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मेरे अल्फाज़

अंधकार से उजाले की ओर

Jyoti Shrivastava

18 कविताएं

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आओ दिवाली मनाए,
हिंदुस्तान को जगमगाए।
इतिहास को भी गवाह बनाएं ,
जगमग जगमग दीप जलाएं ।
देखेगी दुनिया सारी ,
एकजुटता हम हिंदुस्ता की।
जगजीवन प्रज्वलित होगा ,
भूमि पर प्राण फले।
आरोग्य एवं सुख प्रदायक दीप ,
रोग दोष का शमन करें ।
दीप परब्रह्म स्वरूप है ,
अंधकार का हरण है ।
अनजाने पापों का शमन करें ,
सात्विक रंगों की उत्पत्ति होगी
सकारात्मकता का प्रवाह करें।
ऊर्जा और बल प्रदान करें ,
अकाल मृत्यु के भय को दूर करें।
धर्म और विजय का यह दीप प्रज्वलित कर,
अंधकार से प्रकाश की ओर प्रस्थान करें।
ऐसा दीप प्रज्वलित करें कोरोना पर विजय भव।

ज्योति श्रीवास्तव।

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