन बस इतना की तेरा वक़्त भी आएगा
तु भी हर सुख आजमाएगा
छोड़ तु दुनिया का सहारा
यहां हर कोई मतलबी दुनिया से हारा
रख खुद पर और उस खुदा पे भरोसा
उनके अलावा और कोई ना किसी का

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!