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मेरे अल्फाज़

ऐ नादान लड़की

Harikesh Yadav

74 कविताएं

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ऐ नादान लड़की ! तू भी प्यार करना छोड़ दे
मसला अब तेरी पाकीज़गी के पैग़ाम का है
तेरी सम्मोहन करने वाली आखें, तेरे सुर्ख होंठ,
तेरी हृदय को स्पंदित करने वाली मधुर आवाज़,
तेरी मखमली बाहें, तेरी लहरों के समान चाल, तेरे गुलाबी गाल,
तेरी रेशमी जुल्फ़े, तेरा बादलों की तरह आवारगी से मचलने वाला बदन
तेरी ये सब नैसर्गिक अदाएं , मेरी तरह न जाने कितनों को मदहोश कर देंगी ?
ऐ नादान लड़की!
तू ख़ुद में सिमटने की कोशिश कर , वरना मेरी तरह न जाने कितनों तेरी मोहब्बत की कश्मकश बेहोश कर देगी , बरबाद कर देगी ?
बुझ जाएंगे न जाने कितने घरों के चराग
और दरखतों के नीचे न कोई अपने बचपन से खेल पाएगा
हर घर, हर गांव की गलियां तुझे ही इल्ज़ाम देंगी
न जाने कितनों के कोमल हाथों से किताबें छीन जायेंगी
तुझे ही सब किताब समझ बैठेंगे
और तुझे ही पढ़ने की ज़द्दोज़हद में न जाने कितने ख़ुद को नाकाम बना बैठेंगे
न जाने कितनी मांओं की ममताएं अपनी मंज़िल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देंगी
सब जानते हैं कि तेरा शहर भी तुम्हीं से ख़ुश है
पर शायद तेरे शहर को भी नहीं पता है
कि एक दिन तेरे जाने के गम उसे भी ख़ामोश कर
देगा
सूनी पड़ जायेंगी तेरे शहर की गलियां
उस भी चीत्कार करना पड़ेगा, सिसकियां भरनी पड़ेगी
ऐ नादान लड़की! तू भी प्यार करना छोड़ दे
मसला अब तेरी सादगी के पैग़ाम का है
न जाने कितनी राहें
तेरे आने के इंतजार में पथरीली हो जाएंगी
वो भी सभी राहगीरों में तुझे ही ढूंढेंगी
आसमान भी अकेला पड़ जाएगा
ये नदियां, ये समंदर , ये झीलें,ये अम्बर
सब तेरे स्पर्श को तरसेगे
बादल भी तेरी ज़ुल्फो के आगे अपनी घटाओं की अदाएं भूल जाएंगें
और बरसना भूल जाएंगे

ऐ नादान लड़की! तू भी प्यार करना छोड़ दे
वो गीत ग़ज़ल भी तेरे होठों पर आने का बहाना ढूंढेंगे
पर शायद उन्हें भी नहीं पता होगा
कि तू बस एक ख़्वाब है
ये हवाएं जो तुम्हें छू कर हर दिशाओं में इठलाती हैं
शायद वो भी अनजान है
कि तू सिर्फ़ ख़्वाब है हकीक़त नहीं
तुझे देख कर मूर्तिकार भी मूर्ति बन जायेगें
कवियों की कल्पनाएं कराह रही होंगी
खेतों में सरसों के फूल लहलहाना भूल जाएंगे
हिमालय भी तेरे सामने शीश झुकना सीख लेगा
सृष्टि भी तेरी संरचना के आगे शर्मसार हो रही होगी
सूरज भी तुझे खोने के डर से अस्त होना छोड़ देगा
रातें भी तुझे अपनी आगोश में लेने के लिए व्यग्रता से व्याकुल हो रही होगी
ऐ नादान लड़की! तू भी प्यार करना छोड़ दे
मसला अब तेरी ज़िन्दगी का है ।

हरिकेश यादव
काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी


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