आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Safar

मेरे अल्फाज़

सफ़र

Ekta Bharti

2 कविताएं

120 Views
अपने हक़ का सुकूँ तेरी दहलीज पर रख कर,
बड़ी तसल्ली से बेचैनियों में सफ़र करते हैं हम...

सीमा मोटवानी

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!