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मेरे अल्फाज़

पौधा संरक्षण है जरूरी

Md Manzoor Alam

29 कविताएं

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पौधा संरक्षण है जरूरी
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आओ मिलकर ठान लें,
पौधों की न जान लें।
महत्त्व उसकी पहचान लें,
अपना साथी मान लें।
वायु प्राण का है दाता,
फल फूल बीज दे जाता।
जीवन भर प्राणी है उसे खाता,
संग संग आश्रय भी है पाता;
फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता।
जिस दिन नष्ट हो जाएगा!
अस्तित्व अपना भी मिट जाएगा,
बिन खाए प्राणी जीवित कहां रह पाएगा?
गर्मी धूप बारिश में कहां सिर छुपाएगा?
उस दिन अपनी गलती समझ आएगा!
पछताएगा और सिर्फ पछताएगा,
नहीं कहीं का रह जाएगा।
मानव तुम ज्ञानी हो,
इसी भूलोक के प्राणी हो।
स्वार्थी न बनो इतना,
दोहन करो जरूरी हो उतना।
पर्यावरण बचाने की भी कुछ जतन करो,
पेड़ पौधों का संरक्षण तुम करो।
रक्षा वसुंधरा के आभूषणों की करो,
संग रक्षा समस्त प्राणियों की करो।
सर्वाधिक दोहन तुम्हीं करते हो?
कुछ करो ऐसा!
आवश्यकता तुम्हारी पूरी होती रहे,
धरती भी हरी भरी रहे।
ख्वाहिशें कोई न अधूरी हो,
सबकी जरूरतें भी पूरी हो।
बस ध्यान रखें इतना,
बिगड़े न पर्यावरण इतना;
कि समाप्त ही हो जाए जीवन अपना।

- मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर, सलेमपुर, छपरा , बिहार।

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